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भोपाल में कांग्रेस ने किया निर्वाचन आयोग का घेराव, पुलिस ने वाटर कैनन चलाया
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भोपाल। निर्वाचन आयोग का घेराव करने निकले कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेटिंग कर रोक लिया। इसके साथ ही वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। सोमवार को भोपाल में  मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर  कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा* लोकतंत्र की नींव जनता के वोट और उसके भरोसे पर टिकी है। चुनाव में जीत-हार होती रहती है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहना सबसे जरूरी है। कांग्रेस ने 2014 और 2019 के जनादेश को स्वीकार किया, लेकिन 2024 के चुनाव को लेकर राहुल गांधी ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए हैं। इन सवालों का जवाब तथ्यों और पारदर्शिता के साथ मिलना चाहिए। मैंने अपने बूथ का उदाहरण भी दिया है, जहां भाजपा का कोई कार्यकर्ता नजर नहीं आ रहा था, फिर भी भाजपा को करीब 300 वोट मिले। यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है, लेकिन ऐसे सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। आज देश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की परेशानी और युवाओं में नशे जैसे गंभीर मुद्दे हैं। सरकार को इन सवालों पर जवाब देना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार  ने कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की सत्ता की नहीं, बल्कि आम आदमी के वोट, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है। अगर किसी के वोट पर सवाल उठता है तो कांग्रेस जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि युवा रोजगार मांग रहा है, किसान समर्थन मूल्य मांग रहा है, महिलाएं सुरक्षा चाहती हैं और दलित-आदिवासी जल-जंगल-जमीन के अधिकार की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटका रही है। परीक्षाओं और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सिंघार ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, ईवीएम और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें गांव के उस आम व्यक्ति के लिए लड़ना है जो लोकतंत्र से उम्मीद लगाए बैठा है। संविधान, लोकतंत्र और डॉ. आंबेडकर के सपनों की रक्षा के लिए जनता की आवाज को बूथ तक पहुंचाना होगा।
इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी  हरीश चौधरी, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी , नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री  दिग्विजय सिंह , राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। इस दौरान प्रदेश प्रभारी  हरीश चौधरी ने कहा* यह कांग्रेस की लड़ाई नहीं है, यह लड़ाई देश, मध्य प्रदेश और संविधान को बचाने की लड़ाई है। चुनाव आयोग की नियुक्ति और उसकी जवाबदेही से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्थाओं में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल हैं। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया और आंकड़ों को लेकर देश के सामने सवाल रखे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टिंग ने भी चुनाव आयोग के भीतर चल रही बातों को सामने लाया है। ऐसे मामलों में देश की जनता को पूरी सच्चाई और पारदर्शिता के साथ जानकारी मिलनी चाहिए।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल हैं। ERO की कानूनी भूमिका और SIR की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब संविधान और कानून के आधार पर दिया जाना चाहिए। आज जरूरत है कि देश व्यक्ति या सत्ता के आधार पर नहीं, बल्कि संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं के आधार पर चले।

MadhyaBharat 28 September 2026

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