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नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' नारे के साथ महारैली की। रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी सहित 19 विपक्षी दलों के नेता, कार्यकर्ता, छात्र संगठन और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से खुली बसों में सवार होकर रामलीला मैदान पहुंचे।
रैली का मुख्य फोकस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध, चुनावी अनियमितताओं के आरोप और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर था।
*राहुल गांधी ने लगाया वोट चोरी का आरोप*
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, "इस देश में सालों से वोटों की चोरी हो रही है। मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट चोरी हुई है। EVM के जरिए और वोटर लिस्ट से नाम हटाने या जोड़ने के जरिए वोट चुराए गए हैं।"
राहुल गांधी ने आगे कहा, "2024 के चुनावों के बाद भारत के 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। इसका मतलब है कि 2024 का चुनाव एक अवैध चुनाव था। यह एक चुराया गया चुनाव था।"
*खरगे और अखिलेश यादव के बयान*
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन विपक्ष इससे डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "आज रामलीला मैदान लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है।" उन्होंने कहा कि यूपी के लोग स्वागत करना भी जानते हैं और विदाई देना भी, और 2027 में भारतीय जनता पार्टी को यूपी से विदाई दी जाएगी।
रैली में ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव सहित अन्य बड़े नेताओं ने भी हिस्सा लिया और सभी ने एक सुर में चुनाव आयोग और वोट चोरी के मुद्दे पर सवाल उठाए।
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