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मध्यप्रदेश की खबरें

praveen kakkar

 (प्रवीण कक्कड़)  प्रदेश के गुना में शिकारियों से मुठभेड़ में 3 पुलिसकर्मियों के शहीद होने की घटना दुखद और चिंताजनक है। खाकी वर्दी में पुलिस की नौकरी ऊपर से जितनी शानदार दिखती है, अंदर से उतनी ही चुनौतियां पुलिसकर्मियों के सामने होती हैं। इसका ज्वलंत उदाहरण गुना की घटना है, जहां फर्ज निभाते हुए इन जांबाजों ने अपने प्राणों की आहूति दे दी। यह घटना केवल शिकारी और पुलिसकर्मियों की मुठभेड़ की नहीं है, बल्कि वेकअप कॉल है जो जाहिर कर रहा है कि अपराधियों में पुलिस का भय खत्म होता जा रहा है। आज समय है जब समाज, प्रशासन और राजनेताओं को पुलिसकर्मियों के हितों के बारे में विचार करना चाहिए। समाज की सुरक्षा करने वालों की सुरक्षा को भी जरूरी समझा जाना चाहिए।  इस घटना पर नज़र डालें तो शिकारी न सिर्फ खुलेआम शिकार करने का दुस्साहस कर रहे हैं, बल्कि उनके मन में पुलिस का किसी तरह का भय भी नहीं है। सामान्य परिस्थितियों में पुलिस के ललकारने पर अपराधी मुठभेड़ करने के बजाए माल छोड़ कर भाग जाते हैं। लेकिन जब अपराधी इस तरह से मुकाबले की कार्रवाई करते हैं तो उसका मतलब होता है कि उस इलाके में पुलिस और प्रशासन का वकार कमजोर हो गया है। अपराधी अपराध करने को अपना अधिकार समझने लगे हैं और उनके मन में शासन का भय नहीं रह गया है। यह सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह सोचने का विषय भी है कि पुलिस को इस तरह के संसाधनों के अनुसार सुसज्जित किया जाए और अपराधियों को मिलने वाले इस तरह के संरक्षण को समाप्त किया जाए। इस घटना का यह महत्वपूर्ण पहलू है कि क्या शिकारियों और तस्करों से रात में मुठभेड़ करने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त सुरक्षा के उपाय हैं या नहीं। जिन जगहों पर पुलिस कर्मियों को सीधे गोलियों के निशाने पर आने का खतरा है। क्या कम से कम उन जगहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को बुलेट प्रूफ जैकेट और नाइट विजन कैमरा जैसे उपकरण मुहैया नहीं कराए जाने चाहिए। क्या पुलिस वालों की इस बात की ट्रेनिंग दी गई है कि अगर शिकारी या अपराधी बड़ी संख्या में हो और उनके पास हथियार हो तो उनसे किस तरह से मुकाबला किया जाए। क्योंकि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के और बिना अत्याधुनिक हथियारों के इस तरह की मुठभेड़ आखिर पुलिस वालों के लिए किस हद तक सुरक्षित है। मध्य प्रदेश जैसे राज्य में इस विषय पर बहुत ही गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि आज भी मध्य प्रदेश देश के सबसे ज्यादा वन क्षेत्रफल वाले राज्यों में शामिल है। प्रदेश में बड़ी संख्या में अभयारण्य और नेशनल पार्क हैं। जिसमें दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव पाए जाते हैं।  सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए चाहे वे सैनिक हों या उच्चाधिकारी बहुत सारी मानवीय सुविधाएं होती हैं। ऑफिसर्स के लिए अलग मैस होगा। सैनिकों का अपना मैस होता है। उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग से सैनिक स्कूल होते हैं। खेल कूद और व्यायाम के लिए शानदार पार्क और होते हैं। जवान खुद को चुस्त-दुरुस्त रख सकें इसके लिए बड़े पैमाने पर शारीरिक व्यायाम की सुविधा होती है। सेना के अपने अस्पताल होते हैं। जहां विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात रहते हैं। इसके अलावा खेलों में सेना के जवानों का विशेष प्रतिनिधित्व हो सके इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाते हैं। निश्चित तौर पर सेना की जिम्मेदारी बड़ी है और उसे सरहदों पर देश की रक्षा करनी होती है लेकिन पुलिस की जिम्मेदारी भी कम नहीं है, उसे तो रात दिन बिना अवकाश के समाज की कानून व्यवस्था को बना कर चलना होता है। राज्य सरकारों को पुलिस के लिए नए आवासों के निर्माण के बारे में ध्यान से सोचना चाहिए। पुलिस कर्मियों के बच्चे अच्छे स्कूलों में शिक्षा ले सकें, इसलिए शहर के किसी भी कन्वेंट या सैनिक स्कूल के मुकाबले के स्कूल पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए खोले जाने चाहिए। मौजूदा दौर में सबसे जरूरी है कि पुलिस के पक्ष में सोचा जाए। कभी पुलिसकर्मियों को राजनीतिक हस्तक्षेप से तो जांबाजी से एनकाउंटर करने के बाद भी आयोगों की जांच में परेशान होना पड़ता है। एक पूर्व पुलिस अधिकारी होने के नाते मैं पुलिस सेवा के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों को बखूबी समझ सकता हूं। आज पुलिस की सुरक्षा और संसाधनों के प्रति बढ़ाने हमें विचार करने की जरूरत है। इसके साथ ही परिदृश्य पर गौर करें तो राज्य पुलिस बलों में 24% रिक्तियां हैं,लगभग 5.5 लाख रिक्तियां। यानी जहां 100 पुलिस वाले हमारे पास होने चाहिए वहां 76 पुलिस वाले ही उपलब्ध हैं। इसी तरह हर एक लाख व्यक्ति पर पुलिसकर्मियों की स्वीकृत संख्या 181 थी, उनकी वास्तविक संख्या 137 थी। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र के मानक के अनुसार एक लाख व्यक्तियों पर 222 पुलिसकर्मी होने चाहिए। इस तरह गौर करें तो राष्ट्रीय मानक से तो हम पीछे हैं ही अंतर्राष्ट्रीय मानक से तो बहुत पीछे हैं। गुना में हुई घटनाओं जैसे वेकअप कॉल में सभी का जागना जरूरी है, भले ही वे किसी भी पार्टी से जुड़े राजनेता हों, आला पुलिस अधिकारी हों या हमारा सिस्टम। ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए हमें पुलिस के लिए संसाधनों को बढाना होगा। सभी को मिलकर देशभक्ति और जनसेवा का जज्बा लिए पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर प्रयास करने चाहिए। पुलिस पर हमला करने वालों को सख्त सजा मिले, शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिवार को मुआवजा मिले। इसके साथ ही ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए भी पुख्ता सिस्टम तैयार हो। यही इन शहीद पुलिस जवानों को सच्ची श्रध्दांजलि होगी।

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 MadhyaBharat  15 May 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 16 मई को संबल योजना के हितग्राहियों को राशि का वितरण किया जाएगा। मिशन नगरोदय प्रदेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अनेक योजनाओं में हितग्राही लाभान्वित किए जाएंगे। यह बात उन्होंने रविवार को अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मिशन नगरोदय के कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कही।     मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन नगरोदय 17 मई को प्रारंभ हो रहा है। करीब 20 हजार 753 करोड़ रुपये से कार्य प्रारंभ हो रहे हैं। ये कार्य नगरों की तस्वीर बदलने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स और नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन नगरोदय के कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के लिए हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के हितग्रहियों को गृह प्रवेश करवाया जाएगा। करीब 12 हजार करोड़ रुपये के हितलाभ हितग्राहियों को प्राप्त होंगे। जिलों के प्रभारी मंत्री कार्यक्रमों में उपस्थित रहेंगे।     चौहान ने कहा कि मिशन नगरोदय के कार्यक्रमों में ग्रीष्मकाल को देखते हुए कार्यक्रम स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था हो। अमृत योजना-2, स्वच्छ भारत-2, स्ट्रीट वैंडर्स के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाए। प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में कार्यक्रम होंगे। हितग्राहियों को 120 करोड़ रुपये ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। छह सौ से अधिक नई मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक की शुरुआत भी होगी। प्रभारी मंत्री जिलों में उपस्थित रहेंगे। विभिन्न स्वच्छिक संगठनों का सहयोग प्राप्त किया जाए। कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण दूरदर्शन और वेबकॉस्ट के माध्यम से किया जाएगा। जनता की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।     मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश स्तर पर 17 मई को स्कूली विद्यार्थियों को मूंग दाल वितरण का कार्य किया जाएगा। प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को 10 किलो, मिडिल और अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को 15 किलो का वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बेटा-बेटियों को आगे भी मूंग दाल का प्रदाय राशन की दुकानों से किया जाए। इस कार्य में कोई गड़बड़ी नहीं होना चाहिए। दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।     उन्होंने कहा कि किसान-कल्याण योजना में 18 मई को 1650 करोड़ की राशि का अंतरण हितग्राहियों के खाते में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। मुख्यमंत्री चौहान रीवा से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रदेश के लगभग 82 लाख किसानों को कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए स्थानीय प्रशासन आवश्यक प्रयास करें।     मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मई को मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार योजना में प्रमाण-पत्रों के वितरण का कार्य किया जाएगा। इसी तरह 20 मई को कायाकल्प अवार्ड से संबंधित कार्यक्रम होंगे।     चौहान ने कहा कि अमृत सरोवर के कार्य गति के साथ किए जाएं। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत अमृत सरोवर का विकास ग्राम के लिए उदाहरण होना चाहिए। इन सरोवरों को पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र भी बना सकते हैं। साथ ही अमृत सरोवर प्रेरणा और देश भक्ति का स्थल बन जाएं, ऐसे प्रयास किए जाएं। कलेक्टर्स और कमिश्नर्स के साथ सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी योजनाओं की सतत समीक्षा करें। बैठक में आजीविका मिशन, मनरेगा और अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।

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 MadhyaBharat  15 May 2022

bhopal, Smriti Irani ,reached Bhopal

  भोपाल। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण वर्ग के तीसरे दिन मुख्य उद्बोधन देने कार्यकर्ताओं के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भोपाल पहुंची। रविवार सुबह एयर एंडिया की नियमित उड़ान से राजा भोज एयरपोर्ट पर पहुंचते ही भाजपा नेताओं एवं महिला मोर्चा से जुड़ी महिलाओं ने उनकी आत्मीय अगवानी की। इसके साथ ही मंत्री ईरानी का एयरपोर्ट पर स्वागत करने तमाम भाजपा महिला कार्यकर्ता, पदाधिकारियों के साथ कई पुरुष नेता भी पहुंचे थे। भाजपा के जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, महामंत्री जगदीश यादव, मंडल अध्यक्ष योगेश वासवानी, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष आकाश राजपूत एवं भोपाल नगर निगम के पूर्व महापौर आलोक शर्मा भी केंद्रीय मंत्री की अगवानी करते हुए देखे गए ।   https://www.youtube.com/watch?v=DA5PG6Rkmfo उल्लेखनीय है कि सीहोर में चल रहे भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा राष्ट्रीय प्रशिक्षण वर्ग का आज तीसरा दिन है । इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश का मुख्य मार्गदर्शन देश भर से एकत्र हुईं भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं को मिला है। उन्होंने प्रशिक्षण वर्ग के अपने संबोधन में कहा था कि राष्ट्र का वैभव आम आदमी पर निर्भर करता है। हर हाथ को काम, हर खेत को पानी जैसे विचारों पर चलकर ही एक देश एक विचार बनता है। विश्व एक परिवार है और इसे आगे ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा था कि संगठन में निस्वार्थ भावना से कार्य करना चाहिए इससे निपुणता आती है। भले ही कुल जनसँख्या का लगभग 50 प्रतिशत भाग महिलाओं का है, लेकिन समाज में शांति एवं सदाचार स्थापित करने में उनका योगदान इससे कही ज्यादा है। महिलाओं के पास कुछ ऐसी ईश्वरीय शक्तियां है, जो आमतौर पर पुरुषों में नहीं पायी जाती और इन्ही शक्तियों एवं अपने कार्यकौशल की बदोलत आज समाज में आगे आकर बहनों ने अपना एक सर्वमान्य एवं सम्माननीय स्थान बनाया है।   केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोश ने भारतीय जनता पार्टी की महिला सशक्तिकरण में योगदान का विषय रखा और विभिन्न प्रकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि घरेलू महिलाओं को उद्योग से कैसे जोड़ा जा सकता है। भारतीय महिला कानून की विशेषज्ञ मोनिका अरोरा ने भारतीय महिला कानून विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं कैसे न्याय पाने के लिए लडाई लड सकती है। यूजीसी की सदस्य सुषमा यादव ने राष्ट्रीय निर्माण में महिलाओं के योगदान की बात कहते हुए कहा कि राष्ट्रीय निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका है। हेलेस्टिक डेव्हलपमेंट ऑफ पर्सनलिटी के रवि साठे ने अपने संबोधन में कहा था, महिलाओं को व्यक्तित्व विकास और संचार के महत्व की बाते बतायी। उन्होंने व्यक्तित्व विकास और कौशल विकास का मार्गदर्शन दिया। इसी तारतम्य में आज केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का मुख्य उद्बोधन यहां हो रहा है।

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 MadhyaBharat  15 May 2022

bhopal, SIT will investigate, Seoni mob lynching case

भोपाल। मध्य प्रदेश के सिवनी में गौमांस की तस्करी के मामले दो आदिवासियों की मॉब लिंचिंग मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एसआइटी का गठन करने के निर्देश दिए हैं। सिवनी में हुई आदिवासियों की हत्या के मामले की जांच एसआइटी करेगी। साथ ही इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिवनी एसपी को हटाने के निर्देश दिए हैं। कुरई थाने और बादलपार चौकी के पूरे स्टाफ को भी हटाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को गुना की घटना को लेकर बुलाई आपात बैठक में सिवनी की घटना पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो आदिवासियों की मौत और पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी से कराने के निर्देश दिए। सीएम चौहान ने जल्द से जल्द एसआइटी का गठन कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री ने सिवनी एसपी कुमार प्रतीक साथ-साथ थाना कुरई थाना और बादलपार चौकी के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश भी दिए हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कुछ लोगों ने 3 आदिवासी युवकों की पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी थी। उन युवकों पर गौमांस तस्करी का शक था। इस मामले में पुलिस ने कुल 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इनमें से 6 लोगों पर नामजद केस दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार भी किया था और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

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 MadhyaBharat  14 May 2022

bhopal, Chief Minister Chouhan ,planted neem , peepal

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को राजधानी भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट उद्यान में पीपल और नीम के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री के साथ हैवन्स लाइफ रहवासी रख-रखाव सहकारी संस्था भोपाल के पदाधिकारियों और पंचतत्व फाउंडेशन की संस्थापक वाटर वूमेन क्षिप्रा पाठक दीदी ने भी पौधे लगाए।   स्मार्ट पार्क में हैवन्स लाइफ रहवासी सहकारी संस्था मर्यादित के अमित मंडलोई, श्याम वल्लभ अग्रवाल, नवनीत कुमार व्यास और जयपाल सिंह राजपूत के साथ नीम का पौधा लगाया। संस्था द्वारा कालोनी में कचरा निष्पादन और पर्यावरण-संरक्षण हेतु कार्य किए जा रहे हैं।   क्षिप्रा पाठक ने मुख्यमंत्री चौहान को अपनी पुस्तक "रेवा" भेंट की। नर्मदा परिक्रमा और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लेने वाली क्षिप्रा दीदी अब तक साढ़े तीन हजार किलोमीटर की पद यात्रा कर चुकी हैं। वे जन-जागरुकता के लिए भी प्रयासरत हैं। क्षिप्रा दीदी मैकल पर्वत की परिक्रमा भी कर चुकी हैं। उन्हें जल को जीवन समर्पित करने के लिए "वॉटर वुमन" कहा जाता है। इनके फ़ाउंडेशन ने कोरोना काल में तीन लाख पौधे लगाए।   मुख्यमंत्री चौहान के साथ आज पौध-रोपण करने वाली हैवंस संस्था ने तीस एकड़ क्षेत्र में स्वच्छता और कचरा निष्पादन का कार्य किया हैं। संस्था ने सूखे कचरे के लिए डस्टविन और 12 पार्क में फूल और फलदार पौधे भी लगाए गए हैं। पॉलीथीन के उपयोग को रोकने के लिए संस्था नागरिकों को जागरूक करती है।   गौरतलब है कि पौधों में पीपल एक छायादार वृक्ष है। यह पर्यावरण शुद्ध करता है। इसका धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व है। नीम का पेड़ बहुत उपयोगी है। एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर नीम को सर्वोच्च औषधि के रूप में जाना जाता है।

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 MadhyaBharat  14 May 2022

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गुना (मध्य प्रदेश) । मध्य प्रदेश के गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र में पुलिस और शिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक एसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। तीनों पुलिसकर्मियों के शव जिला अस्पताल लाए गए हैं। पुलिस टीम में शामिल ड्राइवर गंभीर रूप से घायल है। यह वारदात शनिवार तड़के 3 से 4 बजे के बीच की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। बताया गया है कि शुक्रवार रात आरोन पुलिस को सूचना मिली थी कि शहरोक गांव की पुलिया से आगे मौनवाड़ा के जंगल में शिकारियों ने ब्लैक बग हिरण और मोर का शिकार किया है। इस पर थाने से एसआई राजकुमार जाटव, प्रधान आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम मीना सहित सात लोग दो चारपहिया और एक बाइक से जंगल रवाना हुए। इस दौरान पुलिस ने चार मोटरसाइकिल से आए दो-तीन शिकारियों को पकड़ लिया। तभी पीछे से आए शिकारियों के अन्य साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में पुलिसकर्मी राजकुमार जाटव, नीरज भार्गव और संतराम की मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से हिरण और मोर के शव भी बरामद किए हैं। आरोपित फरार हैं। एसपी राजीव कुमार मिश्रा का कहना है कि सगा बरखेड़ा की तरफ से बदमाशों के जाने की सूचना मिली थी। इनकी घेराबंदी के लिए 3-4 पुलिस टीम लगाई गई। शहरोक के जंगल में 4-5 बाइक से बदमाश जाते हुए दिखे। पुलिस ने घेराबंदी की तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। गुना में हुई इस वारदात पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुबह 9:30 बजे आपात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, सीएस, पीएस गृह, पीएस मुख्यमंत्री सहित पुलिस के बड़े अधिकारी इसमें शामिल हैं। डीजीपी और गुना प्रशासन के बड़े अधिकारी भी बैठक से वर्चुअली जुड़े हैं। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि हमारे परिवार के तीन जांबाज सदस्यों की मौत हो गई। अपराधी कोई भी हो, पुलिस से बचके जा नहीं सकता। कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वारदात की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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 MadhyaBharat  14 May 2022

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इंदौर/भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की स्टार्टअप क्रांति आजादी के अमृत काल की महत्वपूर्ण पहचान बनेगी। आज देश में प्रो-एक्टिव स्टार्टअप नीति एवं पर्याप्त स्टार्टअप नेतृत्व है। पूरी दुनिया में भारत के स्टार्टअप ईको सिस्टम की प्रशंसा हो रही है। भारत में स्टार्टअप्स सामान्य भारतीय युवा के सपने पूरा करने के सशक्त माध्यम बन रहे हैं। वर्ष 2014 में भारत में केवल 300 से 400 स्टार्टअप्स थे, वहीं आज उनकी संख्या 70 हजार तक पहुँच गई है। भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम है।   प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार शाम को मध्यप्रदेश की नई स्टार्टअप नीति एवं मध्यप्रदेश स्टार्टअप पोर्टल को दिल्ली से वर्चुअली लांच किया। उन्होंने नये स्टार्टअप चालू करने वाले मध्यप्रदेश के युवाओं इंदौर के तनु तेजस सारस्वत, भोपाल की उमंग श्रीधर एवं इंदौर के तौफिक खान से वर्चुअल संवाद भी किया। तीनों स्टार्टअप्स ने प्रधानमंत्री के साथ अपने कार्य की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री मोदी ने 2 स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता भी ऑनलाईन प्रदान की।     प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने नई स्टार्टअप नीति बनाने एवं उपर्युक्त स्टार्टअप ईको सिस्टम तैयार करने में सराहनीय कार्य किया है। इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार तथा जनता बधाई के पात्र हैं। इंदौर की धरती पर युवा स्टार्टअप क्रांति ला रहे हैं, जो सबके लिये प्रेरणा है।   उन्होंने कहा कि आज देश के छोटे-छोटे शहरों में स्टार्टअप्स प्रारंभ हो रहे हैं। भारत के 650 से ज्यादा जिलों में 50 हजार से अधिक स्टार्टअप्स उद्योगों से जुड़े हैं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण बात है कि हमारे अनेक स्टार्टअप्स 8-10 दिन में ही यूनिकार्न बन जाते हैं। एक नये स्टार्टअप को 7 करोड़ रुपये की पूँजी तक पहुँचना बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे स्टार्टअप्स की सफलता का कारण देश में इन्फ्रा-स्ट्रक्चर निर्माण, शासकीय प्रक्रियाओं का सरलीकरण एवं लोगों के माइंडसेट में परिवर्तन कर नये ईकोसिस्टम का निर्माण करना है। स्टार्टअप्स के लिये हैकाथोन मजबूत बुनियाद बना है। हमारे विद्यालय स्टार्टअप्स की नर्सरी के रूप में काम कर रहे हैं। यहाँ अटल टिंकरिंग लेब बनाये गये हैं। देश में 700 से अधिक इन्क्यूबेशन सेन्टर्स बनाये गये हैं। स्टार्टअप के इन्क्यूबेशन के साथ ही इनकी फंडिंग की व्यवस्था भी की जाती है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिये सरकार टैक्स में छूट एवं अन्य इनसेंटिव दे रही है। साथ ही सरकार खरीददार भी बन रही है। जैम पोर्टल, जिस पर 13 हजार से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर हैं, के माध्यम से गत दिनों साढ़े 6 हजार करोड़ से अधिक का व्यापार किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में स्टार्टअप की सफलता में सस्ते मोबाइल फोन एवं सस्ते डेटा का महत्वपूर्ण योगदान है। स्टार्टअप और यूनिकार्न आज देश में लाखों लोगों को रोजगार दे रहे हैं। क्लीन एनर्जी, हेल्थ, टूरिज्म, कृषि, खुदरा व्यापार के क्षेत्र में स्टार्टअप्स उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। मोबाइल गेमिंग के क्षेत्र में आज भारत दुनिया में टॉप 10 में है। टॉयस के ग्लोबल मार्केट में अभी भारत एक प्रतिशत से भी कम पर है, इस क्षेत्र में नौजवानों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में खेल संस्कृति विकसित हो रही है। भारत में 800 से अधिक स्टार्टअप्स खेल-कूद के कार्य से जुड़े हैं। स्मार्ट फोन डाटा के उपयोग में भारत दुनिया में नंबर वन है, वहीं इंटरनेट के इस्तेमाल एवं ग्लोबल रिटेल व्यापार में नंबर दो है। भारत में ईज ऑफ लिविंग एवं ईज ऑफ डूईंग बिजनेस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आगामी दशक में भारत की ग्रोथ एवं सक्सेस स्टोरी उल्लेखनीय होगी। 50 हजार किराना दुकानों को डिजिटली जोड़ा प्रारंभ में प्रधानमंत्री मोदी के साथ स्टार्टअप्स युवाओं के वर्चुअल संवाद में "शॉप किराना" स्टार्टअप इंदौर के तनु तेजस सारस्वत ने बताया कि उन्होंने 50 हजार किराना दुकानों को डिजिटली जोड़ा है तथा वे अब 40 प्रतिशत सामान डिजिटली क्रय करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे स्ट्रीट वेण्डर्स को भी डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास करें, जिससे उन्हें व्यापार में अधिक लाभ हो।   हैण्डीक्राफ्ट एवं हैण्डलूम का स्टार्टअप प्रधानमंत्री को डिजाइन्स प्रायवेट लिमिटेड स्टार्टअप की उमंग श्रीधर ने बताया कि वे हैण्डीक्राफ्ट और हैण्डलूम का स्टार्टअप चलाती हैं। उनके साथ एक हजार कारीगर कार्य करते हैं एवं देश के 5 राज्यों की 1500 महिलाएँ 13 क्लस्टर में जुड़ी हैं। उन्होंने कताई-बुनाई के क्षेत्र में नवाचार किये हैं, जिससे महिलाओं की आमदनी में 300 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। वे उन्हें कारीगर से उद्यमी बनाने के साथ ही डिजिटल ट्रेनिंग के तरीके भी बता रही हैं। उनका बनाया कपड़ा 5 देशों में बिकता है। उनका उद्देश्य है कि पूरी दुनिया खादी पहने। प्रधानमंत्री ने उनके कार्य की सराहना की। किसान स्वाईल टेस्टिंग की ओर ध्यान दें प्रधानमंत्री ने इंदौर के स्टार्टअप उद्यमी तौफिक खान से संवाद के दौरान उन्हें किसानों द्वारा स्वाईल टेस्टिंग किये जाने की ओर ध्यान देने को कहा। तौफिक ने बताया कि उनका स्टार्टअप कृषि क्षेत्र में कार्य करता है। किसानों की मिट्टी की जाँच के साथ ही उन्हें उवर्रक के समुचित इस्तेमाल की सलाह भी देता है। दवाओं और बीजों की होम डिलीवरी भी करता है। उन्होंने अभी तक 10 हजार किसानों की स्वाईल टेस्टिंग की है। प्रधानमंत्री ने इंदौर जिले को पूर्णरूप से रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती वाला जिला बनाने की दिशा में कार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इंदौर जिले को प्राकृतिक खेती के लिये मॉडल जिला बनाये।

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 MadhyaBharat  13 May 2022

bhopal, Campaign for development , tribal class , Shivraj Singh Chouhan

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मैन ऑफ आयडियाज़ हैं। उनके दृष्टिकोण और सबका साथ-सबका विकास की नीति के अनुरूप समाज के सबसे पिछड़े वर्गों को बराबरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनजातीय वर्ग की जिंदगी बदलने का अभियान संचालित किया जा रहा है। पेसा एक्ट लागू करने, वन ग्राम को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने, जनजातीय वर्ग के बच्चों को अध्ययन की सुविधाएं देने और ग्रामीण इंजीनियर तैयार करने की योजना में उन्हें महत्व देने के कदम उठाए गए हैं। ग्रामों में कार्य के लिए लाखों लोगों की जरूरत है। मुख्यमंत्री चौहान शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में ग्रामीण जनजातीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद संबोधित कर रहे थे। मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और उड़ीसा के जिले प्रथम चरण में प्रायोगिक परियोजना के लिए चुने गए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाएगा। एक तरफ जहां जनजातीय वर्ग के युवाओं को रोजगार चाहिए, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी दक्षता वाले इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, मेसन, वाहन मैकेनिक आदि की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से जनजातीय युवाओं के लिए संसदीय संकुल परियोजना में ग्रामीण जनजातीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम सार्थक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन और यंत्रों के संधारण के लिए युवा जनजातीय वर्ग को लाभान्वित किया जा रहा है। कौशल प्रशिक्षण के बाद हुनर होने से काम मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन भी रूकेगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय इलाकों में रोजगार मिलने से स्थानीय सामाजिक-आर्थिक ढांचा भी मजबूत होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के साथ समाज खड़ा हो तभी हमारे कल्याणकारी कार्यक्रम ज्यादा सफल होंगे। मध्यप्रदेश में ग्राम और शहरों के गौरव दिवस मनाने के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। गांव को स्वच्छ रखने, बिजली के अपव्यय को रोकने, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में किसानों का सहयोग भी देखने को मिल रहा है। ग्राम को नशा मुक्त बनाने की पहल अनेक स्थान पर की गई है। ग्रामीण इंजीनियर तैयार करने और मध्यप्रदेश में भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण का कार्य हुआ है।   कार्यक्रम में विशेष अतिथि राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, तभी वे पलायन से बचेंगे। आज शिक्षकों, चिकित्सकों और अन्य पदों पर कार्य कर रहे लोग जनजातीय क्षेत्रों में कार्य की मन: स्थिति बनाने लगे हैं। यह जनजातीय वर्ग के हित में भी है।तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर वे रोजगार का सशक्त माध्यम चुनें, यह जनजातीय समाज की बेहतरी के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के मुताबिक जनजातीय वर्ग के लिये तकनीकी प्रशिक्षण परियोजना महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। जनजातीय मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने और रोजगार दिलवाने की यह महत्वपूर्ण योजना है। कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि जनजातीय वर्ग को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सभी को प्रयास करना है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा जनजातीय युवाओं को संसदीय संकुल परियोजना में तकनीकी प्रशिक्षण मिलना हितकारी सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम को शामिल करने की पहल की है। मुख्यमंत्री ने जनजातीय बंधुओं के साथ वाद्य यंत्र बजाया   इसके पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार पहुंचने पर प्रदेश के विभिन्न जनजातीय बहुल क्षेत्रों से आए जनजातीय नर्तक बंधुओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने स्वागत किए जाने पर स्वयं भी जनजातीय कलाकारों के साथ वाद्य यंत्र बजाकर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया। वंदेमातरम के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

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 MadhyaBharat  13 May 2022

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भोपाल। केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने ग्रामीण जनजातीय तकनीकी प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में प्रशिक्षणार्थियों को नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने क्रिस्प की कार्य-प्रणाली की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद इलेक्ट्रॉनिक वेल्यू और उत्पादन पर विश्व में गहरा प्रभाव पड़ा है। भारत एक इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्र के रूप में तेजी से विश्व पटल पर अपना स्थान बना रहा है। वर्ष 2014 में भारत में एक लाख करोड़ रुपये मूल्य की इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का उत्पादन हो रहा था, जो आज बढ़कर 6 लाख करोड़ पहुँच चुका है। जनजातीय पाठ्यक्रम-प्रयोगशाला का शुभारंभ केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के विशेष सचिव अतुल तिवारी ने शुक्रवार को क्रिस्प में ग्रामीण जनजातीय तकनीशियन प्रशिक्षण की प्रयोगशाला का शुभारंभ किया। तिवारी और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेदमणि तिवारी ने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का विमोचन भी किया।   अतुल तिवारी और वेदमणि तिवारी ने गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों से प्रशिक्षण के लिये आए विद्यार्थियों से संवाद भी किया। उन्होंने क्रिस्प में चल रहे डीआरडीओ वैज्ञानिकों के हायड्रोलिक्स प्रशिक्षण का भी निरीक्षण किया। तिवारी ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थी को अपने गाँव से दूर नहीं जाना पड़ेगा। वह अपने गाँव में जाकर इस हुनर द्वारा आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने एयर कंडिश्नर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से संबंधित प्रशिक्षण के उपकरणों का जायजा भी लिया। इस मौके पर क्रिस्प के प्रबंध संचालक डॉ. श्रीकांत पाटिल और संचालक अमोल वैद्य उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  13 May 2022

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शाजापुर। उज्जैन लोकायुक्त पुलिस की टीम ने शुक्रवार को शाजापुर जिले में एक पटवारी को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। बताया गया है कि पटवारी ने एक किसान से जमीन के नामांतरण आदेश में त्रुटी को सुधारने के एवज में रिश्वत की मांग की थी, जिसकी शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।   लोकायुक्त डीएसपी राजकुमार सर्राफ ने बताया कि शाजापुर निवासी योगेश पुत्र महेश पाटीदार ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी, जिसमें उसने बताया था कि उसने दो हजार स्क्वायर फीट का प्लाट महुपुरा हल्के में खरीदा है। इस प्लाट के नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन लगाया। आठ मार्च को तहसीलदार शाजापुर ने इस प्लाट का नामांतरण फरियादी के नाम कर दिया था, लेकिन इसमें वर्ग फीट की जगह वर्ग मीटर दर्ज हो गया था। जिसमें सुधार करने के लिए जब पटवारी आत्माराम धानुक के पास पहुंचा तो पहले तो वह उसे टालता रहा, लेकिन जब हाथ पैर जोड़े तो पटवारी ने तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी।   डीएसपी सर्राफ ने बताया कि लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को पूरी तैयारी के साथ फरियादी को पटवारी आत्मराम धानुक के पास भेजा था। पटवारी का निजी कार्यालय पुलिस अधीक्षक बंगले के सामने स्थिति है। यहां जैसे ही फरियादी योगेश ने पटवारी को कैमिकल लगे रुपये रिश्वत के रुप में देकर लोकायुक्त की टीम को इशारा किया, तब टीम ने पटवारी के कार्यालय में प्रवेश कर उसे रिश्वत के रुपये के साथ पकड़ लिया। इसके बाद विधिवत कार्रवाई की गई। कार्रवाई के पहले लोकायुक्त टीम द्वारा फरियादी योगेश को रिकार्डर दिया गया था। जिसमें भी पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने को लेकर बातचीत रिकार्ड हुई थी।   उन्होंने बताया कि पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है। यह कार्रवाई लोकायुक्त डीएसपी राजकुमार सर्राफ और सुनिल तालान के नेतृत्व में की गई।

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 MadhyaBharat  13 May 2022

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कुछ प्रतिष्ठित निजी स्कूलों को शुक्रवार को ई-मेल भेजकर बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। अभी सीबीएसई स्कूलों में 12वीं टर्म-टू की परीक्षाएं चल रही है। ऐसे में धमकी भरे ईमेल मिलने से स्कूलों में हड़कंप जैसी स्थिति बन गई है। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस की टीम स्कूलों का निरीक्षण करने में तेजी से जुट गई है।   शुक्रवार को भोपाल पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल मिशनरी स्कूल को मिले हैं। स्कूलों की जांच कराई गई लेकिन अब तक कुछ भी नहीं मिला है। जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल आए हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। भोपाल के डीपीएस, सागर पब्लिक स्कूल, आनंद विहार, सेंट जोसफ कोएड समेत 10 से अधिक स्कूल को धमकी भरे ई-मेल आने की पुष्टि हुई है। ये सभी सीबीएसई स्कूल हैं। इनमें टर्म-2 एग्जाम चल रहे हैं। अभी तक किसी भी स्कूल में बम नहीं मिला है। 10 से ज्यादा स्कूलों में टीम जांच कर चुकी है। भोपाल साइबर क्राइम के एसपी और राज्य में गूगल के नोडल ऑफिसर वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि शहर के जिन स्कूलों में शुक्रवार सुबह बम रखने के धमकी भरे मेल भेजे गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। सुबह 9 बजे के आसपास सभी स्कूलों को यह मेल करीबन एक ही ईमेल आईडी से भेजे गए हैं। अब उस मेल आईडी की जानकारी गूगल से मांगी गई है। उनसे आईपी एड्रेस के साथ पूरी जानकारी मांगी गई है। एसीपी सचिन अतुलकर ने बताया कि धमकी भरे मेल के बाद सभी स्कूलों की जांच की गई, वहां बम नहीं मिला है। यह किसी की शरारत हो सकती है। इसकी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सभी स्कूलों को एक ही मेल आईडी से एक ही व्यक्ति द्वारा यह धमकी भेजी गई है

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 MadhyaBharat  13 May 2022

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भोपाल। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने के बाद दूसरे राज्यों में भी इसे लेकर मांग उठने लगी है। उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में भी मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य हो सकता है। इसके संकेत शुक्रवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिए। मिश्रा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस पर विचार किया जा सकता है।   भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित बैठक में भाग लेने पहुंचे गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मीडिया ने यूपी के मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य किये जाने पर प्रतिक्रिया ली तो उन्होंने कहा कि जन गण मन होना चाहिए। सभी जगह होना चाहिए। यह राष्ट्र का गीत है। मध्य प्रदेश के मदरसों में राष्ट्रगान को अनिवार्य करने के निर्णय से जुड़े सवाल पर मिश्रा ने कहा कि यह विचारणीय बिंदु है। इस पर विचार किया जा सकता है। धार्मिक स्थल क्या राष्ट्रगान सभी जगह होना चाहिए। बता दें कि यूपी में योगी सरकार ने हाल ही में राज्य के स्कूलों की तरह की मदरसों में भी राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश के अनुसार ये आदेश मान्यता प्राप्त अनुदानित और गैर अनुदानित सभी मदरसों में लागू होगा।   कांग्रेस के चिंतन शिविर पर कसा तंज नरोत्तम मिश्रा ने कांगेस के चिंतन शिविर पर कहा कि यह चिंतन शिविर नहीं चिंता शिविर है। पार्टी को बचाने की चिंता है। कांग्रेस को राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की चिंता है। मिश्रा ने कहा कैसे कांग्रेस की खिसकती हुई जमीन को बचाया जाए इसकी चिंता का शिविर है।

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 MadhyaBharat  13 May 2022

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भोपाल। सागर जिले की सुरखी विधान सभा अंतर्गत थाना जैसीनगर क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग की युवती के साथ घटित गैंगरेप की घटना को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। गठित जांच कमेटी में सुरेन्द्र चौधरी पूर्व मंत्री, कार्यकारी अध्यक्ष मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी, स्वदेश जैन अध्यक्ष जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी सागर, पारूल साहू केशरी पूर्व विधायक सुरखी विधानसभा, प्रमिला सिंह पूर्व जनपद अध्यक्ष जैसीनगर, अखलेश मोनी केशरवानी कार्यकारी अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सागर को शामिल किया जा कर संपूर्ण घटनाक्रम का जांच प्रतिवेदन प्रदेश कार्यालय को भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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 MadhyaBharat  12 May 2022

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भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कांग्रेस चीफ कमलनाथ के वचन पत्र वाले बयान का कड़ा विरोध जताया  है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि कांग्रेस चीफ को अब वचन शब्द का इस्तेमाल करने से पहले नैतिकता के नाते सोचना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस चुनाव से पहले वचन पत्र नहीं असत्य पत्र का निर्माण करती है। लोगों के सामने इन्हें रखकर लोगों की आंखों में सदैव से धूल झोंकती आई है। लोगों को अंधेरे में रखने का काम कांग्रेस आज से नहीं आजादी के बात से ही करती आई है। हिंदू विरोधी कांग्रेस के लिए तो आम लोग और वचनों का कोई महत्व नहीं है। कांग्रेस नेता केवल और केवल निजी हितों के लिए ही सत्ता चाहते हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस रीत सदा चली आई, वचन जाई पर सत्ता न जाई। चिंतन शिविरों में लजीज व्यंजनों का स्वाद चखते हैं कांग्रेस नेता : कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविरों को भाजपा प्रवक्ता ने लक्जरी होटलों में होने वाली रेव पार्टियां करार देते हुए कहा कि चिंतन शिविरों में 5 स्टार होटलों के एसी हॉल में बैठकर केवल लजीज व्यंजन चखने का काम करते हैं। इस दौरान कांग्रेस नेता एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका भूल कर केवल भौतिक सुखों का लाभ उठाते हुए लजीज व्यंजनों के साथ पार्टियां करते हैं। जनसरोकार के मुद्दे पूरी तरह से दरकिनार कर दिए जाते हैं। इन शिविरों में कोई भी कांग्रेस नेता न तो अपनी कोई बात रख पाता है, यदि कोई जनसरोकार के बात रख भी देता है तो उसे सुनने वाला कोई नहीं होता। कांग्रेस ने वचन पत्र नहीं असत्य पत्र बनाया : डॉ. केसवानी ने कहा कि पहले के 973 कोरे झूठों के साथ नए झूठों को जोड़कर कांग्रेस एक नया असत्य पत्र आम लोगों के सामने पेश करेगी। इसे साल भर लोगों के सामने खूब प्रचारित और प्रसारित करेगी। अंत में फिर वही रेव पार्टियां और 5 स्टार पार्टियां ही बचेंगी। कांग्रेस पहले भी मध्य प्रदेश वासियों से 973 वचनों का वादा कर उन्हें ठग चुकी है। कोई मुझे बताए यदि उनमें से यदि एक भी वचन पूरा हुआ हो। 2018 में संवैधानिक रूप से लोगों ने कांग्रेस को चुना, इसके बाद कांग्रेस के मध्य प्रदेश चीफ कमलनाथ आइफा अवार्ड के नाम पर जैकलीन की कमर में हाथ डालते नजर आए। मध्य प्रदेश में गांजे की खेती को बढ़ावा देते नजर आए। वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बना दिया गया। वहीं जनहित के कार्य लेकर पहुंचने वाले विधायकों को चलो चलो बहुत हुआ कहकर भगाया गया। वहीं नेता नंबर 2 दिग्विजय सिंह अपनी आकांक्षाओं को पूरा न होते देख सरकार को ही गिराते नजर आए। लोगों के भरोसे को कांग्रेस हमेशा से ही तोड़ने का काम करती आई है। सत्ता मिलते ही कांग्रेस का एक मात्रकाम केवल और केवल रुपए जोड़ना होता है। लोगों को हंसाने का काम करते हैं राहुल :  डॉ. केसवानी ने कहा कि कांग्रेस के चरित्र को देश की पुरानी पीढ़ी के साथ नई पीढ़ी भी अच्छे से समझती है। वहीं राहुल गांधी को लेकर उन्होंने कहा कि राहुल को देखकर भाजपा न कभी चिंतित हुई है और न कभी होगी। राहुल केवल आम लोगों को हंसाने का काम करते आए हैं। इसलिए उनसे किसी तरह की परेशानी नहीं है। महंगाई और बेरोजगारी वाले मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि आज आम आदमी समझ रहा है कि भारत विकसित देश बनने की ओर अग्रसर है। इसलिए हमने प्रधानमंत्री मोदी को प्रथम जन सेवक चुना है। वहीं बेरोजगारी वाले मुद्दे पर उन्होंने कमलनाथ पर ही निशाना साधते हुए कहा है कि पहले नाथ बताएं उन्होंने अपनी सरकार में बेरोजगारी को लेकर क्या काम किया। यहां तक कि कमलनाथ ने बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था, उन्होंने अपनी सरकार में कितने लोगों को बेरोजगारी भत्ता दिया।

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 MadhyaBharat  12 May 2022

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भोपाल। नगरीय निकायों के चुनाव में ईव्हीएम और त्रि-स्तरीय पंचायतों के चुनाव में मतपत्र और मतपेटियों का उपयोग किया जाएगा। पंचायतों का चुनाव भी ईव्हीएम से करवाने पर 3 माह से अधिक समय लगेगा, क्योंकि ईव्हीएम की संख्या सीमित है। इसलिए मतपेटियों के माध्यम से पंचायतों का चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। यह बात राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने गुरुवार को कलेक्टर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव 2 चरणों में और पंचायतों के चुनाव 3 चरणों में करवाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों चुनाव साथ में कराना है, इसलिए ऐसी तैयारी करें कि किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं हो। सिंह ने कहा कि कोई भी समस्या हो, तो मुझे अथवा सचिव राज्य निर्वाचन आयोग को तुरंत बताएँ। उन्होंने कहा कि संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केन्द्रों की समीक्षा कर जानकारी जल्द आयोग को उपलब्ध कराएँ। निर्वाचन प्रक्रिया में सूचना प्रोद्योगिकी का समूचित उपयोग करें। नगरीय निकाय निर्वाचन के लिये चुनाव मोबाइल एप का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।     सिंह ने कहा कि नवीन प्रावधानों के अनुरूप पार्षदों के निर्वाचन व्यय का लेखा संधारण व्यवस्थित रूप से करवाएँ। उन्होंने कहा कि रिजर्व ईव्हीएम सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थानों पर ही रखवाएँ। सभी कलेक्टर्स चुनाव सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा कर लें। मतदान पेटी का मेंटेनेंस करवा लें। मतपत्र मुद्रण के लिये सभी तैयारियाँ पहले से कर लें।     सचिव राज्य निर्वाचन आयोग राकेश सिंह ने कहा कि रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति कर आयोग को सूचित करें। जिम्मेदार अधिकारियों से मतदान केन्द्रों का सत्यापन कराएँ और आवश्यकता अनुसार उनकी मरम्मत करवा लें। राजनैतिक दलों के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित करें। मतगणना स्थल का निर्धारण कर आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें। जिला, नगरीय निकाय एवं ब्लाक स्तर पर ट्रेनिंग के लिये मास्टर ट्रेनर्स का चयन कर लें।     बैठक में ईव्हीएम, सूचना प्रोद्योगिकी, सामग्री प्रबंधन और प्रशिक्षण के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। ओएसडी दुर्ग विजय सिंह, उप सचिव अरूण परमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  12 May 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद ने 23वीं एवं 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल परिसर में 50 बेड का सर्व-सुविधायुक्त पुलिस चिकित्सालय बनाये जाने के लिए 12 करोड़ 51 लाख 81 हजार रुपये और चिकित्सालय के लिये 46 मानव संसाधन के पदों के सृजन एवं उस पर 5 वर्षों में होने वाले व्यय 24 करोड़ 98 लाख 41 हजार रुपये की कार्य-योजना को स्वीकृति प्रदान की। इसमें पुलिस चिकित्सालय भवन निर्माण एवं फर्नीचर की लागत 10 करोड़ 41 लाख 31 हजार रुपये तथा चिकित्सालय के मेडिकल उपकरणों के क्रय के लिए 2 करोड़ 10 लाख 50 हजार रुपये शामिल हैं।   लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना को विस्तारित स्वरूप में संचालित करने के लिये लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के संबंध में महिला-बाल विकास विभाग के आदेश का अनुसमर्थन किया। इसमें लाड़ली लक्ष्मी दिवस उत्सव के रूप में राज्य, जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर पर प्रतिवर्ष 2 मई को आयोजन किये जाने, ग्राम पंचायतों को जिला स्तर से लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली घोषित करना और लाड़ली बालिकाओं को कक्षा 12वीं के बाद स्नातक अथवा व्यवसायिक पाठ्यक्रम में (पाठयक्रम अवधि न्यूनतम दो वर्ष) प्रवेश लेने पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिया जाना प्रस्तावित है। यह राशि दो समान किश्त में पाठ्यक्रम अवधि के प्रथम एवं अंतिम वर्ष में दी जायेगी। साथ ही लाड़ली बालिकाओं को उच्च शिक्षा (स्नातक तक) का शिक्षण शुल्क शासन द्वारा वहन करना और लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 की गतिविधियों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए पोर्टल का निर्माण एवं उन्नयन किया जाना शामिल हैं। योजना में 42 लाख 16 हजार 785 पंजीयन हुए हैं। इसमें 9 लाख 5 हजार 532 छात्रवृत्ति प्राप्त लाड़ली हैं। इस वर्ष 1330 लाड़ली स्नातक प्रवेश के लिये पात्र हो रही हैं।   फर्नीचर एवं खिलौना विनिर्माण इकाइयों के लिये विशिष्ट वित्तीय सहायता मंत्रि-परिषद द्वारा एमएसएमई विकास नीति-2021 के अनुक्रम में फर्नीचर, खिलौनों एवं उनसे संबंधित मूल्य श्रंखला के उत्पादों की विनिर्माण इकाइयों के लिये विशिष्ट वित्तीय सहायता प्रदाय करने का निर्णय लिया गया हैं। इसमें उद्योग विकास अनुदान, ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट, विद्युत टैरिफ में सहायता, स्टाम्प डयूटी एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन अनुदान, निर्यात सहायता आदि प्रदान की जायेगी। प्रदेश के समावेशी विकास, रोजगार के अवसर निर्मित करने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसमें प्लांट, मशीनरी, भवन आदि स्थिर संपत्तियों पर उद्योग विकास अनुदान अधिकतम 40 प्रतिशत देय होगा। बैंक व वित्तीय संस्थाओं से लिए गए टर्म लोन पर 5 प्रतिशत की दर से 5 साल के लिए अधिकतम 2 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष ब्याज अनुदान दिया जाएगा। सभी पात्र नवीन इकाइयों को उच्च दाब विद्युत संयोजन दिनांक से 5 साल के लिए 100 प्रतिशत विद्युत शुल्क में छूट दी जाएगी।   उच्च दाब विद्युत उपभोक्ताओं को नवीन कनेक्शन पर कामर्शियल उत्पादन दिनांक से 5 साल के लिए 1 रुपये प्रति यूनिट की सहायता मिलेगी। भूमि व बैंक ऋण दस्तावेजों पर चुकाये गये पंजीयन शुल्क एवं स्टाम्प डयूटी पर 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति दी जाएगी। अधिकृत संस्थानों से अधिकतम 4 गुणवत्ता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने पर 25 प्रतिशत लागत प्रतिपूर्ति अधिकतम 10 लाख रुपये तक दी जाएगी। इस तरह एक प्रमाण-पत्र पर अधिकतम ढाई लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।   भण्डार क्रय नियमों से छूट मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह व निकाह योजना में वधू को प्रदाय की जाने वाली सामग्री क्रय किये जाने के लिये मध्यप्रदेश भण्डार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 के प्रावधानों को शिथिल करने का अनुसमर्थन किया। टेण्डर ऑनलाईन के स्थान पर ऑफलाईन मंगाये जायेंगे। टेण्डर का प्रकाशन राज्य स्तर के 2 समाचार-पत्र में किया जाना अनिवार्य होगा। टेण्डर की न्यूनतम अवधि 7 दिवस होगी। भण्डार क्रय नियमों में यह शिथिलता केवल मई 2022 से 31 जुलाई 2022 तक होने वाले आयोजनों के लिए ही होगी। इस अवधि के बाद 1 अगस्त 2022 या उसके बाद होने वाले विवाह कार्यक्रमों में भण्डार क्रय नियमों में वर्तमान प्रावधानों का पालन अनिवार्य होगा।   इंदौर प्रेस क्लब के किराये का पुनर्निर्धारण मंत्रि-परिषद की गत 3 अप्रैल 2018 को हुई बैठक में इंदौर प्रेस क्लब के भवन का किराया बाजार मूल्य (किराया) का 10% निर्धारित किये जाने का निर्णय लिया गया था। मंत्रि-परिषद द्वारा किराये का पुनः निर्धारण किया जाकर इंदौर प्रेस क्लब का किराया अनुबंध दिनांक से 10 हजार रुपये प्रतिमाह लिये जाने का निर्णय लिया गया।

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 MadhyaBharat  12 May 2022

morena, More than 40 children, sick due ,cholera-like

मुरैना। जिले की सबलगढ़ तहसील के तीन गांवों में बीती रात से अचानक कई बच्चे बीमार हो गए। उल्टी- दस्त के बाद पीड़ित बच्चों को लेकर उनके परिजन गुरुवार को ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। गुरुवार सुबह 18 बच्चों को अस्पताल लाया गया है। वहीं, इनमें से तीन बच्चों को जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 40 से 50 बच्चे बीमार हुए हैं। जानकारी के अनुसार सबलगढ़ तहसील के हुआपुरा, दंते पुरा तथा चौक पुरा में अज्ञात कारणों के चलते 40 से 50 बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। सभी बच्चे उल्टी और दस्त से पीड़ित हैं, जिसमें से 18 बच्चे अभी तक सिविल अस्पताल लाए गए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। तीन बच्चों की ज्यादा हालात खराब होने पर उन्हें को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वहीं अन्य बच्चों को भी ग्रामीणों ने अस्पताल में लाया जा रहा है। एक साथ इतनी तादाद में बच्चों के बीमार होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों के लिए रवाना हो गई है, जहां बच्चों के बीमार होने के कारण का पता लगाया जाएगा। इस संबंध में डॉ. शरद शर्मा ने बताया गया है कि बच्चों का उपचार चल रहा है और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों के लिए रवाना हो चुकी है। खाने और पानी के सेम्पल लिए जा रहे हैं। बीमार बच्चों को गांव में भी दवाई दी जा रही है। बीमार होने की वजह गर्मी भी हो सकती है और फ़ूड पॉयजनिग भी। जांच के बाद स्पष्ट हो जाएगा। हालांकि तीन गांवों में हैजे जैसी बीमारी के फैलने की सूचना के बाद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग इन गांवों में अपनी डॉक्टरों की टीम भेजने की तैयारी कर रहा है, ताकि बीमारी को रोका जा सके।

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 MadhyaBharat  12 May 2022

jabalpur, Another youth dies, police recruitment race

जबलपुर। जबलपुर में पुलिस भर्ती के लिए हो रही दौड़ में बीमार पड़े एक और युवक की मौत हो गई है। दो मौतों और कई लडक़ों के बीमार पडऩे की खबरों को शासन ने गंभीरता से लिया है और पुलिस भर्ती परीक्षा को 2 जून तक स्थगित कर दिया गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसकी जानकारी दी। गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा- पुलिस भर्ती परीक्षा के फिजिकल टेस्ट को वर्तमान में भीषण गर्मी को देखते हुए 2 जून तक स्थगित किया गया है। यह परीक्षा ऐसे समय कराई जा रही है, जब पूरा प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। गौरतलब है कि बालाघाट निवासी 29 साल के इंदरकुमार लिल्हारे 10 मई को 800 मीटर की दौड़ पूरी करने के बाद बेहोश हो गया था। उसके नाक-कान से खून निकल रहा था। उसे गंभीर हालत में शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां बुधवार देर रात उसकी मौत हो गई। इसके एक दिन पहले ही सिवनी निवासी 22 साल के नरेंद्र कुमार गौतम की भी दौड़ में शामिल होने के बाद मौत हो गई थी। आज भी फिजिकल एग्जाम में 179 कैंडिडेट शामिल हुए।

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 MadhyaBharat  12 May 2022

bhopal, President Kovind , Chief Minister

भोपाल। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आगामी 29 मई को उज्जैन आएंगे। वे यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के अलावा स्व-सहायता समूह सम्मेलन में भाग लेंगे और यहां विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दर्शन भी करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार शाम को राष्ट्रपति कोविंद की प्रस्तावित उज्जैन यात्रा की तैयारियों की जानकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा उज्जैन जिला प्रशासन से प्राप्त की।   मुख्यमंत्री चौहान ने राष्ट्रपति कोविंद के उज्जैन में आयुर्वेद सम्मेलन में शामिल होने के लिए निर्धारित किए जा रहे कार्यक्रम स्थल, अतिथियों और आमंत्रित प्रतिनिधियों के लिए बैठक व्यवस्था सहित अन्य प्रबंधों की जानकारी ली। उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने अब तक की गई व्यवस्थाओं का ब्यौरा दिया। इस मौके पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  11 May 2022

bhopal,Senior National Women

भोपाल। राजधानी भोपाल के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खेली जा रही 12वीं सीनियर नेशनल वुमन हॉकी चैंपियनशिप के छटवें दिन बुधवार को पांच मैच खेले गए। इनमें चंडीगढ़, असम, छत्तीसगढ़, राजस्थान और आंध्रप्रदेश की टीमों ने अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की।   प्रतियोगिता में बुधवार को खेले गए पहले मैच में चंडीगढ़ की टीम ने बिहार को 6-2 के अंतर से पराजित किया, जबकि दूसरे मैच में असम ने 8-0 से बंगाल पर आसान जीत दर्ज की। इसी तरह तीसरा मैच छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा के बीच खेला गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 7-1 से जीत हासिल की। शाम को खेले गए पहले मैच में राजस्थान ने उत्तराखंड को 3-1 से और दूसरे मैच में आंध्र प्रदेश ने 16 गोल कर पुदुच्चेरी के विरुद्ध जीत हासिल की। पुदुच्चेरी की टीम कोई भी गोल नही कर सकी।   प्रतियोगिता में गुरुवार, 12 मई को चार मैच खेले जाएँगे। पहला मैच कर्नाटक और अंडमान एंड निकोबार, दूसरा तमिलनाडु और अरूणाचल के मध्य, तीसरा उत्तरप्रदेश और गुजरात तथा चौथा मैच दिल्ली और गोवा के बीच खेल जाएगा।

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 MadhyaBharat  11 May 2022

bhopal, MP startup policy , very special, PM Modi

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार, 13 मई को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति को वर्चुअली लांच करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विशेष तौर पर मौजूद होंगे। मप्र स्टार्टअप नीति 2022 की अनेक विशेषताएँ हैं, जो इसे देश में अलग पहचान देती है। संस्थागत रूप से विषय-विशेषज्ञों के साथ मध्य प्रदेश स्टार्टअप सेंटर की स्थापना, मजबूत ऑनलाइन पोर्टल का विकास, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय तकनीकी और प्रबंधन संस्थानों सहित विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से आवश्यक शैक्षणिक सहायता का आदान-प्रदान का प्रावधान नीति में किया गया है।   एमएसएमई सचिव पी. नरहरि ने बुधवार को उक्त जानकारी देते हुए बताया कि विपणन के क्षेत्र में अब नीति अनुसार अनुभव से संबंधित छूट में एक करोड़ रुपये तक का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार की निविदाओं और अनुरोध के प्रस्ताव के लिए जमानत तथा बयाना जमा राशि से छूट के साथ ही स्टार्टअप को केन्द्र से TReDS प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाने का महत्वपूर्ण प्रावधान है।   उन्होंने बताया कि नीति में वित्तीय सहायता के रूप में सेबी-आरबीआई द्वारा मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थानों से सफलतापूर्वक निवेश प्राप्त करने पर 15 प्रतिशत की दर से अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। यह सहायता अधिकतम 4 बार दी जाएगी। उपरोक्त के अलावा, महिलाओं द्वारा प्रवर्तित स्टार्ट-अप के लिए 20 प्रतिशत की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है। फंड जुटाने की प्रक्रिया में स्टार्टअप्स का सपोर्ट करने वाले इन्क्यूबेटरों को इनके अलावा 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इवेंट आयोजन हेतु संबंधित राज्य इन्क्यूबेटरों को प्रति इवेंट 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इसकी प्रति वर्ष 20 रुपये लाख अधिकतम सीमा होगी। इन्क्यूबेटरों की क्षमता वृद्धि के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। मासिक लीज रेंटल हेतु 50 प्रतिशत तक की सहायता अधिकतम 5000 रुपये तीन वर्ष के लिए दी जाएगी। पेटेंट प्राप्त करने के लिए भी 5 लाख रुपये तक की सहायता दिए जाने का भी प्रावधान है। एमएसएमई सचिव के अनुसार उत्पाद-आधारित स्टार्टअप के लिए विशेष वित्तीय सहायता के तहत कौशल विकास एवं प्रशिक्षण हेतु किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति 13 हजार रुपये प्रति वर्ष 3 वर्ष के लिए और 5 हजार रुपये प्रति कर्मचारी प्रति माह की सहायता, अधिकतम 3 वर्ष की अवधि के लिए दी जाएगी। कनेक्शन की तारीख से 3 साल के लिए बिजली शुल्क में छूट एवं नए बिजली कनेक्शन हेतु दर पांच रुपये प्रति यूनिट 3 साल के लिए फिक्स दिए जाने का प्रावधान है। स्टेट इनोवेशन चैलेंज के तहत वित्तीय/गैर-वित्तीय सहायता के तहत राज्य सरकार द्वारा चयनित चार सामाजिक-आर्थिक समस्या के समाधान प्रदान करने वाले स्टार्टअप को प्रति स्टार्टअप एक करोड़ रुपये (चार चरण में) तक का अनुदान दिया जाएगा। सभी आवश्यक लाइसेंस सहमति शुल्क से छूट या प्रतिपूर्ति दी जाएगी। खरीद सहायता भी 2 साल और तक प्रदान की जायेगी। यह भी उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के 500 से अधिक स्टार्टअप को वर्ष 2021 में डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त हुई। इसी तरह 1900 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में से अधिकांश स्टार्टअप प्रगति के चरण में है। प्रदेश में प्रमुख रूप से भोपाल में 31 और इंदौर में 44 फीसदी स्टार्टअप स्थित हैं।

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 MadhyaBharat  11 May 2022

bhopal, 400th Prakash Utsav , Sri Guru Tegh Bahadur Sahib

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से मप्र के अनेक जिलों में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 400 वां प्रकाश पर्व का आयोजन समपन्न हुए हैं। इसी श्रंखला में 13 मई शुक्रवार को शाम 5:30 बजे से राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में भव्य आयोजन किया जा रहा है जिसमें कि भोपाल समेत सीहोर, विदिशा, आष्टा, रायसेन समेत आसपास के क्षेत्रों से अनेक प्रबुद्धजन, अधिवक्ता चिकित्सक इत्यादि सनातन धर्म के विभिन्न समाजों के श्रेष्ठीजन भाग लेंगे। उक्त बातें बुधवार को पत्रकार-वार्ता को सम्बोधित करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 400 वां प्रकाश उत्सव आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता नैमेश सेठ ने कहीं । पत्रकार-वार्ता में सरदार जसपाल सिंह गिल, सरदार हरप्रीत सिंह सलूजा भी उपस्थित थे ।   याद किया जाएगा गुरुओं के बलिदान को उन्होंने कहा, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने स्वयं को, अपने पुत्र और पुत्रों के बच्चों तक को सनातन धर्म और भारतीय प्राचीन परम्पराओं के रक्षार्थ समर्पित कर दिया था, ऐसे महान गुरु को आज बार-बार याद करने का समय है। इसलिए इस आयोजन में समाज के हर वर्ग के लोग उपस्थित होंगे । सेठ ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रकाश पर्व के इस भव्य आयोजन में सम्मिलित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।     अध्यक्षता करेंगे महामहिम और मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्री   आयोजन के सबंध में पंजाबी साहित्य अकादमी निदेशक नीरू सिंह ज्ञानी ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के राज्यपाल महामहिम मंगुभाई पटेल करेंगे। मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे । मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल के कुलाधिपति पद्मश्री डॉ. सरदार हरमेन्द्र सिंह बेदी उपस्थित रहेंगे । डॉ. बेदी का मुख्य उदबोधन सनातन धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के द्वारा किए गए कार्यों एवं बलिदान पर केन्द्रित होगा।   उन्होंने बताया समारोह के विशिष्ट अतिथि संस्कृति पर्यटन एवं आध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा पर्यावरण मंत्री हरदीप सिंह डंग होंगे । आयोजन समिति के संयोजक नेत्र शल्य चिकित्सक एवं चेयरमैन मातोश्री नेत्रालय भोपाल डॉक्टर पी. एस. बिंद्रा रहेंगे । पंजाबी साहित्य अकादमी निदेशक सुश्री ज्ञानी का कहना यह भी था कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अंतर्गत किया जा रहा है।   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से हो रहा है आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से आयोजित होने वाले इस समारोह में सीहोर, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुर सहित भोपाल महानगर एवं आसपास के सिख संगत समेत अन्य समाज बंधु भी बड़ी संख्या में सम्मलित हो रहे हैं। इस मौके पर प्रकट भए गुरु तेग बहादुर जी नामक रंगमंचीय आयोजन किया जाएगा। जिसके निर्देशक रंगमंच पटियाला होंगे । साथ ही व्याख्यान एवं लाइट व साउंड प्रोग्राम का आयोजन है।   उल्लेखनीय है कि ''हिंद की चादर'' मानवता के रक्षक श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 400 वें प्रकाश पर्व को विश्व भर में अपार श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जा रहा है । कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में है। समाज जन इस कार्यक्रम के जरिए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए उनके द्वारा बताए मार्ग पर चलने के लिए संकल्पित होगें ।

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 MadhyaBharat  11 May 2022

bhopal, Chief Minister Chouhan, planted Neem

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को राजधानी भोपाल के स्मार्ट सिटी उद्यान में नीम और पीपल के पौधे लगाए। इस मौके पर न्यू फोर्ट सोशल वेलफेयर सोसाइटी की अनीता गौर, कुसुम उइके, मगनी बेन और उर्मिला बिजोरे ने भी पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान ने सोसायटी के सदस्यों से कहा कि जन्म-दिन, शादी की वर्षगाँठ और परिजन की स्मृति में पौध-रोपण तथा लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित करें।   बता दें कि सोसायटी द्वारा कॉलोनी में स्वच्छता, पर्यावरण-संरक्षण और कॉलोनी विकास के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। कॉलोनी में स्वच्छता के लिए निश्चित समयावधि में अभियान संचालित किया जाता है। कॉलोनी से निकलने वाले गीले कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने के लिए परिसर में पिट का निर्माण किया गया है। इस खाद का उपयोग कॉलोनी के बगीचे में ही किया जाता है। पौध-रोपण अभियान में सोसायटी द्वारा विभिन्न स्थानों पर पौधे रोपे गये हैं। इन पौधों के वृक्ष बनने तक की जिम्मेदारी सोसाइटी के सदस्यों ने ली है।   गौरतलब है कि पीपल एक छायादार वृक्ष है। यह पर्यावरण शुद्ध करता है। इसका धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व है। एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर नीम को सर्वोच्च औषधि के रूप में जाना जाता है।

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 MadhyaBharat  11 May 2022

bhopal, Narottam Mishra ,targeted Kamal Nath

भोपाल। मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है। कांग्रेस लगातार भाजपा पर हमले बोल रही है और ओबीसी विरोधी होने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस के आरोपों पर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि पिछड़ों को गले लगाकर पीठ में छुरा मारने का काम कांग्रेस शुरू से करती आई है। मध्य प्रदेश का पिछड़ा वर्ग कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं के पिछड़ा वर्ग विरोधी चरित्र को अच्छी तरह से जान और समझ चुका है। गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछड़े वर्ग के हितों के लिए मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार कृत संकल्पित है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट के विषय को गंभीरतापूर्वक लेकर अपनी विदेश यात्रा स्थगित की है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भी यही हुआ, वहां तो कांग्रेस की सरकार है। आरोप भारतीय जनता पार्टी पर लगाने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमने मप्र को ओबीसी वर्ग से तीन-तीन मुख्यमंत्री उमा भारती जी, बाबूलाल गौर और अभी शिवराज सिंह चौहान दिये। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यही कमलनाथ थे, जब सुभाष यादव मुख्यमंत्री बनने वाले थे तो उनके साथ धोखा किया और अरुण यादव को हटाकर मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने। कांग्रेस पिछड़ों को आगे बढ़ाने की बात करना बंद कर दे। कांग्रेस नेता बात पिछड़ों की करते हैं और गले लगाकर पीठ पर छुरा भोंकते हैं। मैं तो नाम सहित बता रहा हूं पर इन्होंने ऐसा क्यों किया, यह स्पष्ट करें। गलत जानकारी देते है कमलनाथ गृह मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के पिछड़े वर्ग के लोग इनको अच्छी तरह से जानते हैं और यही नेता प्रतिपक्ष जो वर्तमान में विधानसभा में हैं, उन्होंने ही विधानसभा में कहा कि 27प्रतिशत ओबीसी हैं। विधानसभा को गलत जानकारी दी। उसके बाद अदालत को भी गलत जानकारी दी और स्टे ले आए। इनकी सरकार रहते हुए कार्यकाल पूरा हुआ था पंचायतों का तो क्यों नहीं कराए चुनाव, इन सब बातों के जवाब नहीं हैं। हम आगे संकल्पित हैं कि चुनाव होना चाहिए और आरक्षण के साथ होना चाहिए। हम आज भी चुनाव के पक्ष में हैं।

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 MadhyaBharat  11 May 2022

bhopal, Governor Patel ,addressed, first meeting

भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातीय विकास के उत्कृष्ट कार्यों का देश में मॉडल प्रस्तुत करें। अलग-अलग और विभिन्न क्षेत्रों के विकास प्रयासों को एकीकृत स्वरूप में प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। इस दिशा में प्रकोष्ठ विभिन्न विभाग के साथ समन्वय और सामंजस्य के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि सप्ताह में दिवस निर्धारित कर विभिन्न विभागों के साथ विचार-विमर्श कर जनजातीय कल्याण के प्रयासों को मज़बूती दी जाए।   राज्यपाल पटेल मंगलवार को राजभवन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वित्त, वन, जनजातीय कार्य, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ग्रामीण विकास विभाग, हिमोग्लोबिनपैथी मिशन, आजीविका मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों और जनजातीय प्रकोष्ठ के सदस्यों की प्रथम परिचयात्मक बैठक को संबोधित कर रहे थे।   उन्होंने कहा कि जनजातीय बजट का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। बजट पारित होने के साथ ही निर्धारित योजनाओं और कार्यक्रमों में व्यय का प्रारंभ किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट का उपयोग अनिवार्यता वर्ष में किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास के लिए प्रावधानित राशि का उपयोग सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के आधार पर ही होना अनिवार्य है।   राज्यपाल पटेल ने वन अधिकार पट्टों के वितरण, सिकल सेल जाँच कार्य की प्रगति के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जाँच कार्य में गर्भवती माताओं की जाँच प्राथमिकता के साथ की जाए। आँगनवाड़ी केंद्रों में भी जाँच की जाए। इससे जाँच कार्य में गति आएगी। उन्होंने कहा कि रोग के स्वरूप और रोकथाम प्रयासों के प्रभावी नियोजन के लिए विभिन्न स्तर और क्षेत्रों में हो रहे जाँच कार्य का समेकित डेटा संकलन आवश्यक है।   उन्होंने सिकल सेल एनीमिया वाहक और रोगियों को स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में जागृत किए जाने की जरूरत भी बताई। राज्यपाल ने जनजातीय विद्यार्थियों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर परिणामों की जानकारी पर जनजातीय कार्य विभाग को बधाई दी।   जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर ने बताया कि प्रदेश का जनजातीय विकास बजट देश में सबसे बड़ा है। प्रकोष्ठ द्वारा जनजातीय विकास की विभागीय और बजट के अतिरिक्त भौतिक उपलब्धियों के समग्र प्रस्तुतिकरण की व्यवस्था की जाएगी। जनजातीय विकास और कल्याण के कार्यों, चुनौतियों के समाधान और जमीनी समस्याओं के निराकरण के व्यवस्थागत प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रकोष्ठ द्वारा संबंधित विभागों के साथ सतत समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा।   जनजातीय कार्य विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल ने प्रस्तुतिकरण के द्वारा जनजातीय विकास के कार्यों की जानकारी दी।   बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डीपी आहूजा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव, वन विभाग के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल, ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, वित्त सचिव अजीत कुमार, स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, जनजातीय प्रकोष्ठ के सदस्य सचिव बीएस जामोद, विधि विशेषज्ञ भग्गू सिंह रावत, विषय-विशेषज्ञ डॉ. दीपमाला रावत और विधि सलाहकार विक्रांत सिंह कुमरे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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 MadhyaBharat  10 May 2022

katni, Wife filed ,missing report , Congress MLA

कटनी। कटनी जिले के बड़वारा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक विजय राघवेंद्र सिंह उर्फ बसंत सिंह मंगलवार सुबह अचानक गायब हो गए। उनके अचानक गायब होने पर उनकी पत्नी ने बड़वारा थाना पहुंचकर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की, लेकिन दोपहर में पुलिस अधीक्षक सुनील जैन ने बयान जारी कर बताया कि विधायक का पता चल गया है। वे लापता नहीं हुए बल्कि नई गाड़ी से छत्तीसगढ़ के एक मंदिर में दर्शन करने के लिए गए हैं।   बड़वारा थाना प्रभारी अंकित मिश्रा ने बताया कि सोमवार की रात लगभग 2.30 बजे विधायक विजय राघवेंद्र सिंह अपने घर गए थे। इसके बाद सुबह लगभग 5.30 बजे पत्नी से फार्म हाउस जाने को कहकर अपनी बिना नंबर की थार गाड़ी से सुड्डी स्थित अपने फार्म हाउस आए। यहां से ही उनका मोबाइल बंद आ रहा है। पुलिस विधायक को तलाशने के लिए सुड्डी स्थित फार्महाउस गई, लेकिन उनका वहां भी पता नहीं चला। फिलहाल पुलिस मोबाइल की लोकेशन के आधार पर उनको ढूढने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक उनका कुछ पता नहीं चला सका है।   इधर, विधायक के गायब होने को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष गुमान सिंह बताया कि विधायक के गायब होने की जानकारी लगी है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि उमरिया के आसपास उनकी लोकेशन ट्रेस की गई है। इसी आधार पर पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर पता करने में जुटी रही।   पुलिस अधीक्षक सुनील जैन ने बताया कि विधायक की पत्नी द्वारा गुमगुदशी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उनके परिजनों, पार्टी के पदाधिकारियों सहित अन्य लोगों से चर्चा के बाद उनका पता लगा लिया गया है। विधायक से बात हुई है और उन्होंने बताया कि वे सुरक्षित है। विधायक कोरिया जिले के बैकुंटपुर में थाना पटना के अंतर्गत एक मंदिर में दर्शन के लिए गए हैं वे जल्द घर लौट रहे हैं।

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 MadhyaBharat  10 May 2022

bhopal,Chief Municipal Officer ,suspended

  भोपाल । पर्यावरण, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग के निर्देश पर उज्जैन संभाग के आयुक्त संदीप यादव ने कलेक्टर मंदसौर की अनुशंसा पर महिषासुरमर्दिनी मेला कार्यक्रम (8 मई) में अभद्र नृत्य कार्यक्रम की प्रस्तुति पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामगढ़ नासिर अली खाँ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह जानकारी जनसंपर्क अधिकारी सुनीता दुबे ने मंगलवार को दी।     उन्होंने बताया कि मंत्री डंग ने विभिन्न संचार माध्यमों से इस कार्यक्रम में अभद्र कार्यक्रम होने की जानकारी प्राप्त होने पर जांच के निर्देश दिये थे। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। वहीं, निलंबन अवधि में नासिर अली खाँ का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय जिला मंदसौर रहेगा। साथ ही नायब तहसीलदार प्रतिभा भाभर को मुख्य नगर पालिका अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है।

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 MadhyaBharat  10 May 2022

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बालाघाट। मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस की भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही सतत रुप से जारी है। आए दिन लोकायुक्त पुलिस काले धनकुबेरों का पर्दाफाश कर रही है। इसी क्रम में मंगलवार को जबलपुर लोकायुक्त टीम ने बालाघाट में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बिरसा के प्रभारी प्रबंधक के यहां छापामार कार्यवाही को अंजाम दिया। प्राथमिक जांच में ही लोकायुक्त टीम को एक करोड़ 41 लाख रूपये की संपत्ति मिली है। फिलहाल कार्यवाही जारी है। जानकारी के अनुसार ग्राम करौंदा बहेरा निवासी संतोष भगत पुत्र देवीलाल भगत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बिरसा में एक साल से प्रभारी प्रबंधक के पद पर पदस्थ है। इसके पूर्व वह राशन दुकान में सेल्समैन के पद पर पदस्थ रहा है, जिसके पास आय से अधिक संपत्ति पाए जाने की शिकायत जबलपुर लोकायुक्त को मिली थी। जांच में शिकायत सही पाये जाने के बाद मंगलवार सुबह पांच बजे लोकायुक्त टीम ने जबलपुर डीएसपी जेपी वर्मा के नेतृत्व में संतोष भगत के ठिकानों पर छापा मारा। जबलपुर लोकायुक्त को कार्रवाई में संतोष भगत के पास एक करोड़ 41 लाख रूपये की संपत्ति मिली है। जिसमें करौंदा में एक मकान, बिरसा में दो मकान और बालाघाट में एक मकान शामिल है। साथ ही बिरसा में एक होंडा मोटरसाइकिल का शोरूम भी है। इसके अलावा 6 लाख के घरेलू सामान मिले है। जबलपुर लोकायुक्त डीएसपी जेपी वर्मा ने बताया कि बिरसा तहसील के ग्राम करौंदा बहेरा में आदिम जाति सेवा सहकारी प्रभारी प्रबंधक संतोष भगत के पास में आय से अधिक संपत्ति पाई गई है। अभी तक की जांच में एक करोड़ 42 लाख की संपत्ति उजागर हुई है और अधिक संपत्ति होने की संभावना है। जिसकी जांच की जा रही है। संतोष भगत के खिलाफ अपराध क्रमांक 0/22 धारा 13(1)बी, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपित संतोष पिता देवीलाल भगत सहायक समिति प्रबंधक समिति करौंदा बहेरा तहसील बिरसा के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है।

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 MadhyaBharat  10 May 2022

bhopal, Kamal Nath, lashed out , Shivraj government

भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटके पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है। कोर्ट के फैसले के अनुसार मप्र में बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव संपन्न होंगे। कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर हो गई है। मप्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ शिवराज सरकार पर जमकर बरसे और ओबीसी विरोध होने का आरोप लगाया है। कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सरकार का ओबीसी वर्ग विरोधी चेहरा आज एक बार फिर सामने आ गया है। शिवराज सरकार शुरू से ही नहीं चाहती थी कि ओबीसी वर्ग को किसी भी आरक्षण का लाभ कभी भी मिले, इसको लेकर तमाम हथकंडे व तमाम साजिशें रची जा रही थी। हमारी 15 माह की सरकार ने ओबीसी वर्ग के हित व कल्याण के लिए उनके आरक्षण को 14प्रतिशत से बढ़ाकर 27प्रतिशत किया था। हमारी सरकार जाने के बाद शिवराज सरकार ने एक गलत अभिमत देकर इस निर्णय को भी कई माह तक रोके रखा, बाद में जब हमने इसकी लड़ाई लड़ी तो सरकार ने अपनी गलती को सुधार कर हमारी सरकार के निर्णय को लागू किया। पूर्व सीएम ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव, नगरीय निकाय चुनाव में भी शिवराज सरकार नहीं चाहती है कि ओबीसी वर्ग को बड़े हुए आरक्षण का लाभ मिले, इसलिए पूर्व में भी पंचायत चुनाव में इस तरह की पेचिदगियाँ डाली गयी कि ओबीसी वर्ग को बढ़े हुए आरक्षण का लाभ नहीं मिले लेकिन हमने लंबी लड़ाई लड़ भाजपा सरकर की इस साज़िश को फेल कर दिया था। उन्होंने कहा कि अभी भी शिवराज सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत समय रहते ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रियाओं को पूरा नही किया, आधी-अधूरी रिपोर्ट व गलत तरीके से आधे-अधूरे आँकड़े पेश किये और उसके बाद भी और समय मांगने पर, सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की थी कि आपने समय रहते जब कार्रवाई पूरी नहीं की तो अब आगे आप क्या करेंगे। उसके बाद आज यह फैसला आया है। कमलनाथ ने कहा कि यदि भाजपा की शिवराज सरकार मजबूती से न्यायालय में ओबीसी वर्ग का पक्ष रखती। मजबूती से ओबीसी वर्ग के आंकड़ों को रखती तो निश्चित तौर पर आज ओबीसी वर्ग को उनके बढ़े हुए आरक्षण का लाभ मिलता, लेकिन शिवराज सरकार तो चाहती ही नहीं थी इसलिए उसने इसको लेकर कोई गंभीर प्रयास नहीं किए। लेकिन कांग्रेस आज भी दृढ़ संकल्पित है कि ओबीसी वर्ग को बड़े हुए आरक्षण का लाभ हर हाल में मिलना चाहिए और बगैर ओबीसी आरक्षण के मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव व नगरीय निकाय चुनाव नही होना चाहिये। पूर्व सीएम ने कहा कि इसको लेकर हम ओबीसी वर्ग के साथ हैं, हम चुप नहीं बैठेंगे। हम आज आये फ़ैसले का अध्ययन करेंगे, विधि विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे। इसको लेकर हम सडक़ से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेंगे।

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 MadhyaBharat  10 May 2022

bhopal, Health Minister ,Dr. Choudhary, interacted

भोपाल। प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने सोमवार को छिन्दवाड़ा और कटनी जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों से वीडियो कॉल कर स्वास्थ्य संवाद किया। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।   उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी प्रति सप्ताह सोमवार के दिन 2 जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों से वीडियो कॉल कर स्वास्थ्य संवाद करते हैं।   स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने छिन्दवाड़ा जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीज नीरज गोहिया, कलावती बाई, शिखा दीक्षित और अंजू वंदेवाल से वीडियो कॉल पर चर्चा की। अस्थि रोग वार्ड में भर्ती नीरज गोहिया और कलावती बाई ने बताया कि पैर में फ्रेक्चर होने के कारण अस्पताल आना पड़ा। अस्पताल में मिले उपचार से अब काफी आराम है। शिखा दीक्षित और अंजू वंदेवाल ने बताया कि उन्हें प्रसव के लिये भर्ती कराया गया था। अब वह पूरी तरह ठीक हैं। शिखा दीक्षित ने बताया कि उनके परिवार के पास संबल कार्ड है और उन्हें संस्थागत प्रसव पर 16 हजार रुपये की राशि मिलेगी। मरीजों ने बताया कि उन्हें अस्पताल में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है, नि:शुल्क उपचार मिल रहा है।   कटनी जिला चिकित्सालय के गॉयनिक वार्ड में भर्ती द्रोपदी रजक, शशि सेन, दुर्गा बर्मन ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी को बताया कि उन्हें असपताल से दवाइयाँ नि:शुल्क मिल रही हैं। चिकित्सकों और अन्य स्टॉफ का व्यवहार बहुत अच्छा है। बिस्तर की चादर रोजाना बदली जाती है। अस्पताल से दोनों टाइम भोजन और नाश्ता मिलता है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने मरीजों से चर्चा के बाद छिन्दवाड़ा और कटनी जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन और आरएमओ से अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की।

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 MadhyaBharat  9 May 2022

bhopal, 12th Senior National, Women

भोपाल। भोपाल के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में खेली जा रही 12वीं सीनियर नेशनल वुमन हॉकी चैंपियनशिप-2022 में मध्यप्रदेश की टीम ने सोमवार को अपनी दूसरी जीत दर्ज की। मध्यप्रदेश हॉकी ने चंडीगढ़ को 5-1 से हराया। हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र और झारखंड ने भी अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की।   महिला हॉकी प्रतियोगिता में चौथे दिन सोमवार को पांच मैच खेले गए। मध्य प्रदेश और चंडीगढ़ के बीच खेला गया मैच एकतरफा रहा, जिसमें मध्यप्रदेश की टीम ने फील्ड गोल और पेनेल्टी कार्नर से 5 गोल किए। मध्यप्रदेश की मनीषा चौहान ने मैच के 20वें मिनिट में पेनेल्टी कार्नर से पहला गोल किया। सविता ने 26वें मिनिट में फील्ड गोल से दूसरा गोल किया। मध्यप्रदेश टीम की नीलू दादिया ने 30वें मिनिट में तीसरा गोल किया। मैच के 35वें मिनिट में चंडीगढ़ की प्रियंका ने अपनी टीम के लिए पहला गोल किया। मध्यप्रदेश की ज्योति पाल ने 57वें मिनिट में फील्ड गोल कर चौथा गोल किया और 60वे मिनिट में मध्यप्रदेश टीम की कप्तान नीरज राणा ने पाँचवां गोल कर मध्यप्रदेश को जीत दिलायी।   वहीं, अन्य मैचों में हरियाणा की हॉकी टीम ने असम को 7 के मुकाबले 1 गोल से हराया। पंजाब ने छत्तीसगढ़ को 6-0 से, महाराष्ट्र ने राजस्थान को 4-0 से और झारखंड ने एक तरफा मैच खेलते हुए 10-0 से आंध्र प्रदेश को परास्त किया।   भोपाल के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में खेली जा रही 12वीं सीनियर नेशनल वुमन हॉकी चैंपियनशिप में मंगलवार, 10 मई को 2 मैच खेले जाएंगे। सुबह 7 बजे हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा और केरल के बीच और 8:45 बजे तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के मध्य मुकाबले होंगे।

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 MadhyaBharat  9 May 2022

datia,Rape and murder ,eight year old girl

दतिया। दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र में 8 वर्षीय अबोध बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि नाबालिग बच्ची ग्राम तिलैथा में शादी समारोह में शामिल होने पहुंची थी। नाबालिग गोराघाट थाना क्षेत्र के ग्राम भरसूला की रहने वाली है। सोमवार को एसपी सहित पुलिस अफसर घटना स्थल पर पहुंचे। गोराघाट थाना पुलिस घटना की जांच में जुटी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपित की तलाश में टीम गठित विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है, शीघ्र ही पकड़े जाएंगे।   दतिया के गोराघाट थाना क्षेत्र में दर्दनाक बारदात सामने आ रही है। जहां थाना क्षेत्र के ग्राम तिथेला में एक आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई और शव को झड़ियों में फेक दिया। घटना सामने आने के बाद पूरे थाना क्षेत्र एवं ग्राम में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी लगने पर जिला मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।

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 MadhyaBharat  9 May 2022

chindwara, Congress protests ,over power cut

छिन्दवाड़ा। कांग्रेस विधायक दल के प्रतिनिधियों ने सोमवार को बिजली कटौती के विरोध में खजरी रोड स्थित विद्युत वितरण कार्यालय के गेट पर धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश की भाजपा सरकार बिजली कटौती को लेकर सफेद झूठ बोल रही। कोयले का कोई संकट नहीं है, पावर प्लांट उद्योगपति संचालित कर रहे, किसी भी प्लाट में सौ प्रतिशत बिजली का उत्पादन नहीं लिया जा रहा। भाजपा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा कर रही है।     इस दौरान कांग्रेस विधायक दल के प्रतिनिधियों ने विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय में एक ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें कम्पनी के द्वारा की जा रही बाधित विद्युत एवं अघोषित कटौती को तत्काल बंद कर आमजन को राहत देने की मांग विद्युत वितरण कंपनी के एसई से की। जिले के सम्पूर्ण विधायक एवं जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों ने अधीक्षण यंत्री के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर उन्हें इस भीषण विद्युत कटौती की वस्तु स्थिति से अवगत कराया। उनका कहना है कि जिले में जारी कटौती के कारण सम्पूर्ण सामाजिक ताना बाना छिन्न भिन्न हो चुका है। इससे कोई एक नहीं बल्कि सभी वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत वितरण कम्पनी के द्वारा सम्पूर्ण जिले के ग्रामीण अंचलों में 8 से 10 घण्टे की विद्युत कटौती की जा रही।     कांग्रेस का कहना है कि इस समय किसानों के खेतों में ग्रीष्मकालीन फसलें लगी है, किन्तु जारी बाधित, अघोषित विद्युत कटौती के कारण किसान फसलों में सिंचाई नहीं कर पा रहा। खेतों में फसलें सूख रही है जिसके कारण उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं जारी है, लेकिन बिजली की आंख मिचौली के चलते वे अपना अध्ययन सुचारू रूप से नहीं कर पा रहे हैं।     ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस के पदाधिकारियों ने पहले शांतिपूर्ण तरीके से विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री के समक्ष अघोषित बिजली कटौती से होने वाली समस्या से अवगत कराया। बिजली कटौती बंद किये जाने को लेकर उन्होंने जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो कांग्रेस के पदाधिकारी कम्पनी कार्यालय के मुख्यद्वार पर जमीन पर बैठे और प्रदेश की भाजपा सरकार के साथ ही विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।     कांग्रेस ने कहा कि कमलनाथ के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में 24 घंटे और 100 रुपये में 100 यूनिट बिजली सप्लाई दी है। जबकि वर्तमान में उपभोक्ताओं से बढ़े हुए बिजली के बिल लेने के बाद भी उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं दी जा रही। सरकार और बिजली कंपनी आमजन को झूठ बोल रही है कि कोयले का संकट है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। भाजपा सरकार झूठ बोल रही है। अधीक्षण यंत्री बिसेन ने विद्युत वितरण कंपनी के उच्च अधिकारी की परासिया विधायक सोहन बाल्मिक से फोन पर वार्तालाप कराई जिसके बाद विधायक सोहन बाल्मिक ने बिजली कटौती से उत्पन्न समस्याओं से अवगत कराया। अधिकारी से मिले आश्वासन के उपरांत धरना समाप्त कर अपनी मांगों का ज्ञापन अधीक्षण यंत्री को सौंपा।

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 MadhyaBharat  9 May 2022

bhopal, MP Ladli Laxmi ,wrote a letter , CM Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश की 50 हजार से अधिक लाड़ली लक्ष्मियों ने पत्र लिखकर लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलने से अपनी अध्ययन यात्रा को सुगम बताते हुए आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि- "प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मियों के असीम स्नेह से भरे पत्र पढ़कर मन भावविभोर हो गया। उन्होंने कहा कि मैं अपनी प्यारी बेटियों से यही कहना चाहता हूँ कि तुम्हारा यह मामा सदैव तुम्हारे साथ खड़ा है। चिंता मत करना, तुम्हारा हर सपना पूरा होगा।'' मुख्यमंत्री चौहान ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेटियों “तुम पढ़ो, आगे बढ़ो, मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ हैं।   मुख्यमंत्री चौहान ने रविवार को भोपाल के लाल परेड मैदान पर लाड़ली लक्ष्मी उत्सव के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लाड़ली ई-एप संवाद का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि छात्राओं के मेडिकल, आईआईटी, आईआईएम या कोई भी संस्थान में प्रवेश की पूरी फीस सरकार भरेगी। कक्षा 12 वीं पास कर कॉलेज में प्रवेश लेने वाली लाड़ली लक्ष्मियों को 25 हजार रूपए दो किस्तों में अलग से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने घोषणा की कि जिस ग्राम पंचायत में लाड़लियों का सम्मान होगा, जहाँ एक भी बाल विवाह नहीं होगा, शाला में लाड़लियों काप्रतिशत प्रवेश हो-शत , कोई लाड़ली कुपोषित नहीं होगी और बालिका अपराध घटित नहीं होगा, ऐसी ग्राम पंचायतों को लाड़ली लक्ष्मी पंचायत घोषित किया जाएगा।

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 MadhyaBharat  9 May 2022

bhopal, Chief Minister Chouhan ,planted saplings

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को राजधानी भोपाल के स्मार्ट सिटी उद्यान में पीपल और नीम के पौधे लगाए। इस दौरान अंवतिका रहवासी कल्याण समिति के बी.सी. अम्बाडकर, जसवंत सिंह और जयप्रकाश चौधरी ने भी पौध-रोपण किया।   बता दें कि समिति द्वारा अपनी कॉलोनी में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हुये पर्यावरण- संरक्षण के लिये वृक्षा-रोपण का कार्य भी किया जाता है। साथ ही घर-घर से पृथक कचरा देने के लिए रहवासियों को जागरूक करने और कॉलोनी की सड़कों एवं नाली आदि की साफ-सफाई का कार्य जन-भागीदारी से किया जा रहा है।   गौरतलब है कि पीपल एक छायादार वृक्ष है। यह पर्यावरण शुद्ध करता है। इसका धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व है। एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर नीम को सर्वोच्च औषधि के रूप में जाना जाता है।

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 MadhyaBharat  9 May 2022

bhopal,scorching heat, MP

भोपाल। पिछले कुछ दिनों से मौसम में बनी नरमी के बाद मप्र में एक बार फिर गर्मी ने अपना जोर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के चार जिलों राजगढ, रतलाम, नौगांव और खंडवा में अधिकतम तापमान 45 डिग्री पर पहुंच गया है। इनमें से रतलाम और खंडवा में लू भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिनों तक तापमान में ऐसे ही बढ़त बनी रहेगी। फिलहाल गर्मी से राहत के कोई आसार नहीं है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि मौसम प्रणालियों का असर खत्म होते ही प्रदेश में एक बार फिर गर्म पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान बढ़ गया है। उत्तर-पश्चिमी मप्र में हवा के ऊपरी हवा भाग में एक परिसंचरण बना हुआ है। इसके असर से राजधानी सहित कई जिलों में बादल छाए लेकिन यह आक्टा क्लाउड या आशिंक बादल थे जिन्होंने आसमान के पूरे हिस्से को नहीं ढंका जिसके चलते तपिश बढऩे का क्रम नहीं रुक सका। पश्चिमी विक्षोभ और परिसंचरण का असर ना होने से पूरे प्रदेश में हवाओं की दिशा पश्चिमी हो गई है। राजस्थान और गुजरात से आ रही गर्म हवाओं के असर के चलते सभी जगह तापमान में बढ़त हुई है। प्रदेश में रविवार को पूर्वी छोर के एकमात्र जिले मण्डला को छोडक़र सभी जिलों में तापमान में बढ़त दर्ज हुई।

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 MadhyaBharat  9 May 2022

jabalpur, Goods train, derailment between ,Jabalpur-Itarsi

जबपुलर। मध्य प्रदेश में जबलपुर-इटारसी रेल खंड पर बनखेड़ी और पिपारिया के बीच कोयले से लदी एक मालगाड़ी का एक डिब्बा दोपहर करीब 12.25 पर बेपटरी हो गया। इस मालगाड़ी में 59 डिब्बे में हैं। घटना से लगभग चार घंटे रेल यातायात प्रभावित रहा। लभगभ चार घंटे की मशक्कत के बाद बेपटरी डिब्बे को पटरी पर लाया गया तब इस खंड में रेल यातायात शुरू हो सका। रविवार मालगाड़ी कोयला लेकर जबलपुर की ओर से आ रही थी। दोपहर जबलपुर रेल मंडल के बनखेड़ी और पिपरिया के बीच में कोयला लदी ट्रेन का एक डिब्बा बेपटरी हो गया। इससे जबलपुर से आने वाली ट्रेनें का यातायात प्रभावित हो गया। बताया गया कि इस मालगाड़ी के एक डब्बे के दो पहिए पटरी से उतर गए।   घटना के तुरंत बाद जबलपुर से इटारसी रेलवे ट्रैक कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया था। पीछे से आ रही यात्री रेल एवं अन्य मालगाड़ियों को अलग अलग स्टेशन पर खड़ा करा दिया गया। वहीं, जब इटारसी से ब्रेकयान लाया गया। उतरे डिब्बे को पटरी पर लाकर ट्रैक चालू करने में लगभग चार घंटे लगे। इटारसी से जबलपुर आने और जाने वाली सभी ट्रेनें नियमित चल रही हैं। हादसे से ट्रेनों के चलने पर कोई फर्क नही पड़ा है। सिर्फ वे अपने गंतव्य पर आगे कुछ देरी से पहुंच रही हैं।

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 MadhyaBharat  8 May 2022

bhopal, Leader of Opposition, Dr. Govind Singh, attack on Shivraj government

भोपाल। मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने भ्रष्टाचार के मामलों में कार्यवाही से पहले भ्रष्ट आईएएस, आईपीएस और आईएफएस नौकरशाहों के खिलाफ जांच एजेंसियों को मुख्यमंत्री से अनुमति लिए जाने के निर्णय को दु:खद व भ्रष्टाचारियों के समक्ष शिवराज सरकार का "आत्मसमर्पण" निरूपित किया है।   डॉ. सिंह ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस निर्णय को अमल में लाने के पहले सरकार और भ्रष्ट नौकरशाहों के बीच कोई "आर्थिक समझौता" हुआ है क्योंकि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भ्रष्ट नौकरशाहों पर लगाम लगाने के लिए पहले उन्हें नौकरी करने लायक नहीं रहने देने, जेल की हवा खिलाने व जमीन में गाढ़ देने की धमकी दी और अब उन्हीं के सामने यह "आत्मसमर्पण" क्यों? इसे क्या माना जाए?   नेता प्रतिपक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ही लोकायुक्त संगठन, ईओडब्ल्यू जैसी भ्रष्टाचार निरोधक संस्थाएं अस्तित्व में लाई गईं थी यदि यह संस्थाएं ही भ्रष्टाचार से सम्बद्ध किसी भी मामले में आरोपितों के खिलाफ बिना मुख्यमंत्री की मंजूरी के अब जांच, किसी भी तरह की पूछताछ अथवा एफआईआर नहीं कर सकती तो इनकी प्रासंगिकता पर सवालिया निशान लगना स्वाभाविक है? लिहाजा, सरकार को इनके दफ्तरों पर ताला ही लगा देना चाहिए। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि उक्त निर्णय और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17 -A इस विषयक प्रावधान लाने की जरूरत क्यों पड़ी, मुख्यमंत्री को अपनी मंशा स्पष्ट करना चाहिए? क्या मुख्यमंत्री ने यह निर्णय देश के उन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुमति लेकर लिया है जिसमें उन्होंने "न खाऊंगा, न खाने दूंगा" की बात लाल किले की प्राचीर से कही थी!   नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से यह भी जानना चाहा है कि उनके 15 वर्षीय कार्यकाल में भ्रष्ट नौकरशाहों, कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर अब तक कितने प्रकरण व क्यों लंबित हैं, निर्धारित सीमा अवधि में उन्हें निराकृत क्यों नहीं किया गया, क्या मज़बूरी थी? यही नहीं भ्रष्टाचार से संबंधित कर्मचारियों-अधिकारियों व भाजपा से जुड़े नेताओं के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में अपेक्षित अभियोजन की स्वीकृति कितने सालों से और क्यों लंबित है? इसके पीछे मुख्यमंत्री की कौन सी मज़बूरी छुपी हुई है, उन्हें वे क्यों बचाना चाह रहे हैं? सार्वजनिक होना चाहिए।

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 MadhyaBharat  8 May 2022

bhopal,Investigation team ,senior BJP leaders, reached Seoni

भोपाल। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा द्वारा सिवनी जिले के गांव सिमरिया में विगत दिनों हुई दो व्यक्तियों की मृत्यु के मामले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का जांच दल गठित किया गया है। यह जांच दल रविवार को सिवनी पहुंचा एवं पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। जांच दल द्वारा 12 मई को रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को सौंपी जाएगी।   पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने बताया कि जांच दल के सदस्यों ने सिवनी जिले के सिमरिया गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों से भेंट की एवं शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस भी बंधाया। जांच दल के सदस्यों ने पीड़ित परिजनों से कहा कि भाजपा और प्रदेश सरकार आपके साथ हैं। जांच दल ने बताया कि दोषियों के खिलाफ प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों का पकड़ा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी तत्काल संवेदना दिखाते हुए 8 लाख रुपये की आर्थिक मदद की है।   परिजनों से मुलाकात करने के बाद भाजपा नेताओं का जांच दल घटनास्थल पर पहुंचा एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों से संवाद किया और तथ्यों की जांच की। जांच दल अपनी रिपोर्ट 12 मई को प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को सौंपेगा।   जांच दल के सदस्यों में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धुर्वे, अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सासंद गजेन्द्र पटेल, अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कलसिंह भावर, बैतूल सांसद दुर्गादास उईके, अजजा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष नत्थन शाह, पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं विधायक हरिशंकर खटीक सिवनी पहुंचे। इस दौरान युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार, पार्टी के जिला अध्यक्ष आलोक दुबे सहित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  8 May 2022

bhopal, Shivraj talks , Khargone riot victim ,Laxmi

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को खरगोन जिले में सांप्रदायिक दंगे से प्रभावित कुमारी लक्ष्मी मुछाल और उसके परिवार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात की। मुख्यमंत्री चौहान ने बेटी लक्ष्मी के विवाह के लिए जारी तैयारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और जिला प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए।   उल्लेखनीय है कि कुमारी लक्ष्मी का 11 अप्रैल को विवाह तय था। सांप्रदायिक दंगों में 10 अप्रैल को लक्ष्मी के घर में लूटपाट हुई और लक्ष्मी के विवाह का सामान उपद्रवियों द्वारा लूट लिया गया। लक्ष्मी के माता-पिता नहीं हैं, परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी बड़े भाई सतीश मुछाल पर है, जो वाहन चालक हैं। मुख्यमंत्री चौहान को जैसे ही लक्ष्मी की स्थिति की जानकारी हुई, उन्होंने तत्काल जिला प्रशासन को लक्ष्मी के विवाह की समस्त व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।   मुख्यमंत्री अपनी ओर से भेजेंगे बेटी लक्ष्मी को उपहार जिला प्रशासन द्वारा विवाह के आयोजन के साथ भेंट में दिए जाने वाले कपड़ों और बर्तन आदि की व्यवस्था की गई है। अब लक्ष्मी का विवाह 20 मई को होना तय हुआ है। मुख्यमंत्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि बेटी लक्ष्मी का विवाह धूमधाम से होगा और उनकी ओर से विशेष उपहार भी भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान द्वारा निवास कार्यालय से की गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से खरगोन कलेक्टर, जिला प्रशासन के अधिकारी और बेटी लक्ष्मी का परिवार खरगोन स्थित एनआईसी कक्ष से जुडे। मुख्यमंत्री चौहान ने सांप्रदायिक दंगों में क्षतिग्रस्त हुए घरों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए।

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 MadhyaBharat  8 May 2022

indore,Accused arrested , burning seven people alive

इंदौर। शहर के विजय नगर थाना क्षेत्र की स्वर्ण बाग कॉलोनी में दो मंजिला मकान में आग लगाने के मामले में आरोपित को पुलिस ने शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। इस अग्निकांड में सात लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार युवक ने प्रेमिका की बेवफाई से नाराज होकर उसके स्कूटर में आग लगाई थी। पुलिस के अनुसार क्राइम ब्रांच टीम ने स्वर्ण बाग कॉलोनी के दो मंजिला मकान में आग लगाने के मामले में आरोपित निरंजनपुर निवासी संजय उर्फ शुभम दीक्षित पुत्र देवेन्द्र दीक्षित को शनिवार देर रात निरंजनपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने के चक्कर में उसके हाथ पैर टूट गए। पुलिस ने उसे देर रात एमवाय अस्पताल में ले जाया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपित ने वारदात को अंजाम देना कबूल किया। पुलिस का संजय ने बताया कि स्वर्ण बाग कॉलोनी के दो मंजिला मकान में रहने वाली एक युवती से वह प्यार करता था। आरोपित के अनुसार दोनों के शारीरिक संबंध भी बन गए थे, लेकिन युवती का चंदननगर में रहने वाले युवक से रिश्ता तय हो गया। इस बात पर दोनों में विवाद शुरू हो गया और संजय स्वर्णबाग कालोनी से मकान खाली कर निरंजनपुर रहने चला गया। उसने युवती से बदला लेने की नियत से उसके स्कूटर को घटना की रात 3 बजे आग लगा दी थी। इस अग्निकांड में भवन में 14 दो और चार पहिया वाहन जल गए। आग और धुएं के कारण ईश्वर सिसोदिया, नीतू सिसोदिया, आकांक्षा, समीर सिंह सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। आरोपित संजय ने पुलिस को बताया कि वह उस लड़की से बहुत परेशान हो गया था। उसने मेरे साथ बहुत गलत किया। उसने मुझसे खूब खर्चा करवाया और बाद में पता चला वह तो दूसरों से भी ऐसे करवाती है। मैं उससे सारे रिश्ते खत्म करना चाहता था, लेकिन वह मुझे छोड़ती ही नहीं थी। वह मुझसे अक्सर पैसे भी मांगती रहती थी। संजय ने उसी गाड़ी से पेट्रोल निकाला, जिससे वह स्वर्णबाग कालोनी आया था। लड़की की गाड़ी की सीट में आग लगाई और भाग गया। उसने बताया कि वह युवती की गाड़ी जलाना चाहता था लेकिन मुझसे बहुत बड़ा कांड हो गया। विजय नगर थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद यह साफ हो गया था कि किसी सफेद शर्ट वाले युवक ने गाड़ियों में आग लगाई है। आरोपित संजय का मोबाइल रात 9 बजे तक चालू था और वह लगातार अपने दोस्त से बात कर रहा था, जिसकी लोकेशन ट्रैक करके आरोपित संजय दीक्षित को पुलिस ने लसूड़िया इलाके के निरंजनपुर चौराहे के समीप से गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी काजी ने बताया कि पुलिस को इलाके की रहने वाली युवती ने इस घटना के पीछे सिरफिरे आशिक संजय के बारे में बताया था। पुलिस उस युवती को भी थाने लेकर आई और देर रात तक उससे पूछताछ करने के बाद पूरा घटनाक्रम साफ हो गया। उन्होंने बताया कि खबर मिली है कि संजय दिल्ली में भी इसी तरह का कांड कर चुका है। उसने दिल्ली में रहने के दौरान द्वारका नाका इलाके में एक इमारत में आग लगाकर 11 लोगों को मारा था। थाना प्रभारी ने बताया कि संजय ने दिल्ली में दो महीने रुकना स्वीकारा है लेकिन वह घटना से इन्कार कर रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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 MadhyaBharat  8 May 2022

bhopal, Datia ,become ,big center ,religious tourism

  विनय तिवारी   4 मई का दिन दतियावासियों या कहें कि पीताम्बरा माई के भक्तों के लिये ऐतिहासिक दिन था। पहली बार मांई अपने लाखों भक्तों के बीच रथ में सवार हो दर्शन देने निकली थीं। भक्ति गीतों और जय माता दी गूंज हर लबों पर थीं। दतिया में हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान अपनी गहरी छाप छोड़ गया और यह सवाल भी उठा गया कि क्या मांई का यह सिद्ध स्थल धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में अपनी ख्याति प्राप्त नहीं कर सकता। वैसे भी इन दिनों कई धार्मिक पर्यटन स्थलों को संजाने संवारने और उनको धार्मिक पर्यटन के रूप में तेजी से विकसित किये जाने का सिलसिला जारी है। जब कोई धार्मिक पर्यटन स्थल देश के पर्यटन के मानचित्र पर आ जाता है तो निश्चीय ही वह पर्यटन का प्रमुख केन्द्र बन जाता है। लोगों की आस्था का केन्द्र बन जाता है। इसके लिये सरकार, मंदिर के ट्रस्ट और जनभागीदारी की बहुत जरूरत होती है। पीताम्बरा शक्ति पीठ भले ही धार्मिक स्थल के रूप में विख्यात है लेकिन इसकी ख्याति के लिये अभी बहुत प्रयत्न किया जाना बाकी है। इस स्थल को धार्मिक पर्यटन और पर्यटकों के हिसाब से सुविधाएं जुटाना भी आवश्य्क है। आज नैसर्गिक पर्यटन से ज्यादा लोग धार्मिक यात्रा करना पसंद करते हैं। पीताम्बरा पीठ मंदिर परिसर के विस्तार और उसके आस-पास ठहरने, खान-पान की आधुनिक सुविधाएं विकसित किये जाने की बहुत जरूरत है। क्योंकि पर्यटक कोई भी हो पैसे की चिन्ता नहीं करता वह तो वहां सुविधाएं चाहता है। प्रचार-प्रसार की अपेक्षा रखता है ताकि उसको सारी जानकारी एक क्लिक करते ही मिल जाये। मंदिर के महत्व, अनुष्ठानों की प्रमाणित जानकारी वह प्रकाशित फोल्डरों, पुस्तकों के माध्यम से जानना चाहता है। सीडी या अन्य माध्यमों से वह मांई के गुणगान सुनना चाहता है। जब किसी धार्मिक स्थल की महिमा दूर-दूर तक पहुंचती है तो वह स्थल एक धार्मिक व्यावसायिक केन्द्र का रूप भी ले लेता है। लोगों को रोजगार के साधन मुहैया होने लगते हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार के लिये ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ता है। पर्यटक ज्यादा आते हैं तो घर होम स्टे, लॉज होटलों में परिवर्तित होने लगती हैं। रेस्टोरेन्ट भी खुलने लगते हैं। मंदिर के तीज त्यौहार, उत्सवों का स्वरूप बड़ा रूप लेने लगता है। तिथि के हिसाब से हर साल अपने आप ही धार्मिक श्रद्धालु जुटने लगते हैं। पीताम्बरा शक्तिपीठ के लिये ख्यात दतिया वैसे भी रेलवे लाईन पर है। यहां श्रद्धालुओं को आने-जाने में दिक्कत भी नहीं होती है। पुरातत्व दृष्टि से भी दतिया समृद्ध है। दतिया को टूरिस्ट सर्किट से जोड़ा जा सकता है। क्योंकि आगरा, ग्वालियर, झांसी, ओरछा, खजुराहों एक टूरिस्ट सर्किट की तरह हैं। इस बीच दतिया को भी शामिल कर दिया जाये तो यहां का धार्मिक महत्व ओर भी बढ़ सकता है। मध्यप्रदेश शासन को मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों को भी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से भी जोड़ना चाहिए। मध्यप्रदेश और देशवासियों के लिये मध्यप्रदेश के मंदिर भी आस्था के केन्द्र हैं। दतिया दर्शन योजना पर भी विचार किया जाना चाहिए ताकि मांई के दर्शन करने आया श्रद्धालु पीताम्बरा पीठ के अलावा पूरा दिन क्या-क्या घूमें, यह उसमें शामिल होना आवश्यठक है। जब धार्मिक पर्यटक किसी स्थल पर जाता है तो ठहरता है, प्रसाद खरीदता है, स्थानीय दुकानों से प्रचलित वस्तुये खरीदता है, होटलों में व्यंजनों का स्वाद लेता है। इस प्रक्रिया में स्थानीय दुकानदारों को रोजगार सुलभ होता है। किसी भी धार्मिक स्थल को उसके महत्व और वहां की संस्कृति से प्रसिद्धी दिलायी जा सकती है। हर स्थल के व्यंजनों का स्वाद भी अलग होता है। यदि यहां आने वाले धार्मिक श्रद्धालुओं को दतिया के प्रसिद्ध व्यंजन परोसे जाये तो वह यहां की अलग छबि होकर प्रस्थान करेगा। जिस प्रकार बीते दिनों पीताम्बरा पीठ पर भक्तों का सैलाब उमड़ा, उसको दृष्टिगत लगता है कि इस स्थल को भव्य रूप दिया जा सकता है। पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिये प्रयास तो करने होंगे।

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 MadhyaBharat  8 May 2022

indore,Scooty ,set on fire

इंदौर। शहर के स्वर्णबाग कालोनी में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पौने तीन बजे एक दो मंजिला इमारत में आग लगने के मामले में एक बड़ा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस आगजनी में सात लोगों की जलने से मौत हो गई थी, जिसमें पांच पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। शुरू में यह माना जा रहा था कि यह आग मीटर में शार्ट सर्किट से लगी है, लेकिन अब यह बात सामने आ रही है कि यह आग लगी नहीं बल्कि लगाई गई थी।   प्राप्त जानकारी के अनुसार यह आग एक युवक ने लगाई थी, जो पूरी बिल्डिंग में फैल गई। यह चौंकाने वाला खुलासा मकान मालिक इंसाफ पटेल के घर के नजदीक लगे सीसीटीवी फुटेज से हुआ है। फुटेज में आरोपित युवक वाहन में आग लगाता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक जिस युवक ने आग लगाई वह बिल्डिंग में रहने वाली युवती से एकतरफा प्यार करता था। युवती से उसकी कहासुनी हुई थी। इसके बाद युवक ने उसी युवती के स्कूटी में आग लगा दी। यही आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान कर ली गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। युवक का नाम संजय बताया गया है।   शनिवार तड़के इमारत में आग लगने के बाद विजय नगर पुलिस ने इस क्षेत्र के तीन डीवीआर जब्त किए। पुलिस, पीडबल्यूडी, एफ़एसएल टीम ने जब सीसीटीवी फुटेज देखे और उनकी जांच की तो यह खुलासा हुआ। सीसीटीवी फुटेज में रात को दो बजकर 54 मिनट पर सफेद शर्ट पहने एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। लड़का इमारत में ही खड़ी एक बाइक पर पेट्रोल डालकर आग लगाते हुए दिखाई दे रहा था। आग लगाने के बाद यह लड़का जाता हुआ दिखाई दे रहा है। कुछ देर बाद यह लड़का फिर से इसी इमारत में आता दिखाई देता है। इसके बाद वह इमारत में लगे सीसीटीवी कैमरे से छेड़छाड़ करता है। इसके साथ ही वह बिजली के मीटर के साथ भी छेड़छाड़ करता देखाई दे रहा है। इसके बाद वह यहां से फिर से रवाना हो जाता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन क्राइम ब्रांच और अन्य टीम को आरोपित को पकड़ने के लिए लगा दिया गया है।   मृतकों में ईश्वर सिंह सिसौदिया (45), नीतू सिसौदिया (45), आशीष (30), गौरव (38) और आकांक्षा अग्रवाल (25) शामिल हैं। मरने वालों में 40 और 45 वर्ष के दो लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। मृतकों में एक दंपती भी शामिल हैं। ईश्वर सिंह सिसोदिया और नीतू की दम घुटने से मौत हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।   विजय नगर थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि घटना के वक्त बिल्डिंग में 15-16 लोग थे। बताया गया कि बिल्डिंग के मालिक के मोहल्ले में 4 मकान हैं, जो किराए से दिए हैं। लोग कह रहे हैं कि कहीं भी सेफ्टी नहीं है। उसके खुद के मकान पर तो मोबाइल कंपनी का टावर लगा है।

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 MadhyaBharat  7 May 2022

bhopal, Ashutosh Choukse, appointed , President of NSUI MP

भोपाल। कांग्रेस ने आशुतोष चौकसे को मध्यप्रदेश में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया का अध्यक्ष बनाया है। कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने इससे संबंधित आदेश शनिवार को जारी किया है। चौकसे इससे पहले एनएसयूआई भोपाल के जिला अध्यक्ष भी रहे हैं। कांग्रेस की राजनीति में आशुतोष चौकसे दिग्विजय सिंह के गुट के माने जाते हैं। पांच साल तक भोपाल जिला अध्यक्ष रहे। वर्तमान में एनएसयूआई उपाध्यक्ष का पद संभाल रहे थे। चौकसे होशंगाबाद जिले के पिपरिया के रहने वाले हैं। आशुतोष आईटी इंजीनियर हैं और एमबीए भी किया है। विपिन वानखेड़े के पद छोड़ने के बाद रीवा के मंजुल त्रिपाठी को एनएसयूआई अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। त्रिपाठी ने कांग्रेस की मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय होने की इच्छा जताई थी। इसके बाद चौकसे को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

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 MadhyaBharat  7 May 2022

bhopal,Mother Pitambara,birth anniversary , Minister Dr. Mishra

भोपाल। प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने गत 4 मई को आयोजित माँ पीताम्बरा प्राकृट्य उत्सव और दतिया गौरव दिवस के सफल आयोजन के लिये समिति सदस्यों और नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि माई की कृपा गुरू महाराज का आशीर्वाद और दतियावासियों की लगन और परिश्रम से प्राकृट्य उत्सव की भव्यता ने सबका मन मोह लिया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि आने वाले वर्षों में माई की रथ यात्रा का स्वरूप प्रतिवर्ष भव्यतम और विराट होता जायेगा। अगले वर्ष प्राकृट्य उत्सव को दतियावासियों की सहभागिता से इतने विराट स्वरूप में मनाएंगे कि वर्ल्ड रिकार्ड स्थापित होगा।   गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने शनिवार को दतिया में सीता-सागर के सौंदर्यीकरण के लिये लगभग 14 करोड़ रुपये की राशि के कार्यों का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने माँ पीताम्बरा प्राकृट्य के सफल आयोजन पर रथ यात्रा समिति सदस्यों को सम्मानित किया।   गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने दतिया प्राकृट्य उत्सव में दतियावासियों के उत्साह और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि माई के भक्तों और स्वामी जी महाराज के शिष्यों के साथ दतिया के प्रत्येक नागरिक ने माँ पीताम्बरा जयंती पर प्रारंभ की गई ऐतिहासिक रथ यात्रा और दतिया गौरव दिवस के आयोजन को भव्य बनाने में अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया। माई की कृपा से सबकुछ सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। उन्होंने जनता का आहवान किया कि प्रतिवर्ष इसी प्रकार आयोजन को भव्यता प्रदान करने में समिति को अपने सुझाव और परामर्श दे। माई की कृपा से दतिया में निरंतर विकास के कार्य हो रहे हैं। डॉ. मिश्रा ने आज दतिया में सीता-सागर के सौंदर्यीकरण के लिये 13 करोड़ 83 लाख के कार्यों का भूमि-पूजन किया।   मंत्री डॉ. मिश्रा ने वृंदावन धाम में माँ पीताम्बरा की प्राकृट्य दिवस के पर प्रथम बार आयोजित रथ यात्रा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर रथ यात्रा समिति सदस्यों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि समिति सदस्यों ने माई की कृपा से सभी प्रबंध बेहतर कर आयोजन को सफल बनाने में महती भूमिका निभाई।   सर्पदंश के तीन प्रकरणों में 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंत्री डॉ. मिश्रा ने दतिया में सर्पदंश के तीन प्रकरणों में मृत्यु हो जाने पर मृतक के परिजन को 4-4 लाख की आर्थिक सहायता राशि के चेक प्रदान किये।

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 MadhyaBharat  7 May 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में निर्मित कराए जा रहे अमृत सरोवरों को दर्शनीय स्थलों के रूप में विकसित किया जाए। अमृत सरोवर के आस-पास ऐसा वातावरण निर्मित किया जाए, जहाँ ग्रामीण घूमने जाएँ और आनंद का अनुभव ले सकें।   मुख्यमंत्री चौहान ने यह निर्देश शनिवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आहवान पर प्रदेश के हर जिले में बनाए जा रहे अमृत सरोवर की समीक्षा करते हुए दिए। इस मौके पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास उमाकांत उमराव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।   मुख्यमंत्री ने कहा कि जलाभिषेक अभियान में वर्षा के जल को संरक्षित करना आवश्यक है, जिससे भविष्य के लिये अधिक से अधिक वर्षा जल संग्रहीत किया जा सके, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन गाँवों में अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं, वह अच्छे बनें, उनमें किसी भी प्रकार की कमी न रहे, उनके आस-पास घाट निर्माण एवं वृक्षा-रोपण का कार्य भी किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों की फोटो विभाग के पोर्टल पर भी अपलोड किए जाएँ। तालाबों का उपयोग बेहतर ढंग से हो। उन्होंने कहा कि निर्मित सरोवरों के शुभारंभ की भी तैयारी की जाए।   प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में अमृत सरोवर निर्माण का कार्य तीव्र गति से और अच्छे ढंग से किया जा रहा है। प्रदेश में 15 जून के पहले लगभग 3 हजार तालाब पूर्ण कर लिए जाएंगे।

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 MadhyaBharat  7 May 2022

bhopal, We will fight , OBC reservation, Kamal Nath

भोपाल। मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर राजनीतिक गलियारों में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस लगातार मामले को लेकर सरकार पर हमले बोल रही है। पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ कई बार सरकार पर ओबीसी विरोधी होने का आरोप लगा चुके हैं। कमलनाथ ने एक बार फिर ओबीसी आरक्षण को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।   कमलनाथ ने शनिवार को ट्वीट कर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग के हित में उनके आरक्षण को हमारी सरकार ने 14प्रतिशत से बढ़ाकर 27प्रतिशत किया था। मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद से ही भाजपा ओबीसी वर्ग के इस बढ़े हुए आरक्षण को समाप्त करने का निरंतर षड्यंत्र रंच रही है। शिवराज सरकार चाहती नहीं है कि ओबीसी वर्ग को इस बढ़े हुए आरक्षण का लाभ मिले।   पूर्व सीएम ने कहा कि पहले भी भाजपा सरकार के नाकारापन व कमजोर पैरवी के कारण प्रदेश में बगैर ओबीसी आरक्षण के पंचायत चुनाव करने की तैयारी की जा रही थी, तब भी हमने इसको लेकर सडक़ से सदन तक लड़ाई लड़ी थी और यह सुनिश्चित किया था कि बग़ैर ओबीसी आरक्षण के प्रदेश में चुनाव ना हो। कमलनाथ ने कहा कि अभी भी हमारा दृढ़ संकल्प है कि प्रदेश में बगैर ओबीसी आरक्षण के पंचायत चुनाव व नगरीय निकाय चुनाव के चुनाव नहीं हो, यदि भाजपा सरकार ने ऐसा कोई षड्यंत्र रचा तो हम चुप नहीं बैठेंगे। इसको लेकर चाहे जितना भी संघर्ष करना पड़े, हम ज़रूर करेंगे।

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 MadhyaBharat  7 May 2022

jabalpur, EOW raid ,three locations ,cooperative society manager

जबलपुर। मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईओडब्ल्यू की कार्यवाही लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार तडक़े ईओब्डल्यू की टीम ने सेवा सहकारी समिति बदौराकला जिला छतरपुर के सहायक समिति प्रबंधक प्राण सिंह उर्फ मुन्ना सिंह के ठिकानों पर छापे मारे। जबलपुर और सागर ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने कार्यवाही को अंजाम दिया। ईओडब्ल्यू को सहायक समिति प्रबंधक प्राण सिंह के पास आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। जिसके बाद ये कार्रवाई की जा रही है।   आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर और सागर की टीम ने शनिवार तडक़े एक साथ सहायक समिति प्रबंधक प्राण सिंह के तीन ठिकानों पेप्टेक सिटी देरी गांव सागर रोड छतरपुर, बारीगढ़ और जोगा गांव गौरीहार में छापे मारे। एसपी ईओडब्ल्यू जबलपुर देवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को मिली शिकायत की जांच प्रकोष्ठ इकाई सागर द्वारा की गई थी। शिकायत जांच में मिला कि आरोपी प्राण सिंह उर्फ मुन्ना सिंह सहायक समिति प्रबंधक सेवा सहकारी समिति बदौराकला जिला छतरपुर ने इस नौकरी की अवधि में आय से 6 गुना से अधिक संपत्ति अर्जित की है। इस पुष्टि के बाद आरोपी प्राण सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का प्रकरण दर्ज किया गया। जबलपुर ईओडब्ल्यू के डीएसपी एवी सिंह द्वारा विवेचना की जा रही है। संपत्ति का आंकलन अभी जारी है।   सर्च कार्रवाई के बाद संपत्ति का सही ब्योरा टीम पेश करेगी। जानकारी में बताया गया है कि अब तक की जांच में प्राण सिंह के आलीशान घर से 500 ग्राम से अधिक सोने के जेवर, नकदी, बैंक बैलेंस, चार पहिया वाहन, दो ट्रैक्टर, जेसीबी, जमीन संबंधी और प्लाट आदि के दस्तावेज मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि अधिकृत तौर पर टीम ने सर्चिंग के बाद आंकलन करके सही ब्यौरा पेश करने की बात कही है।

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 MadhyaBharat  7 May 2022

Indore, Seven people burnt alive . fierce fire

  इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शुक्रवार देररात एक इमारत में आग लग जाने से सात लोग जिंदा जलकर मर गए। हादसा यहां की स्वर्णबाग कालोनी की दो मंजिला इमारत में हुआ। मृतकों में छह पुरुष और एक महिला शामिल है। सूचना मिलते ही आला अधिकारी और फायर ब्रिगेड के वाहन मौके पर पहुंचे और तेजी से आग पर काबू पाने के लिए प्रयास हुए । इस संबंध में शुरुआती जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि विजय नगर थाना क्षेत्र की इस बिल्डिंग में देररात तीन से चार बजे के बीच भीषण आग लगी। इसका कि कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी समेत कई अधिकारी बल के साथ तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए। हादसे की जांच की जा रही है।

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 MadhyaBharat  7 May 2022

indore, pride day, celebrated like Diwali

इंदौर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने इंदौर प्रवास के दौरान इंदौर का गौरव दिवस आयोजित करने के संबंध में निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के अनुपालन में इंदौर गौरव दिवस के उपलक्ष्य में 25 मई से 31 मई तक सात दिवसीय थीम बेस्ड कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित किया गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें सांसद शंकर लालवानी, विधायकगण मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, आकाश विजयवर्गीय, आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, राजेश सोनकर, सुदर्शन गुप्ता, जीतू जिराती, मधु वर्मा, कलेक्टर मनीष सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में इंदौर गौरव दिवस के प्रस्तावित कार्यक्रम के बारे में सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा विस्तृत रूप से चर्चा की गई। मंत्री सिलावट ने कहा कि इंदौर गौरव दिवस दीपावली के त्यौहार की तरह मनाया जाए। देवी अहिल्याबाई होलकर एवं इंदौर गौरव दिवस के नाम पर जिले के हर घर में दीप जलाये जाएं। यह उत्सव सबकी भागीदारी और साझेदारी के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ-साथ इंदौर को गौरवान्वित करने वाली प्रबुद्ध हस्तियां भी इसमें शामिल होंगी। बैठक में सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि इंदौर गौरव दिवस पर "इंदौर गान" तैयार किया जाएगा। शहर के गौरवशाली इतिहास पर डॉक्यूमेंट्री तैयार की जाएगी जिसे यहां के नागरिक उन सात दिवसीय कार्यक्रम में देख सकेंगे। इस अवसर पर लाइट एंड साउंड प्रोग्राम के आयोजन के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि इंदौर का राजवाड़ा क्षेत्र यहां के गौरवशाली इतिहास को बयान करता है इसलिए मुख्य समारोह राजवाड़ा में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा इंदौर गौरव दिवस के उपलक्ष्य पर 25 मई से 31 मई तक सात दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन प्रत्येक वार्ड में किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए प्रमुख जनप्रतिनिधिगण संयोजक के रूप में कार्य करेंगे और इन कार्यक्रमों का प्रत्येक वार्ड में सफल क्रियान्वयन हो उसके लिए माइक्रो प्लानिंग कर समितियों का गठन करेंगे।   25 मई : जल संरक्षण- 25 मई को जल संरक्षण थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के संयोजक जल संसाधन मंत्री सिलावट रहेंगे। इस दौरान प्रत्येक वार्ड में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कार्य किया जाएगा। जल मार्च का आयोजन होगा तथा जल कथा भी कराई जाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि तालाबों से अतिक्रमण हटाने तथा उनके संरक्षण के लिए स्वच्छता एवं संरक्षण तालाब समिति का भी गठन किया जाएगा।   26 मई : खेलकूद गतिविधियां- 26 मई को इंदौर शहर में खेलकूद से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिस के संयोजक विधायक रमेश मेंदोला रहेंगे। इसमें स्वदेशी खेलकूद को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम में प्रसिद्ध खेल हस्तियों को भी बुलाया जाएगा।   27 मई: महिला सशक्तिकरण- 27 मई को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया जाएगा। इस कार्यक्रम की संयोजक जिले की महिला जनप्रतिनिधियों को बनाया जाएगा। कार्यक्रम में स्व सहायता समूह के उत्पादों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।   28 मई : कला एवं साहित्य कार्यक्रम- 28 मई को कला और साहित्य से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति आयोजित की जाएगी।   29 मई : व्यावसायिक और औद्योगिक सशक्तिकरण- 29 मई को शहर के सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सजावट की जाएगी। इस कार्यक्रम के संयोजक सांसद शंकर लालवानी रहेंगे। इस दौरान सेमिनार भी आयोजित किये जायेंगे।   30 मई : स्टार्टअप एवं आईआईटी दिवस- 30 मई को स्टार्टअप कल्चर पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस दौरान महाविद्यालय के विद्यार्थियों को सफल स्टार्टअप उद्यमियों के साथ चर्चा करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम के संयोजक सांसद शंकर लालवानी एवं गौरव रणदिवे रहेंगे।   31 मई : मुख्य कार्यक्रम- 31 मई को इंदौर के राजवाड़ा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस दौरान शहर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से गौरव दिवस यात्रा निकाली जाएगी जो कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेगी। पूरा इंदौर शहर दीपों एवं आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। मां अहिल्याबाई होल्कर के जन्म दिवस के उपलक्ष्य पर उनके जीवनकाल पर केंद्रित नाटक का मंचन तथा उनके द्वारा देशभर में बनाए गए भवनों एवं मंदिरों पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। देवी अहिल्या बाई एवं इंदौर गौरव दिवस के नाम पर 31 मई को इंदौर के हर घर में एक दीप जलाए जाने का आवाहन मंत्री सिलावट द्वारा किया गया।

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 MadhyaBharat  6 May 2022

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भोपाल। प्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने शुक्रवार को 12वीं सीनियर नेशनल वुमन हॉकी चैंपियनशिप-2022 का शुभारंभ किया। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर अच्छे प्रदर्शन की शुभकामनाएँ दी। इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी, खेल संचालक रवि कुमार गुप्ता और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।   चैंपियनशिप के पहले दिन कर्नाटक और अरुणाचल प्रदेश के बीच खेले गए मुकाबले में कर्नाटक ने अरूणाचल प्रदेश को 10-0 से शिकस्त दी। वहीं उत्तर प्रदेश ने गोआ की टीम को 8-0 से हराकर अपना पहला मैच जीता। इसी क्रम में दिल्ली की महिला हॉकी टीम ने गुजरात को 13-0 से हराकर जीत हासिल की। हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा की टीम ने बेहतर प्रदर्शन कर तेलंगाना को 14-0 करारी मात दी।   उल्लेखनीय है कि 12वीं सीनियर नेशनल वुमन हॉकी चैंपियनशिप 2022 में देश की बेहतरीन 27 टीमें अगले 11 दिन भोपाल में अपना हुनर दिखाएंगी। मेजवान मध्यप्रदेश के अलावा चंडीगढ़, बिहार, हरियाणा, असम, बंगाल, पंजाब, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, आंध्र प्रदेश, पंडुचेरी, कर्नाटक, तमिल नाडु, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गोआ, गुजरात, केरल, तेलंगाना, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश की टीमें शामिल हैं।   चैंपियनशिप में इन टीमों को 8 पूलों में बाँटा गया है। पूल ए में मध्यप्रदेश, चंडीगढ़ और बिहार, पूल बी में हरियाणा, असम, बंगाल शामिल हैं। पूल सी में पंजाब, छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा तथा पूल डी में महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तराखंड शामिल हैं। झारखंड, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी को पूल ई में रखा गया है, जबकि कर्नाटक, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार को पूल एफ में रखा गया है। पूल जी में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गोआ और गुजरात, पूल एच में ओडिशा, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश को शामिल किया गया है। 12वीं सीनियर नेशनल वुमन हॉकी चैंपियनशिप-2022 का फाइनल मैच 17 मई को खेला जायेगा।

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 MadhyaBharat  6 May 2022

bhopal, Policy better marketing , Mochibandhus,Shivraj

भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीब के चेहरे पर मुस्कान, उसकी इज्जत और सम्मान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जो सबसे पीछे हैं, जो गरीब हैं, उनकी भलाई राज्य सरकार के लिए सबसे पहले है। मैं ऐसे लोगों की जिंदगी बदलने के लिए ही मुख्यमंत्री हूं। यह बात मुख्यमंत्री चौहान ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित मोची बंधुओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। सम्मेलन में बुधनी क्षेत्र के मोची बंधु शामिल हुए।   मुख्यमंत्री चौहान ने मोची बंधुओं के कौशल उन्नयन और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए क्रिस्प और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फुटवियर डिजाइनिंग, नई दिल्ली द्वारा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और मुख्यमंत्री पादुका योजना के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री चौहान ने मोची बन्धुओं को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता के रूप में 10 हजार रुपये के चैक और मोची कार्य से संबंधित उपकरणों की किट भी भेंट की। मुख्यमंत्री निवास परिसर में आजादी के अमृत महोत्सव में संत रविदास जयंती समारोह के क्रम में बुधनी क्षेत्र के मोची बंधुओं के लिए आयोजित सम्मेलन का मुख्यमंत्री चौहान ने दीप जला कर तथा कन्या-पूजन कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री चौहान ने संत रविदास के चित्र पर माल्यार्पण भी किया।   चौहान ने कहा कि संत रविदास जी की भावना “ऐसा चाहू राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न- छोट बड़ो सब सम बसें, रविदास रहे प्रसन्न” के अनुरूप ही राज्य सरकार कार्य कर रही है। सभी परिवारों को राशन मिले, सभी के लिए आवास हो और इन योजनाओं के लाभ से कोई परिवार वंचित न रहे। सभी परिवारों के पास गैस चूल्हा हो, सभी को बीमारी में काम आने वाला आयुष्मान कार्ड उपलब्ध हो और परिवार संबल योजना का लाभ ले सकें, इसके लिए राज्य सरकार ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित उनकी उच्च शिक्षा तक सहायता के लिए राज्य सरकार की योजनाएँ हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए सभी को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष धूमधाम से संत रविदास जयंती मनाई जाएगी। मोची बंधुओं को संत रविदास की जन्म स्थली के दर्शन के लिए विशेष रूप से बनारस भेजा जाएगा।     मुख्यमंत्री चौहान ने पथ विक्रेता योजना की जानकारी देते हुए कहा कि काम-धंधे को विस्तार देने के लिए यह योजना बहुत उपयोगी है। ऋण की उपलब्धता और ऋण चुकाने पर दोगुनी राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था से इस योजना का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री चौहान ने स्व-सहायता समूह बनाकर अपने व्यवसाय को विस्तार देने के लिए भी प्रेरित किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि चर्मकार समाज का समावेशी विकास कर उन्हें आत्म-निर्भर बनाने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए "मुख्यमंत्री पादुका'' योजना आरंभ की जा रही है। चर्मकारों का कौशल विकास कर उनकी आजीविका बढ़ाने तथा उन्हें उद्यमी बनाने के लिए इस योजना में पूरी व्यवस्था है। योजना में कॉमन फेसिलिटी सेंटर खोलकर उन्नत मशीनों और अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा फुटवियर डिजाइनिंग का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे चर्मकार अपनी परंपरागत तकनीकों के साथ आधुनिक तकनीक और मशीनों के उपयोग में अभ्यस्त हो सकेंगे। योजना में प्रशिक्षणार्थियों को उन्नत टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी। कॉमन फेसिलिटी सेंटर का संचालन क्रिप्स द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फुटवियर डिजाइनिंग नई दिल्ली के सहयोग से किया जाएगा।   मोची बंधुओं को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने वाली संस्था क्रिस्प के सीएमडी श्रीकांत पाटिल ने कहा कि मोची बंधुओं के उत्पाद की बेहतर मार्केटिंग और बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने के लिए डी-मार्ट और ऑनडोर जैसी संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है। मार्केटिंग के लिए निश्चित नीति विकसित कर उसका क्रियान्वयन किया जाएगा।   मुख्यमंत्री ने बुधनी क्षेत्र के 78 व्यक्तियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता के रूप में 10-10 हजार रूपए का चेक और एक-एक मोची किट भेंट करने की शुरूआत की। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रतीक स्वरूप सीहोर जिले के नसरूल्लागंज के विजेंद्र, गोपालपुर के अशोक, इटारसी के श्यामलाल, शाहगंज के मंगू और राम को चेक और किट प्रदान की। मुख्यमंत्री चौहान ने बकतरा के दिव्यांग पूरणलाल को ट्रायसिकल भी भेंट की।   मुख्यमंत्री चौहान को नसरूल्लागंज के मोचीबंधु विजेंद्र और जीतेंद्र ने अपने हाथों से बना जूता भेंट किया। मुख्यमंत्री चौहान ने विजेंद्र और जितेंद्र की जूता बनाने में दक्षता की प्रशंसा की। मुख्यमत्री चौहान ने मोची बंधुओं के साथ भोजन किया। सम्मेलन में मोची बंधुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर भी लगाया गया।

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 MadhyaBharat  6 May 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को राजधानी भोपाल के स्मार्ट सिटी उद्यान में सागर रॉयल विलास रहवासी संघ के पदाधिकारियों के साथ खिरनी और केशिया का पौधा लगाया। रहवासी संघ के गुरूचरण सिंह, परिमल यादव, ओमवीर सिंह राणा और संजीव खरे ने पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान ने पदाधिकारियों को स्वच्छता अभियान और वृक्षा-रोपण गतिविधियों में निरंतर सक्रियता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।   बता दें कि रहवासी संघ अपनी कॉलोनी में स्वच्छता और पर्यावरण के लिए कार्य कर नागरिकों को भी इस दिशा में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करता है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों के साथ मिलकर पर्यावरण और स्वच्छता की गतिविधियाँ संचालित की जाती है। कॉलोनी की दीवारों को चित्रकारी से सुंदर और आकर्षक बनाया गया है।   गौरतलब है कि खिरनी का पेड़ भारत में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु आदि में होता है। इसका फल खिरनी, नीम के फल जैसे होते हैं, जो खिरनी बहुत मीठा और गरम होता है। केसिया की छाल और पत्तियों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाएँ बनाने में किया जाता है।

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 MadhyaBharat  6 May 2022

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भोपाल। प्रदेश में तीन-चार दिन से बने सिस्टम की वजह से कई जिलों में तेज और रिमझिम बारिश हो रही है। राजधानी सहित पूरे मध्य प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। यह सिस्टम अगले 24 घंटे भी सक्रिय रहेगा। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा और गर्मी का असर बढ़ेगा। शुक्रवार को सागर, रीवा संभागों के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होगी। शेष जिलों में तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी। मध्य प्रदेश में गुरुवार को सबसे अधिक 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान राजगढ़ में दर्ज किया गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि जम्मू-कश्मीर एवं उसके आसपास बना पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड की तरफ बढ़ गया है। उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर एक ट्रफ लाइन तमिलनाडु तक बनी हुई है। इसी चक्रवात से एक अन्य ट्रफ लाइन मेघालय तक बनी है। हालांकि पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण इन तीनों मौसम प्रणालियों का विशेष प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इस वजह से शुक्रवार से एक बार फिर दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी। शनिवार से प्रदेश में खंडवा, खरगोन जिलों में फिर लू चल सकती है। इन जिलों में बारिश के आसार प्रदेश में अगले 24 घंटों में बारिश के आसार बने हुए हैं। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, पन्ना, अनूपपुर, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, सिंगरौली और सिवनी जिलों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इन जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। वहीं, मालवा-निमाड़ में बादल छाए रहेंगे। हालांकि बारिश के बाद उमस भी बढ़ जाएगी। इधर, बाकी जिलों में गर्मी का असर बढ़ गया है।

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 MadhyaBharat  6 May 2022

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भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए गुरूवार को इंदौर जाते समय सोनकच्छ रोड पर सड़क हादसे में घायल नागरिकों को तुंरत सहायता देकर अपने काफिले के वाहन से जिला अस्पताल रवाना किया। साथ ही श्री शर्मा ने देवास के अधिकारियों से फोन पर बातकर घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए।

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 MadhyaBharat  5 May 2022

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भोपाल। आदि जगदगुरू शंकराचार्य की जयंती वैशाख शुक्ल पंचमी प्रदेश में 'एकात्मक पर्व' के रूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास द्वारा भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में शुक्रवार, 6 मई को शाम 6 बजे आचार्य शंकर प्रकटोत्सव "एकात्मक पर्व" का भव्य आयोजन होगा। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में आचार्य शंकर के जीवन दर्शन पर राजकोट के स्वामीजी परमात्मानंद सरस्वती सारस्वत उद्बोधन देंगे। साथ ही 'शंकर संगीत' में कर्नाटक शैली के प्रसिद्ध बाल गायक सूर्यागायत्री और राहुल वेल्लाल शंकर रचित स्तोत्रों का गायन करेंगे।   प्रमुख सचिव संस्कृति और पर्यटन एवं न्यासी सचिव शिव शेखर शुक्ला ने गुरुवार को बताया कि जगदगुरू आदि शंकराचार्य के अद्वैत वेदांत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए इस पर्व का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से छात्र-छात्राएँ, युवा, कलाकार, पत्रकार, साहित्यकार, रंगकर्मी और शिक्षाविद शामिल होंगे। साथ ही अद्वैत वेदांत के प्रचार-प्रसार में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले मध्यप्रदेश के विद्वानों को सम्मानित भी किया जाएगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आचार्य शंकर न्यास और सीएमओ के यूट्यूब और सोशल मीडिया पर किया जायेगा।   स्वामी परमात्मानंद सरस्वती स्वामी परमात्मानंद सरस्वती पूज्य स्वामी दयानंद सरस्वती जी के वरिष्ठ शिष्य हैं। स्वामी जी ने अपने गुरू के मार्गदर्शन में वेदांत, संस्कृत और योग का गहन अध्ययन किया है। हिंदू धर्म आचार्य सभा के संयोजक एवं सचिव, आर्ष विद्या मंदिर, राजकोट के संस्थापक आचार्य; शिवानंद आश्रम, अहमदाबाद के अध्यक्ष एवं आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के न्यासी हैं। स्वामी जी भारत सहित विश्व में विगत 40 वर्षों से समाज के विभिन्न वर्गों में वेदांत का अध्यापन कर रहे हैं। हाल ही में स्वामी जी को गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई। स्वामीजी समाज के सभी वर्गों, भक्तगण, युवाओं, शासकीय एवं कॉर्पोरेट अधिकारियों, छात्रों एवं बच्चों से संवाद करने और उनको प्रशिक्षित करने की विलक्षण योग्यता रखते हैं। स्वामी जी अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों, बैठकों और कार्यक्रमों में सनातन धर्म और भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वेदान्त का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हैं।   सूर्यागायत्री सूर्यागायत्री केरल की प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका हैं। उन्होंने श्रीमती आनंदी और निशांत के मार्गदर्शन में कर्नाटक संगीत का औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। भारत सहित विभिन्न देशों में प्रस्तुतियाँ देते हुए अनेक पुरस्कार प्राप्त किए हैं।   राहुल आर वेल्लाल बैंगलुरू निवासी राहुल वेल्लाल कर्नाटक संगीत के विख्यात गायक एवं संगीतज्ञ हैं। रंजनी, गायत्री, कलावती अवधूत, कुलुर यू जयचंद्र राव, अभिषेक एन और कुलदीप पाई के मार्गदर्शन में संगीत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुतियाँ देते हुए अनेक पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

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 MadhyaBharat  5 May 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छिंदवाड़ा जिले के मचगोरा बांध में डूबने से चार बच्चों की मौत पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने चारों मृत बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गुरुवार को मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट किया है कि यह समाचार हृदय विदारक है, मन अत्यधिक पीड़ा से भरा है। ईश्वर मासूम बच्चों की आत्मा की शांति और परिजन को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि दु:ख की इस घड़ी में संपूर्ण प्रदेश शोकाकुल परिवारों के साथ है। मृतक बच्चों के परिजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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 MadhyaBharat  5 May 2022

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भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को समाजसेवी स्व. विजेश लुणावत की प्रथम पुण्य-तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।   मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट कर अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा है कि- "स्व. लुणावत सदैव अपने कर्त्तव्य के प्रति समर्पित रहे। वे कठिन से कठिन कार्य को हँसते-मुस्कुराते, सहज भाव से निर्धारित समय में पूर्ण कर देते थे। वे अपने सहज, सौम्य व्यक्तित्व से लोगों का हृदय जीत लेते थे।   मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्व. विजेश लुणावत एक समर्पित, जुझारू, योग्य कार्यकर्ता और साथी थे। वे सर्वदा हम सबकी स्मृतियों में एक उत्साही, हँसमुख और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में जीवित रहेंगे।"

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 MadhyaBharat  5 May 2022

bhopal, Narottam Mishra

भोपाल। सीवनी में गौमांस की तस्करी की आशंका में आदिवासियों को लाठियों से पीटने के मामले में कांग्रेस का प्रतिनिधि मण्डल आज वहां पहुंचा है। सांसद नकुल नाथ, नेता प्रतिपक्ष डॉ.गोविंद सिंह, पूर्व मंत्री तरुण भनोत, विधायक विनय सक्सेना सिवनी पहुँचकर पीडि़त आदिवासी परिवारों से मुलाक़ात करेंगे। सीवनी और खरगोन में कांग्रेस के प्रतिनिधि मण्डल जाने पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल में नकुलनाथ के शामिल होने पर भी उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद कमलनाथ के पास से जा चुका है, इसलिए कमलनाथ अपने परिवार को बढ़ावा दे रहे हैं, अपने बेटे को प्रोटेक्ट कर रहे हैं।   गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की रिपोर्ट तो पहले से पता है। जो भी प्रतिनिधिमंडल जाता है वह भी सरकार के पक्ष में रिपोर्ट नहीं देता। एक दिन की खबर बनने के लिए और सरकार के खिलाफ रिपोर्ट देने के लिए कांग्रेस अपना प्रतिनिधि मंडल भेजता है। अचंभा इस बात का है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किसी मामले में कहीं जाते नहीं मिलेंगे। कांग्रेस की ओर से भेजे गए प्रतिनिधिमंडल में छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ को शामिल किए जाने पर नरोत्तम मिश्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद चला गया। अध्यक्षीय पद पर भी संकट के बादल हैं। ऐसे में कमल नाथ बेटे को प्रोजेक्ट कर रहे हैं, तो इसमें क्या बुराई है। कांग्रेस में परिवारवाद की परंपरा है। इसलिए अध्यक्ष के नाते वह परिवार को आगे बढ़ा रहे हैं। वैसे भी उम्र ऐसी है कि ज्यादा आ-जा नहीं पाते हैं। घटना में बजंरगदल के लोगों के शामिल होने के कांग्रेस के आरोप पर गृह मंत्री ने कहा कि प्रथम जांच में ऐसा कुछ नहीं पता चला है। गौ मांस को लेकर उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में कुछ लोगों ने गौमास से मामला जुड़ा बताया है। सीवनी मामले पर गृह मंत्री ने कहा कि अधिकांश लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। पीडि़तों को 8 लाख 25 हज़ार की सहायता राशि और पीडि़त परिवार के एक एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति भी दी गयी है। कमलनाथ -दिग्गी पर साधा निशाना कांग्रेस द्वारा बिजली संकट पर सवाल उठाए जाने पर डा. मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह जी का बिजली पर और कमलनाथ जी का किसानों की कर्जमाफी पर बोलना हास्यास्पद लगता है। वो व्यक्ति आरोप लगा रहे हैं, जिनके समय में बिजली कभी-कभी आती थी, हमारे में तो कभी-कभी जाती है। कांग्रेस ने सिर्फ जनता को धोखा देने का काम किया है और जनता इनको अच्छे से पहचान चुकी है। कांग्रेस में अंदरुनी विवाद पर गृहमंत्री ने कहा कि पार्टी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जैसी हो गई है। इस कंपनी में कुछ लोग फ्रेंचाइजी लिए बैठे हैं। पूरे देश में पार्टी नेताओं के बीच विवाद चल रहा है और इस घमासान से राहुल गांधी को कोई लेना-देना है। ये सीपीएल (कांग्रेस प्रीमियम लीग) चल रहा है।

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 MadhyaBharat  5 May 2022

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चित्तौड़गढ़। जिले के कपासन थाना क्षेत्र में एक हृदयविदाकर घटना सामने आयी है। यहां एक मां ने अपने तीन बच्चों को फंदे पर लटकाने के बाद खुद भी फांसी लगा ली। घटना के वक्त महिला का पति बाजार गया था। हत्या और आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद की आशंका जता रही है। थानाधिकारी फूलचंद टेलर ने बताया कि घटना कछिया खेड़ी गांव के मार्ग पर आरएनटी कॉलेज के पोल्ट्री फॉर्म की है। यहां रतलाम निवासी भूरालाल पिछले सात वर्षों से रहकर मुर्गी पालन का काम करता है। बुधवार रात को भूरालाल बाजार में दूध लेने गया था। वापस आकर देखा तो पत्नी रूपा (28), बड़ी बेटी शिवानी (7), बेटा रितेश (6) और छोटी बेटी किरण (3) फांसी के फंदे पर लटके थे। पत्नी और बच्चों पर फंदे पर लटकता देख उसके होश उड़ गये। उसने रस्सी खोलने की कोशिश की लेकिन न खुलने पर उसने कैची से फंदे को काटकर नीचे उतारा। युवक ने शव को नीचे रखकर फॉर्म मालिक और पुलिस को सूचना दी। डीवाईएसपी गीता चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच पड़ताल की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने फॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेल में देखा कि महिला ने पहले एक-एक कर अपने तीन बच्चों को फंदे पर लटकाया फिर खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। डीवीआर अपने कब्जे में लेकर फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। भीलवाड़ा से एफएसएल टीम ने रात करीब 3:30 बजे पहुंची और सबूत जुटाए।

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 MadhyaBharat  5 May 2022

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भोपाल। पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव, कांग्रेस विधायक पी. सी. शर्मा और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मीडिया प्रभारी के. के. मिश्रा ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में संयुक्त ‘पत्रकार-वार्ता’को संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेता अरुण यादव ने कहा कि कांग्रेस बार- बार यही आरोप लगाती आई है कि देश-प्रदेश में जहां-जहां भी साम्प्रदायिक तनाव- दंगे हुए हैं, वहां भाजपा और इससे जुड़े संगठन के चेहरे ही बेनकाब हुए हैं, क्योंकि धर्म, छद्म हिंदुत्व, गौमाता और साम्प्रदायिकता ही इस विचारधारा के लिए राजनैतिक फसल काटने व सत्ता निर्माण का माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मप्र में भी चूंकि अगले वर्ष विधानसभा के चुनाव हैं, पिछले 15 वर्षीय शिवराज सरकार के शासनकाल में प्रगति, विकास, गरीबी, बेरोजगारी, मज़दूर, किसानों, नौजवानों व विभिन्न वर्गों के उत्थान को लेकर शिवराज सरकार सिवाय विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार तथा झूठी घोषणाओं के अलावा कुछ भी नहीं कर पाई है। लिहाजा, इस लक्ष्य प्राप्ति हेतु तनाव फैलाना, दंगे करवाना ही उसकी निगाह में अब प्रगति और विकास के दूसरे नाम व काम में तब्दील हो गए हैं। अरुण यादव ने कहा कि खरगोन के बाद बुरहानपुर में दो दिन पहले मालीवाडा स्थित हनुमान मंदिर में मूर्ति से छेड़छाड़ करने की घटना सामने आई है। सीसीटीवी कैमरों की जांच में भाजपा से जुड़े नेता का नाम सामने आया है पर अभी तक सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव में कहा कि भाजपा सरकार का बुलडोजर पक्षपातपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है। उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कल सम्पन्न भगवान परशुराम की जयंती पर कहा कि परशुराम का फरसा दुष्टों के लिए था, हमारा फरसा भी दुष्टों के खिलाफ चलेगा। क्या बुरहानपुर की घटना का आरोपी आपकी निगाह में दुष्ट है या राष्ट्रवादी? स्पष्ट किया जाए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि समाज विरोधी घटनाएं चाहे किसी भी धर्म, समुदाय और राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति द्वारा क्यों न की जाए उसके विरुद्ध निष्पक्षता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए।

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 MadhyaBharat  4 May 2022

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उज्जैन। फिल्म अभिनेत्री तनुश्री दत्ता मंगलवार को भगवान महाकाल के दर्शन करने के लिए उज्जैन पहुंची थी। उज्जैन जाते समय उनकी कार के ब्रेक फेल होने से वह दुर्घटना का शिकार हो गईं। हालांकि, उन्हें पैर में मामूली चोट आई हैं। इसके बाद उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन भी किए। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी शेयर की है।   तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम पर अपने फोटो पोस्ट शेयर किए हैं, साथ ही एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें वे महाकाल के दर्शन कर बाहर आ रही हैं। तनुश्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि दुर्घटना से पैर में कुछ टांके आए हैं। जय श्री महाकाल। उन्होंने वीडियो के साथ लिखा कि यह मेरे जीवन की पहली दुर्घटना थी, जिसने मेरे संकल्प और विश्वास को और मजबूत बना दिया है। मैं उतनी खुशकिस्मत नहीं हूं, जितना मैं खुद को मानती हूं।   तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम पर जो फोटो शेयर किए हैं, उनके एक फोटो पैर का है, जिसमें उन्हें चोट लगी है। उन्होंने फोटो के साथ लिखा कि 'आज का दिन बहुत एडवेंचरस था। महाकालेश्वर के दर्शन हो गए, मंदिर जाते वक्त गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए। बस कुछ टांके लगे हैं, जय श्री महाकाल।

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 MadhyaBharat  3 May 2022

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इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर खरगोन हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यहां रामनवमी पर हुई हिंसा को रोक नहीं पाना शासन व प्रशासन की असफलता है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा में शामिल दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम हो।   दिग्विजय सिंह मंगलवार को ईद के मौके पर इंदौर पहुंचे थे। यहां उन्होंने सुबह सदर बाजार मस्जिद में शहर काजी की अगवानी की और ईद की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि त्योहार मिलाप का है, सौहार्द बढ़ाता है। प्रेम और भाईचारा बढ़ाते हैं। सभी को मिलकर इसे मनाना चाहिए।   उन्होंने खरगोन दंगों को लेकर कहा कि यहां हिंसा के दो सप्ताह बाद भी कर्फ्यू लगा हुआ है। ईद के दिन ईदगाह में नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। यह शासन-प्रशासन की असफलता है। लोगों में प्रेम, सद्भाव का भाव जो बिगड़ा हुआ है, प्रशासन वह नहीं सुधार पा रहा है। रामनवमी के दिन सुबह जूलुस निकला, जिसमें मुस्लिमों ने पानी पिलाया। वह प्रेम और सद्भाव के साथ खत्म हो गया था। फिर दूसरी बार जूलुस क्यों निकाला गया। इनके बाद नियमों को तोड़ा गया। इसकी जांच होनी चाहिए। जिन लोगों ने शहर का माहौल बिगाड़ने का काम किया है, जिन्होंने पत्थर फेंकें, जिन्होंने आग लगाई, जिन्होंने तलवारें मारी, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।   उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि मेरे मुख्यमंत्री काल में जब बाबरी मस्जिद ढांचा ढहाया गया था, तो पूरे प्रदेश में कुछ घटनाएं हुई थी। लेकिन दंगा नहीं हुआ था। इसे हमारी सरकार ने संभाल लिया था। वहीं, लाउडस्पीकर को लेकर चल रहे विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि यह सब बकवास है। यह सभी जनता का ध्यान मूल मुद्दों से हटाकर दूसरी ओर करने के लिए किया जा रहा है। हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं। जनता महंगाई को लेकर त्रस्त है।   इंदौर की सदर बाजार ईदगाह पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शहर काजी इशरत अली की अगुवाई की और स्वागत किया। उन्होंने सभी को ईद की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि ईद के मौके पर वह संयोग से इंदौर में थे और वह जहां भी रहते हैं, ईद मनाने के लिए ईदगाह में जाते हैं।   दिग्विजय सिंह के बयान पर भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देतेहुए कहा कि परशुराम जयंती और ईद के दिन भी जहरखुरानी की आदत से मजबूर आदमी शुभकामना और मुबारकबाद देने से ज्यादा खरगोन दंगों के जख्म कुरेद रहे हैं। एक बार फिर हिंदुओं पर आरोप लगा रहे हैं कि दंगा रामनवमी का जुलूस निकालने वालों की करतूत है। ये कांग्रेस के नेता से ज्यादा देवबंदी धड़े के मौलाना जैसा व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।

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 MadhyaBharat  3 May 2022

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भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सिवनी जिले के आदिवासी ब्लॉक कुरई में दो आदिवासी युवकों की हत्या तथा एक आदिवासी युवक के गंभीर रूप से घायल होने की घटना को अत्यंत दुखद बताया है। कमलनाथ ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तीन वरिष्ठ नेताओं की एक कमेटी गठित की है, जो घटनास्थल पर जाकर पीडि़त परिवारों से मिलेगी और घटना की सम्पूर्ण जानकारी लेकर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रस्तुत करेगी। कमेटी में विधायक ओंकार सिंह मरकाम, विधायक डॉ.अशोक मार्सकोले और विधायक नारायण पट्टा के नाम शामिल है। बता दें कि मंगलवार को सिवनी के कुरई थाना अंतर्गत बादल पार चौकी क्षेत्र में गोमांस तस्करी के शक में तीन आदिवासियों को लाठियों से जमकर पीटा गया। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, वहीं एक युवक घायल है। मृतकों के परिजन का आरोप है कि हत्या करने वाले बजरंग दल से जुड़े हैं। मौत की खबर से गुस्साए ग्रामीणों ने जबलपुर-नागपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

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 MadhyaBharat  3 May 2022

bhopal, Juna Peethadheeshwar , Chief Minister

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भगवान परशुराम के जन्मोत्सव और अक्षय तृतीया पर प्रदेश की राजधानी के प्राचीन गुफा मंदिर में जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज के साथ भगवान परशुराम की 21 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी की है, सबका विकास करना, सभी को साथ लेकर चलना यह सरकार का कार्य है, प्रधानमंत्री मोदी भी इस बात पर सबसे अधिक जोर दे रहे हैं। मध्यप्रदेश में सभी के कल्याण के लिए कार्य करने हमारी सरकार कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि सामान्य वर्ग के ब्राह्मण एवं अन्य समाज के जो निर्धन परिवार हैं उनके लिए सहयोग की कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। सम्बल योजना के साथ जिन भी योजनाओं का लाभ या अन्य कुछ सहयोग की आवश्यकता होगी वह किया जाएगा। संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। बच्चे संस्कृत पढ़ें और वेद विद्या को आगे ले जाएं। कार्यक्रम में सर्वप्रथम देव पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, आह्वान किया गया। सुबह के समय सात बजे से दुर्गा मंदिर लालघाटी से कलश यात्रा आरंभ होकर गुफा मंदिर पहुंची, जिसमें 5100 महिलाएं सिर पर कलश रखकर चलीं। कलश यात्रा के मंदिर पहुंचते ही भजनों की भावमय प्रस्तुति होने के साथ ही ग्यारह सौ ब्राह्मणों में सामूहिक स्वस्तिवाचन किया। शुभ मुहूर्त में 500 बच्चों का जनेऊ संस्कार होने के साथ जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के आशीर्वचन भी हुए। इस अवसर महंत रामप्रवेश दास महाराज, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, अनेक मंत्री, पुरोहित, अन्य संत, महात्मागण समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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 MadhyaBharat  3 May 2022

bhopal, Chief Minister Chouhan, planted saplings

भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को राजधानी भोपाल के स्मार्ट सिटी उद्यान में पत्रकार सचिन चौधरी और अवधपुरी कंचन नगर रहवासी जन-कल्याण समिति के सदस्यों के साथ अमरूद और गुलमोहर का पौधा लगाया। इस दौरान समिति की रीता सिंह, अजय सिंह सेंगर, प्रवीण देशपांडे और श्याम कृष्ण सोनी ने पौध-रोपण किया।   बता दें कि अवधपुरी कंचन समिति द्वारा पर्यावरण-संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर करते हुए प्रतिवर्ष लगभग 60 पौधे लगा कर उनकी देखभाल भी की जाती है। स्वच्छता के क्षेत्र में भी कार्य करते हुए कॉलोनी के हर घर से गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र करवाया जाता है। साथ ही अपने संसाधनों से कॉलोनी में बेहतर साफ-सफाई के साथ रहवासियों तथा नागरिकों को जागरूक भी किया जाता है।   उल्लेखनीय है कि गुलमोहर को विश्व के सुंदरतम वृक्षों में से एक माना गया है। यह औषधीय गुणों से भी समृद्ध है। अमरूद का प्राचीन संस्कृत नाम अमृत या अमृत फल है। अमरूद स्वादिष्ट होने के साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है।

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 MadhyaBharat  3 May 2022

bhopal,Eid festival , celebrated with pomp, across the state

भोपाल। देशभर में मंगलवार को ईद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कोरोना के दौर के दो साल बाद मनाए जा ईद को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश में भी ईद की धूम देखने को मिल रही है। मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच भोपाल के ईदगाह मस्जिद से लेकर पूरे प्रदेश में नमाज पढ़ी गई। लाखों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज़ में शामिल हुए और एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। साथ ही देश में अमन चैन शांति के लिए दुआ भी मांगी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने भी चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।   भोपाल के ईदगाह , ताजुल मस्जिद, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद समेत शहर भर की मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई। मंगलवार सुबह सात बजे ईदगाह पर ईद की विशेष नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में सुबह 7:15 पर तथा ताजुल मस्जिद पर सुबह 7:30 बजे की ईद की विशेष नमाज अदा की गई। इसके बाद शहर की अन्य मस्जिदों में अलग-अलग समय पर नमाज अदा की जा रही है। एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है। घरों पर आने वाले मेहमानों को मुस्लिम समाज के लोग सिवइयों से मुंह मीठा करा रहे है। इसके बाद मेहमानों को ईदी भेंट करेंगे।   वहीं, दूसरी ओर भोपाल में त्योहारों के मद्देनजर पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। भोपाल में सुरक्षा के लिहाज से 3000 से अधिक पुलिस बल की तैनाती की गई है। बताया जा रहा है कि मस्जिदों और कलश यात्रा पर पुलिस की विशेष नजर है। पुलिस ड्रोन से निगरानी कर रही है और कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग भी की जा रही है।

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 MadhyaBharat  3 May 2022

bhopal,Dr. Govind Singh,reached state office

भोपाल। मप्र विधानसभा में नव नियुक्त नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह सोमवार दोपहर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे, जहां प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनको पुष्प गुच्छ भेंट कर और पुष्पमाला पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के सभा कक्ष में प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष और संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर, उपाध्यक्ष प्रकाश जैन और महामंत्री प्रशासन प्रभारी राजीव सिंह सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष और जनता की आवाज पूरी ताकत के साथ उठाई जायेगी। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए हम अभी से जुट जायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ जी के नेतृत्व में आगामी चुनाव पूरी तैयारी के साथ भाजपा सरकार में व्याप्त बेतहाशा महंगाई, ध्वस्त कानून-व्यवस्था, जनहित के अन्य मुद्दों के आधार पर लड़ा जायेगा। वहीं भाजपा की जनविरोधी नीतियों का आगामी विधानसभा चुनाव में पर्दाफाश करेंगे और जनता के हकों और सम्मान की लड़ाई पूरी मुस्तैदी से लड़ेेगे।

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 MadhyaBharat  2 May 2022

bhopal,Daughters contribute ,Chief Minister Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि युवाओं में साहस और देश-भक्ति की भावना प्रबल करने के लिए उन्हें देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की अनुभव यात्रा कराने के उद्देश्य से "माँ तुझे प्रणाम योजना" शुरू की गई थी, जो कोविड के कारण स्थगित रही। प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मियों को पंजाब के वाघा और हुसैनीवाला बार्डर भेजकर योजना का आज पुन: शुभारंभ किया जा रहा है। बेटियों के चरण पड़ने से शुरू हो रही यह यात्रा प्रदेश के युवाओं में आत्म-विश्वास बढ़ाने और देश के लिए समर्पण का भाव जागृत करने वाली सिद्ध होगी।   उन्होंने लाड़ली लक्ष्मियों को प्रेरित करते हुए कहा कि लाड़ली लक्ष्मी का अर्थ है- "बड़ा लक्ष्य तय करना, आत्म-विश्वास से भरे रहना और जो निश्चय किया है उस पर दृढ़ रहना।" उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि "आज मेरी बेटियाँ इतनी बड़ी हो गई हैं।" भगवान इन पर कृपा बनाए रखे, आशीर्वाद की वर्षा करे और बेटियाँ देश एवं समाज के विकास तथा प्रगति में योगदान करने में सक्षम बनें।   मुख्यमंत्री चौहान सोमवार को भोपाल के रवींद्र भवन से योजना का पुन: शुभारंभ कर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, अपर मुख्य सचिव महिला-बाल विकास अशोक कुमार शाह, प्रमुख सचिव खेल एवं युवक कल्याण दीप्ति गौड़ मुखर्जी, खेल संचालक रवि कुमार गुप्ता, भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्र गीत वंदे-मातरम के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने योजना में पंजाब के वाघा और हुसैनीवाला बार्डर जा रही 178 लाड़ली लक्ष्मियों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। उन्होंने दल प्रभारियों को सीमा पर तैनात वीर जवानों को भेंट किये जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज तथा स्मृति-चिन्ह सौंपे।   मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर देश की रक्षा के लिए डटे सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करने, देश की रक्षा करते हुए शहीदों को नमन करने और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की कठिन परिस्थितियों से प्रदेश के युवाओं को रू-ब-रू कराने के उद्देश्य से “माँ तुझे प्रणाम” योजना में अनुभव यात्राएँ की जा रही हैं। उन्होंने यात्रा में जा रही बेटियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सैनिकों से उनके अनुभवों, कार्य की चुनौतियों के बारे में बातचीत आवश्य करें। सीमा क्षेत्र की शौर्य से भरी मिट्टी का तिलक करें, मिट्टी अपने साथ लाये और अपने शहर, गाँव, मोहल्ले के लोगों के साथ अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए सीमा क्षेत्र की मिट्टी से अपने परिजन और परिचितों का तिलक भी करें।   खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान प्रदेश की बेटियों के सिर्फ मामा नहीं हैं, वे पिता और भाई के रूप में भी बेटियों के संरक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू लाड़ली लक्ष्मी योजना को देश के कई राज्यों द्वारा अपनाया गया। बेटियों को देश की सीमाओं पर अनुभव यात्रा पर भेजने की मुख्यमंत्री चौहान की इस पहल का भी अन्य राज्य अनुसरण करेंगे। उन्होंने बताया कि यात्रा पर जा रही बेटियाँ जलियांवाला बाग देखेंगी और स्वर्ण मंदिर के भी दर्शन करेंगी।   8 मई को हर गाँव और शहर में मनाया जाएगा लाड़ली लक्ष्मी दिवस मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2007 से आरंभ हुई लाड़ली लक्ष्मी योजना से अब तक 43 लाख बेटियों लाभान्वित हुई हैं। लाड़ली लक्ष्मियों का भविष्य बेहतर हो, वे हर क्षेत्र में सक्रिय रहें और अपने लक्ष्य प्राप्त करें, इसके लिए आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा व्यवस्थाएँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि 8 मई को प्रदेश के हर गाँव और शहर में लाड़ली लक्ष्मी दिवस मनाया जाएगा।   मामा शिवराज की लाड़ली बेटियाँ हैं हम वाघा बॉर्डर जाने वाली शिवपुरी की लाड़ली लक्ष्मी हिमांशी झा ने कहा कि अगर हमारा नाम लाड़ली लक्ष्मी योजना में नहीं होता तो हम आज यहाँ नहीं होते। हिमांशी ने कहा कि मामा शिवराज की हम लाड़ली बेटियां हैं, हम बॉर्डर पर जा कर नई चीजें सीखेंगे और नई जगह भ्रमण कर ये जानेंगे कि सरहद पर हमारे सैनिक किस तरह से देश की रक्षा में तैनात रहते हैं।   कभी सोचा न था कि हम जाएंगे वाघा बॉर्डर डिंडोरी की 10वीं की छात्रा राधा नंदा कहती हैं कि कभी सोचा भी न था कि हम वाघा बॉर्डर भी जा सकेंगे। हमारे शिवराज मामा न सिर्फ हमारी पढ़ाई की चिंता करते हैं बल्कि हममें आत्म-विश्वास पैदाकर देशभक्ति और साहस की भावना को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। इसी क्रम में हमें माँ तुझे प्रणाम योजना के माध्यम से वाघा बॉर्डर जाने का मौका भी दिया है।   हम बेटियों का सौभाग्य है कि हमें मुख्यमंत्री जैसे मामा मिले भोपाल की अमृता पवार ने कहा कि मध्यप्रदेश की बेटियों का सौभाग्य है कि मुख्यमंत्री जी हमारे मामा हैं। हमें बहुत खुशी है कि हमें मामा जी ने देश की सरहद को देखने का मौका दिया है। हमें वाघा बॉर्डर में देश की रक्षा करने वाले जवानों से मिलने का मौका मिलेगा।   बहुत प्राउड फील हो रहा है सिवनी की सपना चौधरी ने कहा की हमें बहुत प्राउड फील हो रहा है कि हम लाड़ली लक्ष्मियाँ देश की सरहद पर जा कर अपने गाँव की मिट्टी से उन सैनिकों का तिलक करेंगे, जो हर क्षण हमारी रक्षा के लिए तैनात हैं।   दो माँ के बराबर प्यार देते हैं हमारे शिवराज मामा खंडवा की प्रियांशी पटेल कहती हैं "माँ तुझे प्रणाम" योजना से जुड़कर बहुत खुश हूँ। मैं अपने शिवराज मामा जी का धन्यवाद करती हूँ, जो हमें दो माँ के बराबर प्यार और दुलार करते हैं।   योजना के पुनः प्रारंभ होने पर वाघा बॉर्डर जाने वाली पहली यात्रा में भोपाल संभाग से 20, इंदौर संभाग से 31, ग्वालियर से 15, उज्जैन से 26, नर्मदापुरम से 11, शहडोल से 15, रीवा से 12, चंबल से 9, सागर से 26 और जबलपुर संभाग से 31 लाड़ली लक्ष्मी बेटियाँ शामिल हैं। इनके साथ खेल विभाग के 12 अधिकारी और 6 पुलिस आरक्षक भी यात्रा पर जाएंगे।

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 MadhyaBharat  2 May 2022

indore, Trolley coming ,wrong direction,trampled five, three died

इंदौर। जिले के बेटमा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। सभी लोग हाइवे पर बस का इंतजार कर रहे थे तभी गलत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्राले ने उन्हें टक्कर मार दी। पांचों को टक्कर मारते हुए ट्राला पास ही होटल के बाहर खड़ी गाड़ियों को टक्कर मारते हुए खेत में उतर गया। टक्कर से गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। बेटमा थाना पुलिस के अनुसार, हादसा रविवार की रात करीब 12 बजे महू-नीमच रोड पर घाटा बिल्लौद चौकी के समीप चौधरी की होटल के सामने हुआ। हादसे में किशोर (30) पुत्र शालिग्राम बागरी निवासी नयापुरा राऊ, महेश (35) पुत्र छोगालाल निवासी घाटा बिल्लौद और विक्रम (32) पुत्र परसराम बागरी निवासी घाटा बिल्लौद की मौत हो गई। महेश और राजकुमार घायल हैं। घायलों में से एक ने बताया कि घाटा बिल्लौद में शादी में मेहमान आए थे। वह उन्हें छोड़ने के लिए हाइवे तक आए थे। महू-नीमच रोड पर वह यात्री बस का इंतजार कर रहे थे, तभी इंडोरामा की ओर से ट्राला जीजे 10 टीएक्स 9194 तेज गति से आया और हम पांचों को चपेट में लेता हुआ निकल गया। और पास ही होटल के बाहर खड़ी हुई दो कारों को टक्कर मारकर और होटल के फाउंटेन को तोड़ते हुए खेत में गिर गया।   हादसे में किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। दो घायलों का इलाज चल रहा है। यह पूरा हादसा होटल में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।     चालक को लोगों ने पीटा   आरोपित ट्रक ड्राइवर को जब आक्रोशित जनता ने बाहर निकाला तो वह ग्रामीणों से ही पूछने लग गया कि क्या हो गया। उसे क्यों पकड़ रहे हो। इस पर गुस्साए लोगों ने उसे बाहर निकालकर पीट दिया। इसी बीच पुलिस का अमला भी वहां पर पहुंच गया था और उसे पकड़कर थाने ले आए।   नशे में धुत था ड्राइवर बेटमा थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि आरोपित ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका नाम कुंदन पुत्र रतन डाबर निवासी ग्राम देगांव, धरमपरी जिला धार है। उसे जब थाने लाए तो वह नशे की हालत में था। हादसे और मारपीट के कारण उसे चोट आई है। आरोपित थाने आने के बाद भी होश में नहीं था। नशे के कारण ही उसका ट्राले पर कंट्रोल नहीं रहा और वह रांग साइड लेकर आया और टक्कर मार दी।   तो एक और मौत हो जाती घायल राजकुमार ने पुलिस को बताया कि उसने ट्राले को बेकाबू रफ्तार से आते देख लिया था। वह दूसरों को सावधान कर पाते तब तक दुर्घटना हो गई। घायल महेश का हाथ पकड़कर अपनी तरफ खींचा। अगर उसे नहीं खींचते तो ट्राला उसे भी कुचल देता। वहीं कार में सवार परिवार भी कुछ सेकंड पहले ही कार से उतरकर होटल के अंदर गया था। मामले में ग्रामीण एसपी भगवंतसिंह ने बताया कि आरोपित ड्राइवर के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है और कार्रवाई कर रही है।

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 MadhyaBharat  2 May 2022

bhopal, Mass singing , Vande Mataram , Mantralaya

भोपाल। राष्ट्रीय गीत वंदे-मातरम एवं राष्ट्र गान "जन गण मन" का सामूहिक गायन सोमवार को मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में हुआ। इस दौरान पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की।   इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, अपर मुख्य सचिव शैलेंद्र सिंह, सचिव डॉ. श्रीनिवास शर्मा सहित मंत्रालय, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।   गौरतलब है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में हर महीने प्रथम कार्यदिवस के अवसर पर सामूहिक वंदे-मातरम गायन किया जाता है।

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 MadhyaBharat  2 May 2022

bhopal, MP Corona again ,picked up speed

भोपाल। देश की राजधानी दिल्ली सहित अन्य क्षेत्रों में चल रही कोरोना के संक्रमण की चौथी लहर का खतरा मप्र में भी बढ़ने लगा है। नए मरीजों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। पिछले सप्ताह की तुलना में बीते सात दिनों में कोरोना के नए केस ढाई गुना बढ़ गए हैं। पिछले हफ्ते में 73 मामले आए थे वहीं बीते सात दिनों में 191 नए पॉजिटिव मिले हैं। वहीं एक्टिव केस बढ़कर 190 पर पहुंच गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 190 पर पहुंच गई है। इसके अनुसार इंदौर में 51, भोपाल में 35, ग्वालियर में 28, मुरैना में 20, शिवपुरी में 13, टीकमगढ़ में 9, जबलपुर में 6, गुना, सागर में 4-4, दतिया, झाबुआ, रायसेन में 3-3, छतरपुर, राजगढ़, उज्जैन में दो-दो और बालाघाट, बैतूल, हरदा, खंडवा, मंंदसौर में एक-एक एक्टिव केस हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस समय कोरोना के मामले जरूर बढ़ रहे हैं। लेकिन हॉस्पिटल एडमिशन रेट 1%से भी कम है। वर्तमान में कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व 47177 बेड्स पर सिर्फ 18 मरीज भर्ती हैं। इनमें कोरोना के 14 संदिग्ध मरीज भी शामिल हैं। डॉक्टरों की मानें तो अस्पताल में दूसरी बीमारी के लक्षणों के कारण अस्पताल पहुंचे मरीजों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट आने तक उन्हें संदिग्ध मानकर अलग आइसोलेट किया जाता है। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार भोपाल में दो कोरोना संदिग्ध और इंदौर में एक कोरोना पॉजिटव ही एडमिट हैं।

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 MadhyaBharat  2 May 2022

bhopal, Dawoodi Bohra society,celebrating Eid festival

भोपाल। मध्य प्रदेश में इस्लामिक त्योहार ईदुल-फितर आज सोमवार से मनाया जाना आरंभ हो गया है। सबसे पहले दाऊदी बोहरा समाज ने इसकी शुरूआत की है। बोहरा समुदाय चांद की तस्दीक की बजाए हिंदी तिथि से रमजान की शुरुआत कर तीस रोजे पूरे कर ईद का त्यौहार मनाते हैं। मीठी ईद का उल्लास शहर की 15 मस्जिदों-मरकजों में दिखाई दे रहा है। सुबह फजर की नमाज के बाद ईद की विशेष नमाज खुतबा अदा की गई।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया ''दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्म गुरु सैय्यदना मुफद्दल सैफउद्दीन साहब एवं समुदाय के सभी भाई-बहनों को #EidUlFitr की बहुत-बहुत बधाई! आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि बढ़े, खुशहाली आये, यही शुभकामनाएं!''   दाउदी बोहरा समाज के मीडिया प्रभारी मज़हर हुसैन सेठजी वालाएवं बुरहानुद्दीन शकरूवाला ने इस संबंध में बताया कि हमारे 53वें धर्मगुरु हिज होलिनेस सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की उम्र दराजी के साथ देश की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ की जा रही है, इसी के साथ ईद की नमाज के बाद खुशी की मजलिस है।   उन्होंने बताया कि दाऊदी बोहरा समुदाय ने हैदरी मस्जिद अलीगंज, हुसैनी मस्जिद पीरगेट, बद्री मस्जिद सैफिया कॉलेज, अहमदी मस्जिद कब्रिस्तान, नजमी हाल नूरमहल, बुरहानी मस्जिद कारोद, इज़ी मोहल्ला कोहेफिजा में ईद की नमाज अदा की व्यवस्था की गई । इन दोनों का कहना है कि आज सैफी नगर मस्जिद में शब्बीर भाई मिलंदी वाला, न्यु सैफी नगर मरकज़ पर शेख मोईज चोपड़ वाला, बोहरा बाखल मस्जिद में शेख अली अकबर भाई बड़वाह वाला सियागंज मस्जिद में आमिल युनुस भाईसाहब वज़ीरी, बद्रीबाग मरकज़ में आमिल अली असगर हकीमी, छावनी मस्जिद में मुस्तफा भाई लुनावाड़ा वाला ईद की नमाज अदा कराने के लिए चुना गया।   उल्लेखनीय है कि दाउदी बोहरा समुदाय इस्लाम की शिया इस्माइली शाखा के भीतर एक धार्मिक संप्रदाय है। उनकी सबसे बड़ी संख्या भारत, पाकिस्तान, यमन, पूर्वी अफ्रीका और खाड़ी राज्यों में रहती है। इसके अलावा मध्य पूर्व देशों, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी महत्वपूर्ण संख्या में दाउदी बोहरा समुदाय उपस्थित है ।   बोहरा शब्द, गुजराती शब्द वोहरू एवं व्यवहार से आया है, जिसका अर्थ है "व्यापार", उनके पारंपरिक व्यवसायों और परंपराओं के अनुसार आज भी दाउदी बोहरा समुदाय में ये व्यावसायिक प्रथा जारी है। दाऊदी बोहरा शिया और सुन्नी दोनों होते हैं। दाऊदी बोहरा ज़्यादातर शियाओं से समानता रखते हैं।   सभी मुसलमानों की तरह, वे दिन में पांच बार नमाज़ पढ़ते हैं, रमजान के महीने में रोज़ा रखते हैं, हज और उमरा करते हैं और ज़कात देते हैं। दाउदी बोहरा समुदाय सदियों पुराने सिद्धांतों के एक समूह द्वारा एकजुट हैं। विश्वास के लिए एक अटूट प्रतिबद्धता। स्थानीय कानून का पालन करने वाले नागरिक होने और जिस देश में वे रहते हैं, उसके लिए एक वास्तविक प्रेम विकसित करना, समाज, शिक्षा, कड़ी मेहनत और समान अधिकारों के मूल्य में विश्वास, अन्य धार्मिक विश्वासों के साथ जुड़ाव, पर्यावरण और उसके प्रतिवेश सभी प्राणियों की देखभाल करने की जिम्मेदारी में अपना जीवन बिताते हैं।

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 MadhyaBharat  2 May 2022

bhopal, Chief Minister Chouhan, planted saplings

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को राजधानी भोपाल के स्मार्ट सिटी उद्यान में मौलश्री और गुलमोहर के पौधे लगाए। इस मौके पर भोपाल की नुपुर कुंज सोसायटी के सदस्य नितेश जैन, डॉ. कुमुदनी शर्मा, हेमंत पडोडे, संजय खोशल और श्रीमती ऋचा जैन ने भी पौध-रोपण किया।   बता दें कि सोसायटी के सदस्यों द्वारा प्रत्येक रविवार को अपने रहवास क्षेत्र में साफ-सफाई कर कचरे के प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। आमजन और राहगीरों के लिए पीने के ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। सोसायटी अपने दोनों गार्डन में प्रत्येक माह पौध-रोपण का विशेष कार्यक्रम करती है और सौंदर्यीकरण के लिए फाउंटेन भी लगाया गया है। सोसायटी के सदस्य पौधों के रखरखाव की जिम्मेदारी के साथ नगर निगम के स्वच्छता संबंधी कार्यों में पूर्ण सहयोग प्रदान करती है।   उल्लेखनीय है कि गुलमोहर को विश्व के सुंदरतम वृक्षों में से एक माना गया है। यह औषधीय गुणों से भी समृद्ध है। मौलश्री एक सुपरिचित वृक्ष है। इसका सदियों से आयुर्वेद में उपयोग होता आ रहा है।

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 MadhyaBharat  1 May 2022

sehore, Campaign , plant trees ,Hariyali Amavasya

सीहोर। महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 ईश्वरानंद उत्तम स्वामी महाराज के नेतृत्व में नर्मदा परिक्रमा यात्रा के समापन अवसर पर रविवार को सीहोर जिले के नर्मदा आंवलीघाट में नर्मदा सेवा मिशन द्वारा नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। नर्मदा परिक्रमा में 182 यात्रियों द्वारा 3445 किलोमीटर की यात्रा 165 दिन में पूरी की गई। नर्मदा परिक्रमा का संयोजन तपन भौमिक द्वारा किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा यात्रा जल संरक्षण और संवर्धन के लिए उपयोगी साबित होगी।   उन्होंने कहा कि नर्मदा अविरल कल-कल छल-छल बहती रहे, इसके लिए जरूरी है कि नर्मदा के दोनों तटों पर तथा नर्मदा के कैचमेंट एरिया में अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाए। इसके साथ ही नर्मदा तट के किसान अपने खेतों में फलदार पेड़ लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा के पावन जल को दूषित होने से रोकने के लिए मल एवं गंदगी को नर्मदा में जाने से रोकना होगा। नर्मदा के कैचमेंट एरिया में जहां भी यूकेलिप्टस के पेड़ लगे होंगे, उन्हें हटाना होगा। यूकेलिप्टस पानी को अवशोषित कर धरती को बंजर बना देता है।   उन्होंने कहा कि साल के पेड़ अधिक से अधिक लगाए जाएंगे, क्योंकि साल के पेड़ अपनी जड़ों से पानी छोड़ते हैं, जो छोटी-छोटी धाराओं के रूप में नर्मदा में मिलता है और नर्मदा की धार को अविरल बनाता है। नर्मदा का संरक्षण और संवर्धन केवल सरकार अकेले के बस की बात नहीं है, इसके लिए पूरे समाज को मिलकर काम करना होगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी हरियाली अमावस्या के अवसर पर पेड़ लगाने का अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान से पूरे समाज को जोड़ा जाएगा और हरियाली अमावस्या से हर रोज एक माह तक अधिक से अधिक पेड़ लगाए लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद पेड़ लगाने के स्थान और पेड़ की प्रजातियां निर्धारित करेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों को पेड़ लगाने और नर्मदा में गंदगी नहीं डालने का संकल्प भी दिलाया।   अमरकंटक के मेंकल पर्वत पर नही दी जाएगी निर्माण की अनुमति मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के मेंकल पर्वत पर किसी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमरकंटक आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्वत के नीचे होटल, रेस्टोरेंट आदि के लिए अनुमति रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं। नरवाई जलाने से धरती की उर्वरता नष्ट होती है। कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएं, शुरुआती दौर में वे कम भूमि पर प्राकृतिक खेती करें।   मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि वह गाय पालन करें, इससे उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए बड़ी मदद मिलेगी और सरकार की ओर से हर माह 900 रुपये गाय पालन के लिए दिया। अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत नर्मदा के दोनों और अधिक से अधिक तालाब बनाना होगा इससे भूजल का स्तर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा परिक्रमा से लोगों में जागरुकता आएगी, जो नर्मदा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए उपयोगी साबित होगी।   नर्मदा परिक्रमा जन जागरूकता के लिए महत्वपूर्णः वीडी शर्मा कार्यक्रम में सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा जन जागरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इससे लोगों में मां नर्मदा के प्रति आस्था एवं उसके संरक्षण तथा संवर्धन की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मां नर्मदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए अपने स्तर पर कार्य कर रही है, लेकिन इससे लोगों का और समाज का जुड़ना जरूरी है।   165 दिन की यात्रा का अनुभव अद्भुत- महामंडलेश्वर ईश्वरानंद उत्तम स्वामी नर्मदा परिक्रमा यात्रा के प्रमुख महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 ईश्वरानंद उत्तम स्वामी ने कहा कि इस 165 दिन की यात्रा का अनुभव बहुत अद्भुत है, इसे कम समय में व्यक्त करना संभव नहीं है। इस परिक्रमा से समाज में चेतना का संचार हुआ है, जो यात्रा के दौरान ही दिखाई दे रहा था। आमजन परिक्रमा यात्रा के सहयोग के लिए स्वप्रेरणा से आगे आ रहे थे।   कार्यक्रम में सांसद रमाकांत भार्गव, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, परिक्रमा यात्रा के संयोजक तपन भौमिक, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, मां कनकेश्वरी देवी तथा स्वामी राजेंद्र दास ने भी संबोधित करते हुए कहा कि नर्मदा की संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।   मुख्यमंत्री चंपालाल के घर पहुंचे कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री चौहान रेहटी तहसील के ग्राम मोगरा में चंपालाल मेहरा के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार की कुशलता पूछी और योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को दुलार किया और परिजनों के साथ फोटो खिंचाई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को पढ़ाई में कड़ी मेहनत करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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 MadhyaBharat  1 May 2022

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भोपाल। राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया रविवार को जयपुर से राजधानी भोपाल पहुंचे। किसान नेता एवं कृषि मंत्री कमल पटेल के चार इमली भोपाल स्थित निवास पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच किसानों और समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। कृषि मंत्री कमल पटेल ने इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं पर तंज कसते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत- भ्रष्टाचार मुक्त भारत के नारे को मध्यप्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह और राजस्थान में अशोक गहलोत पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेश और राजस्थान में घोषणा पत्र के बजाय वचन पत्र पूरा करने का सपना जनता को दिखाया था। वह न तो मध्यप्रदेश में और ना ही राजस्थान में पूरा हुआ। मध्यप्रदेश में वचन देने के नाम पर किसानों को ठगने के साथ धोखा दिया गया। वही राजस्थान में भी कांग्रेस ने सभी वर्गों के साथ छल कपट किया है। कृषि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस आने वाले विधानसभा चुनावो में दोबारा वचन पत्र लाने का अलाप कर रही है तो इस बार कांग्रेस के वचन पत्र पर जनता बहिष्कार करने के साथ आखिरी धक्का भी देगी। क्योंकि कांग्रेस दिशाहीन होने के साथ नेतृत्वहीन भी हो गई है।

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 MadhyaBharat  1 May 2022

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सतना। सतना जिले के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक के घर रविवार सुबह 5 बजे के लगभग रीवा की ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने छापामारी कार्यवाही कर अब तक एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा किया है। जारी कार्यवाही से अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां अभी और भी संपत्ति का खुलासा हो सकता है। जानकारी के मुताबिक रीवा के ईओडब्ल्यू ने आज सुबह सतना जिले के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में वैज्ञानिक के पद पर पदस्थ सुनील कुमार मिश्रा के घर में छापेमार कार्यवाही की है। मारुति नगर में स्थित सुनील कुमार मिश्रा के निवास पर शुरू हुई कार्यवाही से चौकाने वाले तथ्यों का उजागर हुआ है। इस कार्यवाही में प्राथमिक रूप से 30 लाख रुपये नगद, 25 लाख रुपये कीमत के सोने चांदी के जेवर और स्मार्ट सिटी से लगा। हुआ 7 एकड़ का एक फार्म हाउस होने का खुलासा हुआ है। बता दें कि वैज्ञानिक सुनील कुमार मिश्रा ने अब तक की अपनी सरकारी नौकरी के दौरान महज 30 से 35 लाख रुपये की ही सैलरी पाई है। इसके बावजूद इसकी अभी तक की एक करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा हो चुका है। ईओडब्ल्यू की टीम को उम्मीद है कि अभी और भी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।   छापामार कार्यवाही ईओडब्ल्यू के टीआई मोहित सक्सेना, प्रवीन चतुर्वेदी सहित 25 सदस्य टीम कर रही है इस कार्यवाही के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है ईओडब्ल्यू को इस बात की शिकायत मिली थी कि वैज्ञानिक सुनील कुमार मिश्रा ने गलत तरीके से बेनामी संपत्ति की कमाई की है।

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 MadhyaBharat  1 May 2022

bhupendra gupta congress

  भूपेन्द्र गुप्ता (लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं)   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार पेट्रोल डीजल की कीमतों के बढ़ने से पांव पसार रही महंगाई पर चिंता जाहिर की है। भले ही इसके लिए उन्होंने राज्यों को जिन्होंने वेट टेक्स नहीं घटाया जिम्मेदार बताकर अपनी इतिश्री कर ली हो लेकिन इतना तय है कि तेल की धार और गरीबों पर मार बदस्तूर जारी है।  अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में क्रूड तेल की कीमतें घट रही हैं,रूस 35 डालर प्रति बेरेल का डिस्काउंट देने तैयार है।रूस से सस्ता क्रूड खरीदने पर अमरीका को आपत्ति भी नहीं है।ब्रेंट क्रूड के दामों में भी लगभग 8 डालर की कमी आई है मगर इसका असर भारतीय बाजार पर नहीं दिख रहा है। हालांकि यह बार-बार  कहा जा रहा है कि पेट्रोल की कीमतें बाजार की कीमतों से जुड़ी हुई है।  नवंबर 21 में चीन द्वारा खरीदी रोक देने के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में 10% क्रेस हुई थी जिसके कारण सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम करने के नाम पर कीमतें घटा दी थीं जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने का ही यह असर था।  भारत अपनी जरूरतों का लगभग 23% क्रूड खुद ही पैदा करता है। उसमें भी नीति यह है कि 50% खनिज तेल बेचकर अर्जित मुनाफे से कीमतों को संतुलित किया जावे। इस नीति के बावजूद यह समझ से परे है कि हमारी तेल कंपनियां निरंतर राष्ट्रीय उत्पादन को क्यों घटाती चली जा रही हैं ।देश की तेल जरूरतें पूरी करने के लिए भारतीय स्रोतों से 2013 में लगभग 38 मिलियन मीट्रिक टन का उत्पादन होता था जो 2020 में घटकर 30 मिलियन मीट्रिक टन हो गया है ।जो लगभग नियमित उत्पादन से 22फीसद कम है।  भारत की पंच रत्न कंपनी ओएनजीसी विश्व में अपना अहम स्थान रखती है ।वह भारत के स्थानीय स्रोतों के अलावा  15 अन्य देशों में "ओएनजीसी विदेश" के माध्यम से खनिज तेल का उत्पादन करती है। एमआरपीएल और एचपीसीएल जैसी कंपनियां उसके स्वामित्व में हैं।ओएनजीसी फोर्ब्स की रैंकिंग में विश्व की 500 फार्च्यून कंपनियों में चौथे स्थान पर रखी जाती है जबकि प्लैट्स की रैंक में दुनिया की ढाई सौ ऊर्जा कंपनियों में वह 11 वें में स्थान पर आती है। भारत में स्ट्रैटेजिक पैट्रोलियम रिसोर्स (एसपीआर ) का खनन ही हमारी कीमतों को नियंत्रित करता है। ओएनजीसी की कमाई में रिफाइनरी का बड़ा हिस्सा है।वहअपनी स्थापित क्षमता का 91%  रिफायनिंग ओएनजीसी और उसके संयुक्त उपक्रम कंपनियां करती हैं। जबकि जामनगर स्थित रिलायंस की रिफाइनरी अपनी स्थापित क्षमता का 83% रिफाइन कर पाती है। भारत को अपनी जरूरतों के लिए लगभग 239 मिलियन टन खनिज तेल आयात करना पड़ता है जिसकी कीमत तकरीबन 77 बिलियन डालर होती है। हम अपनी जरूरतों का 14% अमेरिका से 12% सऊदी अरेबिया से और 23% इराक से आयात करते हैं।  जब वैश्विक बाजार में खनिज तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है तब भारत में अपने घरेलू उत्पादन को लगभग 22% तक घटा दिया गया है। यह प्रश्न उत्तर मांगता है कि क्या यह ओएनजीसी जो विश्व में चौथा स्थान रखने वाली कंपनी है ,को बीएसएनएल बनाने के रास्ते ले जाने की कबायद है या उसे किसी निजी हाथों को सौंपने का पूर्वाभ्यास है। रूस ने भारत को 35 डालर डिस्काउंट पर क्रूड आयल देने की पेशकश की है। युराल (रूसी क्रूड) की खरीदी पर शिपिंग एवं मार्ग के बीमा का खर्च भी रूस उठाने तैयार है। आज की स्थिति में भारत पैट्रोलियम(बीपीसीएल) रूस से 2 मिलियन बैरल क्रूड आयात करता है ।कोची रिफायनरी लगभग 3लाख बैरल, बैंगलोर रिफायनरी 10 लाख बैरल तथा निजी रिफाइनरी नायरा 18लाख बैरल ट्रैफिगुरा ट्रेडर के माध्यम से रूस से 89 डॉलर प्रति बैरल में क्रूड आयल खरीद रहे हैं जबकि अमरीका और ओपेक बाजारों में यह लगभग 108 डालर प्रति बैरल है। भारत के लिए यह समझने योग्य बात है कि ऐसी अवस्था में हमारा क्रूड आयात जो 158 मिलियन मीट्रिक टन था वह बढ़कर 227 मिलियन मीट्रिक टन क्यों हो गया है? संभव है इसमें घरेलू खपत भी बढ़ी हो।किंतु उसी समय हमारा घरेलू उत्पादन जो लगभग 38 मिलियन टन था वह घटकर 30 मिलियन टन क्यों पहुंचा दिया गया है। हमारा खपत डेफिसिट 3.4 मिलियन बैरल प्रति दिन है जबकि आयात 4.25 मिलियन बैरेल प्रति दिन हो रहा है।ओएनजीसी जो भारत का 70% क्रूड उत्पादित करती है की नेट बर्थ 2 ट्रिलियन रुपये है जबकि उसके सितंबर तिमाही का मुनाफा ही 18 हजार 347 करोड़ रुपये है।साल में 70-75हजार करोड़ मुनाफा कमाने वाली कंपनी को विनिवेश की राह पर ले जाने के लिये क्या उसका उत्पादन घट रहा है और आयात बढ़ रहा है या कोई अन्य तकनीकि कारण हैं जो आम भारतीय जाऩा चाहता है? फिलहाल तो तेल की धार की चौतरफा मार से पूरा बाजार और गरीब थर थर कांप रहा है।    

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 MadhyaBharat  1 May 2022

Praveen kakkar

(प्रवीण कक्कड़) दुनिया का बहुत लंबा इतिहास देवताओं, राजाओं, सेनापतियों और सामंतों के बारे में ज्यादा से ज्यादा वर्णन करते हुए लिखा गया है। मानव सभ्यता के 5000 वर्ष के इतिहास को उठाकर देखें तो शुरू के 4700 साल तो ऐसे भी थे जिनमें मजदूर के लिए कहीं कोई उल्लेखनीय स्थान था ही नहीं। रोमन सभ्यता में अगर वे दास थे तो अरब और भारत जैसे देशों में उनकी स्थिति सेवक से अधिक की नहीं थी। कभी किसी ने सोचा भी नहीं था कि मजदूरों के नाम पर भी कोई दिवस मनाया जा सकता है या उनके सुख-दुख और अधिकारों के बारे में चर्चा की जा सकती है। राजशाही के पतन और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की पूरी बात और संवाद के रूप में परिवर्तित होने के बाद ही दुनिया में मजदूरों के ऊपर होने वाले शोषण और उनके अधिकारों की चर्चा विधिवत शुरू हुई। अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस मनाने की शुरूआत 1 मई 1886 से मानी जाती है, जब अमेरिका की मज़दूर यूनियनों नें काम का समय 8 घंटे से ज़्यादा न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। मई दिवस की दूसरी ताकत रूस में कोई बोल्शेविक क्रांति के बाद मिली जो कार्ल मार्क्स के सिद्धांतों पर मजदूरों की सरकार मानी गई। भारत में सबसे पहले यह विचार दिया था कि दुनिया के मजदूरों एक हो जाओ। इस तरह देखें तो पूंजीवाद और साम्यवाद दोनों ही प्रणालियों में मजदूर के महत्व को पहचाना गया। भारत में मई दिवस सबसे पहले चेन्नई में 1 मई 1923 को मनाना शुरू किया गया था। उस समय इस को मद्रास दिवस के तौर पर प्रामाणित कर लिया गया था। इस की शुरूआत भारतीय मज़दूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगरावेलू चेट्यार ने शुरू की थी। भारत में मद्रास के हाईकोर्ट सामने एक बड़ा प्रदर्शन किया और एक संकल्प के पास करके यह सहमति बनाई गई कि इस दिवस को भारत में भी कामगार दिवस के तौर पर मनाया जाये और इस दिन छुट्टी का ऐलान किया जाये। भारत समेत लगभग 80 मुल्कों में यह दिवस पहली मई को मनाया जाता है। इसके पीछे तर्क है कि यह दिन अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के तौर पर प्रामाणित हो चुका है।  यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पृष्ठभूमि है जो मई दिवस से जुड़ी हुई है। भारत में जब आजादी का आंदोलन चला तो आजादी का नेतृत्व कर रही कांग्रेस पार्टी ने भी बराबर मजदूरों के हितों को समानता से परिचय दिया। महात्मा गांधी अगर ट्रस्टीशिप के सिद्धांत की बात करते थे तो पंडित जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेता मजदूरों को लगभग उस तरह के अधिकार देने के पक्ष में थे जैसे किसी साम्यवादी व्यवस्था में होने चाहिए। नेहरू जी ने तो खुद भी ट्रेड यूनियन के नेता की भूमिका निभाई। आजादी के बाद भारत में मजदूरों के हितों के लिए विशेष कानून बनाए गए। श्रमिक कल्याण कानूनों के उद्देश्यों को चार भागों में बांटा जा सकता है। पहला सामाजिक न्याय, दूसरा आर्थिक न्याय, तीसरा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और चौथा अंतरराष्ट्रीय संधियों और समझौतों के प्रति वचनबद्धता। लेकिन यह कानून अपनी जगह है और व्यावहारिक परिस्थितियां अपनी जगह। कानून के मुताबिक किसी मजदूर से 8 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकता उसे न्यूनतम वेतन देना जरूरी है और उसके दूसरे अधिकार भी उसे मिलने चाहिए। लेकिन कई बार विपरीत परिस्थितियों में यह सब चीजें मजदूरों को मिल नहीं पाती। मजदूरों को उनके अधिकार सुनिश्चित कराना एक कल्याणकारी सरकार की जिम्मेदारी है। पिछले कुछ समय में भारत के मजदूरों के सामने कुछ मुख्य चुनौतियां आई हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के साल 2020 की 'एक्सिडेंटल डेथ्स एंड सुइसाइड' रिपोर्ट आई है, जिससे पता चलता है कि साल 2020 में आत्महत्या सबसे ज़्यादा दिहाड़ी मजदूरों ने की है। एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ 2020-21 में भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे. जान देने वालों में सबसे ज़्यादा तमिलनाडु के मज़दूर थे। फिर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और गुजरात के मजदूरों की संख्या है। हालांकि इस रिपोर्ट में मजदूरों की आत्महत्या के पीछे कोरोना महामारी को वजह नहीं बताया गया है लेकिन पिछले 2 साल में भारत में लगे लॉकडाउन के बाद मजदूरों के पलायन की तस्वीरे सबने देखी थी. कैसे भूखे प्यासे लोग पैदल ही अपने गाँव की तरफ़ निकल पड़े थे. अब हालात बदले हैं। औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गई है। मजदूर फिर से काम पर जाने लगे और अर्थव्यवस्था का चक्का चलने लगा है। ऐसे में 1 मई दिवस पर हम सबको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की औद्योगिक गतिविधियां इस तरह चलें कि राष्ट्र निर्माण भी होता रहे और मजदूरों के घर में चूल्हा भी जलता रहे। मजदूरों को उनके कानूनी अधिकार मिले उद्योगपति और मजदूरों के बीच किस तरह के रिश्ते बने की हड़ताल की नौबत ना आए। सबसे बढ़कर इस तरह का इंतजाम किया जाए कि उनके रहने की उचित व्यवस्था हो सके, उनके बच्चों की शिक्षा का सही प्रबंधन हो, उन्हें उचित स्वास्थ्य सुविधा मिले और उनके बच्चों के सामने भविष्य में दूसरे विकल्प चुनने का मौका हो। क्योंकि लोकतंत्र में समानता का अर्थ यह नहीं होता कि सभी लोग एक झटके में एक समान हो जाएंगे बल्कि उसका अर्थ होता है अवसर की समानता। अर्थात एक संपन्न व्यक्ति का बच्चा अपने जीवन के लिए जो विकल्प चुन सकें उसी तरह के विकल्प चुनने की स्थिति मजदूर के बेटे/ बेटी के लिए भी हो। तभी मजदूर दिवस की सार्थकता साबित हो सकेगी।

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 MadhyaBharat  1 May 2022

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ग्वालियर। इन दिनों भीषण गर्मी और लू का सामना कर रहे ग्वालियर-चम्बल अंचल वासियों के लिए राहत की खबर है। अगले 24 से 48 घंटों में आसमान में बादल छाने की संभावना है। इस दौरान अंचल में कहीं-कहीं आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। इसके चलते अगले सात दिन तक भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी। बता दें कि ग्वालियर शहर में पिछले दो दिनों से सूरज की भीषण तपन और राजस्थान की ओर से आ रहीं उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाओं के चलते अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था, लेकिन शनिवार को हवाओं के रुख में परिवर्तन के चलते अधिकतम तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पिछले दिनों की तरह आज भी मौसम शुष्क रहा और तेज धूप निकली लेकिन आज हवाएं उत्तर-पश्चिमी की बजाए पश्चिमी चलीं और उनकी गति भी मात्र दो किलोमीटर प्रति घंटा रही, इसलिए पिछले दिन की तुलना में शनिवार को अधिकतम तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस आंशिक गिरावट के साथ 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 3.2 डिग्री सेल्सियस है। हालांकि पिछले दिनों की तरह आज भी दोपहर में लू की स्थिति बनी रही।   स्थानीय मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इधर मध्यप्रदेश के मध्य भाग से एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) गुजर रही है। एक और तीव्र आवृति वाला पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के आसपास बना हुआ है जो रविवार की रात में जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से रविवार की रात में ही ग्वालियर-चम्बल अंचल में बादल घुमड़ सकते हैं जबकि सोमवार को अंचल में कहीं-कहीं तेज आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। उक्त पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते सात मई तक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा। इसके चलते लू से राहत बनी रहेगी।

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 MadhyaBharat  30 April 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित राज्यों के मुख्यमंत्री और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्मेलन का शुभारंभ कर संबोधित भी किया। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना एवं कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारे देश में जहां एक ओर जुडिशियरी की भूमिका संविधान संरक्षक की है, वहीं लेजिस्लेचर नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। मुझे विश्वास है कि संविधान की इन दो धाराओं का ये संगम, ये संतुलन देश में प्रभावी और समयबद्ध न्याय व्यवस्था का रोडमैप तैयार करेगा।” उन्होंने कहा कि आजादी के इन 75 सालों ने जुडिशियरी और एग्जीक्यूटिव, दोनों के ही रोल्स और रिस्पांसिबिलिटीज को निरंतर स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि जहां जब भी जरूरी हुआ, देश को दिशा देने के लिए ये रिलेशन लगातार इवॉल्व हुआ है।   मोदी ने कहा कि न्यायालयों में, और खासकर स्थानीय स्तर पर लंबित मामलों के समाधान के लिए मध्यस्थता- मेडिएशन भी एक महत्वपूर्ण जरिया है। हमारे समाज में तो मध्यस्थता के जरिए विवादों के समाधान की हजारों साल पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति और आपसी भागीदारी अपने तरीके से न्याय की एक अलग मानवीय अवधारणा है। इस सोच के साथ, प्रधानमंत्री ने कहा, सरकार ने संसद में मध्यस्थता विधेयक को एक अंब्रेला लेजिसलेशन के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा, “हमारी समृद्ध कानूनी विशेषज्ञता के साथ, हम मध्यस्थता द्वारा समाधान के क्षेत्र में एक विश्व गुरु बन सकते हैं। हम पूरी दुनिया के सामने एक मॉडल पेश कर सकते हैं।"   यह सम्मेलन देश के नागरिकों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में प्रयासों के प्रभावी समन्वय के लिए आयोजित किया गया। दिन भर चले सम्मेलन के दौरान, कार्यपालिका और न्यायपालिका द्वारा इस दिशा में प्रयासों के तालमेल के साझा आधार खोजने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।   संयुक्त सम्मेलन कार्यपालिका और न्यायपालिका को एक मंच पर लाने का बहुमूल्य अवसर रहा। सम्मेलन में लोगों को सरल एवं सुविधाजनक ढंग से न्याय सुलभ कराने की रूपरेखा तैयार करने और इसके साथ ही न्याय प्रणाली के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई।   सम्मेलन में ऐसी न्यायिक व्यवस्था स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें आसान न्याय, त्वरित न्याय और सभी के लिए न्याय हो। सम्मेलन में जुडिशियल सिस्टम में टेक्नोलॉजी की संभावनाओं पर मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से इसे और आगे बढ़ाने पर मंथन भी हुआ।   स्वतंत्र और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने के लिए अदालतों का एक सुरक्षित वातावरण में कार्य करना बेहद महत्वपूर्ण है विषय पर चर्चा करते हुए राज्यों के मुख्यमंत्रियों से न्यायाधीशों और अदालत परिसरों में पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में भी चर्चा की गयी।   सम्मेलन में कोरोना के दौरान देश की अदालतों द्वारा कोरोना महामारी के दौरान डिजिटल माध्यम से सुनवाई कर न्यायिक प्रक्रिया को संचालित रखने की भी चर्चा हुई। बताया गया कि कोरोना वायरस महामारी ने न्याय वितरण तंत्र को बुरी तरह प्रभावित किया, लेकिन अदालतों ने डिजिटल माध्यमों के जरिए इन चुनौतियों का सामना किया। हाई कोर्ट और अधीनस्थ अदालतों ने मिलकर लगभग दो करोड़ मामलों पर डिजिटली सुनवाई की।

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 MadhyaBharat  30 April 2022

bhopal, 46 new cases, corona found

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले फिर बढ़ने लगे हैं। यहां बीते 24 घंटों में कोरोना के 46 नये मामले सामने आए हैं, जबकि 14 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं। इसके बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 10 लाख 41 हजार 460 हो गई है। हालांकि, राहत की बात है कि राज्य में लगातार पांचवें दिन कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा शनिवार देर शाम जारी कोविड-19 बुलेटिन में दी गई।   बता दें कि राज्य में बीते पांच दिन से कोरोना के मामले में तेजी से इजाफा हो रहा है। यहां बीते मंगलवार को 13, बुधवार को 15, गुरुवार को 29 और शुक्रवार को 34 नये संक्रमित मिले थे। अब यह संख्या 46 हो गई। स्वस्थ होने वाले मरीजों की तुलना में नये मामले अधिक मिलने के कारण सक्रिय मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कोविड-19 बुलेटिन के अनुसार, आज प्रदेशभर में 8,061 सैम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 46 पॉजिटिव और 8015 सैम्पल निगेटिव पाए गए, जबकि 74 सैम्पल रिजेक्ट हुए। पॉजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत (संक्रमण की दर) 0.5 रहा। नये मामलों में ग्वालियर में 11, इंदौर में 9, भोपाल में 8, मुरैना और शिवपुरी में 5-5, गुना में 3, राजगढ़ में 2 तथा बालाघाट, दतिया और जबलपुर में 1-1 नये संक्रमित मिले हैं, जबकि राज्य के 42 जिलों में आज कोरोना के नये मामले शून्य रहे। राज्य में आज कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। यहां पांच दिन से मृतकों की संख्या 10,735 पर स्थिर है। प्रदेश में अब तक कुल दो करोड़ 90 लाख 83 हजार 782 लोगों के सैम्पलों की जांच की गई। इनमें कुल 10,41,460 प्रकरण पॉजिटिव पाए गए। इनमें 10,30,575 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें से 14 मरीज शनिवार को स्वस्थ हुए। अब यहां सक्रिय प्रकरणों की संख्या 118 से बढ़कर 150 हो गई है। हालांकि, खुशी की बात यह भी है कि राज्य के 30 जिले पूरी तरह कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इन जिलों में अब कोरोना का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है। इधर, प्रदेश में 30 अप्रैल को शाम छह बजे तक 98 हजार 163 लोगों का टीकाकरण किया गया। इन्हें मिलाकर राज्य में अब तक वैक्सीन की 11 करोड़, 77 लाख, 70 हजार 707 डोज लगाई जा चुकी है।

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 MadhyaBharat  30 April 2022

bhopal, Power crisis , short-sightedness , Jitu Patwari

भोपाल। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति की बदहाली पर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश गंभीर बिजली संकट की ओर बढ़ रहा है। मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 22,000 मेगावाट बिजली का एग्रीमेंट किया है, लेकिन प्रदेश में जितनी खपत है, उतनी बिजली भी नहीं आ रही है।   जीतू पटवारी ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी चार बार के अनुभवी मुख्यमंत्री से पूछना चाहती है यह बिजली संकट क्यों है? क्या मई तक बिजली संकट और गहराएगा? यदि हां, तो सरकार ने इसके लिए क्या तैयारी की है? यदि सरकारी सुस्ती जल्दी ही दूर नहीं हुई तो शहरों में भी अघोषित बिजली कटौती होने लगेगी? प्रधानमंत्री के दरबार में हाजिरी लगाने वाले मुख्यमंत्री ने आने वाले बिजली संकट के लिए देश के प्रधान सेवक से क्या मांग की है?   पूर्व मंत्री ने पूछा कि प्रधानमंत्री कि ‘‘दूरदर्शिता’’ का सबूत यह है कि तापीय बिजली घरों को चलाने के लिए 12 राज्यों में ‘कोयले के कम भंडार’ की स्थिति की वजह से बिजली संकट पैदा हो सकता है। चिंताजनक तथ्य है कि यह संकट पुराना नहीं है बल्कि अक्टूबर 2021 से ही देश के 12 राज्यों में कोयला आपूर्ति अनियमित हो रही है। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार की तरह केंद्र की मोदी सरकार भी चैन की नींद सो रही है और उधर अप्रैल महीने के पहले पखवाड़े में ही घरेलू स्तर पर बिजली की मांग बढक़र 38 साल के उच्चतम पर पहुंच गई थी। अक्टूबर 2021 में बिजली की आपूर्ति मांग से 1.1 प्रतिशत कम थी, लेकिन अप्रैल 2022 में यह फासला बढक़र 1.4 फीसदी हो गया है। इसका नतीजा यह हुआ है कि आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, झारखंड एवं हरियाणा जैसे राज्यों में बिजली कटौती होने लगी है। जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश में बिजली संकट में सरकार की नाकामी को बिंदुवार स्पष्ट करते हुए कारण भी गिनवाये। उन्होंने कहा कि दानवीर भाजपा सरकार ने प्रदेश के हिस्से की 1005 मेगावाट बिजली तो गुजरात और महाराष्ट्र में बांट दी और कहा कि हमें बिजली की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार के आदेश पर ऊर्जा विभाग ने एनटीपीसी की खरगोन की 330 मेगावाट बिजली महाराष्ट्र, शोलापुर की 295 व मोहदा की 380 मेगावाट बिजली गुजरात को दे दी। पूरी गर्मी यानी 30 जून तक एमपी के हिस्से की बिजली दोनों प्रदेश में जाती रहेगी।   उन्होंने कहा कि प्रबंधन का सामान्य सिद्धांत कहता है कि इकाइयों को 26 दिनों का स्टॉक रखना चाहिए लेकिन मध्यप्रदेश में फिलहाल यह स्थिति नहीं है। विपरीत परिस्थितियों से बचने के लिए राज्य सरकार को चाहिए कि वह भी कर्नाटक की तर्ज पर केंद्र से अतिरिक्त कोयले की मांग करे। रेलवे से कोयला आपूर्ति में सहयोग करने के लिए विशेष प्रयास करना होंगे। लेकिन मेरे प्रदेश का दुर्भाग्य है कि यहां लडऩे वाला नहीं डरने वाला मुख्यमंत्री है। कुर्सी बचाने के लिए शिवराज सिंह बार-बार मोदी जी को मैन ऑफ आइडियाज बताते हैं। लेकिन मध्यप्रदेश के हक में उनसे कोयला नहीं मांग पाते हैं।

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 MadhyaBharat  30 April 2022

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भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में खुशहाली और तरक्की का मानदंड दूसरों की खुशी और प्रगति में योगदान है। दीक्षांत जीवन की शिक्षा और समाज की सेवा के दायित्व को ग्रहण करने का शुभारम्भ है। आज ली गयी शपथ के हर शब्द को भावी जीवन के 365 दिन याद रखना होगा। उन्होंने कहा कि जीवन में कहीं भी रहें, कोई भी काम करें, अपनी मातृभूमि और माता-पिता की जरूरतों का ध्यान रखें। कोई भी ऐसे कार्य न करें, जो उनके सम्मान के प्रतिकूल हो। उक्त बातें राज्यपाल पटेल ने शनिवार को पीपुल्स विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने शोधार्थियों, उपाधि और पदक प्राप्तकर्ताओं को पुरस्कृत किया। राज्यपाल का स्वागत विश्वविद्यालय की प्रति कुलाधिपति डॉ. मेघा विजयवर्गीय ने किया।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों का आहवान किया है कि जीवन में हमेशा मन में सीखने की इच्छा को बनाकर रखना चाहिए। ज्ञान का कोई अंत नहीं होता है। भावी जीवन की चुनौतियों का सदैव ज्ञान के प्रकाश में अवलोकन करें। जीवन की शिक्षा का पहला सूत्र है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर प्रयास और कड़े परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। विपरीत परिस्थितियों में भी निष्ठावान-चरित्र, व्यापक-सोच, आत्म-विश्वास और अथक-प्रयासों से असंभव भी संभव होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम पीढ़ी-निर्माण के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है। उन्होंने युवाओं को बंधन मुक्त शिक्षा के द्वारा अपने हौंसलों से सफलता की अनंत ऊँचाइयों को छूने का अवसर दिया है।     राज्यपाल पटेल ने कहा कि आधुनिकता के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ प्रगतिशील सोच भी जरूरी है, जो हर वर्ग की बराबरी और भाईचारे के साथ समाज को आगे बढ़ाये। विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुरूप शैक्षणिक गुणवत्ता, व्यावसायिक दक्षता, अनुसंधान और मौलिक शोध के अनुकूल वातावरण बनायें। प्रतिभावान छात्रों को उनकी पूर्ण क्षमता का अहसास करा कर, सामाजिक चुनौतियों के समाधान खोजने की प्रेरणा और प्रोत्साहन दें। छात्र-छात्राओं को समाज के पिछड़े, वंचित वर्गों के कल्याण के प्रति सामाजिक सरोकारों में सहभागिता की अनुभूति और अनुभव दिलायें।     स्वागत उद्बोधन में कुलपति डॉ. राजेश कपूर ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा की सर्वांगीण उत्कृष्टता के लिए ज्ञान एवं विज्ञान के विस्तार के क्षेत्र में पूर्ण शक्ति और एकाग्रता के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोवैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के लिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक मात्र चयनित केंद्र, पीपुल्स विश्वविद्यालय था। उन्होंने विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। विश्वविद्यालय की कुल सचिव नीरजा मलिक ने आभार माना।

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 MadhyaBharat  30 April 2022

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मुरैना। चंबल नदी में शुक्रवार देरशाम नहाने गईं तीन नाबालिग लड़कियां डूब गईं। इसकी सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर देररात दो बच्चियों के शव बरामद कर लिए हैं। एक की तलाश जारी है। सबलगढ़ के रहू गांव में केवट समाज की तीन बच्चियां शुक्रवार शाम चंबल नदी के रहूं घाट पर रोजाना की तरह नहाने गईं थी। तीनों नदी में नहाने उतरीं। नहाने के दौरान एक बच्ची गहरे पानी में जाकर डूबने लगी तो दूसरी बच्ची ने उसे बचाने की कोशिश की, इसी कोशिश में तीसरी भी चंबल नदी में समा गई। गांव के कुछ लोगों ने देखा तो बच्चियों की तलाश शुरू की गई। बच्चियों के डूबने की खबर आग की तरह फैल गई। आसपास के गावों के लोग भी पहुंच गए। सूचना पाकर जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम एलके पाण्डेय और थाना प्रभारी सबलगढ़ केके सिंह पहुंचे।उन्होंने तुरंत रेस्क्यू करवाया। बच्चियों की उम्र 7 से 10 साल के बीच है। रेस्क्यू ऑपरेशन देररात तक चला। देररात दो बच्चियों के शव बरामद कर लिए गए। एक बच्ची का शव अभी तक नहीं मिला है, उसे खोजने के लिए शनिवार सुबह फिर से रेस्क्यू शुरू किया गया।

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 MadhyaBharat  30 April 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "मध्यप्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है। 2021-22 में प्रदेश की ग्रोथ रेट (19.3%) देश में सर्वाधिक रही। प्रदेश की पर कैपिटा इनकम वर्तमान में एक लाख 24 हजार रुपये है। देश के जीडीपी में मध्यप्रदेश का योगदान 4.6 प्रतिशत है। प्रदेश निर्यात के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश का गेहूं जिसे देश में सोने के दाने की ख्याति प्राप्त है, उसके निर्यात में कई गुना अधिक वृद्धि आई है। मध्यप्रदेश का बासमती चावल कनाडा और अमेरिका तक अपनी नई पहचान बना चुका है। सिर्फ कृषि के क्षेत्र में नहीं बल्कि उद्योग के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।   उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी 650 से ज्यादा इंडस्ट्रीज का पंजीयन हुआ है, जिन्होंने 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कोविड-19 के दौरान ही किया है। सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम विभाग द्वारा भी औद्योगिक क्लस्टर्स का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म-निर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए हम आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश बनाने की राह पर तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।   मुख्यमंत्री चौहान ने शुक्रवार को इंदौर में एमपी ऑटो शो-2022 में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, सांसद शंकर लालवानी, जन-प्रतिनिधि अधिकारी तथा उद्योगपति कार्यक्रम में उपस्थित थे।   "मेक इन इंडिया" की तर्ज पर हुआ एमपी ऑटो-शो मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का यह पहला ऑटो-शो अब हर साल आयोजित किया जाएगा। उन्होंने उद्योग विभाग एवं इंदौर जिला प्रशासन को कम समय में इतने भव्य कार्यक्रम का आयोजन करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि निवेश की दिशा में यह एमपी ऑटो-शो मध्यप्रदेश में एक नई क्रांति लाएगा। नौजवानों को रोजगार मिलेगा, अर्थ-व्यवस्था को गति और आत्म-निर्भर प्रदेश के निर्माण में एक बड़ी छलांग मध्यप्रदेश को मिलेगी।   अब केवल सबसे क्लीन नहीं बल्कि ग्रीन सिटी भी बनेगा इंदौर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मंत्र "मेक इन इंडिया" पर एमपी ऑटो-शो किया जा रहा है। इंदौर देश की सबसे क्लीन नहीं बल्कि ग्रीन सिटी भी बनने जा रहा है। एमपी ऑटो-शो में लॉन्च हुए इलेक्ट्रिक एवं ग्रीन व्हीकल को दृष्टिगत रखते हुए कहा जा सकता है कि वह दिन दूर नहीं जब ई-व्हीकल के उपयोग करने का एक नया रिकॉर्ड इंदौर बनाएगा।   नई स्टार्ट-अप पॉलिसी से प्रदेश में निर्मित होगा औद्योगिक विकास का इकोसिस्टम मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा नई स्टार्ट-अप पॉलिसी मई माह में जारी की जाएगी। हमारे युवाओं के पास नवाचार से भरे विचार है और विचारों को सार्थक रूप देने के लिए राज्य शासन द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। स्टार्ट-अप पॉलिसी से एक नया वातावरण मध्यप्रदेश की धरती पर निर्मित होगा। मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल है, यह पूरे देश से सेंट्रली कनेक्टेड है। प्रदेश में जमीन की उपलब्धता में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है।   उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान मध्यप्रदेश के फार्मा सेक्टर ने देशभर में दवाइयों की आपूर्ति की थी। पीथमपुर हमारा औद्योगिक हब है, जहां दो लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। मध्यप्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित किया गया है, जहाँ 30 दिन के अंदर इंडस्ट्रियल क्लीयरेंस उपलब्ध कराए जाते हैं। निवेश की राह में जो भी बाधा आ रही है उनको दूर करने के लिए अनेक नीतियों से "इज ऑफ डूईंग" बिजनेस स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। विभिन्न सेक्टर के लिए स्पेसिफिक नीतियाँ बनाई गई हैं।   उद्योगों की मांग अनुरूप प्रदाय की जाएगी स्किल्ड मैनपॉवर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थापित किए गए आईटीआई और उद्योगों में समन्वय स्थापित कर उद्योगों की मांग के अनुरूप स्किल्ड मैनपॉवर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।   डेट्रॉइट नहीं पीथमपुर जैसा होना चाहिए ऑटोमोबाइल सेक्टर उन्होंने कहा कि पीथमपुर को देश का डेट्रॉइट कहा जाता था। अब हमें प्रयास यह करना है कि जब भी कोई ऑटोमोबाइल सेक्टर की बात करें तो वह कहें कि यह सेक्टर पीथमपुर जैसा बनाया जाना चाहिए। यह ऑटो-शो उसी दिशा में एक नया पड़ाव है।   पीथमपुर में बनेगी स्किल डेवलपमेंट एकेडमी मुख्यमंत्री ने कहा कि सीआईआई आयसर द्वारा पीथमपुर में स्किल डेवलपमेंट एकेडमी की स्थापना की जा रही है। राज्य शासन की ओर से उन्हें आश्वस्त किया जा रहा है कि एकेडमी की स्थापना के लिए जरूरी भवन और अधो-संरचना शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे हमारे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि इस सेंटर की स्थापना के लिए 2 एकड़ भूमि जिसमें भवन बना हुआ है, उस को चिन्हित कर लिया गया है। इस एकेडमी को जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा। एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं के कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए डेनमार्क, स्वीडन, जापान और जर्मनी के साथ टेक्नोलॉजी कोलेबोरेशन किया जाएगा। एकेडमी को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में नई पहचान दिलाई जाएगी।   इंदौर में होगा प्रवासी भारतीय दिवस उन्होंने कहा कि 7 और 8 जनवरी 2023को इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होगी। इसी के साथ 9 एवं 10 जनवरी को इंदौर में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों कार्यक्रम से प्रदेश के औद्योगिक विकास को नए पंख मिलेंगे और औद्योगिक विकास में मध्यप्रदेश अपनी एक नई पहचान बनाने की दिशा में बेहतर प्रयास कर सकेगा।   11 कंपनियों के 15 व्हीकल्स की हुई लॉन्चिंग मुख्यमंत्री चौहान ने एमपी ऑटो-शो में हिस्सा ले रही 11 कंपनियों के 15 व्हीकल की ऑल इंडिया लॉन्चिंग की। लॉन्च हुई गाड़ियों में आयसर की इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक ट्रक, कार्गो की बायोवेस्ट गाड़ी, ऑडी की इलेक्ट्रिक कार सहित अन्य व्हीकल शामिल है। मुख्यमंत्री ने ऑटो-शो में लगे विभिन्न स्टॉल्स का निरीक्षण भी किया। उन्होंने नई तकनीक के वाहनों को देखा और सराहा।   इंदौर में बनेगा टेक्नोलॉजी पार्क मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रयास और संकल्प से ही एमपी ऑटो-शो 2022 संभव हो सका है। इस आयोजन से हम मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए बेहतर इकोसिस्टम और सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं।   मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि इंदौर में जल्द ही नया टेक्नोलॉजी पार्क स्थापित किया जायेगा, जिससे हम स्किल डेवलपमेंट की दिशा में कार्य कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्लस्टर्स बनाए जा रहे हैं, उद्योगपतियों की माँग अनुरूप हम इन क्लस्टर को ट्रेड स्पेसिफिक भी बनाने का प्रयास करेंगे।   मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान जो भी बोलते हैं वह अवश्य करते हैं। उनके इसी संकल्प का परिणाम है एमपी ऑटो-शो। यह ऑटो-शो सिर्फ प्रदेश में नहीं बल्कि देश में भी अपनी छाप छोड़ेगा।

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 MadhyaBharat  29 April 2022

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उज्जैन। संत मुरारी बापू शुक्रवार को उज्जैन आए। वे महाकाल मंदिर में दर्शन पूजन पश्चात कुछ परिचित भक्त परिवारों के यहां भी गए। मुरारी बापू ने बाबा महाकाल का पूजन किया। पश्चात वे समाजसेवी पं.सुखनंदन जोशी के दशहरा मैदान स्थित निवास पहुंचे। वे गुरुवार को ओंकारेश्वर दर्शन करने गए थे। मुरारी बापू ने चर्चा में कहा कि वे ओंकारेश्वर एवं महाकालेश्वर के दर्शन करने आए थे।

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 MadhyaBharat  29 April 2022

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भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का शुक्रवार को परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा परिणाम 72.72 फीसदी रहा, जबकि तरह हाईस्कूल परीक्षा में 59.54 फीसदी विद्यार्थी सफल रहे। बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में छोटे शहरों की बेटियों ने टॉप किया है। कक्षा 10वीं में छतरपुर की नैंसी दुबे और सतना की सुचिता पांडे ने संयुक्त रूप से और 12वीं के अलग-अलग विषयों में 9 छात्राओं ने टॉप किया है। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने शुक्रवार को दोपहर 1 बजे माशिमं के कार्यालय पहुंचकर सिंगल क्लिक के माध्यम से परिणाम जारी किया। इस बार कोरोना काल के दो साल बाद स्कूली विद्यार्थियों ने आफलाइन परीक्षा थी। इन दोनों कक्षाओं में करीब 18 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। पिछले दो वर्षों की तरह इस बार भी 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम एक साथ जारी किये गये। इसके साथ ही इस बार दोनों कक्षाओं की मेधावी सूची भी जारी गई है। इसके अलावा हायर सेकंडरी (व्यावसायिक), विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डीपीएसई), शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण पत्रोपाधि मुख्य परीक्षा 2022 का रिजल्ट भी घोषित किया गया। विद्यार्थी एमपीबीएसई मोबाइल एप और विभिन्न पोर्टल पर तुरंत अपना परीक्षा परिणाम जान सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) की 10वीं और 12वीं बोर्ड में छोटे शहरों की बेटियों ने टॉपर किया है। इनमें सभी 11 टॉपर छोटे शहरों की बेटियां हैं। कक्षा 10वीं में छतरपुर की नैंसी दुबे और सतना की सुचिता पांडे ने संयुक्त रूप से टॉप किया है। 12वीं के अलग-अलग विषयों में 9 टॉपर्स भी लड़कियां हैं। कक्षा 10वीं में छतरपुर की नैंसी दुबे और सतना की सुचिता पांडे ने 496 नंबर (99.2 फीसद) हासिल किए हैं। दोनों संयुक्त रूप से नंबर एक पर हैं। 12वीं में कला समूह में सागर की इशिता दुबे 480 नंबर के साथ टॉपर हैं। विज्ञान गणित समूह में श्योपुर की प्रगति मित्तल (494 अंक) ने और कॉमर्स समूह में मुरैना की खुशबू शिवहरे (480 अंक) ने टॉप किया। जीव विज्ञान समूह में शाजापुर की दिव्यता पटेल (491अंक) ने टॉप किया है।

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 MadhyaBharat  29 April 2022

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सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसे में शिक्षक पिता और उसके दो बेटों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब शिक्षक अपने दोनों बेटों को कार में घुमाने के बाद घर लौट रहे थे। इस दौरान घर के पास रिवर्स करते समय कार पीछे 50 फीट गहरे कुएं में जा गिरी। कुएं में करीब 10 फीट पानी है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम पहुंची, जिसने रेस्क्यू कर क्रेन की मदद से कार को कुएं से बाहर निकाला। काफी मशक्कत के बाद तीनों के शव बाहर निकाले जा सके।   जानकारी अनुसार मुंडीटोरी इलाके में रेलवे ट्रैक के पास गोविंदनगर कॉलोनी में 45 वर्षीय शासकीय शिक्षक हिमांशु तिवारी का परिवार रहता है। हिमांशु शिकारपुर माध्यमिक शाला में पदस्थ थे, उनेक घर में पत्नी के अलावा दो बेटे नित्यांशु (14वर्ष) उर्फ बिट्टू तिवारी और धनंजय (10वर्ष) उर्फ ध्रुव तिवारी रहते थे। हिमांशु का बड़ा बेटा बिट्टू जन्म से ही दिव्यांग था। उसे घुमाने के लिए हिमांशु ने कार खरीदी थी। ड्यूटी से लौटकर भोजन के बाद रोज ही वह घर के सामने मैदान में दोनों बच्चों को कार से घुमाते थे। गुरुवार रात को भी हिमांशु तिवारी अपने दोनों बेटों को कार से घुमा कर घर लौट रहे थे। इस दौरान रात करीब 11:00 बजे घर के सामने ही कार खड़ी करने के लिए रिवर्स करते समय अचानक कार की स्पीड बढ़ गई और पीछे की तरफ कुएं में जा गिरी।   इस पूरे घटना क्रम के दौरान उनकी पत्नी मणिप्रभा घर के अंदर थी। कुएं में कुछ गिरने की आवाज सुनकर लोगों ने उसमें झांका तो कार का हिस्सा दिखाई दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई और कॉलोनी के लोग जमा हो गए। हादसे की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। जिसके बाद मोती नगर पुलिस मौके पर पहुंची। कुआं काफी बड़ा और गहरा था। पानी अधिक होने के कारण कार गहरे पानी में डूब गई। आनन-फानन में पुलिस ने एसडीआरएफ और क्रेन को मौके पर बुलाया। क्रेन की मदद से कार को कुएं से बाहर निकाला गया। इस हादसे में कार में सवार शिक्षक और उनके दोनों मासूम बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चे कार से बाहर कुएं के अंदर मिले। पहले छोटे बेटे ध्रुव का शव निकाला। कुछ देर बाद कांटा डालकर बड़े बेटे बिट्टू का शव खोजा गया। तीनों के शवों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया है। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। घटनास्थल पर अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हुई। हादसे के बाद शिक्षक के परिवार में मातम का माहौल है।

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 MadhyaBharat  29 April 2022

 Dr Govind Singh Leader of Opposition in MP

  मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे पूर्व सीएम कमलनाथ ने अपने पद से दिया इस्तीफा  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ साल 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत हांसिल कर मुख्यमंत्री बने | सरकार जाने के बाद कांग्रेस पीसीसी में के अध्यक्ष व् नेताप्रतिपक्ष जैसे दो मुख्य पदों पर थे | कमलनाथ ने पार्टी के ‘एक व्यक्ति एक पद' के सिद्धांत के तहत विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दिया |  कमलनाथ के  पास दो पद थे विधानसभा नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया हैं | अब वे सिर्फ वह मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे मध्य प्रदेश में 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं |  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार को कमलनाथ को लिखे एक पत्र में कहा की कांग्रेस अध्यक्ष (सोनिया गांधी) ने कांग्रेस विधायक दल (CLP) मध्य प्रदेश के नेता पद से आपका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है |  साथ ही पत्र में यह भी कहा गया कि सोनिया गांधी ने गोविंद सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नया नेता नियुक्त किया है. गोविंद सिंह भिंड जिले के लहार से विधानसभा सदस्य हैं. डॉ. गोविंद सिंह पूर्व मंत्री और लगातार सात बार के विधायक हैं सदन के दूसरे नंबर के वरिष्ठ नेता हैं | अब से डॉ गोविन्द सिंह नेता प्रतिपक्ष का पद संभालेंगे |   

Patrakar Shafali Gupta

 Shafali Gupta  28 April 2022

praveen kakkar

  (प्रवीण कक्कड़) एक जमाने में कहा जाता था कि भारतीय  समाज में 3 सी सबसे ज्यादा प्रचलित हैं। सिनेमा, क्रिकेट और क्राइम। लेकिन आज के सार्वजनिक संवाद को देखें तो इन तीनों से ज्यादा लोकप्रिय अगर कोई चीज है तो वह है पत्रकारिता। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल अपने इन तीनों स्वरूपों में पत्रकारिता 24 घंटे सूचनाओं की बाढ़ समाज तक पहुंचाती है और लोगों की राय बनाने में खासी मदद करती है। जैसे-जैसे समाज जटिल होता जाता है, वैसे वैसे लोगों के बीच सीधा संवाद कम होता जाता है और वे सार्वजनिक या उपयोगी सूचनाओं के लिए मीडिया पर निर्भर होते जाते हैं। उनके पास जो सूचनाएं ज्यादा संख्या में पहुंचती हैं, लोगों को लगता है कि वही घटनाएं देश और समाज में बड़ी संख्या में हो रही हैं। जो सूचनाएं मीडिया से छूट जाती हैं उन पर समाज का ध्यान भी कम जाता है। आजकल महत्व इस बात का नहीं है कि घटना कितनी महत्वपूर्ण है, महत्व इस बात का हो गया है कि उस घटना को मीडिया ने महत्वपूर्ण समझा या नहीं। जब मीडिया पर इतना ज्यादा एतबार है तो मीडिया की जिम्मेदारी भी पहले से कहीं अधिक है। आप सब को अलग से यह बताने की जरूरत नहीं है कि कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के अलावा मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। मजे की बात यह है कि बाकी तीनों स्तंभ की चर्चा हमारे संविधान में अलग से की गई है और उनके लिए लंबे चौड़े प्रोटोकॉल तय हैं। लेकिन मीडिया को अलग से कोई अधिकार नहीं दिए गए हैं। संविधान में अभिव्यक्ति की आजादी का जो अधिकार प्रत्येक नागरिक को हासिल है, उतना ही अधिकार पत्रकार को भी हासिल है। बाकी तीन स्तंभ जहां संविधान और कानून से शक्ति प्राप्त करते हैं, वही मीडिया की शक्ति का स्रोत सत्य, मानवता और सामाजिक स्वीकार्यता है। अगर मीडिया के पास नैतिक बल ना हो तो उसकी बात का कोई मोल नहीं है। इसी नैतिक बल से हीन मीडिया के लिए येलो जर्नलिज्म या पीत पत्रकारिता शब्द रखा गया है। और जो पत्रकारिता नैतिक बल पर खड़ी है, वह तमाम विरोध सहकर भी सत्य को उजागर करती है। संयोग से हमारे पास नैतिक बल वाले पत्रकारों की कोई कमी नहीं है। मीडिया को लेकर आजकल बहुत तरह की बातें कही जाती हैं। इनमें से सारी बातें अच्छी हो जरूरी नहीं है। पत्रकारिता बहुत से मोर्चों पर दृढ़ता से खड़ी है, तो कई मोर्चों पर चूक भी जाती है। आप सबको पता ही है की बर्नार्ड शॉ जैसे महान लेखक मूल रूप से पत्रकार ही थे। और बट्रेंड रसैल जैसे महान दार्शनिक ने कहा है कि जब बात निष्पक्षता की आती है तो असल में सार्वजनिक जीवन में उसका मतलब होता है कमजोर की तरफ थोड़ा सा झुके रहना। यानी कमजोर के साथ खड़ा होना पत्रकारिता की निष्पक्षता का एक पैमाना ही है। पत्रकारिता की चुनौतियों को लेकर हम आज जो बातें सोचते हैं, उन पर कम से कम दो शताब्दियों से विचार हो रहा है। भारत में तो हिंदी के पहला अखबार उदंत मार्तंड के उदय को भी एक सदी बीत चुकी है। टाइम्स ऑफ इंडिया और हिंदू जैसे अखबार एक सदी की उम्र पार कर चुके हैं। दुनिया के जाने माने लेखक जॉर्ज ऑरवेल ने आधी सदी पहले एक किताब लिखी थी एनिमल फार्म। किताब तो सोवियत संघ में उस जमाने में स्टालिन की तानाशाही के बारे में थी लेकिन उसकी भूमिका में उन्होंने पत्रकारिता की चुनौतियां और उस पर पड़ने वाले दबाव का विस्तार से जिक्र किया है। जॉर्ज ऑरवेल ने लिखा की पत्रकारिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह नहीं है कि कोई तानाशाह उसे बंदूक की नोक पर दबा लेगा या फिर कोई धन्ना सेठ पैसे के बल पर पत्रकारिता को खरीद लेगा लेकिन इनसे बढ़कर जो चुनौती है  वह है भेड़ चाल। यानी एक अखबार या एक मीडिया चैनल जो बात दिखा रहा है सभी उसी को दिखा रहे हैं। अगर किसी सरकार ने एक विषय को जानबूझकर मीडिया के सामने उछाल दिया और सारे मीडिया संस्थान उसी को कवर करते चले जा रहे हैं, यह सोचे बिना कि वास्तव में उसका सामाजिक उपयोग कितना है या कितना नहीं। बड़े संकोच के साथ कहना पड़ता है कि कई बार भारतीय मीडिया भी इस नागपाश में फंस जाता है। सारे अखबारों की हैडलाइन और सारे टीवी चैनल पर एक से प्राइमटाइम दिखाई देने लगते हैं। भारत विविधता का देश है, अलग-अलग आयु वर्ग के लोग यहां रहते हैं। उनकी महत्वाकांक्षा अलग है और उनके भविष्य के सपने भी जुदा हैं। ऐसे में पत्रकार की जिम्मेदारी है कि हमारी इन महत्वाकांक्षाओं को उचित स्थान अपनी पत्रकारिता में दें। वे संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को मजबूत करें। कमजोर का पक्ष ले। देश की आबादी का 85% हिस्सा मजदूर और किसान से मिलकर बनता है। ऐसे में इस 85% आबादी को भी पत्रकारिता में पूरा स्थान मिले। मैंने तो बचपन से यही सुना है कि पुरस्कार मिलने से पत्रकारों का सम्मान नहीं होता, उनके लिए तो लीगल नोटिस और सत्ता की ओर से मिलने वाली धमकियां  असली सम्मान होती हैं। राजनीतिक दल तो लोकतंत्र का अस्थाई विपक्ष होते हैं, क्योंकि चुनाव के बाद जीत हासिल करके विपक्षी दल सत्ताधारी दल बन जाता है और जो कल तक कुर्सी पर बैठा था, वह आज विपक्ष में होता है। लेकिन पत्रकारिता तो स्थाई विपक्ष होती है। जो सत्ता की नाकामियों और उसके काम में छूट गई गलतियों को सार्वजनिक करती है ताकि भूल को सुधारा जा सके और संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों के मुताबिक राष्ट्र का निर्माण किया जा सके। मध्यप्रदेश इस मामले में हमेशा से ही बहुत आगे रहा है प्रभाष जोशी और राजेंद्र माथुर जैसे प्रसिद्ध संपादक मध्य प्रदेश की पवित्र भूमि की ही देन हैं। आज भी राष्ट्रीय पत्रकारिता के क्षेत्र पर मध्य प्रदेश के पत्रकार अपनी निष्पक्षता की छाप छोड़ रहे हैं। आशा करता हूं 21वीं सदी के तीसरे दशक में भारतीय पत्रकारिता उन बुनियादी मूल्यों का और दृढ़ता से पालन करेगी जिन्हें हम शास्वत मानवीय मूल्य कहते हैं।

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 MadhyaBharat  26 April 2022

bhopal,  Farmers ,get 24 hours electricity ,Agriculture Minister

भोपाल। प्रदेश के किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने शनिवार को हरदा के ग्राम चौकी में लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सड़क का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास का पहिया तेजी से घूमता रहेगा। क्षेत्र के चहुँमुखी विकास में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। कृषि मंत्री ने कहा कि आगामी 2 वर्षों में हरदा जिले के प्रत्येक किसान को 24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी।   मंत्री पटेल ने कहा कि आगामी 2 वर्षों में जिले में लगभग 24 विद्युत सब-स्टेशन स्थापित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 3 सब-स्टेशन स्थापित हो गये हैं, जबकि पहले हरदा जिले में मात्र एक सब-स्टेशन हुआ करता था। सभी विद्युत सब-स्टेशन के तैयार हो जाने पर हरदा के किसानों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति होगी। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार बिजली का उपभोग खेती-किसानी में कर सकेंगे। लगभग 17 वर्ष पूर्व जब हमारी सरकार बनी थी, तब प्रदेश में मात्र 2990 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता था। आज 21 हजार मेगावॉट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है।   पटेल ने ग्राम चौकी में 8 करोड़ 78 लाख 86 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सड़क का भूमि-पूजन किया। मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (पीआईयू) की हरदा इकाई द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम-सड़क योजना के तृतीय चरण में हंडिया से नयापुरा तक डामरीकृत मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। सड़क की लंबाई 13.97 किलोमीटर है, जबकि चौड़ाई 5.5 मीटर है। डामरीकृत सड़क निर्माण हो जाने से आमजन को आवागमन और किसानों को खेती-किसानी में सहूलियत मिलेगी।   माँ नर्मदा के नेमावर में किये दर्शन कृषि मंत्री पटेल ने आज माँ नर्मदा के नाभि-कुंड नेमावर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ नर्मदा से किसानों और प्रदेश की समृद्धि के लिये कामना की।   बारंगा में लोगों की सुनी समस्याएँ कृषि मंत्री ने गृह ग्राम बारंगा में विधानसभा क्षेत्रवासियों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिये।

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 MadhyaBharat  23 April 2022

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भोपाल। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि कोविड की विषम परिस्थितियों में भी राज्य शासन द्वारा अपने कुशल वित्तीय प्रबंधन से आवश्यक व्ययों में किसी प्रकार की कोई कमी नही आने दी। केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित पूँजीगत व्यय के लक्ष्य को प्राप्त कर जीएसडीपी के 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण प्राप्त करने की पात्रता भी प्रदेश ने हासिल की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वितीय प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा।   वित्त मंत्री देवड़ा शनिवार को वित्त विभाग द्वारा पचमढ़ी में वित्तीय कार्यप्रणाली के सुद्दढ़ीकरण एवं नियमों के सरलीकरण हेतु कार्यशाला चिंतन 2022 को उज्जैन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा संबोधित कर रहे थे। चिंतन-2022 की कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव वित्त डॉ. मनोज गोविल, वित्त सचिव अजीत कुमार, कोष एवं लेखा आयुक्त ज्ञानेश्वर बी पाटील, वित्त सचिव एवं बजट संचालक आइरिन सिंथिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   केंद्रीय सहायता वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में निर्धारित राजस्व लक्ष्यों के अनुसार राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित की गई है। कोविड की विषम परिस्थितियों में राज्यों की धीमी पड़ी अर्थ-व्यवस्था को गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा राज्यों में पूँजीगत व्ययों को बढ़ाने के लिए प्रारंभ की गई विशेष सहायता योजना में राज्य शासन द्वारा उक्त योजना भाग-2 में प्रदेश ने 973.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित कर स्वीकृति प्राप्त की गई। इस योजना के भाग-3 में लोक परिसंपत्ति के निर्वर्तन एवं विनिवेश संबंधी अन्य कार्यों के फलस्वरूप राज्य का 538.86 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया। इस प्रकार पूँजीगत कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 1512.36 करोड़ रुपये का 50 वर्ष का ब्याज रहित ऋण प्राप्त हुआ, जो लगभग अनुदान के समान है।   पूँजीगत व्यय पर फोकस मंत्री देवड़ा ने बताया कि अर्थ-व्यवस्था को गति देने के लिए राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में विगत वर्षों की तुलना में पूँजीगत व्ययों को अधिक बढ़ावा दिया गया, जिससे राज्य की अर्थ-व्यवस्था गतिशील बनी रही। विगत वर्ष सकल राज्य घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर लगभग 20 प्रतिशत रही है।   देश की अर्थ-व्यवस्था में प्रदेश देगा योगदान वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक देश की अर्थ-व्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। विश्व पटल पर देश की अर्थ-व्यवस्था को ऊँचा उठाने के लिए निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य की अर्थ-व्यवस्था को गति देने हेतु विभिन्न क्षेत्रों में सुधार का प्रयास कर रही है।   उन्होंने चिंतन 2022 कार्यशाला में वित्तीय कार्य-प्रणाली के सुदृढ़ीकरण एवं नियमों के सरलीकरण हेतु वर्तमान डिजिटल परिवेश में नियमों का सरलीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से राज्य की एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली IFMIS में नवाचार, लेखा परीक्षण की गुणवत्ता में सुधार एवं वित्त विभाग के अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन पर विषय-विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा सूक्ष्म चिंतन किये जाने की सराहना की।   वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि वित्त विभाग सुशासन एवं सभी सिविल सेवाओं की रीढ़ है। उन्होंने बताया कि पूर्व में हुई कार्यशाला "चिंतन 2018" की उपलब्धि के रूप नवीन कोषालय संहिता 2020 अस्तित्व में आई है, जिसमें पूर्व के नियमों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य की आवश्यकता के अनुसार संशोधित किया गया है। नियमों के सरलीकरण से आमजन लाभान्वित हुआ है।   वित्त मंत्री ने कहा कि इस चिंतन के फलस्वरूप अच्छे उत्साहवर्धक सुपरिणाम सामने आएंगे। सुझाये गए उपायों को विचारोपरांत ठोस योजना बनाकर लागू किया जाएगा, जिससे राज्य का वित्तीय प्रबंधन और अधिक उन्नत अवस्था में स्थापित होगा।

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 MadhyaBharat  23 April 2022

bhopal, MP CM, Shivraj Singh Chouhan ,meets PM Modi

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार उनके निवास पर पहुंचकर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री को प्रदेश के विकास और जन-कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी और मार्गदर्शन प्राप्त किया।   मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि आगामी प्रवासी भारतीय दिवस 9 जनवरी 2023 को मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में आयोजित किया जाए। प्रवासी भारतीय दिवस से संयोजित करते हुए इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन 4, 5 और 6 नवम्बर के स्थान पर 7 और 8 जनवरी 2023 को किये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री चौहान ने उज्जैन के महाकाल महाराज क्षेत्र विस्तार योजना के लोकार्पण का निमंत्रण भी दिया, जिसे प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मई माह में मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति के वर्चुअल शुभारंभ का अनुरोध भी किया।   प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में अमृत सरोवर योजना की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर संरचनाओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रकार प्रदेश में लगभग 3800 अमृत सरोवर संरचनाओं का निर्माण जन-भागीदारी से पूरा किया जायेगा। आगामी 15 अगस्त को इन जल संरचनाओं के निकट ध्वजारोहण भी किया जायेगा।   प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश के विश्व विख्यात शरबती और दुरूम गेहूँ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश का 2 लाख 40 हजार टन गेहूँ निर्यात हो चुका है। अभी 20 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के निर्यात की और संभावना है। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश के गेहूँ के आयात की इच्छा व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने निर्यात नीति में प्रदेश द्वारा निर्यातकों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। कृषि विविधीकरण नीति के बारे में अवगत कराते हुए   उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि प्रदेश में तिलहन और नगदी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे खाद्य तेल के आयात में कमी कर विदेशी मुद्रा बचायी जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की इथेनॉल नीति की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया कि अब तक 50 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पादन के स्वीकृति-पत्र जारी किये जा चुके हैं।   प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश में रोजगार और स्व-रोजगार की दिशा में चलाई जा रही योजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिमाह एक रोजगार दिवस आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 2 लाख स्व-रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक तीन रोजगार दिवस 12 जनवरी, 25 फरवरी और 30 मार्च को आयोजित किये जा चुके हैं। इनमें 13 लाख 60 हजार से अधिक युवाओं को लगभग 7.7 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया है।   मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में ग्राम और नगरों के जन्म-दिवस को गौरव दिवस के रूप में मनाने का अभियान भी चलाया गया है। इसमें अब तक 14 हजार ग्राम और 31 नगरीय निकायों के गौरव दिवस आयोजित किये जा चुके हैं। शेष ग्राम और नगरीय निकायों के गौरव दिवस की तिथि का निर्धारण किया जा चुका है।   प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री चौहान ने ई-व्हाउचर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग में उपकरण क्रय और शिक्षा विभाग में साइकिल क्रय के लिये ई-व्हाउचर जारी किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लागू केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया, जिसमें प्रमुख रूप से स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, आयुष्मान भारत योजना, मातृवंदना योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना की उपलब्धियाँ शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन भी प्राप्त किया।   प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री चौहान द्वारा उठाये गये सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और केन्द्र शासन द्वारा प्रदेश को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

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 MadhyaBharat  23 April 2022

jabalpur, Female child, development officer ,arrested red handed

जबलपुर। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने शुक्रवार बालाघाट में महिला एवं बाल विकास अधिकारी को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। महिला बाल विकास अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता ममता मरकाम से नियुक्ति संबंधी आदेश जारी करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी।   लोकायुक्त निरीक्षक जीएस मर्सकोले ने बताया कि शिकायतकर्ता ममता पत्नी मंगल सिंह मरकाम ग्राम हिर्ररी तहसील बैहर बालाघाट में आँगनबाड़ी सहायिका है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त को अपनी शिकायत में बताया था कि बैहर बालाघाट के परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग दक्षदेव शर्मा नियुक्ति आदेश जारी करने के एवज में 10 हज़ार रुपये रिश्वत की माँग रहे हैं। शिकायत के बाद जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने शुक्रवार दोपहर 1.00 बजे महिला बाल विकास कार्यालय बैहर में अधिकारी दक्षदेव शर्मा को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।   इस कार्यवाही में लोकायुक्त टीम ने महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल को सूचित कर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपित को मौके पर जमानत दे दी।

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 MadhyaBharat  22 April 2022

ujjain, Lemon prices fell ,Rs 250 per kg

उज्जैन। शहर में नींबू के भाव रिकार्ड 450 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गए थे। इस अचानक बढ़े भाव को लेकर शहरवासी चौंक गए थे। इधर दो दिनों से भाव 250 रुपये प्रति किग्रा पर आ गए हैं। हालांकि मध्यमवर्गीय परिवार ने अभी भी इससे दूरी बनाकर रखी हुई है। इस समय शहर में थोक में नींबू का भाव 200 से 220 रुपये किग्रा तक है। वहीं खुदरा भाव 250 रुपये प्रति किग्रा है। इस बीच नग के हिसाब से अभी भी यह 10 रुपये में छोटे आकार का और 15 रुपये में बढ़े आकार का,इस रूप में मिल रहा है। थोक विक्रेताओं के अनुसार अब नींबू के भाव बारिश पूर्व कम नहीं होंगे। इधर गर्मियों में जिनके व्यवसाय नींबू पर कुछ हद तक टिका रहता है,वे हैरान और परेशान है। उनके अनुसार उनके धंधे पर सीधी चोंट हुई है। इनका कहना है सोड़ा और शिकंजी बेचने वाले रोजनदार अशोक सोलंकी के अनुसार उनकी दुकान पर अमूमन रोजाना 12 से 15 किग्रा नींबू की खपत हो जाती है। इस बार बढ़े हुए भाव के कारण ग्राहक से अधिक राशि मांगने पर वह प्रतिप्रश्न करने लगता है। शिकंजी और सोड़ा के भाव बढ़ाने के पिछे नींबू ही मुख्य कारण रहा लेकिन भाव बढ़ाने से व्यवसाय आधा ही रह गया है।   गन्ने के रस की दुकान संचालित करने वाले निहालसिंह चौहान के अनुसार बगैर नींबू के गन्ने के रस में मजा नहीं आता। भाव अधिक होने से हम खरीद नहीं रहे हैं। ऐसे में ग्राहक नींबू डालने की जीद करता है तो मना करना पड़ता है। नींबू डालने पर 10 रुपये अधिक मांगने पर वह स्वयं चला जाता है। ग्राहक यह समझने को तैयार नहीं है कि नींबू के भाव बढऩे के कारण हम कम भाव में रस कैसे पिला सकते हैं?

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 MadhyaBharat  22 April 2022

bhopal,  duty police ,Chief Minister Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गीता के श्लोक “परित्राणाय साधुनाम् विनाशाय च दुष्कृताम्” के अनुरूप सज्जन पुरुषों की रक्षा और दुष्टों का दमन पुलिस का कर्त्तव्य है। कोविड-19 में पुलिस ने सेवा के अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किए। नशा मुक्ति अभियान, बेटियों की सुरक्षा, सायबर अपराध पर नियंत्रण जैसी चुनौतियाँ पुलिस के सामने हैं। अतः पुलिस के प्रशिक्षण, वैज्ञानिक विवेचना की सुविधा, अन्वेषण के उपकरणों की उपलब्धता, फॉरेंसिक साइंस का हरसंभव उपयोग आज की आवश्यकता है। मुझे विश्वास है कि पुलिस विज्ञान कांग्रेस में सम्मिलित हो रहे पुलिस बलों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, विभिन्न विषयों और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे और उनका समाधान प्रस्तुत करेंगे।   मुख्यमंत्री चौहान शुक्रवार को केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल में 48वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विज्ञान कांग्रेस में भाग लेने आए सभी प्रतिनिधियों का प्रदेश में स्वागत किया। मुख्यमंत्री चौहान ने 48वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के शुभारंभ अवसर पर पधारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस भोपाल में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैभवशाली, समृद्ध, संपन्न और सशक्त भारत के निर्माण की प्रक्रिया जारी है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 21 हजार एकड़ से अधिक भूमि मुक्त कराई गई है, जिसकी लागत 12 हजार करोड़ से अधिक है। प्रदेश में पुलिस बल की संख्या वर्ष 2011 में 83 हजार 569 थी, जो आज बढ़कर 1 लाख 26 हजार से अधिक हो गई है। पुलिस में नई भर्तियों के लिए भी अभियान आरंभ किया जा रहा है।   उन्होंने कहा कि प्रदेश में डायल-100 में बहुत ही कम समय में लोगों को पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। ऊर्जा महिला डेस्क और क्राईम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम सुचारू रूप से संचालित है। एमपी. ई-कॉप एप के माध्यम से नागरिक सेवाओं की व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है। इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम से आपराधिक न्याय व्यवस्था के समस्त स्तंभ जैसे पुलिस, ई-कोर्ट, ई-प्रिजन, एफ .एस.एल., ई-प्रॉसीक्यूशन को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट किया गया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा दी है। अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस स्मार्ट पुलिसिंग के प्रावधानों को व्यावहारिक रूप देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी और इसका लाभ देश को मिलेगा। कार्यक्रम को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संबोधित किया।   प्रारंभ में महानिदेशक ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट (बीपीआरएण्डडी) बालाजी श्रीवास्तव ने अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के उद्देश्यों, प्रतिभागियों और चर्चा में आने वाले विषयों की जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय पुलिस के लिए सामयिक विषयों पर विचार-विमर्श करना और चुनौतियों के संबंध में रणनीति विकसित करना है। यह सम्मेलन जमीनी स्तर की व्यवस्थाओं को समझने और भविष्य में आने वाली चुनौतियों की दिशा में चर्चा के लिए साझा मंच प्रदान करता है। सम्मेलन में देशभर से 90 प्रतिभागी जुड़े हैं और 620 अधिकारी एवं पुलिसकर्मी वेबकास्ट के माध्यम से भाग ले रहे हैं। दो दिवसीय आयोजन में 06 विषयों पर विचार-विमर्श होगा।   कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा, अतिरिक्त महानिदेशक बी.पी.आर. एण्ड डी नीरज सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन बैंड पर प्रस्तुत राष्ट्र गान के साथ हुआ।

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 MadhyaBharat  22 April 2022

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भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने की डंडे वाली पुलिस का युग समाप्त हो गया है। अब नॉलेज बेस्ड, एविडेंस बेस्ड और तर्क के आधार पर पुलिसिंग करना होगी। पुलिस के विज्ञान को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शहरों में रहवासी संघों, नगर निगमों, मार्केट एसोसिएशन द्वारा अलग-अलग सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, पर यह पुलिस व्यवस्था से संबद्ध नहीं है। इनको समन्वित कर मितव्ययता के साथ बेहतर निगरानी व्यवस्था स्थापित की जा सकती है। बीट, परेड की व्यवस्था और खबरी प्रणाली को पुनर्जीवित कर सशक्त करना होगा। पुलिस की उपस्थिति से कानून-व्यवस्था में सुधार आता है। बीट की पेट्रोलिंग महत्वपूर्ण है, यह जनता के बीच सुरक्षा और संतोष का भाव लाती है। सफलता के लिए सही प्रोसेस और परफेक्शन आवश्यक है। सफलता पेशन से आती है, पुलिस बल में पेशन का जज्बा निर्मित करना हम सबका दायित्व है।   केंद्रीय गृह मंत्री शाह शुक्रवार को केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल में 48वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से निकालकर विकासशील राज्य बनाने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विशेष योगदान रहा है।   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा उपस्थित थे। कार्यक्रम के पहले केंद्रीय मंत्री शाह तथा मुख्यमंत्री चौहान ने केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी भोपाल के परिसर में शहीद स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की तथा माल्यार्पण किया। परिसर में सर्वधर्म स्थल पर पौध-रोपण भी गया, साथ ही अकादमी में अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के अवसर पर नवीन उपकरणों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।   केंद्रीय मंत्री शाह तथा मुख्यमंत्री चौहान ने पाँच पुस्तकों का विमोचन किया। इनमें अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस पर केंद्रित कॅम्पेंडियम, पुलिस विज्ञान पत्रिका के 45वें अंक, डाटा ऑन पुलिस ऑर्गेनाइजेशन 2021, बेस्ट प्रेक्टिसेज ऑन स्मार्ट पुलिसिंग तथा नेशनल सिलेबस फॉर डायरेक्टली रिक्रूटेड सब इन्स्पेक्टर्स, पुस्तक सम्मिलित हैं।   केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में देश और दुनिया ने भीषण बीमारी का सामना किया। कोरोना के समय देश में पुलिस के लगभग चार लाख अधिकारी-कर्मचारी संक्रमित हुए और 2700 से अधिक पुलिस-कर्मियों की मृत्यु हुई। इस कालखंड में देश की जनता ने पुलिस का मानवीय चेहरा और आपदा के समय पुलिस का व्यवहार देखा। इस आदर्श व्यवहार और सेवा के लिए समस्त पुलिस फोर्स का अभिनंदन है। देश के हर कोने से कोरोना काल में पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा सुनने को मिली। उन्होंने कोरोना काल में कर्त्तव्य निर्वहन के दौरान मृत 2712 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की।   शाह ने कहा कि अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस का पुलिस व्यवस्था में दो कारणों से महत्वपूर्ण योगदान है। संवैधानिक व्यवस्था में पुलिस और आंतरिक सुरक्षा को राज्यों का विषय माना गया है। संविधान निर्माण से अब तक अपराध के स्वरूप में आए बदलाव ने पुलिस के सामने अलग प्रकार की चुनौतियाँ खड़ी की हैं। कुछ इस प्रकार की प्रवृत्तियाँ उभर कर आयी हैं, जिन पर नियंत्रण के लिए राज्यों की पुलिस तथा देशभर की पुलिस को परस्पर समन्वय और एकरूपता के साथ कार्य करना होगा, अन्यथा हम चुनौतियों का सामना नहीं कर पाएंगे।   केन्द्रीय मंत्री ने उत्तर-पूर्वी राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये आठ राज्य हैं, सभी राज्यों की पुलिस इकाइयाँ अलग-अलग हैं, पर एक समान चुनौती है। इसलिए समन्वय और एक नीति की आवश्यकता है। देश के पूर्वी क्षेत्र में घुसपैठ और देश के पश्चिमी राज्यों में जहाँ-जहाँ पड़ोसी देश से सीमा लगती है, वहाँ चुनौतियाँ एक समान है। यदि राज्यों की पुलिस आयसोलेशन में कार्य करती रहेगी तो हम इन चुनौतियों का सामना प्रभावी रूप से नहीं कर सकेंगे। इस परिस्थिति में संविधान को बदलने की जरूरत नहीं है, परंतु अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस और डीजी कॉन्फ्रेंस जैसे आयोजनों के माध्यम से कुछ राज्य मिलकर अपने क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं और समस्याओं के संबंध में समान नीति बना सकते हैं।   शाह ने कहा कि देश के सामने ड्रग्स, हवाला ट्रांजेक्शन, सायबर फ्राड जैसी चुनौतियाँ हैं। एक राज्य में बैठा व्यक्ति किसी दूसरे राज्य के व्यक्ति से सायबर फ्राड कर सकता है। ऐसे प्रकरणों का सामना करने के लिए साझा रणनीति नहीं है। ऐसे प्रकरणों के निदान के लिए संवाद का माध्यम क्या हो? इन स्थितियों के लिए पुलिस विज्ञान कांग्रेस आदर्श व्यवस्था है। बी.पी.आर.एण्ड डी समान प्रकार की चुनौतियों का सामना करने के लिए देशभर की पुलिस को एक प्लेटफार्म पर लाकर समाधान निकालने के लिए आवश्यक है। अत: यह जरूरी है कि पुलिस विज्ञान कांग्रेस में समान प्रकार की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक समान रणनीति निर्धारित करने पर भी विशेष सत्र में चर्चा हो।   उन्होंने कहा कि अपराधी दुनियाभर की अद्यतन तकनीक से लैस होते जा रहे हैं। यह आवश्यक है कि पुलिस अपराधी से दो कदम आगे रहे। इसके लिए पुलिस को टेक्नोसेवी बनना होगा और प्रत्येक बीट, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल स्तर पर तकनीक के उपयोग में सिद्धहस्त होना होगा, अन्यथा हम नए प्रकार के अपराधों पर नियंत्रण प्राप्त नहीं कर सकेंगे। इसके लिए बी.पी.आर. एण्ड डी ने एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से पिछले दस साल में इस दिशा में कार्य हो रहा है। देश की आंतरिक चुनौतियों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस महत्वपूर्ण है और इस प्रकार के आयोजन आवश्यक है।   केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कश्मीर की समस्या, वामपंथियों के उग्रवाद की समस्या और उत्तर-पूर्व क्षेत्र के नशीले पदार्थों व हथियारों की समस्या का वैज्ञानिक तरीके से सामना करते हुए, इनके नियंत्रण में सफलता प्राप्त की गई है। यह स्थिति इन समस्याओं का विश्लेषण कर उपायों पर निर्णय लेने और उनके क्रियान्वयन में एकरूपता के परिणाम स्वरूप संभव हुई है।   उन्होंने कहा कि सभी पुलिस इकाइयों को दस साल की रणनीति विकसित कर उसकी निरंतर समीक्षा की व्यवस्था स्थापित करने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि अधिकारी बदलते रहें, परंतु समस्या के प्रति पुलिस की रणनीति में कोई बदलाव न हो। वर्तमान में कई अपराध ऐसे आ रहे हैं, जिन पर पुलिस के आधुनिकीकरण, आवश्यक प्रशिक्षण, अन्य राज्यों और इकाइयों के साथ समन्वय और आधुनिकतम तकनीक के कुशल उपयोग के बिना नियंत्रण पाना संभव नहीं है। नार्कोटिक्स, नकली करेंसी, हवाला, सायबर क्राइम, हथियारों की तस्करी आदि का समाधान, रणनीति की एकरूपता से ही संभव होगा।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन की घोषणा की है। इससे एक ही प्रकार के वायरलैस सिस्टम, सी.सी.टी.वी. कैमरा, विश्लेषण करने वाले सॉफ्टवेयर आदि में एकरूपता आएगी और सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहायता मिलेगी।   शाह ने कहा कि आज जिन पुस्तकों का विमोचन हुआ है, उनका अध्ययन सभी राज्यों में पुलिस अधिकारी करें। इनकी संक्षेपिका, प्रदेश के एस.पी. स्तर के प्रत्येक अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। पुस्तकों में समाहित विभिन्न अध्ययनों के निष्कर्षों को पुलिस के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी तक पहुँचाना आवश्यक है।   उन्होंने कहा कि डाटा नया विज्ञान है और बिग डाटा में सभी समस्याओं का समाधान है। भारत सरकार ने सभी थाने सी.सी.टी.एन.एस. व्यवस्था से जोड़े हैं। पर्याप्त डाटा उपलब्ध है। इसके उपयोग और विश्लेषण की दिशा में प्रयास करना आवश्यक है। पुलिस में त्वरित क्रिया ‘जस्ट एक्शन’ की संस्कृति विकसित करना आवश्यक है। यह तभी संभव होगा, जब व्यवस्था व्यक्ति पर निर्भर न हो अपितु व्यक्ति व्यवस्था पर निर्भर हो। इससे पुलिसिंग में सकारात्मक बदलाव संभव होगा।   केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस-विज्ञान के दो पहलू हैं, पहला 'साईंस फॉर पुलिस' और दूसरा 'साईंस ऑफ पुलिस'। देश के सामने आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए इन दोनों विषयों पर गंभीरता से विचार आवश्यक है। देश की आंतरिक सुरक्षा को सशक्त करने के लिए पुलिस का आधुनिकीकरण, पुलिस को सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण, अद्यतन तकनीक की उपलब्धता और पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्था विकसित करनी होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने स्मार्ट पुलिसिंग की जो अवधारणा दी है, वह तभी चरितार्थ होगी। हमारे 16 हजार से अधिक पुलिस स्टेशन ऑनलाईन हो चुके हैं। एनसीआरबी में सी.सी.टी.एन.एस. द्वारा राज्य स्तर पर 09 सेवाओं को उपलब्ध कराया गया है। इन सेवाओं के संबंध में पुलिस के साथ-साथ जनता को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। व्हीकल एनओसी, मिसिंग पर्सनस सर्च ईंजन, फिंगर प्रिंट सर्च के लिए नफीस सॉफ्टवेयर आदि जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं का थाना स्तर तक प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। आतंकवादी, नार्कोटिक्स, बम विस्फोट, विमान अपहरण के मामलों में डाटाबेस का उपयोग बढ़ाने की आवश्यकता है। राज्य स्तर पर इनके अध्ययन के लिए निश्चित व्यवस्था स्थापित की जाए। सी.सी.टी.एन.एस. की जितनी भी सेवाएँ हैं, उन्हें थाना स्तर तक पहुँचाने का कार्य देश की सभी पुलिस इकाइयों को करना चाहिए।   शाह ने कहा कि साईंस ऑफ पुलिस में मेडिकल साईंस, फॉरेंसिक साईंस, मैनेजमेंट साईंस, आर्म साईंस और कम्युनिकेशन साईंस का उपयोग बढ़ाने की आवश्यकता है। इस क्षेत्र में दो विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। फॉरेंसिक साईंस लेबोरेट्री स्थापित की गई है। भोपाल में भी यह स्थापित होने वाली है। हमें इसके उपयोग को प्रोत्साहित करना होगा। आईपीसी, सीआरपीसी के संशोधनों के अंतर्गत 06 वर्ष से अधिक सजा के प्रकरणों में फॉरेंसिक साक्ष्य को अनिवार्य किया जा रहा है। इस प्रकार की व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन आवश्यक हैं। इसी उद्देश्य से अग्रिम व्यवस्था करते हुए फॉरेंसिक साईंस लेब की स्थापना की जा रही है। रक्षा-शक्ति विश्वविद्यालय में विशेषज्ञ विकसित होंगे। शाह ने सभी राज्यों के महानिदेशकों से कहा कि अपने-अपने राज्यों में दोनों विश्वविद्यालय के केन्द्र विकसित करें। उन्होंने 'डायरेक्ट्रेट ऑफ प्रोसीक्यूशन' को भी सशक्त करने की आवश्यकता बताई।

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 MadhyaBharat  22 April 2022

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भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा द्वारा भोपाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बुलाकर एक बड़ा आयोजन किया, यह आयोजन तेंदूपत्ता संग्राहको को बोनस बांटने के नाम पर किया गया। 67 करोड़ के बोनस बांटने के लिए 20-25 करोड़ रुपए इस आयोजन-इवेंट के नाम पर आज लुटा दिए गए। कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा चूँकि हर काम को इवेंट के जरिए करती है, इवेंट करना उनकी आदत बन चुका है। प्रदेश के खजाने को इसी तरह इवेंट के नाम पर लुटाती आयी है और आज भी भाजपा ने वैसा ही किया। दो वर्ष बाद यह बोनस दिया गया और वह भी करोड़ों लुटाकर? पूर्व सीएम ने कहा कि यदि यह राशि इन वर्गों के हित व कल्याण के लिए खर्च की जाती तो शायद आज इस वर्ग का ज्यादा भला होता। आगामी चुनाव को देखते हुए आदिवासी वर्ग व दलित वर्ग को साधने के लिए यह आयोजन किया गया, जबकि पूरे प्रदेश का आदिवासी वर्ग जानता है कि देश में सबसे ज़्यादा जनजातीय वर्ग के लोग मध्यप्रदेश में रहते हैं और उनकी हालत किसी से छुपी नहीं है। कमलनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासी वर्ग पर देश भर में दर्ज होने वाले अपराधों में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 23 फ़ीसदी है, खुद एनसीआरबी की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश आदिवासी उत्पीडऩ में देश में शीर्ष पर आया है। हमने नेमावर की, खरगोन की,खंडवा की घटनाएं देखी है, किस प्रकार से इस वर्ग के साथ अत्याचार व दमन किया जा रहा है। हमने हमारी सरकार में तेंदूपत्ता संग्राहको की राशि को 2000 से बढ़ाकर 2500/- किया था और अभी कुछ दिनों पूर्व ही मैंने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की थी कि छत्तीसगढ़ सरकार की तर्ज पर इस राशि को बढ़ाकर 4500/- किया जाये। आज इस निर्णय को लिया जाना था लेकिन निर्णय तो लिया नहीं गया उल्टा इस इवेंट के नाम पर करोड़ों रुपए लुटा दिए गए। कमलनाथ ने कहा कि वास्तव में भाजपा सरकार को यदि तेंदूपत्ता संग्राहको की, आदिवासी व दलित वर्ग की चिंता है तो उनके साथ होने वाली उत्पीडऩ की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार कठोर कदम उठाये, इन वर्ग के हित व कल्याण के लिए ठोस योजनाएं बनाये। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कभी जनजातीय गौरव दिवस के नाम पर, कभी अन्य आयोजन के नाम पर करोड़ों रुपया लूटा रही है, आदिवासी उपयोजना की राशि आयोजनों पर खर्च की जा रही हैं, जबकि इस राशि से इस वर्ग का विकास होना चाहिये। प्रदेश का आदिवासी वर्ग, दलित वर्ग तेंदूपत्ता, संग्राहक इस सच्चाई को जानता है और भाजपा की ऐसी गुमराह करने वाली राजनीति में आने वाला नहीं है।

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 MadhyaBharat  22 April 2022

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भोपाल। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल आगमन पर शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका आत्मीय और जोरदार स्वागत किया। शाम को श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर से प्रदेश भाजपा कार्यालय तक निकले उनके रोड शो के दौरान अल्पसंख्यक बहनों और कश्मीरी पंडितों ने जहां स्वागत में फूल बरसाए तो वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का आत्मीय स्वागत किया।   सुबह हवाई अड्डे पर प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्रियों एवं कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री शाह की अगवानी की। इसके बाद लाल परेड ग्राउंड पर पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यहां से वे दिन में निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल हुए।   दो किमी तक रोड शो में गूंजते रहे कार्यकर्ताओं के जयघोष दोपहर में जंबूरी मैदान में आयोजित वन समितियों के सम्मेलन के पश्चात केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के साथ 5 नं. स्थित श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर पहुंचे। यहां से शाम को अमित शाह का रोड शो प्रारंभ हुआ। रोड शो के शुरुआत में भोपाल में निवासरत कश्मीरी पंडितों ने गृह मंत्री शाह का पुष्पवर्षा और आरती उतारकर स्वागत किया। रोड शो में पार्टी कार्यकर्ता जयघोष के साथ आगे बढ़ रहे थे। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भगवा पगडी पहने चल रहे थे। श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर से शुरू हुए दो किमी तक के रोड शो में जगह-जगह पार्टी के कार्यकर्ताओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों, भोपाल की सभी विधानसभा के कार्यकर्ताओं, केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के हितग्राहियों ने पुष्पवर्षा कर अमित शाह का अभिनंदन किया। तीन तलाक से आजादी के लिए अल्पसंख्यक बहनों ने माना आभार केन्द्रीय गृह मंत्री शाह का रोड शो जब 6 नं. पहुंचा तो हाथों में तख्तियां लिए खडी अल्पसंख्यक बहनों ने तीन तलाक से आजादी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया और अमित शाह का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान अल्पसंख्यक बहनें मोदी जी जिंदाबाद, भाजपा जिंदाबाद के नारे लगा रही थीं। इसी प्रकार अलग-अलग योजना के हितग्राहियों ने भी मंच के माध्यम से पुष्पवर्षा कर शाह का स्वागत किया।   प्रदेश कार्यालय में महापुरूषों की प्रतिमाओं पर किया माल्यार्पण केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का रोड शो भाजपा कार्यालय पहुंचा। यहां पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने उनकी अगवानी की। इसके पश्चात शाह ने मुख्यमंत्री, पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं केन्द्रीय मंत्रियों के साथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्रियों, पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, प्रदेश पदाधिकारियों एवं प्रदेश शासन के मंत्रियों की बैठक में भाग लिया।

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 MadhyaBharat  22 April 2022

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सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के निवासी सीआईएसएफ जवान शंकर प्रसाद पटेल शुक्रवार को सुबह जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। उनके साथ और भी जवान घायल हुए हैं। शंकर प्रसाद पटेल के शहीद होने की खबर मिलने के बाद उनके पैतृक गांव में शोक की लहर छा गई। क्षेत्रीय सांसद ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। शहीद का पार्थिव शरीर शनिवार शाम तक उनके गृह ग्राम पहुंचने की संभावना है। सतना जिले के मैहर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नौगवां निवासी शंकर प्रसाद पटेल सीआईएसएफ में एएसआई के पद पर पदस्थ थे। शुक्रवार सुबह 4.30 बजे जम्मू कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में आतंकवादियों के गोलीबारी के दौरान वे शहीद हो गए। उनके साथ सीआईएसएफ के 10 से 12 जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान शंकर प्रसाद पटेल के काफिले पर आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंक दिया, जिससे शंकर प्रसाद पटेल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सुबह उनके शहीद होने की खबर उनके पैतृक गांव पहुंची, इसके बाद क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। लोग शहीद के परिजनों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। सतना सांसद गणेश सिंह ने शहीद के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि जिस बहादुरी के साथ दुश्मनों से शंकर प्रसाद पटेल ने लोहा लिया और देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी, उस पर हमें गर्व है। उन्होंने न केवल विंध्य की धरती बल्कि समूचे प्रदेश का मस्तक ऊंचा किया है। उनकी शहादत पर हम नतमस्तक हैं। इस दुख की घड़ी में उनके स्वजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं मां भारती उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गुरुवार से ही मुठभेड़ जारी है। भारतीय जवानों ने अब तक चार आतंकवादियों को मार गिराया है। इस मुठभेड़ में लश्कर का टाप आतंकी कमांडर युसूफ कांतरू भी मारा गया है।

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 MadhyaBharat  22 April 2022

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भोपाल। मध्यप्रदेश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 15 नये मामले सामने आए हैं, जबकि 02 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं। इसके बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 10 लाख 41 हजार 281 हो गई है। वहीं, राहत की बात यह है कि राज्य में लगातार 32वें दिन कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार देर शाम जारी कोविड-19 बुलेटिन में दी गई। एक दिन पहले भी यहां 06 नये संक्रमित मिले थे।   कोविड-19 बुलेटिन के अनुसार, आज प्रदेशभर में 7,771 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 15 पॉजिटिव और 7,756 निगेटिव पाए गए, जबकि 34 सेम्पल रिजेक्ट हुए। पॉजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत (संक्रमण की दर) 0.1 रहा। नये मामलों में सबसे ज्यादा इंदौर में 9, शिवपुरी में 2 तथा भोपाल, जबलपुर, कटनी और रायसेन में 1-1 नये संक्रमित मिले हैं, जबकि राज्य के 46 जिलों में आज कोरोना के नये मामले शून्य रहे। वहीं, राज्य में बीते 24 घंटों में कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। यहां 32 दिन से मृतकों की कुल संख्या 10,734 पर स्थिर है।   प्रदेश में अब तक कुल दो करोड़ 90 लाख 16 हजार 536 लोगों के सेम्पलों की जांच की गई। इनमें कुल 10,41,281 प्रकरण पाजिटिव पाए गए। इनमें 10,30,489 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें से 2 मरीज गुरुवार को स्वस्थ हुए। अब यहां सक्रिय प्रकरणों की संख्या 45 से बढ़कर 58 हो गई। खुशी की बात यह भी है कि राज्य के 35 जिले पूरी तरह कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इन जिलों में अब कोरोना का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है।   इधर, प्रदेश में 21 अप्रैल को शाम छह बजे तक 76 हजार 078 लोगों का टीकाकरण किया गया। इन्हें मिलाकर राज्य में अब तक वैक्सीन के 11 करोड़, 71 लाख, 39 हजार 501 डोज लगाई जा चुकी है।

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 MadhyaBharat  21 April 2022

bhopal, Chief Minister, Kanya Vivah Yojana ,started again

भोपाल। पूर्ववर्ती कांग्रेस की कमलनाथ सरकार द्वारा बंद कर दी गई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी "कन्या विवाह योजना" का गुरुवार को सीहोर जिले के नसरूल्लागंज से पुन: आगाज हुआ। मुख्यमंत्री चौहान ने धर्मपत्नी साधना सिंह के साथ शाम को निकली सामूहिक बारात की अगवानी की। योजना के पहले आयोजन में 465 दुल्हे राजाओं की एक साथ बारात निकली।   बारात की अगवानी के समय मुख्यमंत्री के साथ सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और सांसद रमाकान्त भार्गव भी चल रहे थे। नसरूल्लागंज के मंडी प्रांगण से शादी समारोह स्थल की दूरी एक किलोमीटर है। बारात वाले रास्ते को अति सुन्दर सजाया गया था, जो देखने लायक था। बारात के रास्ते में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाये गये थे। नसरूल्लागंज में महिलाओं, बच्चों और बड़े जन-समुदाय द्वारा उत्साहपूर्वक पुष्प-वर्षा कर बारात का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बारात में खुली जीप में फूलों की वर्षा कर जनता का अभिवादन किया।   बारात में नरसिंहगढ़ का प्रसिद्ध बैंड शामिल किया गया था। बैंड की आवाज सुनकर घोड़े भी नाच रहे थे। बारात का यह दृश्य बहुत अद्भुत और अविस्मरणीय लग रहा था। बारात के स्वागत के लिए भव्य आतिशबाजी हो रही थी। बारात में दुल्हे राजाओं के रिश्तेदारों और नसरूल्लागंजका बड़ा जन-समुदाय भी शामिल हुआ था, जो नृत्य करते हुए बारात की शोभा बढ़ा रहे थे। जिला प्रशासन द्वारा सभी दुल्हों को सरल क्रमांक दिये गये थे, जो दुल्हन की वेदी पर भी अंकित किये गये थे। इससे बारात आगमन पर दूल्हों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आज से नसरूल्लागंज से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पुन: प्रारंभ की गई। योजना में कन्या को 55 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 38 हजार रुपये का गृहस्थी का सामान, 11 हजार रुपये का चैक और अन्य व्यवस्थाओं के लिए 6 हजार रुपये की राशि शामिल है।

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 MadhyaBharat  21 April 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को राजधानी भोपाल के स्मार्ट उद्यान में सी.एस.सी, ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ कचनार और गुलमोहर के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री चौहान के साथ कमलेश बंजरिया, लोकेश जोशी और प्रतीक शर्मा ने पौध-रोपण किया।   बता दें कि सी.एस.सी देश में आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड तथा प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता अभियान को आमजन तक पहुँचाने का काम कर रही है। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रति वर्ष वृक्षा-रोपण करती आ रही है। इसी क्रम में 25 अप्रैल को संर्पूण प्रदेश की ग्राम पंचायतों में वृक्षा-रोपण किया जाएगा।   उल्लेखनीय है कि रोपे गए पौधों में गुलमोहर को विश्व के सुंदरतम वृक्षों में से एक माना गया है। यह औषधीय गुणों से भी समृद्ध है। कचनार के छोटे और मध्यम ऊँचाई के वृक्ष पूरे भारत में पाए जाते हैं। यह औषधीय गुणों से भी भरपूर है।

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 MadhyaBharat  21 April 2022

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भोपाल। भोपाल में गुरुवार को सिविल सर्विस डे पर प्रशासन अकादमी के प्रोग्राम में शिवराज सिंह चौहान के भाषण के दौरान बिजली गुल हो गई। बिजली बीच में बिजली गुल होने पर मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले- कोयले का संकट है। हालांकि 5 मिनट बाद बिजली आ गई। लेकिन बिजली संकट को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला करने का मौका नही छोड़ा। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने बिजली संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश की तुलना अंधेर नगरी से की है। जीतू पटवारी ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली का संकट गहरा गया है। गांवों में 10 घंटे तक बिजली नहीं आ रही है और शहरी क्षेत्र में भी बिजली कटौती जारी है। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 22,000 मेगावाट बिजली का एग्रीमेंट किया है, लेकिन जितनी खपत है, उतनी बिजली भी नहीं मिल रही। शिवराज सरकार की अदूरदर्शिता से प्रदेश में अंधेरा व्याप्त है। वहीं मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में भी बिजली गुल हो रही है। बिजली संकट भयावह है, सरकार स्थिति को जल्द संभाले। प्रदेश को 12 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत है, जबकि उपलब्धता मात्र 10 हजार मेगावाट है।   पूर्व मंत्री ने कहा कि जहां कमलनाथ सरकार में 100 रू. में 100 यूनिट बिजली मिलती थी और बिजली का किसी तरह का संकट नहीं था। वहीं शिवराज सिंह चौहान सरकार ने प्रदेश को अंधेरे में धकेल दिया है। प्रदेश में अंधेर नगरी मामा राजा के हालात पैदा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता यह भी जानती है कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार की लापरवाही से कोयले का संकट लंबे समय से बना हुआ है। यही कारण है कि आज प्रशासन अकादमी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन के दौरान और भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की पत्रकार वार्ता के पूर्व लंबे समय तक बिजली कटौती होना प्रदेश में बिजली संकट की स्थिति बयां करता है।   जनता को प्रभावित कर रहे अन्य मुद्दों की चर्चा करते हुए पटवारी ने कहा कि मार्च में खाने-पीने की चीजों की थोक महंगाई दर 8.47 प्रतिशत से बढक़र 8.71 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं प्राइमरी आर्टिकल्स की थोक महंगाई दर भी फरवरी 13.39 प्रतिशत से बढक़र 15.54 प्रतिशत पर आ गई है। उधर, ईंधन और बिजली की थोक महंगाई दर भी फरवरी के 31.50 प्रतिशत से बढक़र 34.52 प्रतिशत पर आ गई है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने के सामान, ईंधन और बिजली के दाम में इजाफा होने से थोक महंगाई मार्च में लगातार 12वें महीने डबल डिजिट में बनी हुई है। पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार दूरदर्शिता दिखाये और जनता को तत्काल बिजली संकट और महंगाई से राहत पहुंचाये।

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 MadhyaBharat  21 April 2022

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खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में 10 अप्रैल को रामनवमी पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान एसपी सिद्धार्थ चौधरी पर एक व्यक्ति ने तलवार से हमला किया था, जबकि दूसरे ने उन्हें गोली मार दी थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपितों की पहचान कर ली है। फिलहाल दोनों फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।   खरगोन में रामनवमी पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी। पुलिस ने गुरुवार को दो ऐसे उपद्रवियों की पहचान कर रही है, जिन्होंने हिंसा भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इनमें एक उपद्रवी एसपी को मारने के लिए तलवार लेकर दौड़ा था, जबकि दूसरे ने उन्हें गोली मार दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों पर रासुका की कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।   प्रभारी एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि जिन दो आरोपित नवाज और मोहसिन पर रासुका लगाई गई है, वे आदतन अपराधी हैं। दोनों के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट, पत्थरबाजी और शांतिभंग करने के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने फिलहाल नवाज के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में 8 केस और मोहसिन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में 10 केस दर्ज किए हैं। दोनों आरोपित पुलिस गिरफ्त में हैं। इसके अलावा वसीम उर्फ मोहसिन ने एसपी सिद्धार्थ चौधरी पर कट्टे से फायर किया था, जबकि इरफान खान ने भीड़ पर तलवार से हमला किया था।   एएसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि जिन दो आरोपित नवाज और मोहसिन के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई है। वे दोनों दंगों के दौरान सक्रिय थे। दोनों ने उपद्रवियों को भड़काने के साथ ही दंगों के दौरान अहम रोल अदा किया। रामनवमी पर हुए दंगों में दोनों आरोपित अन्य उपद्रवियों के संपर्क में थे और उन्हें भड़का रहे थे, इसलिए इन दोनों पर पुलिस ने जांच के बाद रासुका की कार्रवाई की है।   उन्होंने बताया कि एसपी के प्रधान आरक्षक गनमैन एसएएफ प्रथम वाहिनी गिलदार (45) पुत्र रायसिंह सोलंकी ने एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें गनमैन ने बताया कि वसीम उर्फ मोहसिन पुत्र जानू संजय नगर मुबावाली गली ने कट्टे से फायर किया था। इरफान खान संजय नगर ने भीड़ पर तलवार से हमला किया था। गिलदार सिंह ने बताया कि दंगे वाले दिन एसपी और बल ने दोनों पक्षों के लोगों को भगाने के लिए आंसू गैस छोड़ी, तभी वर्ग विशेष का व्यक्ति भीड़ में से सफेद कपड़े पहने सिर पर सफेद कपड़ा बांधे हाथ में तलवार लिए भीड़ में घुस आया। वह तलवार से लोगों पर वार करने लगा। भीड़ को बचाने के लिए मैं, एसपी, ड्राइवर, रीडर व अन्य बल भीड़ में घुसे और उसकी तलवार पकड़कर छीनने का प्रयास किया। एसपी के हाथ में चोट लगी। वह व्यक्ति तलवार छुड़ाकर भीड़ की तरफ भागा, तभी भीड़ में से किसी व्यक्ति ने कट्टे से फायर किया, जिसका एक छर्रा एसपी के बाएं पैर में लगा और खून निकलने लगा।

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 MadhyaBharat  21 April 2022

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छतरपुर। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बाद छतरपुर में भी बारातियों को लेकर जा रहा वाहन दुर्घटना का शिकार हो गया। जिले के बड़ामलहरा से हमा गांव जा रही बारातियों से भरी बस कानपुर नेशनल हाइवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को ईलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   जानकारी अनुसार हमा गांव निवासी रमेश अहिरवार की बारात बड़ामलहरा जा रही थी। बस में दूल्हे के अलावा कई लोग सवार थे। इस दौरान गुरुवार सुबह करीब 9.30 बजे कानपुर नेशनल हाइवे पर काली माता रोड तिराहे मोड़ पर बस तेज रफ्तार होने के कारण अनबैलेंस हो गई और पलटी खा गई। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की भीड़ मदद के लिए मौके पर जमा हो गई। इस दौरान किसी ने पुलिस को भी सूचित कर दिया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला।   हादसे में मातादीन विश्वकर्मा और गणेश प्रजापति की मौत हो गई है। जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। घायलों में सुकालू अहिरवार (65), अंकित अहिरवार (14), दिनेश कुमार (25), शोभा अहिर (11), कृष्णा (8), बाबूलाल (45) शामिल है, अन्य घायलों के नाम का पता नहीं चल सका है। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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 MadhyaBharat  21 April 2022

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भोपाल। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि 22 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भोपाल आगमन होगा। इस दौरान यहांउनका ऐतिहासिक स्वागत-सत्कार होगा। अमित शाह के भोपाल आगमन पर कार्यकर्ता व्यापक उत्साह और उमंग के साथ उनके स्वागत के लिए तैयार हैं। उनके आगमन को लेकर तैयारियां अंतिम चरणों में है।   भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा बुधवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 02 अप्रैल को गृह मंत्री अमित शाह का आगमन भोपाल में हो रहा है। यहां वे जंबूरी मैदान में लाखों तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस का वितरण करेंगे। उन्होंने कहा, हमारे लिए यह सौभाग्य की बात है कि देश के गृह मंत्री, लोकप्रिय, ताकतवर नेता एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, जिनके नेतृत्व में भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बना है, वह भोपाल आगमन के दौरान प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे।   विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह हमेशा संगठन की मजबूती, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कामों को जमीन पर उतारने एवं युवाओं से संपर्क पर उनका अधिक फोकस रहता है। अमित शाह 2 घंटे भाजपा के प्रदेश कार्यालय, पं. दीनदयाल परिसर में रहेंगे। इस बीच अनौपचारिक तौर पर पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ में उनकी बैठक होगी।

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 MadhyaBharat  20 April 2022

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ग्वालियर। देश के अलग-अलग भागों में सक्रिय चार मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से अगले 24 घंटे में मौसम बदलने की संभावना है। इस दौरान ग्वालियर सहित अंचल में कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है तो कहींं आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने चुनिंदा क्षेत्रों में धूल भरी आंधी भी चलने की संभावना जताई है। स्थानीय मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर और उससे सटे उत्तरी पाकिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है जबकि हरियाणा और झारखंड में चक्रवात बने हुए हैं। इसके अलावा एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी अफगानिस्तान में बना हुआ है जो जम्मू-कश्मीर की ओर बढ़ रहा है। इन चारों मौसम प्रणालियों का प्रभाव ग्वालियर सहित मध्यप्रदेश के चुनिंदा क्षेत्रों में भी नजर आएगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर सहित प्रदेश के सात जिलों में धूल भरी आंधी चलने, गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने, आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की चेतावनी जारी की है। ग्वालियर में बुधवार को देर रात से ही मौसम बदलने की संभावना है। इन मौसम प्रणालियों का असर 22 अपै्रल तक रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान में गिरावट तो न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी। इसके बाद धीरे-धीरे अधिकतम तापमान फिर से बेढ़ेगा और भीषण गर्मी व लू की स्थित निर्मित होगी।   चार साल बाद न्यूनतम पारा 28 डिग्री सेल्सियस पर: पिछले दिनों की तरह बुधवार को भी मौसम शुष्क रहा। इसके चलते दिन में जहां काफी तेज धूप निकली वहीं चार किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाएं भी चलती रहीं। दोपहर बाद आसमान में आंशिक बादल नजर आए। इसके चलते अधिकतम तापमान पिछले दिन की तुलना में 0.9 डिग्री सेल्सियस आंशिक गिरावट के साथ 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 3.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है जबकि न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस उछाल के साथ 28.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया जो औसत से 6.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है।   मौसम विभाग के अनुसार पिछले चार साल बाद न्यूनतम तापमान इतनी ऊंचाई पर पहुंचा है। इस दृष्टि से मंगलवार-बुधवार की रात वर्तमान मौसम में सबसे गर्म रही। इससे पहले सर्वाधिक 31.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 22 अपै्रल 2017 को दर्ज किया गया था।

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 MadhyaBharat  20 April 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को मंत्रालय में विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीएम कॉन्क्लेव के निर्णयों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मध्यप्रदेश, सीएम कॉन्क्लेव के निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए तेजी से कार्य कर रहा है। यह कॉन्क्लेव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 13 और 14 दिसंबर, 2021 को वाराणसी में हुई थी।   मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश, कॉन्क्लेव में लिए गए निर्णयों को बेहतर ढंग से जमीन पर उतारने का कार्य करेगा। संबंधित विभाग आम जनता के कल्याण के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, फ्लेगशिप योजनाओं और हितग्राहियों के खातों में राशि जमा करने से जुड़े कार्यों को नियमित रूप से पूरा करते रहें। जिन योजनाओं में अभी हितग्राही के बैंक खाते में सीधे राशि के अंतरण की सुविधा विकसित नहीं की गई है, उन योजनाओं में भी यह सुविधा प्रारंभ की जाए। उन्होंने विभागवार कॉन्क्लेव के निर्णयों की जानकारी प्राप्त की।   आवास योजना में प्रतिमाह 40 से 50 हजार आवास बनाने का लक्ष्य बैठक में बताया गया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र परिवारों में से 30 लाख से अधिक की स्वीकृति दी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में करीब 4 लाख आवासों की मंजूरी दी गई है। प्रतिमाह 40 से 50 हजार आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है।   बताया गया कि प्रदेश में विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियों सहित 21 विभागों की 134 योजनाओं में डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) लागू है। अब तक 17 हजार 867 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री किसान-कल्याण योजना, मुख्यमंत्री किसान-कल्याण योजना और जनजातीय छात्रवृत्ति वितरण के लिए आधार इनेबिल्ड पेमेंट सिस्टम की व्यवस्था है। भारतीय अर्थ-व्यवस्था को 05 ट्रिलियन डॉलर बनाने के कॉन्क्लेव के निर्णय पर अमल की दिशा में राज्य के योगदान स्वरूप मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि और कृषि आधारित गतिविधियों के लिए वर्ष 2022-23 में 40 हजार 916 करोड़ और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के 2850 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।   चालू वित्त वर्ष में पूँजीगत व्यय गत वित्त वर्ष के पुनरीक्षित अनुमान से 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ 48 हजार 800 करोड़ रुपये किया गया है। प्रदेश में व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को अधिक सुगम बनाने के लिए ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के भी प्रयास हो रहे हैं। जेम पोर्टल से खरीद के कार्य को दोगुना किए जाने का लक्ष्य है। डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दिया गया है। उच्च स्तर पर 23 प्रमुख विभागों की परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है।   स्वच्छ भारत मिशन स्वच्छ भारत मिशन में गत वित्त वर्ष में प्रदेश में शौचालय विहीन 2 लाख 66 हजार 338 पात्र परिवारों की पहचान कर 2 लाख 50 हजार 526 पारिवारिक शौचालय निर्मित किए गए हैं। भू-आवासीय अधिकार योजना भी प्रारंभ की गई है, जिसमें भूमिहीन व्यक्तियों को आवासीय भू-खण्ड उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में 66 लाख लक्षित परिवारों में से 41 लाख से अधिक परिवार स्व-सहायता समूहों से जोड़े गए हैं।   गौरव दिवस प्रदेश के सभी गाँव में वर्ष में एक दिवस ग्राम गौरव दिवस मनाने की कार्यवाही की गई है। प्रदेश के 48 हजार 14 ग्रामों में ग्राम सभाओं का आयोजन कर गौरव दिवस की तिथि तय की गई है। प्रदेश के 403 निकायों से नगर गौरव दिवस की तिथि निर्धारित हो गई है। प्रदेश के अनेक नगरों में गौरव दिवस के गरिमामय कार्यक्रम भी सम्पन्न हो चुके हैं। आमजन की भागीदारी भी कार्यक्रमों में देखी जा रही है और वे अपने नगर और ग्राम के विकास के लिए सक्रिय हुए हैं।   भारतीय ज्ञान प्रणाली का पाठ्यक्रम में समावेश मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में भारतीय ज्ञान प्रणाली का पाठ्यक्रम में समावेश करने के संबंध में राज्यों को प्रयास करने को कहा गया था। इस दिशा में मध्यप्रदेश ने स्नातक स्तर पर प्रथम वर्ष के लिए तैयार पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा को शामिल किया है। ओपन इलेक्टिव समूह में समृद्ध भारतीय परम्परा और स्थानीय विरासत से जुड़े पाठ्यक्रम विकल्प के रूप में शामिल किए गए हैं। इनमें राम चरित मानस का दार्शनिक चिंतन, प्रदेश के लोक नृत्यों का सामान्य परिचय, भगवत गीता का वर्तमान संदर्भ भी शामिल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में कक्षा 6वीं से विद्यालयों को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से जोड़कर व्यवसायिक प्रशिक्षण के प्रयास किए गए हैं। इंदौर और बैतूल की आईटीआई को 5-5 विद्यालयों से जोड़ने की कार्यवाही की गई है।   स्वास्थ्य, पोषण, कृषि क्षेत्र में प्रयास बैठक में वाणिज्यिक कर के अंतर्गत राज्य स्तर पर जीएसटी संग्रह प्रणाली को सशक्त बनाने, राजस्व में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य में आयुष्मान भारत हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर प्रारंभ करने पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने जानकारी दी कि प्रदेश में 11 हजार से अधिक हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर वर्षान्त तक विकसित हो जाएंगे। वर्तमान में 9 हजार से अधिक केन्द्र क्रियाशील हैं। आँगनवाड़ी एडॉप्ट करने का अभियान प्रदेश में सफल हो रहा है। स्थानीय समुदाय ने आँगनवाड़ी केन्द्र के लिए अलग-अलग अनाज के मटके दान में देने का कार्य प्रारंभ किया है। प्राकृतिक कृषि के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।   प्रदेश में 605 एफपीओ बीज, कृषि आदान, दुग्ध और अन्य कृषि संबंधी गतिविधियों में संलग्न हैं। विशिष्ट एफपीओ भी बनाए जा रहे हैं, जो तिलहन, शहद, बाँस, सुगंधित धान जैसे उत्पादों का चयन कर गतिविधियाँ संचालित करेंगे। सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की मुख्यमंत्री स्तर पर नियमित समीक्षा भी हो रही है। उज्ज्वला योजना 2.0 में सवा आठ लाख हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। निर्यात वृद्धि के प्रयास भी सफल हो रहे हैं। उचित मूल्य दुकानों पर "वन नेशन-वन राशन कार्ड" की सुविधा उपभोक्ताओं को दी गई है, जिसके फलस्वरूप उपभोक्ता अन्य स्थानों से भी राशन सामग्री प्राप्त करने के हकदार हैं।   लोक सेवा प्रबंधन में समय-सीमा में चिन्हित सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। समाधान एक दिन की व्यवस्था में 35 प्रमुख सेवाएँ दी जा रही हैं। प्रदेश में 1 करोड़ 67 लाख से अधिक नागरिक इन सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं।   औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए इंदौर और भोपाल में मेगा इन्वेस्टमेंट समिट की पहल की गई है। इंदौर में नवम्बर माह में इनवेस्ट मध्यप्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2022 के लिए निर्णय लिया गया है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग ने समिट के पूर्व रोड शो की रूपरेखा भी बनाई है। मुख्यमंत्री प्रति सप्ताह निवेशकों से भेंट भी करते हैं। "एक जिला-एक उत्पाद" में सभी जिलों में उत्पाद चिन्हित कर उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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 MadhyaBharat  20 April 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार शाम को राजधानी भोपाल के भेल क्षेत्र स्थित जंबूरी मैदान पहुँचकर आगामी 22 अप्रैल को वन समितियों के सम्मेलन के कार्यक्रम की तैयारियाँ देखी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अनेक जन-प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।   कार्यक्रम में प्रदेश के वनवासियों को तेंदूपत्ता बोनस का वितरण भी किया जाएगा। साथ ही उपलब्धियों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम स्थल पर अतिथियों के मंच, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रबंधों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी व्यवस्थाएँ 21 अप्रैल दोपहर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   इस मौके पर पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर, कमिश्नर गुलशन बामरा, प्रमुख वन सचिव अशोक वर्णवाल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के साथ हितानंद शर्मा, सांसद विष्णु दत्त शर्मा, विधायक कृष्णा गौर, पूर्व महापौर आलोक शर्मा और सुमित पचौरी ने भी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

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 MadhyaBharat  20 April 2022

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खंडवा। जिले के नर्मदानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बुधवार सुबह ओंकारेश्वर बांध की नहर में नहाते समय चार बालिकाओं की डूबने से मौत हो गई। यह बालिकाएं ग्राम कोठी में स्थित साध्वी ऋतंभरा के आश्रम में रहने वाली थीं। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से चारों के शव बरामद कर लिए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। नर्मदानगर थाना पुलिस के अनुसार ओंकारेश्वर के निकट ग्राम कोठी में साध्वी ऋतंभरा का पिताम्बरेश्वर आश्रम है। आश्रम के निकट से ओंकारेश्वर बांध की नहर बहती है। नहर किनारे घाट बना हुआ है, जहां बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे आठ - दस बालिकाएं नहाने गई थीं। बालिकाएं घाट पर रैलिंग से बंधी सांकल पकड़कर नहा रही थीं। इसी दौरान एक बालिका के हाथ से सांकल छूट गई और वह नहर के तेज बहाव में बहने लगी। उसे नहर में डूबता देखकर दूसरी बालिका नहर में कूदी पड़ी तो वह भी डूबने लगी। इनकी मदद के लिए अन्य चार बालिकाएं भी नहर में कूद गई और गहरे पानी में डूब गईं। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और आश्रम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उनकी तलाश में जुट गए। इसके बाद मान्धाता और मोरटक्का चौकी से पुलिस अधिकारी भी गोताखोर के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण और गोताखोर की मदद से एक घंटे के रेस्क्यू आपरेशन में दो बालिकाओं की सही सलामत नहर से निकाल गया, लेकिन शेष चार बालिकाओं की नहीं बचाया जा सका। नहर में डूबने से चारों की मौत हो गई। पुलिस ने चारों बालिकाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नर्मदानगर एसडीओपी राकेश पेन्द्रों ने बताया कि बुधवार सुबह ओंकारेश्वर बांध की नहर में नहाते समय चार बालिकाओं की डूबने से मौत हुई है। मृतक बालिकाओं की पहचान 12 वर्षीय वैशाली पुत्र नवल निवासी ग्राम बड़िया, भीकनगांव, 11 वर्षीय कंचन (अंजना) पुत्री रमेश निवासी ग्राम सोमवाडा, भीकनगांव, 12 वर्षीय प्रतीक्षा पुत्री छनिया निवासी ग्राम दाभड़, सनावद और 10 वर्षीय दिव्यांशी पुत्री चेतक निवासी ग्राम इंद्रपुर रहतिया, बड़वानी के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि चारों के शवों को ओंकारेश्वर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि खंडवा में ओंकारेश्वर के पास नहर में बच्चियों के डूबने की खबर पीड़ादायक है। मन व्यथित है, हृदय द्रवित है। दिवंगत आत्माओं को ईश्वर श्रीचरणों में स्थान दे। शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं हैं।

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 MadhyaBharat  20 April 2022

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अशोकनगर। जिले में राशन माफियाओं पर प्रशासन का नियंत्रण न होने से बढ़ती राशन की कालाबाजारी का मामला अब प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है। जिले में राशन घोटालों और राशन माफियों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा कार्रवाई न करने को लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है।   पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र में कहा है कि अशोकनगर जिले में लगातार हो रहे घोटालों की श्रंखला में एक और नया मामला सामने आया है। जिसमें जिला आपूर्ति अधिकारी की जांच में फर्जी उपभोक्ता भंडार सामने आने के बाद भी राजनैतिक दबाव से पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है।   पत्र में अशोकनगर निवासी कौशल गुप्ता के हवाले से दर्शाया गया है कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहकारी उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष, प्रबंधक एवं संचालक मंडल के सदस्यों द्वारा कूट रचित दस्तावेज, हस्ताक्षर का उपयोग कर फर्जी दस्तावेजों के द्वारा संस्था का गठन किया गया। बताया गया कि उक्त संबंध में अपर कलेक्टर द्वारा शिकायत की जांच किए जाने पर संस्था को फर्जी पाया गया। तथा संचालक मंडल पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश पारित किए गए।   बताया गया कि थाना प्रभारी द्वारा उक्त मामले में तीन माह गुजर जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पूर्व मुख्यमंत्री ने उक्त मामले में पुलिस महानिदेशक से प्रकरण दर्ज कराने का अनुरोध करने पत्र लिखा है।

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 MadhyaBharat  19 April 2022

Gwalior, Weather will change , possibility of thunderstorm

ग्वालियर। ग्वालियर सहित आसपास के क्षेत्र पिछले तीन दिन से भीषण गर्मी और लपट की चपेट में है। शहर में लगातार तीसरे दिन तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर टिका रहा। ऐसे में राहत की खबर यह है कि बुधवार से मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 20 से 22 अपै्रल तक बादल छाए रहने के साथ ग्वालियर-चम्बल अंचल में कहीं-कहीं आंधी के साथ बूंदाबांदी भी हो सकती है। जिससे भीषण गर्मी और लपट से राहत मिलेगी।   पिछले दिनों की तरह बुधवार को भी मौसम शुष्क रहा। हालांकि दोपहर बाद आसमान में आंशिक बादल नजर आए लेकिन सूरज की चमक पर उनका कोई असर नहीं पड़ा। दिन भर लगभग पांच किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलीं उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाओं ने दोपहर में लपट का अहसास कराया। हालत यह थी लागतार सात घंटे तक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही टिका रहा। इस दौरान दोपहर में ढाई बजे तापामन 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर भी पहुंचा। इसके चलते दोपहर के समय ज्यादातर लोग गर्मी और लपट से बचाव के लिए घर पर ही रहे और जरूरी काम से बहुत कम ही लोग घर से बाहर निकले।   स्थानीय मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। बुधवार शाम से इन दोनों मौसम प्रणालियों का आंशिक असर ग्वालियर-चम्बल अंचल में भी नजर आएगा। उपाध्याय ने बताया कि 20, 21 और 22 अपै्रल को ग्वालियर सहित अंचल में कहीं-कहीं धूल भरी तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी भी हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। जिससे भीषण गर्मी और लपट से राहत मिलेगी लेकिन 23 या 24 अपै्रल से मौसम शुष्क होने के साथ तापमान में फिर से वृद्धि होगी। स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार शहर में पिछले दिन की तरह मंगलवार को भी अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस पर टिका रहा जो औसत से 4.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है जबकि न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस आंशिक वृद्धि के साथ 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह भी औसत से 2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक है। आज सुबह हवा में नमी 26 और शाम को 22 प्रतिशत दर्ज की गई।

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 MadhyaBharat  19 April 2022

kharghon,MP High officials, reached Khargone

खरगोन। भोपाल से गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विपिन माहेश्वरी ने मंगलवार को खरगोन के हालातों का जायजा लिया। भोपाल से आये दोनों अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का सबसे पहले स्थल निरीक्षण किया।   दोनों अधिकारियों ने निरीक्षण की शुरुआत औरंगपुरा से तालाब चौक और फिर संजय नगर से छोटी मोहन टॉकीज और तालाब चौक के बाद नवीन कलेक्टर परिसर पहुँचे। तालाब चौक में दोनों अधिकारियों ने हालात समझने की कोशिश की। तालाब चौक में इंदौर संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने पूरे हालात के बारे में बताया। इसके पश्चात काफिला संजय नगर की ओर निकला। संजय नगर में ईशाद कल्लू व फिरोज कल्लू, आंगनबाड़ी कार्यकता आशा पंवार, जगदीश जायसवाल, महेश पेमा जी कुल्मी, पन्नालाल रणछोड़, अकीला, ईशाद कल्लू व फिरोज कल्लू से मिले।।     एसीएस डॉ. राजौरा और एडीजी माहेश्वरी ने घरों के भीतर जाकर बरामदे किचन और हॉल की हालात देखें। इसके पश्चात भाटवाड़ी और सराफा बाजार की स्थितियों का अवलोकन किया। भाटवाड़ी में योगेश कानूनगों, राजेन्द्र पंढरीनाथ, कैलाश कृष्णलाल, महेश धन्नालाल महाजन, के घरों में जाकर भी चर्चा की। दोनों ही अधिकारियों ने नागरिको से चर्चा में नुकसानी के साथ-साथ उनके रोजगार आदि कार्यों के बारे में विस्तार से जाना। इस दौरान इंदौर संभागायुक्त डॉ. शर्मा, आईजी राकेश शर्मा, कलेक्टर अनुग्रहा पी. एसपी रोहित काशवानी सहित अपर कलेक्टर एसएस मुजाल्दा, एसडीएम मिलिंद ढोके व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।     दोनों पक्षों के साथ की अलग-अलग बैठक   स्थल निरीक्षण करने के बाद दोनों ही अधिकारियों ने नवीन कलेक्टर परिसर स्थित सभागृह में अलग-अलग समय पर दोनों पक्षों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उपस्थितों को बारी बारी सुना गया। दोनों ही पक्षों ने दंगाइयों पर कठोर कार्यवाही करने की बात रखी। साथ ही शांति का भी प्रस्ताव दोनों ही पक्षों ने रखा।     बैठक समापन पर एसीएस डॉ. राजौरा ने कहा कि सब लोगों को साथ रहना है। शांति के वातावरण का निर्माण करें। कार्यवाही में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। आप लोगों ने जो जो बिंदु बताए उनकी डिटेल नोट कर ली गई है। बैठक के दौरान पूर्व कृषि राज्य मंत्री बालकृष्ण पाटीदार, विधायक रवि जोशी, पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन, मनोज रघुवंशी, रंजीत डंडीर, राजेन्द्र राठौड़, परसराम चौहान, कल्याण अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, ओमप्रकाश पाटीदार, श्याम महाजन, शालिनी रातोरिया, प्रकाश रत्नपारखी, मोहन जायसवाल और दूसरे पक्ष के साथ हुए बैठक में सदर अल्ताफ आजाद, सचिव इस्माइल पठान, सदस्य फारूक टाटा, पूर्व सदर हनीफ खान, इमरान खान, जमियत उलमा हिन्द के अध्यक्ष हाफिज चांद साहब एवं बोहरा समाज के अध्यक्ष सैफुद्दीन बोहरा उपस्थित रहे।

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 MadhyaBharat  19 April 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेशवासी के लिए उत्तम सुख, निरोगी काया के संदेश को चरितार्थ करने के साथ राज्य सरकार मन की शांति, बुद्धि के विकास और आत्मिक आनंद के लिए भी कार्य कर रही है। राज्य में तीर्थ-दर्शन योजना आत्मा के आनंद के लिए पुन: शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि आत्मा के आनंद के साथ, जीवन को सुखमय बनाने के लिए पौधरोपण, नशा मुक्ति, बेटियों का सम्मान और पानी बचाना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री चौहान मंगलवार को भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के शुभारंभ करने के बाद तीर्थ-यात्रियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शंख और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित गीत की ध्वनि के बीच, कन्या-पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।   "मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन" योजना के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री उषा ठाकुर ने की। इस मौके पर नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह, खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, वन मंत्री विजय शाह, पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राम खेलावन पटेल, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा, खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और विधायक यशपाल सिसोदिया भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। प्रदेश पुनः प्रारंभ हुई मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना की पहली तीर्थ यात्रा वाराणसी के लिए रवाना की गई। यह ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन से आरंभ होकर भोपाल और सागर होते हुए वाराणसी पहुँचेगी।   मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा में वरिष्ठ जन की सेवा के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्हें किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होने दिया जाएगा। वर्ष 2012 में राज्य सरकार ने तीर्थ-यात्रा कराने के बारे में निर्णय लिया था। यह वरिष्ठ जन की भावना और उनकी मांग का सम्मान था।   उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर भी तीर्थ-यात्रियों के साथ वाराणसी जा रही हैं। यात्रा में वरिष्ठ जन के भोजन, विश्राम और सम्मान के साथ दर्शन की व्यवस्था की गई है। पति-पत्नी साथ तीर्थ-यात्रा पर जा सकें, यह व्यवस्था भी योजना में है। उन्होंने कहा कि अब आरंभ हुई तीर्थ-दर्शन योजना रूकेगी नहीं। तीर्थ-दर्शन जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब तीर्थ के लिए एक के बाद एक यात्राओं का क्रम जारी रहेगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि “पहला सुख निरोगी काया” माना गया है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नि:शुल्क टीकाकरण की व्यवस्था की है। साथ ही गरीबों को आवास भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिन लोगों ने अवैध तरीके से जमीनों पर कब्जा किया है, उनसे भूमि मुक्त करा कर, गरीबों को बाँटी जा रही है। चिकित्सा सुविधा तथा आवास की व्यवस्था कर, उत्तम सुख निरोगी काया के भाव को मूर्त रूप दिया जा रहा है।   उन्होंने कहा कि जीवन में मन की प्रसन्नता आवश्यक है। इसके लिए आनंद उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बुद्धि के विकास के लिए स्कूल शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। इन सबके साथ ही आत्मा का सुख सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। आत्मा दूसरों का भला करने से प्रसन्न रहती है। आत्मा का सुख भगवान के दर्शन से भी प्राप्त होता है। वरिष्ठ जन को यह सुख देने के लिए ही तीर्थ-दर्शन योजना पुनः आरंभ की गई है। तीर्थ-यात्रा में भजन मंडली की व्यवस्था की गई है। यात्रा को आनंद से पूर्ण करें, भक्ति भाव से दर्शन करें। तीर्थ-यात्रा से आने के बाद परिचितों को यह संदेश अवश्य दें कि धरती बचाने के लिए पौधा-रोपण जरूरी है। सभी लोग पौधा अवश्य लगाएँ।   मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ-यात्रा से आकर नशा नहीं करने का संदेश देना भी आपका कर्त्तव्य है। अपने आसपास वालों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें। साथ ही बेटों के समान बेटियों को सम्मान देने का प्रण लें। बेटी बोझ नहीं वरदान बने, हमें यह कोशिश करना है। हमें इस प्रकार के संस्कार देना हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पानी बचाने में भी आपका हर संभव सहयोग आवश्यक है।   मुख्यमंत्री चौहान ने काशी विश्वनाथ की यात्रा के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे स्टेशन पर तीर्थ-यात्रियों को तुलसी की माला पहना कर स्वागत किया गया। ढोल-ढमाकों के बीच तीर्थ-यात्रियों ने फूलों से सजी ट्रेन में प्रवेश किया। मुख्यमंत्री ने ट्रेन में पूजा-अर्चना की तथा ट्रेन में बैठे सभी तीर्थ-यात्रियों से व्यक्तिगत रूप से जाकर भेंट की। उन्होंने तीर्थ-यात्रियों बल्लो बाई, कमला बाई, लीला बाई, रामकली बाई, इमरत बाई, सावित्री बाई, रूकमणी बाई, राधा बाई, गंगी बाई और मकुवंर बाई को शाल, श्रीफल और तुलसी की माला भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने तीर्थ-यात्रियों के साथ "राम भजन सुखदाई" भजन भी गाया।   पहली तीर्थ-दर्शन यात्रा में भोपाल और सागर संभाग के 974 यात्री सम्मिलित हैं। तीर्थ-यात्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के साथ संत रविदास और संत कबीरदास जी के जन्म स्थल के दर्शन भी करेंगे। तीर्थ-यात्रियों को यात्रा से लौटते समय भगवान विश्वनाथ का स्मृति-चिन्ह भेंट किया जाएगा। यात्रा में तीर्थ-यात्रियों की सुविधा के लिए भोजन, नाश्ता, चाय के साथ गंतव्य पर रूकने और बसों द्वारा आने-जाने की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुरक्षा की व्यवस्था के साथ ट्रेन में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए डॉक्टर भी उपलब्ध हैं।   पर्यटन एवं संस्कृति उषा ठाकुर ने प्रदेश में पुनः शुरू हुई मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना में इस बार पावन नगरी अयोध्या, पंच तीर्थ अम्बेडकर की जन्म स्थली जैसे कई तीर्थ स्थल जुड़े हैं। बुजुर्गों का आशीर्वाद हमारे प्रदेश को देश में सर्वोच्च पंक्ति में खड़ा करेगा। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में 22 अप्रैल को दूसरे चरण में खंडवा से हरदा, नर्मदापुरम होते हुए सोमनाथ, 23 अप्रैल को रतलाम से मंदसौर और नीमच होते हुए वैष्णो देवी और 28 अप्रैल को इंदौर से देवास, उज्जैन होते हुए अयोध्या के लिए रेल से तीर्थ-यात्रा शुरू होगी।

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 MadhyaBharat  19 April 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को मंत्रालय में 8 विभागों की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों के सुचारू अमल पर निरंतर नजर रखी जा रही है। योजनाओं के अमल में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आर्थिक अनियमितता करने वाले अधिकारी दंडित किए जाएंगे। इस मौके पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और अन्य संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव आदि उपस्थित थे।   लापरवाह को नहीं छोड़ेंगे, तीन सीईओ हुए हैं निलंबित मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में विशेष रूप से पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि योजना में मिलने वाली राशि का हितग्राही को यदि विलंब से भुगतान होता है, तो योजना में गड़बड़ी का संकेत प्राप्त हो जाता है।   मुख्यमंत्री ने बताया कि वे प्रदेश के विभिन्न स्थानों के दौरे में योजना के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त करते हैं। इस योजना में हितग्राहियों को किश्त की राशि प्रदान न किए जाने और कर्त्तव्य में लापरवाही के दोषी तीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। उन्होंने खाद्यान्न वितरण, पोषण आहार वितरण, विद्युत देयकों के भुगतान के लिए दी गई रियायत, कृषक कल्याण, अनाज उपार्जन, सीएम राइज विद्यालय, राजस्व क्षेत्र में किए गए सुधारों, सुशासन के प्रयासों, सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य नागरिक कल्याण योजनाओं के संबंध में विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए।   मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धन तबके को मिल रही राशन सामग्री से जुड़े कार्यों में गड़बड़ियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। गरीबों को उनके अधिकार के अनाज का एक-एक दाना मिलना चाहिए। अनाज वितरण के कार्य में लापरवाही बरतने वालों को दंडित किया जाएगा। कालाबाजारियों पर सख्त नियंत्रण रखा जाए।   निर्यात के प्रयास सराहनीय मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के गेहूँ के निर्यात के लिए महत्वपूर्ण पहल हुई है। उन्होंने निर्यात के प्रयासों को सराहनीय बताया। वर्तमान में मिस्त्र (इजिप्ट) सहित अन्य देशों में मध्यप्रदेश के गेहूँ की मांग में वृद्धि हुई है। गत एक माह में मध्यप्रदेश से देश के 8 बंदरगाहों तक 87 रेक भेजे गए हैं। करीब ढाई लाख मीट्रिक टन गेहूँ निर्यात किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार के फैसले के बाद अब निर्यातकों के लिए पंजीयन के उद्देश्य से ऑनलाइन पोर्टल काम कर रहा है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंस से चर्चा भी की जा रही है। आवश्यकतानुसार रेक मिल भी रहे हैं।

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 MadhyaBharat  19 April 2022

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भोपाल। राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड पर बीती देर रात डीजी जेल अरविंद कुमार की कार की एक ट्रक टक्कर हो गई। हादसे में कार में सवार डीजी जेल बाल-बाल बच गए। हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिगस्त हो गया, लेकिन गनीमत रही कि कार में सवार सभी व्यक्ति सुरक्षित हैं।   डीजी जेल अरविंद कुमार ने बताया कि सोमवार रात वह निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बैरागढ़ गए थे। देर रात वहां से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि संभवतः उनके ड्रायवर ने आगे निकलने के लिए ट्रक को ओवरटेक किया, इसी दौरान कार अनियंत्रित हो गई और ट्रक से जा टकराई। इससे उनकी कार को अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने टक्कर लगने के बाद कार को नियंत्रित कर लिया, जिससे किसी को चोट नहीं आई।

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 MadhyaBharat  19 April 2022

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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार की रात उत्तराखंड में भाजपा नेता के भतीजे के रिशेप्शन में शामिल होने के लिए काशीपुर के उधम सिंह नगर पहुंचे थे। यहां वे सीढ़ियों से फिसलकर गिर गए। उनके साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें उठाया और फिर सभी चल दिए। मंगलवार को सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हुआ है।   मुख्यमंत्री चौहान उत्तराखंड में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के भतीजे के रिसेप्शन में शामिल होने के पहुंचे थे। रिसेप्शन काशीपुर के उधम सिंह नगर के होटल में था। इसमें शरीक होने के लिए कई राज्यों से भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के बड़े नेता आए थे। मुख्यमंत्री चौहान जैसे ही मेन गेट से आगे बढ़े और रिसेप्शन हॉल में जाने वाली सीढ़ियों पर पहुंचे, तभी उनका पैर फिसल गया। उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत उठा लिया। उठने के बाद मुख्यमंत्री चौहान मुस्कुराकर आगे चल दिए।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ढाई महीने पहले भी फिसल गए थे। तब उनके पैर में चोट आई थी। वह हादसा मप्र के सीहोर जिले के प्रवास के दौरान हुआ था। मुख्यमंत्री जनवरी में सीहोर के शाहगंज इलाके में पार्टी कार्यकर्ता महेश पटेल के बेटे के निधन पर नारायणपुर में पुष्पांजलि अर्पित करने गए थे। महेश पटेल के घर पर पहली मंजिल दिवंगत की फोटो रखी हुई थी। मुख्यमंत्री चौहान जब सीढ़ी से होकर वहां जा रहे थे, तभी उनका पैर रोशनी के लिए खुली जाली में फंस गया था। उनके बांए पैर लोहे का सरिया घुस गया था।

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 MadhyaBharat  19 April 2022

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भोपाल। मध्यप्रदेश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 05 नये मामले सामने आए हैं, जबकि 02 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं। इसके बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 10 लाख 41 हजार 250 हो गई है। राहत की बात यह है कि राज्य में लगातार 29वें दिन कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार देर शाम जारी कोविड-19 बुलेटिन में दी गई। एक दिन पहले भी यहां 02 नये संक्रमित मिले थे।   कोविड-19 बुलेटिन के अनुसार, आज प्रदेशभर में 6,570 सैम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 05 पॉजिटिव और 6,565 निगेटिव पाए गए, जबकि 56 सैम्पल रिजेक्ट हुए। पॉजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत (संक्रमण की दर) 0.07 रहा। नये मामलों में भोपाल में 2 तथा बालाघाट, रायसेन और सिवनी में 1-1 नये संक्रमित मिले हैं, जबकि राज्य के 48 जिलों में आज कोरोना के नये मामले शून्य रहे। राज्य में बीते 24 घंटों में कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। यहां 29 दिन से मृतकों की कुल संख्या 10,734 पर स्थिर है। प्रदेश में अब तक कुल दो करोड़ 89 लाख 97 हजार 087 लोगों के सैम्पलों की जांच की गई। इनमें कुल 10,41,250 प्रकरण पॉजिटिव पाए गए। इनमें 10,30,472 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें से 02 मरीज सोमवार को स्वस्थ हुए। अब यहां सक्रिय प्रकरणों की संख्या 41 से बढ़कर 44 हो गई है। खुशी की बात यह भी है कि राज्य के 36 जिले पूरी तरह कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इन जिलों में अब कोरोना का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है। इधर, प्रदेश में 18 अप्रैल को शाम छह बजे तक 35 हजार 632 लोगों का टीकाकरण किया गया। इन्हें मिलाकर राज्य में अब तक वैक्सीन की 11 करोड़, 69 लाख, 78 हजार 539 डोज लगाई जा चुकी है।

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 MadhyaBharat  18 April 2022

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भोपाल। रामनवमी पर हुई सांप्रदायिक हिंसा में प्रभावित हुए लोगों की मदद के लिए राज्य शासन द्वारा सोमवार को खरगोन जिले को एक करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।   शासन द्वारा खरगोन नगर में गत 10 अप्रैल को फैली अशांति के कारण हुए उपद्रव में प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों को अनुग्रह राशि स्वीकृत कर विधिवत भुगतान करने के निर्देश जारी किये हैं। उक्त राशि पीड़ितों को सहायता राशि के रूप में प्रदान की जायेगी।

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 MadhyaBharat  18 April 2022

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भोपाल। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में हितग्राहियों को समय पर किश्त प्रदान नहीं किये जाने, अपेक्षित प्रगति नहीं लाने, शासकीय निर्देशों की अवहेलना एवं कर्तव्यों में जानबूझकर लापरवाही बरतने पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त उमाकांत उमराव द्वारा सोमवार को प्रदेश की 3 जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।   जनपद पंचायत बिरसा जिला बालाघाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजीत बर्वा, जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान जिला रीवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप दुबे एवं जनपद पंचायत गंगेव जिला रीवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रमोद कुमार ओझा को निलंबित किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान यह पाया गया था कि इन क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास प्लस में रजिस्ट्रेशन अत्यंत कम है, जियो टैगिंग समय पर नहीं की गई है, हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तथा योजना में अपेक्षित प्रगति दर्ज नहीं हुई है।

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 MadhyaBharat  18 April 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आगामी 22 अप्रैल को भोपाल के जंबूरी मैदान में वन समितियों के विशाल सम्मेलन और तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य अतिथियों के प्रस्तावित आगमन के अनुसार सम्मेलन की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल में गत नवम्बर माह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हुए जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम के बाद यह एक विशेष अवसर है, जब प्रदेश के जनजातीय वर्ग के प्रतिनिधि राजधानी पधारेंगे। सम्मेलन में जनजातीय और वन क्षेत्र की लोक संस्कृति से संबंधित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी जिलों के वनवासी बंधुओं की भागीदारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री चौहान सोमवार को मंत्रालय में 22 अप्रैल को हो रहे वन समितियों के सम्मेलन और तेंदूपत्ता बोनस राशि वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कार्य डॉ. पल्लवी जैन गोविल, प्रमुख सचिव जनसंपर्क राघवेन्द्र कुमार सिंह, ओएसडी मुख्यमंत्री कार्यालय योगेश चौधरी, पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर, मुख्यमंत्री के सचिव एम. सेलवेन्द्रन, भोपाल कमिश्नर गुलशन बामरा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख वन सचिव अशोक वर्णवाल ने सम्मेलन के लिए की जा रही तैयारियों के विभिन्न पक्षों से अवगत करवाया। वन क्षेत्रों के विकास से रूबरू करवाएगी चित्र प्रदर्शनी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वनवासियों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। विकास योजनाओं का लाभ भी वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिला है। विकास कार्यों से इन इलाकों की तस्वीर बदली है और स्थानीय लोगों का जीवन अधिक आसान हुआ है। बैठक में बताया गया कि सम्मेलन स्थल पर एक चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो राज्य शासन द्वारा वन क्षेत्रों के विकास के साथ सामुदायिक वन प्रबंधन, लघु वनोपज संग्रहण और वन्य-प्राणी संरक्षण पर केंद्रित होगी। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी को आम जनता के लिए भी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।   सम्मेलन में होगा लाभांश राशि का वितरण, वेबकास्ट से प्रसारण भी जम्बूरी मैदान में होने वाले सम्मेलन में प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभांश वितरण किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि तेंदूपत्ता लाभांश राशि चयनित पांच हितग्राही प्राप्त करेंगे। तीन जिलों हरदा, छिंदवाड़ा, बैतूल की वन समितियों के अध्यक्ष प्रतीक स्वरूप मंच पर आमंत्रित किए जाएंगे। सम्मेलन का प्रसारण वेबकास्ट से 15 हजार 608 ग्रामों में किया जाएगा। वन विभाग द्वारा करीब 5 हजार गांवों में प्रसारण व्यवस्था की गई है। पूरे प्रदेश में कार्यक्रम देखा और सुना जा सकेगा। अनेक जिलों से भागीदारी करने आयेंगे प्रतिनिधि सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से भागीदारी होगी। आमंत्रित प्रतिनिधियों के लिए भोजन, पेयजल, रहवास आदि की व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुविधाजनक बैठक, सुरक्षा और परिवहन व्यवस्थाओं के संबंध में भी चर्चा हुई।

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 MadhyaBharat  18 April 2022

bhopal,CM Shivraj, transferred

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को मंत्रालय से प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को 15वें वित्त आयोग की अनुशंसित 931 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि 1सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी की। इसमें चार मिलियन प्लस शहरों (दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले) को 432 करोड़ 50 लाख एवं नॉन मिलियन प्लस शहरों को 499 करोड़ रुपये की राशि शामिल है।   इस मौके पर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के दस लाख आबादी से ज्यादा वाले शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर हैं। इनको भी दो अनुदान जारी किये जा रहे हैं, इसमें से एक है 131 करोड़ 50 लाख रुपये का, इस राशि का उपयोग प्रमुख रूप से वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जायेगा। सड़क निर्माण, फुटपाथ निर्माण और वृक्षारोपण जैसे कार्य भी किये जा सकते हैं। मिलियन प्लस शहरों में पेयजल, स्वच्छता और सॉलिड वेस्ट के मैनेजमेंट के लिए भी आज 301 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर के मित्रों से मेरा आग्रह है कि इस राशि का बेहतर उपयोग करते हुए निश्चित समय सीमा में कार्यों को पूर्ण करें।   उन्होंने कहा कि हमारे जिन शहरों की आबादी दस लाख से कम है, उनको भी दो अनुदान जारी किये गये हैं। पहले 500 करोड़ और अब 499 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस राशि का उपयोग निकाय विभिन्न विकास कार्यों एवं पेयजल तथा सॉलिड मैनेजमेंट आदि के लिए कर सकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस राशि का उपयोग कर निर्धारित समय सीमा में आप कार्यों को पूर्ण करेंगे। सभी निकायों से यह कहना चाहता हूं कि स्वच्छता सर्वेक्षण में कोई कसर नहीं रहनी चाहिये।   मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हमारे पास समय है, और बेहतर कार्य के लिए हम प्रयास करें। प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राहियों को समय पर किश्त प्राप्त हो जाये, किसी तरह का भ्रष्टाचार न हो। यह सुनिश्चित करें, ताकि हमारे नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सके।

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 MadhyaBharat  18 April 2022

agarmalwa, Martyr Arun Sharma, cremated ,full military honors

आगर मालवा। मध्य प्रदेश के आगरमालवा जिले के ग्राम कानड़ निवासी और भारतीय सेना के जवान अरुण शर्मा को हजारों लोगों ने अंतिम विदाई दी। सोमवार को सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा। बाद में मुक्तिधाम पर उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है। बीते शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कूपवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान अरुण शर्मा शहीद हो गए थे। रविवार देर रात वायुसेना के विमान से उनका पार्थिव शरीर इंदौर एयरपोर्ट पहुंचा था। यहां से सेना के वाहन से उनका शव गृह ग्राम कानड़ लाया गया। सोमवार सुबह उनके निज निवास पर श्रद्धांजलि सभा हुई और इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। शव यात्रा में देशभक्ति के नारे और भारत माता का जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया। हजारों की संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सड़क से लेकर भवनों की छतों तक बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। हर कोई अपने वीर जवान को अंतिम सलाम करके श्रद्धांजलि देना चाहता था। देवास शाजापुर संसदीय क्षेत्र सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। अंतिम यात्रा मुक्तिधाम पहुंची, जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। यहां छांव से लेकर पेयजल आदि की भी व्यवस्था की गई। अंतिम यात्रा प्रारंभ होने के पहले कलेक्टर अवधेश कुमार शर्मा और एसपी राकेश कुमार सगर ने भी कानड़ गांव पहुंचकर शहीद अरुण शर्मा को श्रद्धांजलि दी और उनके पिता मनोहर लाल शर्मा से मुलाकात कर उन्हें ढांढ़स बंधाया। शहीद के सम्मान और शोक स्वरूप कानड़ के बाजार आज बंद रहे और व्यापारी वर्ग भी बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। उल्लेखनीय है कि शहीद अरूण का छोटा भाई शिवशक्ति शर्मा भी एयरफोर्स में तैनात है तथा वर्तमान में वह कर्नाटक के बेलगांव में आटो टेक्निकल शाखा में सामरा सेंटर पर अपनी सेवाएं दे रहा है। वहीं इनके पिता पेशे से शिक्षक हैं। शहीद अरूण का विवाह चार माह पहले एक दिसम्बर को समीपस्थ उज्जैन जिले के ग्राम गुराडिया निवासी शिवानी शर्मा से हुआ था।

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 MadhyaBharat  18 April 2022

bhopal, Chief Minister Chouhan ,pays tribute,martyr Arun Sharma

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को सेना में पदस्थ आगर मालवा के शहीद अरूण शर्मा को श्रद्धांजली अर्पित की है। जम्मू कश्मीर में पदस्थ अरूण शर्मा मुठभेड़ में शहीद हो गए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अरुण शर्मा की वीरता, साहस और कर्त्तव्य-निर्वहन के लिए प्रतिबद्धता पर प्रदेश गौरवान्वित है।   मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि "आगर मालवा जिले के कानड़ के वीर सपूत अरुण शर्मा जी कर्तव्य निर्वहन करते हुए जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में शहीद हो गये। मां भारती को अपने ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है। देश की माटी युगों - युगों तक आपकी वीरता और साहस पर गौरवान्वित होती रहेगी। विनम्र श्रद्धांजलि! जय हिंद"

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 MadhyaBharat  17 April 2022

rajgarh,  progress and development ,Scindia

राजगढ़। देश की प्रगति व विकास के लिए थ्री सी प्रिंसिपल यानि कनवर्सन, काॅम्पटीशन और केल्यूवेरेशन आवश्यक है और इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर कार्य करना होगा तभी देश की प्रगति व विकास संभव है। यह बात रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। इससे पहले एक दिवसीय प्रवास पर आए नागरिक उड्डयन मंत्री सिंधिया ने जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां जालपा मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। बाद में उन्होंने राजगढ़ नगर के समीप मोहनपुरा डेम का निरीक्षण कर विकासीय कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर पॉवर प्वांइट प्रजेन्टेशन के माध्यम से उन्होंने प्रेशराइज्ड जल प्रदाय व्यवस्था की तकनीकी कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह विश्व स्तरीय निर्माण कार्य है। इससे कृषि विकास कार्यों में बड़ी उपलब्धियां प्राप्त होंगी। सिंधिया ने कलेक्ट्रट सभागार में आजीविका मिशन की महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों से चर्चा की साथ ही उनके उत्पाद, विपणन और समूह से जुड़ने के बाद जीवन आए बदलाव के बारे में जानकारी ली और तालियां बजाकर उनका उत्साहबर्धन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्वसहायता समूह के माध्यम से महिलाओं द्वारा की गई प्रगति, उनकी स्वयं की नहीं बल्कि उनके परिवार व देश की प्रगति है, इससे आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम को बल मिलेगा। बैठक में सिंधिया ने कहा कि कुपोषण एक बीमारी नही बल्कि सामाजिक समस्या है, इसे समाप्त करने के लिए जनजागरुकता अभियान चलाएं।उन्होंने जिले में कुपोषण की समाप्ति के लिए सर्वे,रणनीति और कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सम्पूर्ण क्षेत्र में विकास और शतप्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लिए जिला स्तर के साथ-साथ विकासखण्ड स्तर पर भी योजनाओं के क्रियान्वयन और उपलब्धियों की माॅनिटरिंग हो। एकदिवसीस प्रवास पर आए केन्द्रीयमंत्री श्री सिंधिया ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि 2018 में छह पैरामीटर के आधर देश के 118 जिलों को आकांक्षी जिलों के रुप में रेखांकित किया गया, जिसमें स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, पेयजल-सिंचाई, आर्थिक क्षमता-कौशल विकास और अधोसंरचना शामिल है, जिनके लिए अलग-अलग भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिनका मूल्यांकन करने के लिए नीति आयोग सहित संयुक्त सचिव स्तरीय अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति व विकास के लिए थ्री सी सिद्धांतों के आधार पर कार्य करना होगा, जिसमें हर कार्य परिवर्तनकारी हो, हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा हो और केन्द्र व राज्य सरकार मिलजुल कर कार्य करे। इस मौके पर मंत्रीगण मोहन यादव, तुलसीराम सिलावट, महेन्द्रसिंह सिसोदिया, सासंद रोडमल नागर, विधायक कुंवर कोठार, पूर्व विधायक प्रताप मण्डलोई, अमरसिंह यादव, कविता पाटीदार, भाजपा जिलाध्यक्ष दिलबर यादव, कलेक्टर हर्ष दीक्षित, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।

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 MadhyaBharat  17 April 2022

bhopal,Chief Minister Chouhan ,planted Amla plant

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को पत्नी साधना सिंह के साथ भिण्ड की तहसील लहार स्थित रावतपुरा धाम में आंवले का पौधा लगाया। इस दौरान रविशंकर महाराज, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविन्द सिंह भदौरिया भी उनके साथ उपस्थित रहे। आंवले में विटामिन-सी सर्वाधिक मात्रा में पाया जाता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने का काम करता है।   मुख्यमंत्री ट्वीट कर कहा कि "आज भिंड में रावतपुरा धाम के परिसर में सपत्नीक आंवले का पौधा रोपा। पौधरोपण से धरती माता समृद्ध होंगी और हम सब पर अपना अधिक स्नेह लुटा सकेंगी। पर्यावरण संतुलित होगा और हमारी भावी पीढ़ियां को स्वस्थ व आनंदमय जीवन का उपहार प्राप्त होगा। हम सब पौधरोपण करें।"   रावतपुरा धाम में नवीन निर्मित गौशाला का लोकार्पण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्नी साधना सिंह के साथ रावतपुरा धाम में नवीन निर्मित गौशाला का लोकार्पण किया। उन्होंने गौशाला में गायों को चारा भी खिलाया। इस दौरान रविशंकर महाराज सहित अन्य जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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 MadhyaBharat  17 April 2022

kharghon,Curfew relaxed ,groom came out  procession

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद लगाए गए कर्फ्यू में रविवार को पहली बार एक साथ चार घंटे की ढील गई। यह ढील सुबह 8 से 12 बजे तक थी। इस दौरान वाहनों को इजाजत नहीं दी गई थी। लोगों को पैदल ही बाजार जाकर खरीदारी करनी पड़ी। इस दौरान यहां एक शादी भी हुई। कर्फ्यू में चार घंटे की ढील मिली तो दूल्हा पैदल ही बारात लेकर निकल पड़ा। न बैंड-बाजा था और न घोड़ी, न बाराती। दूल्हा-दुल्हन और चंद परिजनों की मौजूदगी में यह शादी संपन्न हो गई।   खरगोन में रामनवमी पर तालाब चौक से ही पथराव की शुरुआत हुई थी। तालाब चौक शहर का सबसे संवेदनशील इलाका है। यहां रहने वाले अमन कर्मा की जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर कसरावद निवासी श्वेता से 17 अप्रैल को शादी होना तय हुई थी। परिजनों ने बताया कि चार महीने से शादी की तैयारियां चल रही थीं। हर मां-बाप की ख्वाहिश होती है कि उसकी बेटी या बेटे की शादी धूमधाम से हो, लेकिन कर्फ्यू के कारण ऐसा नहीं हो पाया। हालांकि, खुशी की बात है कि रविवार को कर्फ्यू में चार घंटे की ढील मिलने के कारण तय समय पर शादी हो गई।   दूल्हे अमन कर्मा ने बताया कि रविवार को प्रशासन की तरफ से सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी। इससे काफी राहत मिली। यह कमी जरूर खल रही है कि शादी में कई दोस्त और रिश्तेदार नहीं आ पाए। बारात पैदल ही शहर के बाहर तक गई और फिर वहां से कसरावद के लिए गाड़ियां की। दूल्हे के साथ उनकी बहन पायल, मां सीमा, पिता आलोक और कुछ रिश्तेदार ही इस बारात में साथ थे। दुल्हन की बहन पायल का कहना है कि अच्छा तो नहीं लग रहा है, लेकिन शादी के लिए बहुत सारी तैयारियां की थीं। इसलिए यह शादी हो गई। शादी की सभी रस्में आस-पास के कुछ लोगों की मौजूदगी में पूरी कीं। रिसेप्शन कर्फ्यू के कारण निरस्त करना पड़ा।

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 MadhyaBharat  17 April 2022

bhopal, Heat will scorching, more in MP

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। राजस्थान और गुजरात में तापमान बढ़ने और वहां से आ रही गर्म हवा के कारण प्रदेश में 19 अप्रैल तक इसी तरह बढ़ने का सिलसिला जारी रहेगा। उधर, शनिवार को प्रदेश में सबसे अधिक 44 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। खजुराहो देश के सर्वाधिक गर्म रहे शहरों में तीसरे नंबर पर रहा। मौसम विभाग ने रविवार को ग्वालियर, दमोह, सीधी आदि शहरों में लू चलने की संभावना जताई है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ जाने के कारण पड़ोसी राज्य राजस्थान एवं गुजरात में तपिश बढ़ गई है। वहां से आ रही हवा के कारण मध्य प्रदेश में भी दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। हालांकि वर्तमान में उत्तरी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। छत्तीसगढ़ से लेकर कर्नाटक तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इस वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश में आंशिक बादल भी बने हुए हैं। अभी दिन के तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला बना रह सकता है। रविवार को प्रदेश में एक-दो शहरों में लू भी चल सकती है। मंगलवार तक प्रदेश में दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री से तक की बढ़ोतरी हो सकती है। 19 अप्रैल को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में प्रवेश करने पर तापमान में एक बार फिर गिरावट होने के आसार हैं।

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 MadhyaBharat  17 April 2022

praveen kakkar

  (प्रवीण कक्कड़) praveenkakkar.com इस लेख के पहले भाग में हमने पुलिस सुधार के उन बिंदुओं पर चर्चा की थी जिनको अपनाकर पुलिसकर्मियों की समस्याएं दूर की जा सकती हैं। उनका और उनके बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है। उन्हें वे बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं जिनसे उनमें काम करने का उत्साह आए और वे मानवीय गरिमा के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर सकें। लेख के इस भाग में हम चर्चा करेंगे कि पुलिस के व्यवहार में और कार्यप्रणाली में वे कौन से बदलाव आने चाहिए जिससे लोग जनता को वाकई अपना मित्र और हितैषी समझें। अपराधी और असामाजिक तत्व पुलिस से डरें। जबकि आम आदमी पुलिस की उपस्थिति में खुद को निर्भय महसूस करे।   सबसे पहली बात तो यह है कि पुलिस की ट्रेनिंग आज भी कुछ ना कुछ ब्रिटिश जमाने की चली आ रही है। ब्रिटिश शासन में पुलिस की जिम्मेदारी अपराधियों पर नकेल कसने के साथ ही जनता को भयभीत रखने की भी होती थी। उस समय जनता को डरा कर रखना इसलिए जरूरी था क्योंकि उसके मन में किसी भी तरह विदेशी शासन से विद्रोह करने की मानसिकता ना आ सके। बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि उस जमाने में खाकी का इतना भय हुआ करता था कि अगर किसी गांव में डाकिया भी पहुंच जाए तो लोग सहम जाते थे।   लेकिन आजाद भारत में तो पुलिस का काम समाज को भयमुक्त करना है। आम नागरिक की सबसे बड़ी समस्या यह रहती है कि जब वह थाने में किसी बात की शिकायत करने जाता है या एफआईआर करना चाहता है तो इस प्रक्रिया में उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई गंभीर मामलों में तो पुलिस समाज के रसूखदार लोगों या राजनीतिक दबाव में भी एफआईआर नहीं करती है। कितने ही ऐसे मौके आते हैं, जब बड़ी पहुंच वाले लोगों से एफआईआर कराने के लिए फोन करने पड़ते हैं।   पुलिस के तंत्र में इस तरह के बदलाव किये जानी चाहिए की आम नागरिक के लिए शिकायत करना और रिपोर्ट दर्ज कराना आसान हो। क्योंकि पुलिस न्याय देने वाली संस्था नहीं है लेकिन न्याय की प्रक्रिया की पहली सीढ़ी अवश्य है।   पुलिस के पास अपराधों की जांच करने, कानूनों का प्रवर्तन करने और राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बहाल रखने की शक्ति होती है। इस शक्ति का उपयोग वैध उद्देश्य के लिए हो, यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न देशों ने सुरक्षात्मक उपाय किए हैं जैसे राजनीतिक कार्यकारिणी के प्रति पुलिस को जवाबदेह बनाना और स्वतंत्र निरीक्षण अथॉरिटीज़ की स्थापना करना।   भारत में, राजनीतिक कार्यकारिणी (यानी मंत्रीगण) में पुलिस बलों के अधीक्षण और नियंत्रण की शक्ति है ताकि उनकी जवाबदेही को सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग ने टिप्पणी की थी कि इस शक्ति का दुरुपयोग किया जाता है और मंत्रीगण व्यक्तिगत एवं राजनीतिक कारणों के लिए पुलिस बलों का उपयोग करते हैं। इसलिए विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि राजनीतिक कार्यकारिणी की शक्तियों का दायरा कानून के तहत सीमित किया जाना चाहिए।   अपराध और अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस को आम जनता के विश्वास, सहयोग और समर्थन की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए किसी भी अपराध की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को इनफॉर्मर और गवाहों के रूप में आम जनता के भरोसे रहना पड़ता है। इसलिए प्रभावशाली पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिस और जनता के बीच का संबंध महत्वपूर्ण है। दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग ने टिप्पणी की थी कि पुलिस और जनता के बीच का संबंध असंतोषजनक स्थिति में है क्योंकि जनता पुलिस को भ्रष्ट, अक्षम, राजनैतिक स्तर पर पक्षपातपूर्ण और गैर जिम्मेदार समझती है।   इस चुनौती से निपटने का एक तरीका कम्युनिटी पुलिसिंग मॉडल है। कम्युनिटी पुलिसिंग के लिए पुलिस को अपराध को रोकने और उसका पता लगाने, व्यवस्था बहाल करने और स्थानीय संघर्षों को हल करने के लिए समुदाय के साथ काम करने की जरूरत होती है ताकि लोगों को बेहतर जीवन प्राप्त हो और उनमें सुरक्षा की भावना पैदा हो। इसमें सामान्य स्थितियों में आम लोगों के साथ संवाद कायम करने के लिए पुलिस द्वारा गश्त लगाना, आपराधिक मामलों के अतिरिक्त दूसरे मामलों में पुलिस सेवा के अनुरोध पर कार्रवाई करना, समुदाय में अपराधों को रोकने का प्रयास करना और समुदाय से जमीनी स्तर पर प्रतिक्रियाएं हासिल करने के लिए व्यवस्था कायम करना शामिल है। विभिन्न राज्य कम्युनिटी पुलिसिंग के क्षेत्र में प्रयोग कर रहे हैं, जैसे केरल (जनमैत्री सुरक्षा प्रॉजेक्ट), राजस्थान (ज्वाइंट पेट्रोलिंग कमिटीज़), असम (मीरा पैबी), तमिलनाडु (फ्रेंड्स ऑफ पुलिस), पश्चिम बंगाल (कम्युनिटी पुलिसिंग प्रॉजेक्ट), आंध्र प्रदेश (मैत्री) और महाराष्ट्र (मोहल्ला कमिटीज़)।   इन चीजों को अमल में लाने के लिए पुलिस को उपलब्ध बुनियादी ढांचे में कुछ सुधार की आवश्यकता है। उसे मजबूत किए जाने की जरूरत है। कैग के ऑडिट में राज्य पुलिस बलों में हथियारों की कमी पाई गई है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने यह टिप्पणी भी की है कि राज्य पुलिस बलों के अपेक्षित वाहनों (2,35,339 वाहनों) के स्टॉक में 30.5% स्टॉक का अभाव है। हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण के लिए दिए जाने वाले फंड्स का आम तौर पर पूरा उपयोग नहीं किया जाता है। केवल 14% फंड्स का राज्यों द्वारा उपयोग किया गया था।   इन बातों से पता चलता है कि पुलिस प्रणाली में सुधार के लिए राज्य प्रशासन की इच्छा शक्ति की की बहुत जरूरत है। जिम्मेदार पुलिस के लिए पहली चीज तो यह है कि कम से कम उस सारे फंड का उपयोग कर लिया जाए जो पुलिस की बेहतरी के लिए दिया गया है। दूसरा यह कि आधुनिक समय की जरूरत के हिसाब से पुलिस का बजट बढ़ाया जाए। तीसरी बात यह कि पुलिस ट्रेनिंग में यह बात गंभीरता से सिखाई जाए कि पुलिस जनता की सेवक हैं, उसे अपराधियों के साथ व्यवहार में और आम आदमी के साथ लोगों में फर्क करना सीखना चाहिए। चौथी बात यह कि पुलिस जनता के प्रति जिम्मेदार है ना कि किसी रसूखदार व्यक्ति के प्रति। इससे आम जनता और पुलिस के संबंध बहुत मधुर और प्रभावशाली हो जाएंगे।

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 MadhyaBharat  17 April 2022

praveen kakkar

click link - praveenkakkar.com (प्रवीण कक्कड़)   इस लेख के पहले भाग में हमने पुलिस सुधार के उन बिंदुओं पर चर्चा की थी जिनको अपनाकर पुलिसकर्मियों की समस्याएं दूर की जा सकती हैं। उनका और उनके बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है। उन्हें वे बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं जिनसे उनमें काम करने का उत्साह आए और वे मानवीय गरिमा के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर सकें। लेख के इस भाग में हम चर्चा करेंगे कि पुलिस के व्यवहार में और कार्यप्रणाली में वे कौन से बदलाव आने चाहिए जिससे लोग जनता को वाकई अपना मित्र और हितैषी समझें। अपराधी और असामाजिक तत्व पुलिस से डरें। जबकि आम आदमी पुलिस की उपस्थिति में खुद को निर्भय महसूस करे।   सबसे पहली बात तो यह है कि पुलिस की ट्रेनिंग आज भी कुछ ना कुछ ब्रिटिश जमाने की चली आ रही है। ब्रिटिश शासन में पुलिस की जिम्मेदारी अपराधियों पर नकेल कसने के साथ ही जनता को भयभीत रखने की भी होती थी। उस समय जनता को डरा कर रखना इसलिए जरूरी था क्योंकि उसके मन में किसी भी तरह विदेशी शासन से विद्रोह करने की मानसिकता ना आ सके। बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि उस जमाने में खाकी का इतना भय हुआ करता था कि अगर किसी गांव में डाकिया भी पहुंच जाए तो लोग सहम जाते थे।   लेकिन आजाद भारत में तो पुलिस का काम समाज को भयमुक्त करना है। आम नागरिक की सबसे बड़ी समस्या यह रहती है कि जब वह थाने में किसी बात की शिकायत करने जाता है या एफआईआर करना चाहता है तो इस प्रक्रिया में उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई गंभीर मामलों में तो पुलिस समाज के रसूखदार लोगों या राजनीतिक दबाव में भी एफआईआर नहीं करती है। कितने ही ऐसे मौके आते हैं, जब बड़ी पहुंच वाले लोगों से एफआईआर कराने के लिए फोन करने पड़ते हैं।   पुलिस के तंत्र में इस तरह के बदलाव किये जानी चाहिए की आम नागरिक के लिए शिकायत करना और रिपोर्ट दर्ज कराना आसान हो। क्योंकि पुलिस न्याय देने वाली संस्था नहीं है लेकिन न्याय की प्रक्रिया की पहली सीढ़ी अवश्य है।   पुलिस के पास अपराधों की जांच करने, कानूनों का प्रवर्तन करने और राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बहाल रखने की शक्ति होती है। इस शक्ति का उपयोग वैध उद्देश्य के लिए हो, यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न देशों ने सुरक्षात्मक उपाय किए हैं जैसे राजनीतिक कार्यकारिणी के प्रति पुलिस को जवाबदेह बनाना और स्वतंत्र निरीक्षण अथॉरिटीज़ की स्थापना करना।   भारत में, राजनीतिक कार्यकारिणी (यानी मंत्रीगण) में पुलिस बलों के अधीक्षण और नियंत्रण की शक्ति है ताकि उनकी जवाबदेही को सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग ने टिप्पणी की थी कि इस शक्ति का दुरुपयोग किया जाता है और मंत्रीगण व्यक्तिगत एवं राजनीतिक कारणों के लिए पुलिस बलों का उपयोग करते हैं। इसलिए विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि राजनीतिक कार्यकारिणी की शक्तियों का दायरा कानून के तहत सीमित किया जाना चाहिए।   अपराध और अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस को आम जनता के विश्वास, सहयोग और समर्थन की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए किसी भी अपराध की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को इनफॉर्मर और गवाहों के रूप में आम जनता के भरोसे रहना पड़ता है। इसलिए प्रभावशाली पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिस और जनता के बीच का संबंध महत्वपूर्ण है। दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग ने टिप्पणी की थी कि पुलिस और जनता के बीच का संबंध असंतोषजनक स्थिति में है क्योंकि जनता पुलिस को भ्रष्ट, अक्षम, राजनैतिक स्तर पर पक्षपातपूर्ण और गैर जिम्मेदार समझती है।   इस चुनौती से निपटने का एक तरीका कम्युनिटी पुलिसिंग मॉडल है। कम्युनिटी पुलिसिंग के लिए पुलिस को अपराध को रोकने और उसका पता लगाने, व्यवस्था बहाल करने और स्थानीय संघर्षों को हल करने के लिए समुदाय के साथ काम करने की जरूरत होती है ताकि लोगों को बेहतर जीवन प्राप्त हो और उनमें सुरक्षा की भावना पैदा हो। इसमें सामान्य स्थितियों में आम लोगों के साथ संवाद कायम करने के लिए पुलिस द्वारा गश्त लगाना, आपराधिक मामलों के अतिरिक्त दूसरे मामलों में पुलिस सेवा के अनुरोध पर कार्रवाई करना, समुदाय में अपराधों को रोकने का प्रयास करना और समुदाय से जमीनी स्तर पर प्रतिक्रियाएं हासिल करने के लिए व्यवस्था कायम करना शामिल है। विभिन्न राज्य कम्युनिटी पुलिसिंग के क्षेत्र में प्रयोग कर रहे हैं, जैसे केरल (जनमैत्री सुरक्षा प्रॉजेक्ट), राजस्थान (ज्वाइंट पेट्रोलिंग कमिटीज़), असम (मीरा पैबी), तमिलनाडु (फ्रेंड्स ऑफ पुलिस), पश्चिम बंगाल (कम्युनिटी पुलिसिंग प्रॉजेक्ट), आंध्र प्रदेश (मैत्री) और महाराष्ट्र (मोहल्ला कमिटीज़)।   इन चीजों को अमल में लाने के लिए पुलिस को उपलब्ध बुनियादी ढांचे में कुछ सुधार की आवश्यकता है। उसे मजबूत किए जाने की जरूरत है। कैग के ऑडिट में राज्य पुलिस बलों में हथियारों की कमी पाई गई है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने यह टिप्पणी भी की है कि राज्य पुलिस बलों के अपेक्षित वाहनों (2,35,339 वाहनों) के स्टॉक में 30.5% स्टॉक का अभाव है। हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण के लिए दिए जाने वाले फंड्स का आम तौर पर पूरा उपयोग नहीं किया जाता है। केवल 14% फंड्स का राज्यों द्वारा उपयोग किया गया था।   इन बातों से पता चलता है कि पुलिस प्रणाली में सुधार के लिए राज्य प्रशासन की इच्छा शक्ति की की बहुत जरूरत है। जिम्मेदार पुलिस के लिए पहली चीज तो यह है कि कम से कम उस सारे फंड का उपयोग कर लिया जाए जो पुलिस की बेहतरी के लिए दिया गया है। दूसरा यह कि आधुनिक समय की जरूरत के हिसाब से पुलिस का बजट बढ़ाया जाए। तीसरी बात यह कि पुलिस ट्रेनिंग में यह बात गंभीरता से सिखाई जाए कि पुलिस जनता की सेवक हैं, उसे अपराधियों के साथ व्यवहार में और आम आदमी के साथ लोगों में फर्क करना सीखना चाहिए। चौथी बात यह कि पुलिस जनता के प्रति जिम्मेदार है ना कि किसी रसूखदार व्यक्ति के प्रति। इससे आम जनता और पुलिस के संबंध बहुत मधुर और प्रभावशाली हो जाएंगे।

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 MadhyaBharat  17 April 2022

ujjain,  Galantika will climb, Lord Mahakal

उज्जैन। भगवान महाकाल को रविवार, 17 अप्रैल से गलंतिका चढ़ेगी। हर वर्ष वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से बाबा महाकाल को शिवलिंग पर 11 मिट्टी के कलशों से सतत जलधारा प्रवाहित कर जलाभिषेक प्रारंभ होता है। ऐसा बाबा को तीक्ष्ण गर्मी से बचाने के लिए किया जाता है। यह परंपरा सालों से चली आ रही है। इसका समय भी तय रहता है। महाकालेश्वर मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से ज्येष्ठ पूर्णिमा तक लगातार दो माह तक गलंतिका बांधी जाती है। यह दो माह तीक्ष्ण गर्मी के माने जाते हैं। भीषण गर्मी से बाबा महाकाल को शीतलता प्रदइान करने हेतु मिट्टी के 11 कलश शिवलिंग के उपर बांधे जाते हैं,जिनमें छिद्र होते हैं। इन कलशों से प्रतिदिन दो माह तक प्रात: भस्मार्ती के पश्चात 6 बजे से सायं 5 बजे तक शीतल जलधारा शिवलिंग पर प्रवाहित होती है। गलंतिका बांधने के पीछे का रहस्य पं. हरिहर पण्ड्या के अनुसार धार्मिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने गरल (विष) पान किया था। गरल की अग्नि शमन के लिए ही शिव का जलाभिषेक किया जाता है। गर्मी के दिनों में विष की उष्णता और अधिक बढ़ जाती है। इसलिए वैशाख व ज्येष्ठ मास में भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए मिट्टी के कलश से ठंडे पानी की जलधारा प्रवाहित की जाती है। इसी को गलंतिका कहते हैं।   धर्म सिंन्धु पुस्तक के अनुसार अत्र मासे प्रपादान देवे गलंतिका बंधन व्यजनच्छत्रोपान वंदनादिदान महाफलम् अर्थात इस मास में प्रपाका दान, देवके गलंतिका (कंठी) बांधना और बीजना(बोवाई) छत्र चन्दन, धान्य आदि के दान का महान फल होता है। वैशाख एवं ज्येष्ठ माह तपन के माह होते है। भगवान शिव का रूद्र एवं नीलकंठ स्वरूप को देखते हुए सतत शीतल जल के माध्यम से जलधारा प्रवाहित करने से भगवान शिव प्रसन्न एवं तृप्त होते है तथा प्रजा एवं राष्ट्र को भी सुख समृद्धि प्रदान करते है। गलंतिका केवल महाकालेश्वर मंदिर में ही नहीं अपितु 84 महादेव को भी लगायी जाती है।

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 MadhyaBharat  16 April 2022

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भोपाल। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के कानड़ निवासी भारतीय सेना के जवान अरुण शर्मा शनिवार को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की है।   मुख्यमंत्री चौहान ने शनिवार देर शाम ट्वीट करते हुए कहा कि "-आगर मालवा जिले के कानड़ के वीर सपूत अरुण शर्मा कर्तव्य निर्वहन करते हुए जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में शहीद हो गये। मां भारती को अपने ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है। देश की माटी युगों-युगों तक आपकी वीरता और साहस पर गौरवान्वित होती रहेगी। विनम्र श्रद्धांजलि!"   आगर तहसीलदार कमल सिंह सोलंकी ने बताया कि कानड निवासी 24 वर्षीय अरुण शर्मा पुत्र मनोहर शर्मा भारतीय सेना में थे और इन दिनों वह जम्मू कश्मीर के कूपवाड़ा में पदस्थ थे। शनिवार को आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान अरुण शर्मा शहीद हो गए। उन्होंने बताया कि शहीद जवान का पार्थिव शरीर संभवतः रविवार रात तक कानड़ पहुंचेगा। इसके बाद सोमवार सुबह ससम्मान शहीद को अंतिम विदाई दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन द्वारा कानड़ के निर्माणाधीन नवीन श्मशान स्थल पर तैयारियां की जा रही है। अंतिम यात्रा का रूट भी तैयार किया जा रहा है।

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 MadhyaBharat  16 April 2022

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इन्दौर। मध्य प्रदेश के खरगौन शहर में रामनवमी पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। खरगौन में शनिवार को कर्फ्यू में दो अलग-अलग समय पर कुल 4 घंटे की ढील दी गई। इस दौरान स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। छूट के दौरान लोगों ने अपनी जरूरतों की सामग्री की खरीदारी की।   इंदौर संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा एवं आईजी राकेश गुप्ता खरगौन में ही रहकर स्थिति पर पूरी तरह नजर रखे हुए हैं। उन्होंने शहर का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावितों से मुलाकात भी की। संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि शनिवार को कर्फ्यू में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 3 से शाम को 5 बजे तक की छूट दी गई। छूट के दौरान स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। उन्होंने बताया कि स्थिति सामान्य रहने पर कल रविवार को छूट की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।   संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने कलेक्टर अनुग्रहा पी. तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसानी कार्य के सर्वे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात की और नुकसानी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सर्वे कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वह नुकसानी का वास्तविक आंकलन करें। कोई भी प्रभावित सर्वे से वंचित नहीं रहे।   उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य के लिए राजस्व और अन्य विभागों के अमले को जवाबदारी दी गई है। वह मौके पर पहुंचकर सर्वे का कार्य कर रहे हैं। अगर किसी को समस्या है तो वह तहसीलदार योगेंद्र सिंह मौर्य के मोबाइल नंबर 94253-44101 पर संपर्क कर सकते हैं।

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 MadhyaBharat  16 April 2022

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छिंदवाड़ा। हमारा देश अनेक धर्म और एक राष्ट्र की ऐतिहासिक परम्परा को दर्शाता है। हमारे संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने हमारे देश को एक ऐसा संविधान दिया, जिसमें हर धर्म, हर जाति और हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिला है। हमारी सभ्यता और संस्कृति को पर्याप्त मान सम्मान और स्थान दिया गया है। परन्तु आज हालात बदल रहे हैं। हमारा संविधान गलत हाथों में पहुंच गया है और हमारी संस्कृति पर लगातार हमले हो रहे हैं।   यह बात शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पांढुर्ना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दिघोरी में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा के अनावरण अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहे। उन्होंने प्रदेश के युवाओं व बेरोजगारों के भविष्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के युवा और बीस साल पहले के युवाओं में अंतर है आज का युवा अधिक जागरूक है परन्तु भाजपा के विगत 18 वर्षों के शासन काल में युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया है। केवल कुछ नहीं चाहते वे केवल अपने हाथों के लिए काम चाहिये परन्तु वर्तमान प्रदेश सरकार को युवा पीढ़ी के भविष्य की चिंता नहीं है।   कमलनाथ ने कहा कि आज प्रश्न कांग्रेस या कमलनाथ का नहीं है, आज प्रश्न इन युवाओं के भविष्य का है। इन हालातों में हम कैसे मध्यप्रदेश का नवनिर्माण कर पायेंगे। किसानों की बदहाली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के लिए हर दिन एक नई घोषणा होती है, हर दिन एक नया नारा और नया सपना दिखाया जाता है परन्तु आज तक कुछ नहीं हुआ। किसानों को अपनी उपज का दोहरा मूल्य दिलाने वालों को दोगली नीति के कारण आज का किसान अपनी उपज की लागत तक नहीं निकाल पा रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से अपील की कि वे प्रदेश की तस्वीर को देखते और समझें कब तक हमें धोखे में रखा जावेगा इसलिये हमें सच्चाई को समझना होगा, तभी आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित होगा।   ग्राम दिघोरी पहुंचने पर सर्वप्रथम कमलनाथ ने बड़ा देव की पूजा अर्चना की। इसके उपरांत देश के संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे, विधायक निलेश उइके, पूर्व विधायक जतन उइके, गुरुचरण खरे, रामप्रसाद उइके, इंदरलाल कंगाली, सुनील जुनूनकर, शिवनारायण डेहरिया सहित अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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 MadhyaBharat  16 April 2022

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रगति में तेलुगु भाषियों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। यह समाज समरस होने की विशेषता रखता है जो साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में भी समृद्ध है। यहाँ गद्य से अधिक पद्य का स्थान है। कुचुपुड़ी नृत्य अद्भुत कला है। साथ ही टॉलीवुड अर्थात तेलुगु सिनेमा का भारतीय सिनेमा में विशेष स्थान है। इसकी भाषा, संस्कृति और परम्पराएँ समृद्ध हैं। बाहुबली फिल्म को हम सब देखते ही रह गए। देश के सभी लोग तेलुगु फिल्मकारों को जानते हैं।   मुख्यमंत्री चौहान शनिवार को भोपाल के "द ग्रेंड शुभारंभ" में तेलुगु नववर्ष "उगादी" के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सैकड़ों तेलुगु और अन्य फिल्मों के प्रख्यात हास्य अभिनेता अली बाशा सहित तेलुगु भाषा की प्रख्यात प्रतिभाओं का सम्मान भी किया। यह कार्यक्रम तेलुगु समागम, हैदराबाद, बालाजी भक्त मंडली, भोपाल और तेलुगु सांस्कृतिक परिषद भोपाल ने संयुक्त रूप से किया था। तेलुगु समागम के अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता टी. मुरलीधर राव, गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पद्मश्री दर्शनम मोगुलाय्या, भगवत गीता फाउंडेशन के संस्थापक एल.वी. गंगाधर शास्त्री, बीआर नायडू, पी. नरहरि उपस्थित थे।   मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में विकास के कार्य हों या अधोसंरचना के प्रोजेक्ट जैसे नर्मदा–क्षिप्रा लिंक परियोजना, की पूर्णता में तेलुगु भाषियों का विशेष योगदान रहा है। यही नहीं बरसों पहले विदिशा कलेक्टर रहे बीआर नायडू ने दुर्घटना के पश्चात मेरी जीवन-रक्षा का कार्य किया। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के सचिव पी. नरहरि ने गत तीन माह में रोजगार मेले लगाने का कार्य बहुत परिश्रम से किया है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता हमारे भारत देश की पहचान है। हमारी परम्पराएँ अलग-अलग हैं फिर भी भारत एक है। मूल रूप से हम सब एक हैं।   कार्यक्रम को मुरलीधर राव ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी के बाद तेलुगु भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। आंध्र के अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक और अन्य राज्यों में भी काफी तेलुगु आबादी है। उन्होंने मुख्यमंत्री चौहान और अन्य अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।   प्रतिभाएँ सम्मानित कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री चौहान का तेलुगु समाज की परम्परा के अनुसार स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित विभूतियों और विभिन्न तेलुगु भाषी प्रतिभाओं का सम्मान किया। आयोजक संस्थाओं ने भी मुख्यमंत्री का पुष्पहार, अंगवस्त्रम और सचित्र सम्मान पत्र देकर अभिनंदन किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में तेलुगु भाषी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  16 April 2022

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भोपाल। प्रज्ञा प्रवाह द्वारा आयोजित अखिल भारतीय चिंतन बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक पूज्य मोहनराव भागवत जी, सरकार्यवाह माननीय दत्तात्रेय होसबाले जी एवं प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक माननीय जे॰ नन्दकुमार जी की उपस्थिति में हुआ।  इस चिंतन बैठक की प्रस्तावना रखते हुए संघ के सरकार्यवाह माननीय दत्तात्रेय होसबाले जी ने बताया कि अध्ययन, अवलोकन और संवाद से चिंतन प्रबल होता है तथा वर्तमान में हिन्दुत्व पर व्यापक विमर्श हो रहा है। इस विचार मंथन से जो अमृत निकलेगा वह इस विमर्श को अधिक सकारात्मक व रचनात्मक बनाएगा।  हिन्दुत्व गतिशील है, स्थितिशील नहीं – श्री रंगा हरि  ‘हिन्दुत्व का मूल विचार’ विषय पर बोलते हुए वरिष्ठ चिंतक व विचारक श्री रंगा हरि जी ने हिन्दुत्व के तात्पर्य, इतिहास, विधिक और राजनैतिक व्यखाएँ तथा हिन्दुत्व की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उस पर संघ के विचार बताए। इसी विषय को आगे बढ़ाते हुए शिक्षाविद् इन्दुमति काटदरे जी ने कहा कि अंग्रेजी को यदि अंग्रेज़ियत से मुक्त कर सको तो अंग्रेजी बोलने का साहस करो।   ‘हिन्दुत्व विकास कि धुरी’ विषय पर प्रस्तुति देते हुए आईआईएम अहमदाबाद के प्रो॰ शैलेंद्र मेहता ने भारत के अतीत से विकास तथा शिक्षा की यात्रा के विषय में बताया और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान के क्रियान्वयन पर चर्चा की।  ‘वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में हिन्दू अर्थशास्त्र’ विषय पर अर्थशास्त्री श्री विनायक गोविलकर ने संवाद किया। वरिष्ठ मीडिया सलाहकार श्री उमेश उपाध्याय ने ‘मीडिया विमर्श में हिन्दू फोबिया एवं हिन्दुत्व’ विषय पर तथ्यात्मक व शोधपरक विमर्श किया।  बैठक में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, ख्यातिलब्ध इतिहासकार, अर्थशास्त्री एवं अकादमिक जगत के कई बुद्धिजीवी भाग ले रहे हैं। ध्यातव्य है कि सामाजिक - सांस्कृतिक विषयों के विमर्श मंथन क्रम में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा समय-समय पर ऐसी बैठकों का आयोजन किया जाता है।

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 MadhyaBharat  16 April 2022

anuppur, Tractor seized ,while illegal, mining of sand

अनूपपुर। जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरभठी स्थित तिपान नदी बेल घाट पर अवैध रेत का परिवहन करते हुए पुलिस ने एक ट्रैक्टर को जब्त करते किया है। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक केमल सिंह गोड (21) पुत्र शंकर सिंह गोड निवासी ग्राम सिंघौरा बडका टोला व मालिक विजय सिंह राठौर पुत्र बोधराम राठौर निवासी ग्राम चोरभठी के खिलाफ धारा 379, 414 ताहि एवं 4/21 खान खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर मुखबिर से सूचना मिली की ग्राम चोरभटी स्थित तिपान नदी बेलघाट से रेत की चोरी कर ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 65 एए 4301 के माध्यम से ग्राम चोरभठी की ओर जा रहा है। जहां सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने उक्त ट्रैक्टर ट्रॉली को रोकते हुये ट्रैक्टर चालक केमल सिंह गोड़ से ट्रैक्टर में लोड रेत से संबंधित दस्तावेजों की मांग की गई। चालक द्वारा मौके पर कोई भी दस्तावेज नही दिखाया गया तथा पूछने पर बताया कि उसने ट्रेक्टर मालिक विजय सिंह राठौर के कहने पर ट्रैक्टर में रेत लोडकर परिवहन कर रहा था। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कराते हुये ट्रैक्टर चालक व मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है।

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 MadhyaBharat  15 April 2022

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भोपाल। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बताया है कि आजादी के अमृत महोत्सव' में प्रदेश के सभी विकासखंड पर 18 से 30 अप्रैल तक स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य मेलों में आम नागरिकों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं, पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड, डिजिटल मिशन में विशिष्ट स्वास्थ्य पहचान-पत्र उपलब्ध करवाते हुए विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और स्वास्थ्य के प्रति आमजन में जागरूकता लाने का कार्य भी किया जाएगा। स्वास्थ्य मेलों में सांसद, जिले के प्रभारी मंत्री, विधायक और जन-प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह जानकारी मंत्री डॉ. चौधरी ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मेलों की जानकारी और उनमें की गई व्यवस्थाओं के संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कही। इस मौके पर आयुक्त स्वास्थ्य डॉ.सुदाम खाड़े भी उपस्थित थे।   मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य मेले में बीमारी की प्रारंभिक स्तर पर पहचान हेतु स्क्रीनिंग एवं निदान के संबंध में बुनियादी जाँच, दवाइयों की उपलब्धता, विषय-विशेषज्ञों के साथ टेली-कन्सलटेशन से उचित उपचार की नि:शुल्क व्यवस्था भी रहेगी। टेली कंसलटेशन सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर ई-संजीवनी के माध्यम से 16 अप्रैल, 2022 से किया जाना है। आवश्यकता अनुसार गंभीर रोगियों को रेफर करने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी।   स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य मेले में आने वाले रोगियों को आयु वर्ग के आधार पर पंजीकरण करने के लिए पृथक-पृथक काउंटर बनाये जायेंगे। इसमें गर्भवती महिलाओं के लिए ए.एन.सी. काउंटर भी बनेगा। इनमें स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिए विषय-विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएँ देंगे। बच्चों के स्वास्थ्य परिक्षण एवं उपचार के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं गर्भवती महिलाओं के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, लम्बी खाँसी, बुखार आदि के लिए मेडिकल स्पेशलिस्ट, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, आँखों की परेशानी के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ, कान, नाक एवं गले संबंधी समस्या के लिए ई.एन.टी. विशेषज्ञ, जोड़ो एवं हड्डी की परेशानी के लिए अस्थि रोग विशेषज्ञ, दिमागी एवं मानसिक रोगियों के लिए मानसिक रोग चिकित्सक के अतिरिक्त अन्य विषय-विशेषज्ञ भी उपस्थित रहेंगे। साथ ही आवश्यकता होने पर टेली- कंसलटेशन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे जन-समुदाय को व्यापक एवं स्वास्थ्य मेले में विविध प्रकार से नि:शुल्क उपचार मिल सके। चिकित्सकीय उपचार के साथ स्वास्थ्य जागरूकता, परिवार परिवार नियोजन परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य परिक्षण, ओरल कैंसर, मोतियाबिंद पहचान, टीकाकरण, टीबी एवं कुष्ठ रोग पहचान, रक्तादान की उपलब्धता भी इन मेले में सुनिश्चित की गई है।   स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य स्तर से स्वास्थ्य मेले के सफल आयोजन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जारी किये गये हैं। स्वास्थ्य मेलों में लोक शिक्षण, महिला-बाल विकास, आयुष, खेल एवं युवा कल्याण, जनसम्पर्क, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, संस्कृति और सामाजिक न्याय विभाग सहयोगी की भूमिका निभाएंगे। राज्य स्तर से प्रत्येक जिले के लिए नोडल अधिकारी नामांकित किए गए है, जो स्वास्थ्य मेलों की सतत मॉनिटरिंग करेंगे।   विकासखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेलों के आयोजन का क्रम 18 अप्रैल से शुरू होगा। पहले दिन 49 जिलों के 55 विकासखंड में, 19 अप्रैल को 40 जिलों के 43 विकासखंड में, 20 अप्रैल को 50 जिलों के 58 विकासखंड में, 21 अप्रैल को 45 जिलों के 47 विकासखंड में, 22 अप्रैल को 36 जिलों के 37 विकासखंड में, 23 अप्रैल को 22 जिलों के 22 विकासखंड में, 24 अप्रैल को 6 जिलों के 6 विकासखंड में, 25 अप्रैल को 14 जिलों के 15 विकासखंड में, 26 अप्रैल को 11 जिलों के 11 विकासखंड में, 27 अप्रैल को 9 जिलों के 9 विकासखंड में, 28 अप्रैल को 7 जिलों के 8 विकासखंड में, 29 अप्रैल को एक जिले के एक विकासखंड में और 30 अप्रैल को भी एक जिले के एक विकासखंड में स्वास्थ्य मेला लगाया जाएगा।

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 MadhyaBharat  15 April 2022

bhopal, Home Minister ,Dr. Mishra ,PM Awas Yojana

भोपाल । गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शुक्रवार को दतिया के वृंदावन धाम में प्रधानमंत्री आवास योजना के 201 हितग्राहियों को आवास हेतु 1 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि के चेक प्रदाय किए। गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि किसी भी गरीब आवासहीन को आवास से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सभी पात्र आवासहीनों को 2024 तक आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। गृह मंत्री डॉ. मिश्रा को 15 अप्रैल को जन्म-दिवस होने पर राजनेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, जन-प्रतिनिधियों, ग्रामीणजनों एवं सभी वर्गों ने पुष्पहार एवं पुष्प-गुच्छ भेंट कर जन्म-दिन की बधाई देते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना की।   गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि ऐसे परिवार जिनका स्वयं का आवास नहीं है और किराए के मकान में रह रहे हैं, उन सभी आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2024 तक आवास उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में दस दिन में सर्वें की कार्यवाही कर शेष रहे पात्र हितग्राहियों के नाम डीपीआर में शामिल किये जायेंगे। डॉ. मिश्रा ने भूमि चिन्हित करने की कार्यवाही के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए। गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीबों की तकलीफ को नजदीक से देखा और महसूस किया है। इसके लिए गरीबों के कल्याण के लिए योजनाएँ बनाई गई हैं, जिनमें से कुछ योजनाएँ पूर्व सरकार ने बंद कर दी थी। उन्हें हमने पुनः शुरू किया है। गृह मंत्री ने कहा कि जो बहन-बेटियाँ सिलाई का कार्य करती हैं, उन्हें स्व-रोजगार से जोड़ने हेतु निःशुल्क सिलाई मशीन के साथ प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवाया जाएगा।   101 कन्याओं को सहायता राशि के दिए चेक, 20 मई को होगा सामूहिक विवाह गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने दतिया के वृंदावन धाम में आयोजित कार्यक्रम में 101 कन्याओं को विवाह सहायता राशि के चैक वितरित किये और शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।   गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि जिले में समाज के सभी वर्गों की कन्याओं के सामूहिक विवाह का भव्य कार्यक्रम 20 मई 2022 को जिला मुख्यालय पर स्टेडियम में किया जाएगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रम की जानकारी विभिन्न माध्यमों से गाँव-गाँव तक पहुँचाने के निर्देश भी दिए गये।   प्याऊ का किया शुभारंभ मंत्री डॉ. मिश्रा ने शुक्रवार को राजगढ़ पीताम्बरा चौराहा पर राहगीरों को शुद्ध एवं शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए प्याऊ का शुभारंभ किया। ग्रीष्मकाल में राहगीरों की प्यास बुझाने में इससे मदद मिलेगी।

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 MadhyaBharat  15 April 2022

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भोपाल। मध्यप्रदेश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 06 नये मामले सामने आए हैं, जबकि 04 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं। इसके बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 10 लाख 41 हजार 230 हो गई है। वहीं, राहत की बात यह है कि राज्य में लगातार 26वें दिन कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार देर शाम जारी कोविड-19 बुलेटिन में दी गई। एक दिन पहले भी यहां 02 नये संक्रमित मिले थे।   कोविड-19 बुलेटिन के अनुसार, आज प्रदेशभर में 7,561 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 06 पॉजिटिव और 7,555 निगेटिव पाए गए, जबकि 18 सेम्पल रिजेक्ट हुए। पॉजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत (संक्रमण की दर) 0.07 रहा। नये मामलों में इंदौर, नरसिंहपुर, राजगढ़, सागर, रीवा और सिंगरौली के 1-1 मरीज शामिल हैं, जबकि राज्य के 46 जिलों में आज कोरोना के नये मामले शून्य रहे। वहीं, राज्य में बीते 24 घंटों में कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। यहां 26 दिन से मृतकों की कुल संख्या 10,734 पर स्थिर है।   प्रदेश में अब तक कुल दो करोड़ 89 लाख 79 हजार 263 लोगों के सेम्पलों की जांच की गई। इनमें कुल 10,41,230 प्रकरण पाजिटिव पाए गए। इनमें 10,30,452 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें से 04 मरीज शुक्रवार को स्वस्थ हुए। अब यहां सक्रिय प्रकरणों की संख्या 42 से बढ़कर 44 हो गई है। खुशी की बात यह भी है कि राज्य के 35 जिले पूरी तरह कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इन जिलों में अब कोरोना का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है।   इधर, प्रदेश में 15 अप्रैल को शाम छह बजे तक 2,961 लोगों का टीकाकरण किया गया। इन्हें मिलाकर राज्य में अब तक वैक्सीन के 11 करोड़, 69 लाख, 02 हजार 607 डोज लगाई जा चुकी है।

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 MadhyaBharat  15 April 2022

chindwara,District CEO

छिंदवाड़ा। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस के दल ने शुक्रवार को जिले के जुन्नारदेव जनपद पंचायत के सीईओ सुरेंद्र साहू के चालक को 4 लाख 25 हजार रुपये की नगद राशि की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। यह रिश्वत एक ग्राम पंचायत सचिव के सचिव से विभिन्न कार्यों की स्वीकृति के एवज में मांगी गई थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। जबलपुर लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरबड़े ने बताया कि 4 लाख 25 हजार रुपये धनराशि ग्राम पंचायत कुकरपानी के सचिव सरवन यदुवंशी के पुत्र रोहन रघुवंशी द्वारा सीईओ सुरेंद्र साहू के आदेश पर उनके चालकर मिथुन पवार को सौंपी गई थी। यह बड़ी रकम ग्राम पंचायत कुकरपानी के 6 बड़े निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति के लिए प्रदान किए जा रहे थे। इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की गई थी। लोकायुक्त दल द्वारा शिकायतकर्ता रोहन यदुवंशी के साथ सीईओ सुरेंद्र साहू एवं उनके वाहन चालक मिथुन पवार के बीच लगातार हुई टेलिफोनिक चर्चा के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई। मामले में लोकायुक्त दल द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत सीईओ सुरेंद्र कुमार साहू एवं उनके वाहन चालक मिथुन पवार के विरुद्ध मामला दर्ज किया और फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है। लोकायुक्त दल में निरीक्षक स्वप्निल दास, भूपेंद्र दीवान, आरक्षक जुबेर खान, अमित मंडल, अमिताभ एवं राकेश विश्वकर्मा शामिल थे।

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 MadhyaBharat  15 April 2022

bhopal,Digvijay targets ,Shivraj , Khargone violence

भोपाल। खरगौन में रामनवमी पर हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर मध्य प्रदेश में जमकर राजनीति हो रही है। इस मामले को लेकर कांग्रेस के नेता जहां भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं भाजपा भी पलटवार करने में पीछे नहीं है। विवादित बयानों को लेकर हमेशा सुर्खिया बटोरने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इस मामले को जमकर तूल दे रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है। वहीं, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी ट्वीट के माध्यम से पलटवार करते हुए उन्हें करारा जवाब दिया है।   वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय खरगौन हिंसा को लेकर शिवराज सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर हैं। कुछ दिन पहले भी वे खरगौन हिंसा के संदर्भ में ट्विटर पर गलत वीडियो पोस्ट कर फंस चुके हैं। भाजपा नेताओं ने उन पर सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ कई जगह थानों में एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। अब उन्होंने ट्वीट करते हुए दंगे रोकने में विफलता को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान पर सवाल उठाया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि जिस ज़िले में दंगा होगा उसकी पूरी जवाबदेही ज़िला कलेक्टर व एसपी की होगी, यदि यह संदेश मुख्यमंत्री दे दें तो कभी दंगा नहीं हो सकता। इसके साथ ही दिग्विजय ने प्रदेश में अपने मुख्यमंत्रित्व काल का हवाला दिया और लिखा कि मेरे 10 वर्षों के कार्यकाल में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ।   दिग्विजय ने एक अन्य ट्वीट में शिवराज सरकार और भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा यह जानती है कि बिना पत्थर उछाले कुर्सी नहीं मिलती है। इसलिए हथियार के रूप में कभी जज़्बात को तो कभी जान को हथियार बनाती है। साम्प्रदायिक उन्माद भाजपा का सबसे ख़तरनाक राजनीतिक हथियार है।   दिग्विजय सिंह के इस ट्वीट का भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने जवाब दिया है। उन्होंने दिग्विजय सिंह को उनके शासनकाल की याद दिलाई और ट्विटर पर लिखा कि राजा साहब, आज यदि बाबर जिंदा होता तो 10 साल के शासन को सलाम करता। इसके साथ ही उन्होंने दिग्विजय से पूछा कि "सिमी" का लालन पोषण किसने किया? "नक्सलवाद" को संरक्षण किसने दिया? चंबल में डाकुओं का राज था। कुएं हथियार उगलते थे। जिंदा जला देने की घटना भी हमे याद है। मुलताई में 24 किसानों का नरसंहार भी हम नही भूले। उन्होंने आगे कहा कि वास्तव में दिग्विजय सिंह का शासन बाबर-औरंगजेब सरीखा था।

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 MadhyaBharat  15 April 2022

Khargone ,Violence,Curfew relaxed

खरगौन। सांप्रदायिक हिंसाग्रस्त प्रदेश के खरगोन में शुक्रवार को सुबह भी दो घंटे की ढील दी गई। इस दौरान लोगों ने आवश्यक चीजों की खरीदारी की। कर्फ्यू में ढील के दौरान पुलिस की कड़ी नजर रही। जुमा और गुड फ्राइडे पर सभी धर्मालय बंद रहे। जुमे की नमाज लोगों ने घरों पर पढ़ी और शनिवार को हनुमान जयंती पर भी मंदिर बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने शाम को भी दो घंटे की ढील देने की घोषणा की है। मध्य प्रदेश के खरगौन शहर में 10 अप्रैल को रामनवमी की रात पथराव के बाद सांप्रदायिक हिंसा के चलते पूरे शहर में कर्फ्यू लगा है। दूसरे दिन शुक्रवार को भी सुबह दो घंटे की ढील दी गई है। यह छूट महिला-पुरुष दोनों के लिए रहेगी। लोगों सब्जी, फल, दूध, किराना, मेडिकल, इलेक्ट्रिक रिपेयरिंग, मिठाई और नमकीन की दुकान खोल सकेंगे। छूट के दौरान पुलिस का सख्त पहरा रहेगा। शुक्रवार को भी सुबह 10 से 12 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है। इस दौरान किसी वाहन को नहीं निकलने दिया गया। लोगों को जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाजार पैदल ही जाना पड़ा। सुबह 10 से 12 बजे तक छूट के दौरान बाजार में सामान लेने वालों की भीड़ नजर आई। प्रशासन की सूचना के अनुसार इसी तरह शाम को भी कर्फ्यू में दो घंटे की ढील रहेगी। इस दौरान दुकानें खोली जा सकेंगी और लोग जरूरी सामान की खरीदारी कर सकेंगे। दुकानों को छोड़कर दूसरे स्थानों पर पांच या इससे ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकेंगे। धार्मिक स्थल नहीं खुलेंगे। वहीं, जुमे की नमाज भी घर में ही होगी। गुड फ्राइडे पर चर्च भी बंद हैं। शनिवार को हनुमान जयंती पर मंदिर भी बंद रहेंगे। इससे पहले गुरुवार को भी शहर में सुबह 10 से 12 बजे और शाम को 5 से 7 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी। यह ढील केवल महिलाओं के लिए थी। महिलाओं ने घर में आवश्यक सामान की खरीदारी की और निश्चित समय पर सभी लोगों ने कर्फ्यू के नियमों का पालन किया। इस दौरान शहर का माहौल शांतिपूर्ण रहा। कलेक्टर अनुग्रहा पी ने बताया कि शहर में अब हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन अफवाहों से पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। गुरुवार को भी अफवाह फैल गई कि आनंद नगर कालोनी में पत्थरबाजी हो गई है। खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आनंद नगर क्षेत्र में पहुंच गए, लेकिन यहां पर ऐसा कुछ नहीं मिला। पुलिस ने इस दौरान कुछ युवकों को संदिग्ध अवस्था में घूमते पकड़ा है। खरगौन हिंसा के मामले में अब तक 148 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि रामनवमी के दिन शोभायात्रा पर पथराव के बाद सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी। इसके बाद लोग काफी सहमे हुए हैं। हालांकि, कलेक्टर के लोगों के समझाने के बाद लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है लेकिन अभी अफवाहें लोगों को डरा रही हैं। ऐसे में कुछ लोगों के पयालन की कोशिश हो रही हैं। कलेक्टर-एसपी लगातार क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को समझा रहे हैं और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दे रहे हैं।

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 MadhyaBharat  15 April 2022

bhopal,Dr. Narottam Mishra, a symbol of indomitable ,courage and bravery

-डॉ. दुर्गेश केसवानी लोकतंत्र में सत्ता का खेल बड़ा अजीब होता है। यहाँ बहुमत के खेल से ही सरकारें बनती है और सरकारें गिरती भी है। अपनी सरकार को बचाए रखना एक कुशल नेता के लिए सबसे बड़ी चुनौति होती है। बात हम मध्यप्रदेश के परिपेक्ष में करें तो यहाँ एक नेता सबकी नज़रों में रहता है। जो न सिर्फ लोकतांत्रिक प्रणाली को समझता है बल्कि संसदीय ज्ञान में भी उनका कोई सानी नहीं है। हम बात कर रहे है डॉ. नरोत्तम मिश्रा की, जिनकी गिनती लोकतांत्रिक प्रणाली का ज्ञान रखने वाले उन पंडितों में होता है जो मुश्किलों में फंसी सरकार के लिए हमेशा संकटमोचन का काम करते रहे है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा की गिनती प्रदेश की राजनीति में अपनी एक अलग धमक रखने वाले नेता के रूप में होती है। नर सेवा को ही नारायण सेवा समझने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा को ऐसे ही लोग अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक नहीं कहते है। जनता की सेवा में हमेशा तत्पर्य रहने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा की वह तस्वीर कभी नहीं भुलाई जा सकती जब वह बाढ़ में फंसे लोगो को बचाने के लिए खुद ही अपने प्राणों की परवाह किए बिना बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों को बचाने के लिए उतर जाते है। बात पिछले साल अगस्त 2021 की है प्रदेश का ग्वालियर-चंबल संभाग की नदिया उफान पर थी। ऐसी भयानक बाढ़ की पुल तक बह गए। सरकार में मंत्री होने के नाते दतिया जिले में वह हवाई दौरा करने के दौरान जब उन्होंने कोटरा गांव के एक घर की छत पर कुछ लोगों को फंसे हुए देखा तो खुद लोगो को बचाने के लिये नाव से निकल गए। जिसके बाद वहां से सभी को एयरलिफ्ट कर हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकलवाया गया। उस समय उन्होंने तनिक भी अपने प्राणों की परवाह नहीं की और यह भी नहीं सोचा की उनकी इस दौरान जान भी जा सकती है। यही उनका अदम्य साहस और शौर्य है जो उन्हें अन्य राजनीतिज्ञों से अलग बनाता है।   मध्यप्रदेश की राजनीति में अपने काम और व्यवहार से लोकप्रियता हासिल करने वाले प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपने विधानसभा क्षेत्र दतिया में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में एक लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश की राजनीति में अपनी कुशल वाकपटुता के आधार पर एक अलग पहचान बनाई है। नरोत्तम मिश्रा के हाजिर जवाब को शायराना अंदाज की वजह से लोग उन्हें काफी पसंद करते हैं। 15 अप्रैल, 1960 को ग्वालियर में डॉ. शिवदत्त मिश्रा के यहाँ जन्में है डॉ. नरोत्तम मिश्रा एम.ए.,पी.एच.डी. हैं तथा कविता में उनकी विशेष अभिरूचि हैं।   डॉ. नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक जीवन बात करें तो छात्र जीवन से वह एक कुशल नेतृत्वकर्ता रहे है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा 1977-78 में जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के छात्रसंघ के सचिव एवं सन् 1978-80 में मध्यप्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रान्तीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। डॉ. मिश्रा वर्ष 1985-87 में मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी की प्रान्तीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। वे साल 1990 में 9वीं विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा लोक लेखा समिति के सदस्य रहे। डॉ. मिश्रा वर्ष 1990 में विधान सभा में सचेतक तथा वर्ष 1990 से जीवाजी विश्वविद्यालय की महासभा के सदस्य भी रहे। डॉ. नरोत्तम मिश्रा वर्ष 1998 में दूसरी बार तथा वर्ष 2003 में तीसरी बार विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए। उन्हें 01 जून, 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के मंत्रिमण्डल में राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया। मिश्रा को 04 दिसम्बर, 2005 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने भी मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शामिल किया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 28 अक्टूबर 2009 को पुनः शिवराज सिंह चैहान के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद जब 2013 में भाजपा की सरकार बनी तब भी उन्हें शिवराज सिंह चैहान ने अपने कैबिनेट में मंत्री बनाया। नरोत्तम मिश्रा ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को अभी तक जो भी जिम्मेदारी दी है उन्होंने उसका बाखूबी निभाया है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा मध्यप्रदेश भाजपा के उन नेताओं में सुमार है जो केन्द्रीय नेतृत्व की नज़रों में अपनी विश्वानीयता रखते है। ऐसा माना जाता है कि केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन पर आंख मूंद कर विश्वास करते करते है। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी में मध्यप्रदेश से छह नेताओं को शामिल किया गया उनमें नरोत्तम मिश्रा का शामिल होना इस ओर इशारा करता है कि वह केन्द्रीय नेतृत्व के न सिर्फ करीब है बल्कि पार्टी की रीति और नीति को समझने के साथ ही पार्टी के उन विश्वस्त नेताओं में एक है जो वास्तव में अपनी पार्टी को माँ का दर्जा देता है। यह किसी से छुपा नहीं है कि 2018 में भाजपा की सरकार जाने के बाद भी पूरी सक्रियता से पार्टी और जनता के लिए काम करने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने किस तरह दोबार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।   डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भाजपा का संकटमोचक भी कहा जाता है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान नरोत्तम मिश्रा को भाजपा का हीरा और हीरो कहते हैं। मिश्रा अपने आकर्षक परिधान की वजह से हमेशा चर्चा में रहते है। वह अपने विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में एक लोकप्रिय नेता के रूप में उभरकर सामने आए हैं। डॉ. मिश्रा जनमानस के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहते हुए, जरूरतमंदों की मदद कर उनके दिलों में अपनी अलग ही छवि निर्मित की है। उन्हें सरकार में जो भी दायित्व मिला उन्होंने उस दायित्व को भी बुलंदियों पर पहुंचाया है। चाहे डॉ. मिश्रा स्वास्थ्य मंत्री रहे हों या जल संसाधन मंत्री या फिर वह जनसंपर्क मंत्री हर विभाग में उन्होंने मील का पत्थर गाढ़ा है। गृह मंत्री के रूप में वह प्रदेश की कानून व्यवस्था संभालते हुए लोक कल्याण की भावना से काम कर रहे है। डॉ. मिश्रा अपने माता-पिता से मिले अपने नाम को वास्तविकता में चरितार्थ कर रहे है यानि नरोत्तम जिसका मतलब होता है जो इस मनुष्य जाति में श्रेष्ठ और वह नर सेवा ही नारायण सेवा के जरिए उसे श्रेष्ठ बनाए हुए है।   लेखक- भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता है।

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 MadhyaBharat  14 April 2022

bhopal,  Actor Akshay Kumar ,met CM Chouhan

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुरुवार को प्रसिद्ध सिने अभिनेता अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भेंट की। मुख्यमंत्री चौहान ने अक्षय कुमार को प्रदेश में कला संस्कृति के क्षेत्र में संचालित गतिविधियों और प्रदेश में फिल्म-निर्माण की गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए की जा रही पहल से अवगत कराया। मुख्यमंत्री चौहान ने अक्षय कुमार को शॉल-श्रीफल, चंदेरी सिल्क का प्रसिद्ध गमछा और साँची स्तूप की प्रतिकृति भेंट की।   मुख्यमंत्री ने अभिनेता अक्षय कुमार के साथ रोपे पौधे मुख्यमंत्री चौहान ने भोपाल के स्मार्ट सिटी उद्यान में अभिनेता अक्षय कुमार और पूर्व महापौर आलोक शर्मा के साथ गुलमोहर और अर्जुन का पौधा लगाया। महावीर जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री चौहान के साथ जैन इंजीनियर सोसाइटी के सुनील जैन, संदीप जैन और देवेंद्र जैन ने भी पौध-रोपण किया।   मुख्यमंत्री चौहान ने अभिनेता अक्षय कुमार को अवगत कराया कि पर्यावरण-संरक्षण और धरती बचाने के लिए पौध-रोपण को प्रदेश में अभियान के रूप में लिया गया है। अभियान में जन-जन को प्रेरित करने के उद्देश्य से वे स्वयं प्रतिदिन पौध-रोपण करते हैं। सामाजिक संस्थाएँ भी पौध-रोपण के इस पुनीत कार्य में उत्साह से शामिल होती हैं।   उल्लेखनीय है कि गुलमोहर को विश्व के सुंदरतम वृक्षों में से एक माना जाता है। यह औषधीय गुणों से भी समृद्ध है। अर्जुन एक औषधीय वृक्ष है, जिसकी छाल एवं रस का उपयोग हृदय एवं क्षय रोग जैसी बीमारियों में लाभदायक है। अर्जुन का वृक्ष मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में पाया जाता है।

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 MadhyaBharat  14 April 2022

indore,Chief Minister, paid tribute , grand birth memorial

इंदौर। संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जयंती गुरुवार को उनकी जन्मस्थली अम्बेडकर नगर महू में पूर्ण श्रद्धा एवं आस्था के साथ मनाई गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके जन्मस्थली पर बने भव्य स्मारक में पहुंचकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री चौहान ने स्मारक पर बनी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।   इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर, सांसद छतर सिंह दरबार, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष कविता पाटीदार, विधायक महेंद्र हार्डिया, पूर्व विधायक डॉ. राजेश सोनकर, भन्ते सुमित बोधि, कलेक्टर मनीष सिंह, डीआईजी चंद्रशेखर सोलंकी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।   मुख्यमंत्री चौहान ने स्मारक स्थल पर बाबा साहब के अस्थि कलश के दर्शन किए और पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर के जीवन से जुड़े पंचतीर्थ के प्रमुख स्थानों को तीर्थ दर्शन यात्रा से जोड़ा जाएगा। श्रद्धालुओं को राज्य शासन के खर्च पर इन तीर्थों की नि:शुल्क यात्रा ट्रेन के माध्यम से करायी जायेगी। यात्रियों के लिये भोजन, भ्रमण और ठहरने आदि का सभी खर्च राज्य शासन द्वारा उठाया जायेगा।   उन्होंने कहा कि अम्बेडकर नगर महू में बने जन्म स्मारक में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यथोचित स्थान पर धर्मशाला का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को राजस्व भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर के बताए मार्गों व सिद्धांतों पर चलकर शासन का संचालन किया जा रहा है। समाज के वंचित वर्ग को सामान्य स्तर पर लाने में कोई कोर कसर नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा फर्ज है कि हम सामाजिक न्याय और समरसता पर चलकर एक बेहतर शासन व्यवस्था दें।   मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं सामाजिक समरसता एक मूल मंत्र है। हमारा प्रयास है कि समाज के सभी वर्गों को न्याय मिले और समरसता का समाज में वातावरण रहे। उन्होंने कहा कि समाज में जो अंतिम छोर पर है वह हमारे लिए पहले हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर ने शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का मूल मंत्र दिया था। इस मूल मंत्र को आत्मसात कर हम उनके सपनों को साकार कर सकते हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। हम एक अच्छे समाज का निर्माण कर सकते हैं। समतामूलक समाज की स्थापना की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।   कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर नगर महू पवित्र भूमि है। यहाँ से डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर, टंट्या मामा सहित अन्य विभूतियों का जुड़ाव रहा है। बाबा साहब अम्बेडकर के आदर्शों और सिद्धांतों पर हमें चलना होगा। उनके आदर्श और सिद्धान्त पर चलकर बुद्धिमान तथा ज्ञानवान बनकर हम राष्ट्रहित के अधिक से अधिक कार्य करें। संगठित रहें। मेहनत और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र विकास में भागीदार बनें।     मुख्यमंत्री चौहान ने किया भोजन   मुख्यमंत्री चौहान ने श्रद्धालुओं के लिए की गई भोजन व्यवस्था में शामिल होकर ख़ुद भी दोपहर का भोजन किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चरणों से धन्य उनकी जन्मस्थली अम्बेडकर नगर की पवित्र धरती पर रोटी ग्रहण करने का आज सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अप्रतिम भूमि पर मानो भोजन स्वयंमेव ही विशिष्ट बन गया, जिससे मन में सेवा का पुण्य भाव और प्रबल हुआ। सेवा ही जीवन का ध्येय है।     व्यवस्थाओं को मिली व्यापक सराहना   डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर की जन्म स्थली पर आने वाले श्रद्धालुओं और भन्तों के लिए की गई व्यवस्थाओं को व्यापक सराहना मिली है। मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन की सराहना की, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं ने भी शासन और प्रशासन के प्रति मेहमाननवाजी के लिए आभार व्यक्त किया।     मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के पश्चात पहली बार जन्मस्थली पर इतना बड़ा आयोजन है। इस आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था की है। इसके लिए उन्होंने धन्यवाद दिया।     इसी तरह मध्यप्रदेश के अन्य जिलों और महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। नागपुर से आये बालचन्द्र नाईक ने बताया कि वे अपने 12 साथियों के साथ बाबा साहब की जन्मस्थली पर नमन करने आये हैं। वे पहली बार यहाँ पहुंचे। इतना भव्य स्मारक बनेगा, उन्हें कल्पना नहीं थी। श्रद्धालुओं के लिये की गई व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि अब लग रहा है कि हमने बाबा साहब के कर्ज को उतार दिया है।     इसी तरह अकोला से आये सुनील सिरसाट, अनिता, आम्रपाली और विजय खाड़े ने भी व्यवस्थाओं को सराहा और कहा कि वे कल रात अम्बेडकर नगर पहुंचे। यहाँ आने के साथ ही ठहरने, खाने और शुद्ध तथा शीतल पेयजल की बेहतर व्यवस्था मिली। हमने यह सोचा भी नहीं था कि मेहमानों की तरह हमारी आवभगत होगी। व्यवस्थाओं से हम अभिभूत हैं।     अमरावती जिले से आये सिद्धार्थ पाटिल, प्रगति चवरे तथा प्रदीप उके भी संतुष्ट दिखाई दिये। उन्होंने भी व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। इंदौर के वेटनरी कॉलेज में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों, बरेली उत्तर प्रदेश की डॉ. साक्षी सिंह, खरगोन की डॉ. अनिता भटनागर और छिंदवाड़ा के डॉ. लोकेश पगारे का कहना था कि इतना सुंदर और भव्य स्मारक हमने पहली बार देखा है। व्यवस्थाएं भी बेहतर हैं।

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 MadhyaBharat  14 April 2022

bhopal, life, keeps turning

चौधरी मदन मोहन 'समर'   कल रिलीव हो गया। परसों नई जगह ज्वाइन भी कर लूंगा। जिंदगी के दिन हमेशा की तरह करवट बदलकर अपने नए पथ नई जगह पर नए तौर-तरीकों से उदय-अस्त होने लगेंगे।    लगभग सवा पांच साल तक मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में शिक्षक की भूमिका से पुनः मैदान में वर्दी के उत्तरदायित्व निभाने चला हूँ। 30 वर्ष विभिन्न थानों का प्रभारी रहा, वह भूमिका भी बदल चुकी है। अब थानों का दिक़दर्शक रहूंगा, अपने अनुभव साझा करूंगा साथियों के साथ एसडीओपी के रूप में। (इस पद को कई प्रदेशों में सीओ भी कहते हैं। महानगरों में यह एसीपी कहलाता है।)  एसडीओपी सुहागपुर जिला नर्मदापुरम (होशंगाबाद) अकादमी में बिताए दिन मेरे लिए विशेष स्मरणीय दिन रहेंगे। यहां पर मेरे वरिष्ठ अधिकारी हों अथवा मेरे समकक्ष साथी या मेरे कनिष्ठ सहयोगी, एक परिवार की तरह हमलोग रहे। सबका स्नेह मिला। सच बताऊँ यह सिर्फ कहने अथवा औपचारिक नहीं मेरे हृदय से कहा सच है, जो सम्मान मुझे यहां पर मिला है वह पूरा आकाश भर है। रत्तीभर भी कम नहीं।यहां हमारे आवासीय परिसर में रहने वाले परिवार मेरे अपने परिवार थे।तीज-त्यौहार पर उत्साह और उल्लास हमने मनाया। वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्रि पर्व पर हमने ग्यारह बार मेरे घर महोत्सव का आनन्द लिया। हर परिवार मुझे मेरा कुल-गोत्र लगा। बहुत कुछ पाया यहां मैंने। जीवन भर के लिए स्नेहिल और मधुर रिश्ते,  उनकी मिठास और अपनापन। किसका नाम लूँ विशेष रूप से। सभी तो अपने से भी बढ़ कर लगे। अकादमी में प्रशिक्षण हेतु मैं क्या योगदान दे पाया यह तो पता नहीं लेकिन 256 युवा उप पुलिस अधीक्षक, 1000 से अधिक उपनिरीक्षक, साथ ही विभिन्न कोर्स में आने वाले अनेक साथी मेरी स्मृतियों में रहेंगे। पूरे प्रदेश में मैं मौजूद हूँ मेरे इन साथियों के संग। मैं अपनी उस हर त्रुटि अथवा धृष्टता के लिए क्षमा चाहूंगा जो मुझसे किसी के प्रति हुई हो। मेरा AIG-7 का पता, जो अब बदल जायेगा का आंगन, इसमें मेरे साथ मुस्कुराने वाले पेड़-पौधे, गाने वाली गौरैया, मैना, बुलबुल, तोते, और तमाम पक्षी मुझे गुदगुदाते रहेंगे।आम अमरूद चीकू पपीते कटहल जामुन नींबू हमेशा फलते फूलते रहेंगे झूमकर। विदा भौरी, विदा अकादमी। लेकिन अलविदा नहीं। आता रहूंगा किसी न किसी रूप में।

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 MadhyaBharat  14 April 2022

bhopal, Chhindwara MP ,Nakulnath, again corona infected

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ एक बार फिर कोरोना की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने खुद ट्वीट कर इस बात की पुष्टि करते हुए अपने संपर्क में आने वालों से खुद की जांच कराने के साथ सतर्क रहने की अपील की है। सांसद नकुल नाथ दूसरी बार संक्रमित हुए है। इससे पहले 15 नवंबर 2020 को सांसद ने ट्विटर पर खुद को पॉजिटिव होने की पुष्टि की थी। सांसद नकुल नाथ ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'पूर्व से निर्धारित छिंदवाड़ा दौरे के तहत यात्रा करने के पूर्व मैंने सुरक्षा की दृष्टि से कोविड जांच करवाई, जिसमें मैं कोरोना पॉजिटिव पाया गया हूँ। जिसके तहत मैंने अपना दौरा कार्यक्रम रद्द कर दिया है।' इसके अलावा एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि, 'मेरा सभी लोगों से निवेदन है कि जो भी व्यक्ति मेरे संपर्क में आए हैं, वो अपना कोविड टेस्ट अवश्य करवाएं।' बता दें कि ये दूसरा मौका है जब सांसद नकुलनाथ कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। इससे पहले करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 15 नवंबर 2020 को सांसद ने पहली बार कोरोना संक्रमित हुए थे। उस समय भी उन्होंने ट्वीट कर खुद के पॉजिटिव होने की पुष्टि की थी। उस दौरान वो दिल्ली स्थित अपने निवास पर ही क्वारंटीन हो गए थे। हालांकि, बीते 19 जनवरी को ही सांसद नाथ ने पांढुर्णा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि, उन्हें कोरोना से डर नहीं लगता। कार्यक्रम के दौरान वो मास्क पहने भी नजर नहीं आए थे। सासंद का बयान उस दौरान भी इसलिए चर्चा का विषय बन गया था।

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 MadhyaBharat  14 April 2022

narmadapuram, Truck full of bananas, overturned on auto

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम-हरदा स्टेट हाईवे पर डोलरिया थाना क्षेत्र के ग्राम रतवाड़ा के पास गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। टक्कर के बाद ट्रक एक ऑटो पर पटल गया। इस दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और उसके दो बच्चे शामिल हैं। घायल ऑटो चालक को अस्पताल भेज दिया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। जानकारी अनुसार गुरुवार दोपहर नर्मदापुरम-हरदा स्टेट हाईवे पर रतवाड़ा-डोलरिया के पास केले से भरा ट्रक एक सवारी आटो पर पलट गया। ऑटो सिवनी मालवा से इटारसी जा रहा था। इस ऑटो में एक महिला अपने दो बच्चों के साथ सवार थी। हादसा होते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लग गई। डोलरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। डोलरिया थाना प्रभारी आम्रपाली डाहट के अनुसार ट्रक हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई है। नीचे दबे शवों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। सड़क हादसे में सिवनी बनापुरा निवासी आरती गौर (36 वर्ष), कंचन गौर (17 वर्षीय) और गौरव गौर (12 वर्षीय) की मौत हुई है। आटो चालक ने किसी तरह बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। आटो चालक मृतक महिला का भाई सुनील गौर उर्फ भोला निवासी मालवीय गंज को चोट पहुंची थी, जिसे डोलरिया भेज दिया गया है। बताया गया है कि मृतक महिला आरती के पति की दो माह पूर्व ही बीमारी के चलते मौत हो गई थी। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़ फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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 MadhyaBharat  14 April 2022

Khargone ,Violence, two hours relaxation , curfew for women

खरगौन। रामनवमी के दिन यहां सांप्रदायिक हिंसा होने के बाद लगे कर्फ्यू में गुरुवार को दो घंटे के लिए ढील केवल महिलाओं के लिए दी गई है। गुरुवार को कलेक्टर अनुग्रहा पी. ने बताया कि सुबह 10 बजे से 12 बजे तक दूध, सब्जी, किराना, उचित मूल्य की दुकान और दवाई की दुकानें खुली रहेंगी। गैस एजेंसियां इस दौरान गैस का सिलेंडर का वितरण कर सकेंगी। उचित मूल्य की दुकान से केरोसीन का वितरण नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू में यह छूट सिर्फ महिलाओं के लिए है और इस अवधि के बाद किसी के भी घर से बाहर मिलने पर उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस अवधि में केवल मेडिकल आवश्यकता के लिए ही वाहन का उपयोग करने को कहा गया है। नागरिक अपने नजदीकी किराना दुकान से ही समान खरीदें। कलेक्टर ने हिंसा से भयभीत लोगों को समझाइश देते हुए कहा है कि यह शहर आपका है। शांति-व्यवस्था कायम रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। आप सुरक्षित हैं। बदमाशों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस चौकियां खोली जाएंगी। पुलिस जवान तैनात रहेंगे। मकानों की दीवारों पर हेल्पलाइन नंबर लिखवाए जाएंगे और हर मोहल्ले से दो-दो लोगों की सूची बनाकर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाएगी। खरगौन शहर में चार दिन से जगह-जगह पुलिस बल तैनात है और कर्फ्यू के दौरान लोगों को घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। गुरुवार सुबह दो घंटे के लिए महिलाओं को कर्फ्यू में के दौरान आवश्यक सामान की खरीदी की। उल्लेखनीय है कि रविवार को रामनवमी के दिन शोभायात्रा के दौरान संजय नगर क्षेत्र में पथराव और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। इसके बाद शहर में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी, जिसके चलते शहर में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। हिंसा मामले में अब तक 101 आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद इनमें से 89 को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों के 50 से अधिक मकान-दुकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया है।

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 MadhyaBharat  14 April 2022

ujjain, Uttarakhand ,Chief Minister Dhami, Lord Mahakal

उज्जैन। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को एक दिवसीय प्रवास पर उज्जैन पहुंचे हैं। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री धामी का उज्जैन हेलीपेड पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया। कलेक्टर आशीष सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार शुक्ल ने उनकी आगवानी की। इन्हीं के साथ विवेक जोशी, विशाल राजौरिया, संजय अग्रवाल, दिनेश जाटवा, उमेश सेंगर, मुकेश यादव आदि ने मुख्यमंत्री धामी का हेलीपेड पर स्वागत किया। मुख्यमंत्री धामी हेलीपेड से सीधे महाकालेश्वर मन्दिर पहुंचे। यहां पर उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा-अर्चना प्रदीप गुरू आदि ने सम्पन्न करवाई। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया एवं विशाल राजौरिया ने मुख्यमंत्री धामी को भगवान महाकाल मन्दिर की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।

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 MadhyaBharat  13 April 2022

bhopal,  Chief Minister Chouhan, planted saplings

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को क्रिस्प परिसर में नीम और सप्तपर्णी का पौधा लगाया। इस मौके पर प्रबंध संचालक क्रिस्प डॉ. श्रीकांत पाटिल ने भी पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान के साथ क्रिस्प संस्था के स्टाफ तथा प्रशिक्षणार्थियों का समूह चित्र लिया गया। क्रिस्प के सदस्यों ने आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के सतत विकास को प्राप्त करने और स्वच्छ, हरित तथा कुशल मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।   बता दें कि सेन्टर फॉर रिसर्च एण्ड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉरमेंस (क्रिस्प), तकनीकी शिक्षा, कौशल उन्नयन तथा रोजगार विभाग के अंतर्गत वर्ष 1997 में स्थापित किया गया। संस्था कौशल विकास एवं रोजगार सृजन, क्षमता विकास तथा आई.टी. कन्सलटेंसी और क्रियान्वयन के क्षेत्र में कार्य कर रही है।   मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा कि "मैं भोपाल क्रिस्प के सभी साथियों को उनके पवित्र संकल्प की सफलता के लिए शुभकामनाएं देता हूं। आप भी प्रण कीजिये कि हम सब मिलकर अपने मध्यप्रदेश को हरा-भरा, स्वच्छ और श्रेष्ठ प्रदेश बनायेंगे।"   उल्लेखनीय है कि पौधों में सप्तपर्णी सदाबहार औषधीय वृक्ष है, जिसका आयुर्वेद में बहुत महत्व है। इसका उपयोग विभिन्न औषधियों के निर्माण में किया जाता है। नीम के पत्तों को रक्तशोधक माना जाता है। यह शीतल छाया देने के साथ अनेक बीमारियों के उपचार में उपयोगी है।

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 MadhyaBharat  13 April 2022

bhopal, Gujarat Governor ,praises Chief Minister

भोपाल। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि की दृष्टि से अनुकूल है। शिवराज जी जैसे क्षमतावान नेता मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने अनेक क्षेत्रों में श्रेष्ठ कार्य किए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिवराज जी प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश में अच्छे परिणाम लाकर दिखाएंगे। प्राकृतिक कृषि का कार्य देखने के लिए मध्यप्रदेश के किसान गुजरात और हिमाचल प्रदेश में आमंत्रित हैं।   गुजरात के राज्यपाल देवव्रत बुधवार को मप्र के प्रवास के दौरान भोपाल स्थित राजभवन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में एक विशेष बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को प्राकृतिक कृषि के संबंध में विवरण दे रहे थे। इस मौके पर कृषि मंत्री कमल पटेल, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त शैलेंद्र सिंह, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी जेएन कंसोटिया, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डीपी आहूजा, प्रमुख सचिव मुकेश चंद्र गुप्ता, कृषि संचालक प्रीति मैथिल, कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के अनुसंधान निदेशक एसके शर्मा सहित मप्र एवं गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और गुजरात प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड के पदाधिकारी उपस्थित थे।   मुख्यमंत्री चौहान ने मुझे स्वयं आमंत्रित किया राज्यपाल देवव्रत ने कहा कि प्राकृतिक कृषि के प्रचार के लिए वे विभिन्न राज्यों में जाते रहते हैं। एक विशेष बात यह है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं मुझसे मध्यप्रदेश आने का आग्रह किया। उनके आमंत्रण पर मैंने यहाँ आने का कार्यक्रम बनाया। अन्य राज्यों में मुझे खुद संपर्क करना होता है। मध्यप्रदेश की ओर से मिले आमंत्रण से मैं बहुत हर्षित हुआ हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में अच्छी सफलता प्राप्त करेगा। स्वैच्छिक सहयोग से अच्छे परिणाम संभव आचार्य देवव्रत ने कहा कि यह कार्य स्वैच्छिक रूप से समर्पित भावना से किया जाएगा, तो ज्यादा परिणाम मूलक होगा। कृषि विभाग में आत्मा (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) से जुड़े अमले को सर्वप्रथम प्राकृतिक कृषि के लिए प्रशिक्षित किया जाए। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके व्यक्ति प्राकृतिक कृषि के मास्टर ट्रेनर होंगे। उन्होंने अपने जीवन में इस कार्य के अनुभव की चर्चा करते बताया कि प्राकृतिक कृषि एक छोटे से अंचल से प्रारंभ की गई। पहले लगभग 50 हजार किसान ही इससे जुड़े थे। इनकी संख्या बढ़कर अब 2 लाख हो गई है। विभिन्न राज्यों के किसान प्राकृतिक कृषि को अपनाने लगे हैं।   प्रधानमंत्री मोदी भी लेते हैं रुचि राज्यपाल देवव्रत ने बताया कि इसी सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी गुजरात आ रहे हैं। वे 18 अप्रैल को गुजरात के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्राकृतिक कृषि के संबंध में चर्चा करेंगे। इसके पहले वे दिसम्बर 2021 में राष्ट्रीय कृषि और खाद्य प्र-संस्करण शिखर सम्मेलन में किसानों को प्राकृतिक कृषि के महत्व पर संबोधित कर चुके हैं। इस सम्मेलन में कृषि विज्ञान केन्द्रों और कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण नेटवर्क के माध्यम से किसान शामिल हुए थे। गुजरात में प्राकृतिक कृषि को लोकप्रिय बनाने के लिए यह रणनीति बनाई गई है कि कलेक्टर सहित एडीएम और एसडीएम जिले में प्राकृतिक कृषि के कार्य की मासिक रूप से जानकारी प्राप्त करेंगे। प्राकृतिक कृषि करने वाले ऐसे किसान जो अपनी जमीन पर खेती करते हुए देसी गाय भी पाल रहे हैं, उन्हें प्रतिमाह 900 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। वर्तमान में ऐसी दो लाख गाय का पालन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में भी इस संबंध में पहल हुई है। किसान को दी जाने वाली सब्सिडी से कहीं ज्यादा लाभ गोपालन से हो जाता है। गुजरात में डांग जिला चुना गया पायलट प्रोजेक्ट के लिए देवव्रत ने बताया कि पूर्वी गुजरात में डांग जिले का चयन पॉयलट प्रोजेक्ट के लिए किया जाकर 19 नवंबर 2021 से प्राकृतिक कृषि के लिए व्यवस्थित कार्य प्रारंभ हुए हैं। प्राकृतिक कृषि में रूचि रखने वाले किसानों को प्रशिक्षण, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन, उसके शुल्क की प्रतिपूर्ति और मार्केटिंग सपोर्ट दिया जा रहा है। प्रत्येक ब्लॉक में प्रयास किए जाकर एफ.पी.ओ भी बनाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश और गुजरात में प्राकृतिक कृषि बोर्ड बनाए गए हैं। मध्यप्रदेश इस क्रम में यह बोर्ड गठित करने वाला नया राज्य होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम से 5 या 10 किसानों का चयन कर प्राकृतिक कृषि प्रारंभ की जानी चाहिए। इसके बाद इस कार्य का धीरे-धीरे विस्तार किया जाए।   कैसी होगी बोर्ड की संरचना उन्होंने बताया कि बोर्ड में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अन्य मंत्री शामिल होते हैं। राज्य स्तर ij टास्क फोर्स भी कार्य कर सकता है, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव हैं। इसके अलावा आत्मा परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का जिम्मा दिया जा सकता है। देवव्रत ने बोर्ड की संरचना का प्रारूप भी मध्यप्रदेश शासन को सौंपा। बोर्ड द्वारा कार्य प्रारंभ किए जाने के पश्चात प्रत्येक विकासखंड में किसान मित्र भी बनाए जाएंगे। बोर्ड के प्रमुख कार्यों में आत्मा से जुड़े स्टाफ को प्रशिक्षित करने, किसानों को क्षेत्र भ्रमण करवाने और प्रदर्शनी और प्रचार-प्रसार करने के कार्य शामिल हैं। प्राकृतिक कृषि करने वाले किसानों के सहयोग से विभिन्न प्रोसेसिंग यूनिट भी प्रारंभ करने की व्यूह रचना बनाई जाए। उन्होंने गुजरात के आणंद में इस संबंध में हुए कार्यक्रम की भी जानकारी दी। महिलाओं की भागीदारी से बेहतर परिणाम राज्यपाल देवव्रत ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक कृषि कार्य करने वालों में तीन चौथाई महिलाएँ शामिल है। हिमाचल में मुख्य रूप से सेब उत्पादन होता है। प्राकृतिक कृषि अपनाने के बाद फलों का स्वाद बढ़ गया है। कृषि लागत कम होने का लाभ तो मिला ही है, अन्य कृषकों को प्रेरणा भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि मनोयोग और सेवा भाव से