इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण फैली बीमारी से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 110 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच कांग्रेस का डेलिगेशन मंगलवार (6 जनवरी) को मृतकों के परिजनों से मिलने भागीरथपुरा पहुंचा। इस डेलिगेशन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, सज्जन सिंह वर्मा और शोभा ओझा सहित कई नेता शामिल थे। नेताओं ने परिवारों को मुआवजा दिलाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का केस दर्ज कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की थी ताकि विपक्षी नेताओं और शोकाकुल परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। हाईकोर्ट की सुनवाई और पानी की गंभीर स्थिति पर चिंता इसी दिन मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में इस मामले की अहम सुनवाई हुई, जिसमें कुल 5 जनहित याचिकाओं पर विचार किया गया। अदालत ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि पीने के पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक है। पिछली रिपोर्ट में सरकार ने केवल 4 मौतों की जानकारी दी थी, जबकि वास्तविक आंकड़ा 17 है। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को वर्चुअली पेश होने के निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई 15 जनवरी तय की गई है। अदालत ने साफ किया कि इस गंभीर मामले में सीधे मुख्य सचिव से जवाब सुना जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुल 421 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें से 311 डिस्चार्ज हो चुके हैं और 15 आईसीयू में इलाजरत हैं। अब सबकी नजरें 15 जनवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सरकार इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाती है।
Patrakar Vandana singh

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