सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ से हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। पिछले पांच दिनों से नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है और कई बार पानी खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच चुका है। निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित है। रामघाट पूरी तरह जलमग्न है, कामदगिरी का मुख्य पहुंच मार्ग प्रभावित हुआ है और नयागांव के कई हिस्सों में भी बाढ़ का असर है। बाढ़ के चलते 400 से ज्यादा दुकानें प्रभावित हुई हैं, जबकि कई घरों और दुकानों में पानी के साथ जमा कीचड़ से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने जिले के 36 गांवों में भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने सतना में अगले दो दिनों के दौरान तेज बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने के कारण जिले में एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश की वजह से मंदाकिनी नदी का जलस्तर सामान्य होने में समय लग रहा है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी परेशानी आ रही है। चित्रकूट के परिक्रमा मार्ग में जमा पानी को पंप की मदद से बाहर निकाला जा रहा है। नगर परिषद की टीमें जल निकासी, नालियों की सफाई और प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई का काम लगातार कर रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य जांच, पेयजल शुद्धिकरण और जल निकासी पर भी जोर दिया जा रहा है। नदी के जलस्तर में कुछ घंटों के भीतर तेजी से बदलाव होने के कारण राहत कार्यों को लगातार निगरानी में किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह और जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह समेत कई अधिकारी चित्रकूट में रहकर हालात का जायजा ले रहे हैं। बुधवार सुबह 7 बजे मंदाकिनी का जलस्तर 126 मीटर दर्ज हुआ था, जो दोपहर 3.30 बजे बढ़कर 129.15 मीटर पहुंच गया और शाम 5 बजे करीब 129 मीटर पर स्थिर रहा। प्रशासन की प्राथमिकता अब प्रभावित इलाकों में पानी निकालने, सफाई कराने और लोगों को सुरक्षित रखने की है।
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