मध्य प्रदेश स्थित न्यू कटनी जंक्शन (NKJ) के रेलवे यार्ड में उस समय हंगामा मच गया, जब सीनियर डीएमई की कथित तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली के खिलाफ कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय रेलवे की ए-श्रेणी में शामिल इस यार्ड के आरओएच (ROH) शेड में करीब 500 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, जहां मालगाड़ियों के वैगनों की मरम्मत और अनुरक्षण का अहम काम किया जाता है। यह शेड अपनी गुणवत्ता और कार्यक्षमता के लिए कई बार सम्मानित हो चुका है, लेकिन हालिया घटनाक्रम के चलते यहां चार से पांच घंटे तक काम पूरी तरह प्रभावित रहा और मालगाड़ियों की डिस्पैच प्रक्रिया बाधित हो गई। मानसिक दबाव का आरोप, आंदोलन की चेतावनी कर्मचारियों का कहना है कि अनावश्यक दबाव, अपमानजनक व्यवहार और धमकी भरे रवैये के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उनका मानना है कि लगातार मानसिक तनाव से न केवल काम की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि रेलवे सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। कर्मचारियों ने मांग की है कि कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल बनाया जाए और संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। काफी प्रयासों के बाद कर्मचारियों को शांत कर कामकाज बहाल कराया जा सका।
Patrakar Vandana singh

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