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36 हजार फीट पर इंजन का ऑयल तेजी से घटा, अबूधाबी जा रही फ्लाइट कोच्चि लौटी.   पीढ़ियाँ बदलती हैं, शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं.   गुरु से शिक्षक तक : भारत की शाश्वत ज्ञान-परंपरा.   शिक्षक दिवस पर PM मोदी की शिक्षकों से बातचीत ,मोदी ने पूछा बेहतर वक्ता बनने का राज .   EOS-05 ने रचा नया रिकॉर्ड, GSLV से लॉन्च हुआ भारत का सबसे भारी सैटेलाइट.   GDP पर सवाल को लेकर घमासान गोयल के बयान पर AAP का पलटवार.   नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शराब कांड को सरकार की जहर बांटो योजना बताया.   एनएसयूआई ने की सीधी के निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज की सीबीआई जांच की मांग.   अवैध शराब प्रकरण में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बीएमसी में की समीक्षा, कहा- लापरवाहों पर होगी कार्रवाई.   ‘छात्रों की गूंज’ पर कांग्रेस का दावा, 50 हजार से ज्यादा छात्र जुड़े.   गुरु से शिक्षक तक.   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा.   NEET-JEE से UPSC तक फ्री कोचिंग, युवाओं के लिए साय सरकार की पहल.   खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में माल भेजना होगा सस्ता, 20% तक छूट.   रायपुर की सड़कों पर खतरा, जलभराव और फिसलन से हादसे का डर.   जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ नंबर-1.   छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में नारियल की खेती ने बनाई खास पहचान .   CGPSC मेंस 2025 का रिजल्ट जारी 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित .  

देश की खबरें

  कोच्चि से अबूधाबी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 415 को उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या के चलते वापस कोच्चि लौटना पड़ा। विमान उड़ान भरने के करीब 50 मिनट बाद लगभग 36 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचा था। इसी दौरान पायलटों ने इंजन नंबर-1 में ऑयल का स्तर तेजी से कम होते देखा। स्थिति लगातार बिगड़ने की आशंका को देखते हुए चालक दल ने अबूधाबी जाने के बजाय विमान को वापस कोच्चि लाने का फैसला किया। पायलटों ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भी स्थिति की जानकारी दी और वापसी की प्रक्रिया शुरू की। विमान के कोच्चि लौटने के दौरान पायलट लगातार इंजन के सभी जरूरी पैरामीटर पर नजर बनाए हुए थे। इसी बीच इंजन नंबर-1 का ऑयल प्रेशर अस्थिर होने लगा और कॉकपिट में इसका स्तर रेड जोन तक पहुंच गया। इसके बाद तय आपात प्रक्रिया के तहत इंजन नंबर-1 को बंद कर दिया गया। विमान को एक इंजन के सहारे कोच्चि लाया गया। ईंधन और विमान की स्थिति के कारण लैंडिंग ओवरवेट कंडीशन में करनी पड़ी, जिससे चालक दल के सामने चुनौती और बढ़ गई। इसके बावजूद पायलटों ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और विमान को कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब उड़ानों में तकनीकी खराबी से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल के दिनों में भी तकनीकी कारणों से कुछ विमानों को वापस लौटना पड़ा या उनका मार्ग बदलना पड़ा है। वहीं, एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान से जुड़े हादसे की प्रारंभिक जांच में भी विमान के तकनीकी सिस्टम की जांच की गई थी। संबंधित विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़े कंपोनेंट और सैंपल को आगे की जांच के लिए लिया गया था। अब कोच्चि से अबूधाबी जाने वाली इस फ्लाइट में इंजन ऑयल कम होने और प्रेशर में आई समस्या के कारणों की जांच की जाएगी।

Madhya Bharat Madhya Bharat 7 September 2026

देश की खबरें

  शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा में नए प्रयोग, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा के तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यवहार, रुचियों और वास्तविक जीवन की जरूरतों को समझने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल उपकरणों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के लिए एक तरह की आदत बन सकता है। बच्चों को इससे संतुलित तरीके से दूर रखने में शिक्षक और माता-पिता दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों के बचपन और उनकी रचनात्मकता को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के जीवन से जुड़कर उन्हें सीखने के नए अवसर दें। संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक शिक्षिका से मजाकिया अंदाज में यह भी पूछा कि अगर वे उनके विद्यार्थी होतीं और उन्हें अच्छा वक्ता बनना होता, तो शिक्षिका उन्हें क्या सलाह देतीं। इस पर शिक्षिका ने कहा कि बेहतर वक्ता बनने के लिए सबसे पहले आत्मविश्वास जरूरी है और आत्मविश्वास लगातार अभ्यास से आता है। शिक्षिका ने यह भी स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री के सामने बात करते हुए वह खुद थोड़ी घबराई हुई थीं। इस सहज बातचीत ने कार्यक्रम को और खास बना दिया और शिक्षकों तथा प्रधानमंत्री के बीच संवाद का एक दिलचस्प पल सामने आया।

Madhya Bharat Madhya Bharat 5 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों और मध्यप्रदेश में अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इसे सरकार की जहर बांटो योजना बताया है। सिंघार ने कहा कि सागर में जहरीली और अवैध शराब से 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि 110 से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले 6 सितंबर को उमंग सिंघार ने प्रभावित गांवों का दौरा कर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि कई परिवारों ने अपने युवा बेटे, पिता या परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खोया है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन मौतों की जिम्मेदारी किसकी है। जहरीली शराब में मेथेनॉल का इस्तेमाल सिंघार ने कहा शराब में  मेथेनॉल मिली। यह मानव सेवन के लिए नहीं है। यह एक अत्यंत जहरीला औद्योगिक रसायन है, जिसका इस्तेमाल सॉल्वेंट, ईंधन और औद्योगिक प्रक्रियाओं में होता है। सिंघार ने कहा कि जांच केवल शराब बेचने वाले तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि जहर किसने मिलाया और यह कहां से आया। यूपी कनेक्शन और प्रशासन की मिली भगत सिंघार ने कहा Sagar Gold की बोतल पर DCR Distillery Pvt. Ltd., ग्राम महोर, जिला सागर का पता दर्ज है। पुलिस के अनुसार शराब ललितपुर, उत्तर प्रदेश से आई थी। इसके अलावा ‘Bambaiya Whisky’ का नाम भी सामने आया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शराब उत्तर प्रदेश से मध्यप्रदेश पहुंची, तो सीमा पार करते समय मध्यप्रदेश पुलिस और आबकारी विभाग क्या कर रहे थे। ये सिर्फ मध्यप्रदेश के अधिकारियों को बचाने के लिए किया जा रहा है जबकि दोनों शराब मध्यप्रदेश में ही बन रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है, इसलिए इस पूरे नेटवर्क की जिम्मेदारी और संरक्षण की जांच होनी चाहिए। भाजपा नेताओं के परिवारों से जुड़े आरोप कॉरपोरेट रिकॉर्ड के अनुसार DCR Distillery Pvt. Ltd. के निदेशक के रूप में गजेंद्र सिंह राठौर (DIN: 01325291) का नाम दर्ज है। परिवार के अन्य सदस्य भी निदेशक हैं। गजेंद्र सिंह राठौर, पूर्व मंत्री और भाजपा नेता स्वर्गीय हरनाम सिंह राठौर के भाई हैं। स्थानीय लोगों ने पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के लोगों के अवैध शराब कारोबार में शामिल होने की बात भी कही है। सिंघार ने इन आरोपों की जांच की मांग की। नकली शराब का री-पैकेजिंग नेटवर्क नकली शराब को ब्रांडेड बोतलों में भरकर बेचने का नेटवर्क सक्रिय होने का आरोप है। जहां सरकारी दुकान पर बोतल ₹140 में बिकती है, वहीं नकली शराब ₹40–50 में उपलब्ध होने से इसका अवैध बाजार बढ़ा। आबकारी ठेकेदारों द्वारा पहले ही शराब माफिया के सक्रिय होने की शिकायत की गई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई। सिंघार ने जांच को केवल एक ब्रांड तक सीमित रखने के बजाय बॉटलिंग, लेबलिंग, परिवहन और वितरण के पूरे नेटवर्क तक ले जाने की मांग की। मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजा सरकार ने घटना के बाद ₹4 लाख मुआवजे की घोषणा की है। सिंघार ने कहा कि मृतकों में अधिकांश गरीब मजदूर और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। इसलिए उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम ₹25 लाख मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुआवजा जीवन वापस नहीं ला सकता, लेकिन परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी सरकार की है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 7 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अब तक 50 हजार से ज्यादा छात्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। कार्यक्रम के लिए स्थान अभी तय नहीं हुआ है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से मुलाकात कर रीजनल पार्क के सामने स्थित खुले मैदान में आयोजन की अनुमति मांगी है। इसके अलावा खंडवा रोड स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर और जीएसीसी के पीछे के मैदान को भी विकल्प के तौर पर सुझाया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि युवाओं में कार्यक्रम को लेकर उत्साह है और संगठन स्तर पर छात्रों तक पहुंच बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। ब्लॉक, वार्ड और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। महिला कांग्रेस भी अलग-अलग जिलों में छात्राओं से संपर्क कर उन्हें कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के मुताबिक बड़ी संख्या में युवा इंदौर पहुंचकर राहुल गांधी से संवाद करेंगे। वहीं कार्यक्रम के प्रस्तावित स्थल को लेकर बीजेपी ने प्रशासन के सामने आपत्ति दर्ज कराई है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने पुलिस और जिला प्रशासन से जमीन के स्वामित्व और उपयोग की अनुमति की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस जमीन को कार्यक्रम स्थल बताया जा रहा है, उससे जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में प्रशासन को यह जांचना चाहिए कि आयोजकों ने संबंधित प्राधिकरण से जरूरी अनुमति ली है या नहीं। अब कार्यक्रम की जगह और अनुमति को लेकर प्रशासन के फैसले पर सभी की नजर है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 7 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

          छत्तीसगढ़ में युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल के बेहतर अवसर देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर है। इसी दिशा में करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर भर्ती को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के जरिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था की गई है। करीब 33 करोड़ रुपए के प्रावधान से NEET, JEE, CLAT, UPSC, CGPSC, बैंकिंग, SSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन दिया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 26 जिलों में 18,330 युवाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी है। सरकार ने आगे 35 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है और उद्योगों की जरूरत के अनुसार स्किल ट्रेनिंग के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान भी किया गया है। उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए भी बजट में बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2025-26 में उच्च शिक्षा का बजट बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपए किया गया है। जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के पांच कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में तकनीकी शिक्षा के संस्थानों के जरिए युवाओं को आधुनिक रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर है। सरकार की इन पहलों में सरकारी नौकरी के साथ-साथ कौशल, उच्च शिक्षा और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 7 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने देश में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में राज्य को देश में पहला स्थान मिला है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के कई जिले भी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं। नई दिल्ली में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में जल संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े प्रयासों की जानकारी साझा की। सम्मेलन के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी बारिश के पानी को सहेजने, भू-जल स्तर बढ़ाने और पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे जनअभियान का रूप दिया गया है। किसानों, ग्राम पंचायतों, जल सखियों, जल मित्रों और स्थानीय लोगों को अभियान से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि किसान के लिए पानी उसकी फसल, परिवार और आजीविका से सीधे जुड़ा है, इसलिए गांव और किसान को जल संरक्षण की योजनाओं के केंद्र में रखा गया है। राज्य की इस उपलब्धि को केवल जल संरचनाओं के निर्माण से नहीं, बल्कि लोगों की बढ़ती भागीदारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत मॉडल’ का भी जिक्र किया। इस पहल के तहत किसान अपनी कृषि भूमि का करीब 5 प्रतिशत हिस्सा बारिश के पानी को रोकने और भू-जल पुनर्भरण के लिए स्वेच्छा से उपलब्ध करा रहे हैं। यहां ऐसी संरचनाएं तैयार की जा रही हैं, जिससे बारिश का पानी खेतों से बाहर बहने के बजाय वहीं जमा हो और धीरे-धीरे जमीन के अंदर पहुंचे। इस मॉडल में किसान सिर्फ योजना के लाभार्थी नहीं, बल्कि जल संरक्षण के सक्रिय भागीदार बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ की यह पहल दूसरे राज्यों के लिए भी जनभागीदारी से जल बचाने का उदाहरण बनकर सामने आई है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 3 September 2026

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