Since: 23-09-2009
उज्जैन । गुरुवार रात्रि 12 बजे उज्जैन में वर्ष में एक बार नाग पंचमी के अवसर पर खुलने वाले भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के पट खोले गए । मंदिर के पट खुलने के बाद सर्वप्रथम पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीतगिरी महाराज ने विधि-विधान से किया । सुबह से श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए जन लावलाल उमड़ा पड़ा। मंदिर के पट खुलने के बाद सर्वप्रथम पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत श्री विनीतगिरी महाराज ने विधि-विधान से श्री नागचंद्रेश्वर भगवान का पूजन अर्चन किया । इस अवसर पर मंदिर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप मिश्रा, प्रशासक श्री मृणाल मीना , समिति सदस्य श्री राजेन्द्र शर्मा ‘गुरु ‘और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे ।
महाकालेश्वर मंदिर शिखर के दूसरे तल पर स्थित यह मंदिर शुक्रवार रात्रि 12 बजे तक दर्शन हेतु खुला रहेगा। इसके बाद पुनः एक वर्ष के लिए पट बन्द हो जाएंगे। उज्जैन में इस समय करीब 2 लाख भक्त दर्शन को जूट, आंकड़ा 3 लाख तक जाने की संभावना है। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दर्शन के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। महाकाल मंदिर जाने हेतु यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। वहीं महाकाल बाबा के दर्शन की अलग से कतार और मार्ग बनाया गया है। रात्रि से ही दर्शन का क्रम जारी है। भक्तों की करीब एक किलोमीटर लम्बी कतार है।
ज्ञात रहे महाकाल मंदिर में नागचंद्रेश्वर भगवान की प्रतिमा नेपाल से लाई गई थी। परमारकालीन 11वीं शताब्दी में निर्मित मंदिर शिखर का इतिहास में उल्लेख है। मान्यता है कि आज दर्शन मात्र से कालसर्प दोष का निवारण हो जाता है।
MadhyaBharat
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |