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रायपुर में धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी तक प्रदेशभर से करीब 1.40 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, लेकिन उठाव की रफ्तार बेहद धीमी है। अब तक मिलर्स ने सिर्फ 32.25 प्रतिशत धान का ही उठाव किया है, जबकि संग्रहण केंद्रों को जारी धान 5.60 प्रतिशत है। कुल मिलाकर महज 37.84 प्रतिशत उठाव होने से उपार्जन केंद्रों में भंडारण की समस्या खड़ी हो गई है। लक्ष्य 160 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले इस वर्ष सिर्फ 87.41 प्रतिशत खरीदी हो सकी है, यानी करीब 20 लाख मीट्रिक टन कम।
उठाव में देरी के कारण 2740 में से 2316 उपार्जन केंद्रों में बफर लिमिट से ज्यादा धान जमा हो गया है। रायपुर जिले के 60 से अधिक केंद्र भी इससे प्रभावित हैं, जहां खुले में रखे धान के खराब होने की आशंका जताई जा रही है। प्रदेश में 27.53 लाख किसानों में से 25.11 लाख किसानों ने धान बेचा है, जबकि 8 प्रतिशत से ज्यादा किसान अब भी इंतजार में हैं कि खरीदी की तिथि बढ़ाई जाए, लेकिन अब तक कोई आदेश नहीं आया।
धान खरीदी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 165 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 139.85 लाख मीट्रिक टन खरीदी हुई, जो पिछले साल से 9.15 लाख मीट्रिक टन कम है। बैज ने 15 दिन का विशेष अभियान चलाकर फिर से खरीदी की मांग की और कहा कि पंजीयन, टोकन और एग्रीस्टेक पोर्टल की दिक्कतों से हजारों किसान प्रभावित हुए, जिससे प्रदेश के कई जिलों में किसान भारी तनाव में हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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