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भागवत बोले- युवाओं को सही दिशा मिली तो देश को होगा फायदा, वरना बढ़ सकता है सामाजिक बोझ
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को नागपुर में युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भारत के लिए युवा ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ हैं। उन्होंने कहा कि अगर युवाओं को सही दिशा, शिक्षा और अवसर मिले तो वे देश की अर्थव्यवस्था और विकास में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले समय में यही आबादी समाज पर बोझ बन सकती है। भागवत ने युवाओं को याद दिलाया कि करीब 30 साल बाद आज के युवा भी बुजुर्ग होंगे, इसलिए उन्हें केवल अपने वर्तमान के बारे में नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों के बारे में भी सोचना चाहिए।

भागवत ने कहा कि भारत को विकास और प्रगति के मानक दूसरे देशों की नकल करके तय नहीं करने चाहिए। अमेरिका, चीन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों की परिस्थितियां भारत से अलग हैं, इसलिए देश को अपनी आबादी, संसाधनों और जरूरतों के अनुसार विकास की दिशा तय करनी होगी। उन्होंने कहा कि भारत की सोच केवल पैसा कमाने तक सीमित नहीं है और देश को अपनी गरिमा, सामाजिक संतुलन और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से मुश्किलों का साहस के साथ सामना करने और कारोबार समेत नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ने की अपील भी की।

Priyanshi Chaturvedi 15 August 2026

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