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नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने आज भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। एयर चीफ मार्शल दीक्षित पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम से सम्मानित हैं। कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वायुसेना स्टेशन नई दिल्ली में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
एयर चीफ मार्शल दीक्षित एक अनुभवी टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं, जिन्हें 3500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। वे इससे पहले एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख, मध्य वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और वायुसेना के उप प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
*वायुसेना के लिए 'वायु' दृष्टिकोण*
वायुसेना प्रमुख के रूप में अपने पहले संबोधन में एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने वायुसेना के भविष्य के लिए 'वायु' नाम से मार्गदर्शक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इसके चार प्रमुख स्तंभ वायुसेना की आगे की दिशा तय करेंगे।
*V - सतर्कता, विजय और तत्परता :* सभी इकाइयों में परिचालन तैयारियों का उच्चतम स्तर बनाए रखना और युद्ध क्षमता को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखना।
*A - आत्मनिर्भरता :* विमान, सेंसर, हथियार और तकनीक के क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देना, ताकि परिचालन में आत्मनिर्भरता और निरंतर युद्ध क्षमता बनी रहे।
*Y - युक्ति :* युद्ध सिद्धांतों, तकनीक और प्रक्रियाओं में नवाचार अपनाना, जिसमें एआई आधारित कमान और नियंत्रण प्रणाली, ड्रोन रोधी क्षमताएं, परिचालन लचीलापन और उभरते युद्ध क्षेत्र शामिल हैं।
*U - प्रयासों में एकजुटता :* 'जय' यानी संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप थलसेना, नौसेना और अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय और संयुक्त कार्यक्षमता को मजबूत करना।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि 'वायु' विजन के माध्यम से ऐसी वायुसेना का निर्माण किया जाएगा जो हर परिस्थिति में तैयार, तकनीकी रूप से उन्नत, आत्मनिर्भर और बेहतर समन्वय वाली हो, जो अपनी सशक्त वायु शक्ति से राष्ट्रीय हितों की रक्षा करे और संभावित संघर्षों को रोक सके।
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