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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद को काफी हद तक कमजोर किया जा चुका है, लेकिन माओवादी विचारधारा से प्रभावित लोगों से अभी भी सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे ‘दिमागी नक्सलियों’ की पहचान कर उन्हें समाज से अलग-थलग करना होगा और देश के युवाओं को विकसित भारत के निर्माण के लिए एकजुट करना होगा। पीएम ने कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने दशकों तक देश के बड़े हिस्से को हिंसा की चपेट में रखा और लाखों युवाओं के सपनों को नुकसान पहुंचाया।
पीएम मोदी ने नक्सली हिंसा के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा करते हुए 3,500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया गया था और आज इसकी ताकत काफी कमजोर हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद ने देश को खून से सराबोर किया और कई परिवारों से उनके बेटे छीन लिए। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए युवाओं को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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