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दिल्ली। नागालैंड में अवैध शराब पीने से 19 लोगों की जान चली गई। फोरेंसिक जांच के लिए सैंपल गुवाहाटी भेजे गए हैं। राज्य में वर्ष 1990 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बाद भी घटना ने प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने अवैध शराब की लगभग 3,000 बोतलें बरामद की हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीते 48 घंटों के भीतर मोकोकचुंग जिले में 8 तथा तुएनसांग जिले में 11 व्यक्तियों की संदिग्ध जहरीली शराब पीने से जान चली गई। पूरे क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वेसुप्रा केजो ने इस पूरे नेटवर्क और मिलावटी शराब के मुख्य स्रोत का पर्दाफाश करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आई. बुंगलांग चांग के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। मौतों के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए जब्त नमूनों को फोरेंसिक विश्लेषण हेतु गुवाहाटी स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है। जांच टीम को कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, लेकिन जांच प्रभावित न हो, इसलिए फिलहाल विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।अमले में पुलिस टीम ने कई संभावित ठिकानों पर दबिश देकर 19 आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी करते हुए अपील की है। बिना पहचान, बिना लेबल या किसी भी संदिग्ध स्रोत से प्राप्त शराब न लें। यदि शराब सेवन के उपरांत चक्कर आना, आंखों के आगे धुंधलापन छाना, सांस लेने में दिक्कत होना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
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