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रायपुर में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय बुनकर सम्मेलन और स्वदेशी एक्सपो में 9 आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने कोसा सिल्क साड़ियों में रैंप वॉक किया। सुकमा की 8 और बीजापुर की एक महिला ने पारंपरिक परिधानों में रैंप पर कदम रखा और दर्शकों की तालियां बटोरीं। कार्यक्रम से पहले इन महिलाओं को करीब एक सप्ताह की ट्रेनिंग और ग्रूमिंग दी गई थी। सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं और उन्होंने बस्तर की हथकरघा परंपरा व सांस्कृतिक पहचान को मंच पर प्रदर्शित किया।
इन महिलाओं का यह रैंप वॉक हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इनमें कुछ महिलाएं नक्सली संगठनों के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय रही थीं और कुछ बड़े कमांडरों के साथ भी काम कर चुकी थीं। अब आत्मसमर्पण के बाद वे हुनर और स्वदेशी कला से जुड़कर नई जिंदगी शुरू कर रही हैं। महिलाओं ने इस अवसर के लिए मुख्यमंत्री और प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें अपनी संस्कृति और पारंपरिक पहनावे को गर्व के साथ पेश करने का मौका मिला।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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