‘घोटाले की फाइल मेरे पास थी, 10 दिन में मौत’, संजय राउत के बयान से महाराष्ट्र की सियासत गरम
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में मौत के बाद सियासत लगातार उबाल पर है। अब शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बयान ने राजनीतिक बखेड़े को और हवा दे दी है। राउत ने कहा कि अजित पवार जैसे बड़े नेता की अचानक मौत और उससे जुड़े हालात पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने दावा किया कि खुद अजित पवार की पार्टी के भीतर भी उनकी मौत को लेकर संदेह जताया जा रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि अजित पवार ने कथित तौर पर ‘घर वापसी’ यानी पुराने राजनीतिक खेमे में लौटने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद उन्हें सिंचन घोटाले की फाइलों को लेकर धमकियां दी गईं। राउत के मुताबिक, अजित पवार ने इस पर जवाब भी दिया था और इसके महज 10 दिन बाद रहस्यमय विमान हादसे में उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह मामला जस्टिस लोया केस की याद दिलाता है और कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
वहीं अजित पवार की मौत के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई थी कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की तैयारी चल रही थी और फरवरी में इसकी तारीख तय थी। यूबीटी गुट का दावा है कि अगर यह हादसा न होता तो बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलता। हालांकि महायुति की ओर से इन सभी दावों को सिरे से खारिज किया जा रहा है। इस बीच संजय राउत के आरोपों ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक बार फिर तीखी बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।