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मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ को रेलवे विकास के लिए 7,470 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय बजट में रेलवे को 2.93 लाख करोड़ रुपये मिले हैं, जिसमें से यह राशि छत्तीसगढ़ के लिए तय की गई है। इससे बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्रों में विकास की गति तेज होने की उम्मीद है। रायपुर मंडल के डीआरएम दयानंद ने बताया कि रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना पर काम किया जाना है, जबकि दल्लीराजहरा–ताड़ोकी–रावघाट रेल परियोजना का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अप्रैल तक ट्रांसपोर्ट शुरू होने की संभावना है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में पैसेंजर ट्रेनों की संख्या दोगुनी की जाएगी। परमलकसा–खरसिया फ्रेट कॉरिडोर और अन्य माल ढुलाई परियोजनाएं भी गति पकड़ेंगी, जिससे राज्य की इंडस्ट्री को बड़ा फायदा होगा। फिलहाल प्रदेश में 51,080 करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं, जिनमें नए ट्रैक, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा से जुड़े अहम कार्य शामिल हैं।
इकोनॉमिक और फ्रेट कॉरिडोर पर भी खास फोकस किया जा रहा है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और दानकुनी से सूरत को जोड़ने वाला फ्रेट कॉरिडोर छत्तीसगढ़ से होकर गुजरेगा, जिसमें राज्य के 8 जिले शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे डबल इंजन सरकार का बड़ा तोहफा बताया और कहा कि 2009-14 के औसत 311 करोड़ रुपये की तुलना में मौजूदा बजट लगभग 24 गुना ज्यादा है, जो छत्तीसगढ़ को विकास की नई दिशा देगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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