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पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखकर ही करेंगे पर्यटन विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
bhopal,Tourism development ,Dr. Yadav
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पर्यटन विकास के प्रयासों में पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है। प्रकृति और पर्यावरण को क्षति पहुंचाए बिना ही पर्यटन‍विकास के सभी प्रकल्प क्रियान्वित किए जाएंगे। इस संबंध में समुचित परीक्षण के बाद आवश्यक निर्णय लिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की पांचवीं बैठक मंगलवार को मंत्रालय में संपन्न हुई। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार उपस्थित थे।
 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में प्रदेश में वेटलैण्ड्स के भौतिक सत्यापन और सीमांकन कार्य की जानकारी प्राप्त कर सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि इसरो-एसएसी-2021 (इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र) एटलस के अनुसार प्रदेश में भौतिक सत्यापन और सीमांकन का कार्य पर्यावरण विभाग के राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। यह वेटलैण्ड्स 2.25 हैक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक के हैं। यह कार्य राजस्व विभाग और वन विभाग के सहयोग और संबंधित जिला प्रशासन के नेतृत्व में सम्पन्न करवाया जा रहा है। प्रदेश में 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में 13 हजार 454 वेटलैण्ड्स का जमीनी सत्यापन और 12 हजार 741 वेटलैण्ड्स के सीमांकन का कार्य पूरा हो चुका है। प्रदेश में कुछ ही वेटलैण्ड्स शेष हैं, जहां यह कार्य अभी चल रहा है। एक नया मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। इस कार्य के लिए प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 5 हजार कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मॉनीटरिंग के लिए डैशबोर्ड विकसित किया गया है।
 
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि पर्यावरण विभाग के स्तर पर वेटलैण्ड के भौतिक सत्यापन और सीमांकन कार्य की नियमित समीक्षा की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के संजय कुमार शुक्ला, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

MadhyaBharat 1 April 2025

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