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नक्सल अभियानों का परिणाम केवल मारे गए नक्सलियों की संख्या तक सीमित नहीं
bijapur,   results of Naxal operations, Naxalites killed

बीजापुर । तेलंगाना की सीमा पर कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर देश का सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान के आज दसवें दिन बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने अभियान पर खुलासा करते हुए कहा कि अभियानों का परिणाम केवल मारे गए नक्सलियों की संख्या या बरामद किए गए, हथियारों की गणना तक सीमित नहीं है। इस अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रतिबंधित नक्सली संगठन के कब्जे से क्षेत्र को मुक्त कराना और स्थानीय ग्रामीणाें के लिए उस भूमि को पुनः सुरक्षित बनाना भी है। मिशन संकल्प का उद्देश्य बस्तर और देश के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में दशकों से चली आ रही वामपंथी उग्रवाद की समस्या का अंत करना है। उन्हाेंने कहा कि सुरक्षा कारणों से, किसी भी अभियान की विस्तृत जानकारी उसके पूर्ण होने तक साझा नहीं की जा सकती है ।

 

बस्तर आईजीने कहा कि नक्सलियों ने पवित्र बस्तर की भूमि में पहाड़ियों, नदियों और घाटियों के किनारे आईईडी लगाकर स्थानीय आदिवासियाें को चेतावनी दी कि वे अपनी ही भूमि में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि नक्सलियों को ऐसा नापाक कार्य करने और निर्दोष नागरिकों, जानवरों तथा अन्य जीवों के जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का अधिकार आखिर किसने दिया? सुशीला सोढ़ी जैसी निर्दोष आदिवासी महिला की शहादत ( जो 30 मार्च 2025 को जिला बीजापुर के उसूर क्षेत्र में मवेशी चराते समय नक्सली आईईडी विस्फोट में मारी गईं) और अनेक बच्चों, महिलाओं, पुरुषों और जवानों का बलिदान, जो नक्सली हिंसा के शिकार हुए, हमारे संकल्प को और अधिक दृढ़ बनाती है।

 
उल्लेखनीय है कि नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाने वाला कर्रेगुट्टा का पहाड़ नक्सलियों का अभेद किला माना जाता था। यहीं से नक्सलियों के शीर्ष नेता बस्तर पहुंचकर सारी गतिविधियां चलाते रहे। नक्सलियों की पोलित ब्यूरो, सेंट्रल कमेटी, डीकेएसजेडसीएम, तेलंगाना स्टेट कमेटी के शीर्ष नेताओं की गोपनीय बैठक भी इसी पहाड़ पर होती रही है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर देश का सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान के दाैरान विगत दस दिनाें में हुए गतिविधियाें में 22 अप्रैल काे छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तेलंगाना की सीमा पर कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर देश के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान पर जवान रवाना हुए थे। इसके दूसरे दिन से नक्सलियों के साथ जवानों की मुठभेड़ होती रही, गोलीबारी की आवाज गांव तक सुनाई देती रही । इस दाैरान जवानों ने 8-8 लाख के इनामी 3 महिला नक्सलियों को ढेर कर दिया गया था।
 
कर्रेगुट्टा मठभेड़ में अब तक 11 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, जिसमें से 3 के ही शव बरामद हुए। ऑपरेशन के पांचवें दिन मौके से लौटते वक्त आईईडी विस्फाेट की चपेट में आकर एक जवान जख्मी हो गया था । वहीं जवानों ने नक्सलियों द्वारा लगाई गई सैकड़ों आईईडी बरामद की गई । इसके बाद नक्सलियों की गुफा तक सुरक्षाबल पहुंचे। इसी दाैरान नक्सलियाें के केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने शांति वार्ता की अपील की। इसके साथ ही तेलंगाना की शांति वार्ता समिति ने भी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ बैठक कर नक्सलियाें से शांति वार्ता के लिए केंद्र पर भी दबाव डालने कहा है।
 
तेलंगाना के बीआरएस पार्टी के नेता के. चंद्रशेशर ने भी नक्सलियाें की युद्धविराम एवं शांति वार्ता काे खुला समथर्न देते हुए केंद्र काे पत्र लिखने का ऐलान किया। दूसरी तरफ तेलंगाना के पूर्व मंत्री जनारेड्डी के नेतृत्व में नक्सलियों से शांतिवार्ता की समिति का गठन करने की तैयारी की जा रही है। इधर राज्य सरकार ने नक्सलियों की तरफ से आया शांतिवार्ता का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने का आखिरी मौका दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि नक्सलियों ने समर्पण नहीं किया तो अगला चरण नक्सलियों को ढेर करने का होगा।
MadhyaBharat 1 May 2025

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