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एथेनाल नीति और महंगे पेट्रोल-डीजल पर सरकार कब देगी जवाब : पवन खेड़ा
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नई दिल्ली  कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर एथेनाल नीति और पेट्रोल डीजल की महंगी दरों को लेकर निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार ने 10 साल में कुछ भी ठोस काम नहीं किया जिससे जनता महंगे पेट्रोलियम पदार्थ खरीदने को मजबूर है।

 

गुरुवार को पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस वार्ता में भारतीय जानता पार्टी के नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को सस्ता पेट्रोल- डीजल देने का वादा जुमला निकल गया। खेड़ा ने कहा कि जून 2014 में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वादा किया था कि शहरी कचरे से एथेनाल बनाकर पेट्रोल 55 रुपए और डीजल 50 रुपए प्रति लीटर मिलेगा, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं हुआ।

 

उन्होंने कहा कि सितंबर 2018 में भी ऐलान किया गया था कि पांच बड़े प्लांट लगेंगे, जहां लकड़ी के बूरे और शहरी कचरे से एथेनाल तैयार किया जाएगा। लेकिन सच्चाई यह है कि अब तक एक भी लीटर एथेनाल इस तकनीक से नहीं बना।

 

उन्होंने दावा किया कि अब तक 627 करोड़ लीटर एथेनाल तैयार हुआ है, जिसमें 56 फीसदी हिस्सा गन्ने से और बाकी अनाज से बनाया गया, जबकि वेस्ट और लकड़ी का कोई उपयोग नहीं हुआ। एक लीटर एथेनॉल बनाने में करीब तीन हजार लीटर पानी खर्च होता है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है।

 

खेड़ा ने कहा कि एथेनाल से किसानों को वास्तविक फायदा कितना हुआ और अगरई20 मिश्रण सार्वजनिक नीति का हिस्सा है तो इसका लाभ किसी को क्यों नहीं मिला। उन्होंने कहा कि साल 2014 से 2025 के बीच पेट्रोल-डीजल पर उपकर यानी सेस के जरिए वसूले गए करीब 40 लाख करोड़ रुपये का हिसाब जनता को दिया जाए।

 
MadhyaBharat 4 September 2025

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