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भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने NCERT की किताब पर लगाया बैन
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भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने कक्षा 8 की एनसीईआरटी सोशल साइंस की किताब में ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ से जुड़े अध्याय पर कड़ा रुख अपनाते हुए किताब की छपाई और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी प्रिंट और डिजिटल कॉपियां जब्त कर सार्वजनिक पहुंच से हटाई जाएं। साथ ही शिक्षा मंत्रालय के सचिव और National Council of Educational Research and Training (NCERT) के निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कोर्ट ने विवादित चैप्टर लिखने वाले लेखकों के नाम, उनकी योग्यता और सिलेबस से जुड़ी बैठकों का रिकॉर्ड भी तलब किया है।

 

मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने टिप्पणी की कि यह न्यायपालिका को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने केंद्र और राज्यों के शिक्षा विभागों को निर्देश दिया कि किताब स्कूलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाई जाए। आदेश का उल्लंघन जानबूझकर अवमानना माना जाएगा। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को दो सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है, जिसके बाद जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी।

 

विवादित सामग्री नई सोशल साइंस पुस्तक ‘एक्सप्लोरिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियॉन्ड पार्ट 2’ में शामिल थी, जिसे 2026-27 सत्र से लागू किया जाना था। अध्याय में न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियों, लंबित मामलों और भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख किया गया था। सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति के बाद एनसीईआरटी ने किताब को अपनी वेबसाइट से हटा लिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को निर्धारित की गई है।

Priyanshi Chaturvedi 26 February 2026

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