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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की लाइफलाइन माने जाने वाले बड़ा तालाब की सीमा तय करने के लिए चल रहे सीमांकन अभियान में चौंकाने वाले अतिक्रमण सामने आए हैं। नायब तहसीलदार के.के. पंडोले के नेतृत्व में राजस्व अमले ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कार्रवाई की। 50 मीटर कैचमेंट क्षेत्र में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बंगला, के.के. हाउस, गुलबाग लॉन और आईएएस मुजीबउर्रहमान के बंगले का हिस्सा सहित 25 से अधिक निर्माणों को चिह्नित कर लाल निशान लगाए गए।
सीमांकन के दौरान राजस्व टीम खानूगांव स्थित कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शनी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स पहुंची। फुल टैंक लेवल से 50 मीटर कैचमेंट दायरा तय करने पर शैक्षणिक संस्थान का हिस्सा दायरे के पास पाया गया, जहां लाल निशान लगाकर सीमा निर्धारित की गई। इसके अलावा कांग्रेस नेता अरुणेश्वर सिंहदेव की जमीन का कुछ हिस्सा भी कैचमेंट में मिला, जहां खेती की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व में कीचड़ और दलदल के कारण स्पष्ट सीमांकन नहीं हो सका था, लेकिन अब सीमा तय कर सूची तैयार की जा रही है।
राजस्व अमले को सेना के वाटर स्पोर्ट सेंटर के आगे पक्के मकान, बाउंड्री वाल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री और करीब दो एकड़ में बन रहा एक बड़ा फार्महाउस भी कैचमेंट क्षेत्र में मिला। निर्माण स्थल पर मजदूर काम करते पाए गए, जिसे अब तक का सबसे बड़ा अतिक्रमण बताया गया है और इसे हटाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, खानूगांव क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक अवैध मकान, झुग्गियां और एक धार्मिक स्थल का हिस्सा भी कैचमेंट में चिह्नित किया गया है। बैरागढ़ वृत्त के एसडीएम रविशंकर राय के अनुसार, सूची तैयार कर टास्कफोर्स समिति में चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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