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बिजली खंभों पर लगे अवैध केबल और उलझे तारों के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद कार्रवाई तेज हो गई है। सुनवाई के दौरान सीएसपीडीसीएल ने कोर्ट को बताया कि चरणबद्ध तरीके से खंभों से केबल हटाए जा रहे हैं और अब केवल तीन हजार खंभों से केबल हटाना बाकी है। प्रदेशभर में कुल 2 लाख 83 हजार बिजली खंभों की जांच की गई, जिनमें से लगभग 50 हजार खंभों पर टीवी केबल लगे पाए गए थे।
कोर्ट में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से अब तक अधिकांश खंभों से केबल हटाए जा चुके हैं और शेष 3 हजार खंभों से भी जल्द ही केबल हटा दिए जाएंगे। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बिजली खंभों पर लटकते और उलझे केबल न केवल शहर की सुंदरता बिगाड़ते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का भी खतरा पैदा करते हैं। इसी कारण इस मुद्दे को जनहित याचिका के रूप में सुना जा रहा है।
डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया कि शेष खंभों से जल्द कार्रवाई पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही अधिकारियों से पूछा गया कि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए क्या स्थायी कार्ययोजना तैयार की गई है। इस मामले में मुख्य सचिव, ऊर्जा सचिव, नगरीय प्रशासन सचिव, बीएसएनएल, एमडी सीएसपीडीसीएल, कलेक्टर, कमिश्नर और अधीक्षण अभियंता को पक्षकार बनाया गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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