कैंसर से जंग और तीन नौकरियां छोड़ UPSC में सफलता, संजय डहरिया ने हासिल की 946वीं रैंक
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम बेलटूकरी निवासी संजय डहरिया ने 946वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। तीसरे प्रयास में मिली इस सफलता से उनके परिवार और समाज में खुशी का माहौल है। संजय एक किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता लखनलाल डहरिया किसान हैं और मां रेशम डहरिया गृहिणी हैं। तीन भाइयों और एक बहन में संजय सबसे छोटे हैं।
संजय ने अपनी शुरुआती शिक्षा ग्राम बेलटूकरी के शासकीय स्कूल से प्राप्त की। पांचवीं कक्षा में उनका चयन नवोदय विद्यालय माना में हुआ, जहां से उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई पूरी की। इसके बाद महासमुंद के शासकीय महाविद्यालय वल्लभाचार्य से बीए इकोनॉमिक्स करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। इस दौरान उनका चयन एसबीआई में हुआ और उन्होंने 2009 से 2011 तक पश्चिम बंगाल में नौकरी की, लेकिन तैयारी के लिए नौकरी छोड़ दी। इसी बीच 2012 में उन्हें लार ग्रंथि का कैंसर हो गया, जिसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और इलाज के साथ पढ़ाई जारी रखी।
बाद में उनका चयन आईडीबीआई बैंक रायपुर और फिर पोस्ट ऑफिस महासमुंद में हुआ, लेकिन यूपीएससी की तैयारी के लिए उन्होंने ये नौकरियां भी छोड़ दीं। 2012 से 2018 तक मुंबई में उनका कैंसर का इलाज चलता रहा, फिर भी उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। 2022 से उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा देना शुरू किया और दो बार असफल होने के बाद तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। संजय ने अपनी उपलब्धि का श्रेय परिवार, शिक्षकों और दोस्तों को दिया है। उनकी सफलता पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह और जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने भी उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।