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शिवपुरी में राजस्व घोटाला: रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी जमीन खुर्द-बुर्द
Shivpuri, Revenue scam ,Government land , manipulating records

 

शिवपुरी जिले के करैरा अनुविभाग में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को लेकर बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला सामने आया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर रिकॉर्ड में हेरफेर कर जमीन खुर्द-बुर्द करने का आरोप है। नायब तहसीलदार, पटवारी, बाबू और रीडर समेत सात लोगों के खिलाफ दिनारा थाने में FIR दर्ज की गई है।

 

जांच में यह खुलासा हुआ कि वर्ष 1980-81 के शासकीय सर्वे नंबर 101 और 247 से ही जमीन में गड़बड़ी शुरू हो गई थी। वर्षों तक जमीन की खरीद-फरोख्त और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ जारी रही। जांच में फर्जी पट्टे जारी करने और फाइलों के गायब होने का मामला सामने आया, जिससे इस पूरे खेल की संगठित प्रकृति उजागर हुई। हेरफेर के दौरान गांव की पुलिस चौकी का सर्वे नंबर तक रिकॉर्ड से हटा दिया गया, जो प्रशासनिक मिलीभगत का संकेत है।

 

जांच कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ ने कराई। आरोपी सूची में नायब तहसीलदार अशोक श्रीवास्तव, पटवारी बृजेश यादव, बाबू लोकेन्द्र श्रीवास्तव, रिकॉर्ड रूम प्रभारी प्रताप पुरी, बाबू जीवनलाल तिवारी, लालाराम वर्मा और पटवारी मुकेश चौधरी शामिल हैं। इनमें से दो की मृत्यु हो चुकी है और एक सेवानिवृत्त है। शिकायत ऑनलाइन रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और विक्रय प्रतिबंध दिखाने के बाद कलेक्टर तक पहुंची, जिससे करोड़ों की जमीन का यह खेल उजागर हुआ।

Priyanshi Chaturvedi 20 March 2026

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