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आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र किया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15 के तहत यह जानकारी न तो आरटीआई में दी जा सकती है, न अदालत में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल होगी और न ही किसी अन्य संस्था से साझा की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र तैयार किया गया है।
जनगणना इस बार दो चरणों में पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना होगी, जबकि दूसरे चरण में व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की जाएगी। खास बात यह है कि नागरिकों को 15 दिनों की सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा भी दी जाएगी, जिससे वे खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक होने की उम्मीद है।
जनगणना-2027 के लिए 1 मार्च 2027 को संदर्भ तिथि तय की गई है, जबकि बर्फीले क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। हाउस लिस्टिंग का कार्य 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा। इस बार 33 सवाल पूछे जाएंगे और करीब 30 लाख कर्मी इस अभियान में शामिल होंगे। डिजिटल ऐप के जरिए घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया जाएगा, जिसमें आयु, शिक्षा, व्यवसाय, जाति और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारी शामिल होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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