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एमपी के वन्यजीव खतरे में, वन विभाग में 8125 पद रिक्त
Bhopal ,Madhya Pradesh,  wildlife, vacant, forest department

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मध्यप्रदेश वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग के कुल 26,079 स्वीकृत पदों में से लगभग 31% यानी 8,125 पद खाली हैं। 1 जनवरी 2026 तक केवल 18,000 अधिकारी-कर्मचारी ही तैनात हैं, जो प्रदेश के व्यापक वन्यजीव क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं हैं। रिक्त पदों में भारतीय वन सेवा (IFS) के 111 पद, राज्य वन सेवा (SFS) के 215 पद और विभिन्न मैदानी अमले जैसे वन रक्षक, वन पाल, डिप्टी रेंजर और वन क्षेत्रपाल के कई पद शामिल हैं।

 

पदों की कमी सीधे तौर पर वन्यजीवों की सुरक्षा को प्रभावित कर रही है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 55 बाघों की मौत दर्ज हुई थी। 2026 के पहले तीन महीनों में ही 14 बाघों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश बिजली के करंट और अवैध शिकार के कारण हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त स्टाफ की कमी से निगरानी और संरक्षण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

 

सरकार ने रिक्तियों को भरने के लिए कदम उठाए हैं। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 1,679 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें 728 वन रक्षक और 169 क्षेत्र रक्षक शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि अब 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी गई है, जबकि लिखित परीक्षा 7 अप्रैल 2026 से शुरू हो रही है। यह प्रयास वन्यजीव संरक्षण और विभाग की कार्यक्षमता को सुधारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है

Priyanshi Chaturvedi 3 April 2026

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