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बस्तर की पहली महिला मोटर मैकेनिक जो घर और दुकान दोनों संभालती हैं
Bastar

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के रेतावंद गांव की हेमवती नाग ने सभी सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती दी और खुद को एक आत्मनिर्भर महिला के रूप में साबित किया। केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बावजूद, हेमवती घर, बच्चों और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ मोटरसाइकिलों की मरम्मत और पंक्चर ठीक करने का काम करती हैं। उन्हें बस्तर की पहली महिला 'मोटर मैकेनिक' कहा जाता है।

 

हेमवती की शादी तुलेश्वर नाग से हुई थी, जो पेशे से मैकेनिक हैं। तुलेश्वर के शहर जाने पर दुकान बंद होना और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता था। इसे देखकर हेमवती ने खुद अपने पति की मदद करने का निर्णय लिया और पंक्चर व मोटरसाइकिल मरम्मत सीख ली। उनका यह कदम साबित करता है कि महिला सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी सक्रिय भूमिका निभा सकती है।

 

हेमवती का मानना है कि पेशा चुनने में लिंग कोई बाधा नहीं है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया कि महिलाएं पुरुष प्रधान क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। पति की अनुपस्थिति में वह अकेले ही दुकान संभालती हैं और अब किसी और कर्मचारी की जरूरत नहीं पड़ती। हेमवती की कहानी बस्तर की महिलाओं और लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई है कि वे भी अपने पसंद के काम में सफलता पा सकती हैं।

Priyanshi Chaturvedi 5 April 2026

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