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Madhya Pradesh में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET (Teacher Eligibility Test)) को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग नए सिरे से आदेश जारी करने की तैयारी में है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्पष्ट किया जाए कि किन शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य होगा और किन्हें नियमों के तहत छूट या राहत दी जा सकती है। इससे राज्य के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है।
विभाग ने बताया कि शासकीय अधिवक्ता से राय लेने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को दिए निर्देश में कहा था कि जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से अधिक समय बचा है, उन्हें TET पास करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उन्हें सेवा छोड़नी पड़ सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेनी पड़ सकती है।
इस मुद्दे पर विभागीय बैठक में वेतनवृद्धि, समयमान वेतन और अन्य मामलों पर भी जल्द आदेश जारी करने पर सहमति बनी है। वहीं, कुछ शिक्षक संगठनों ने बैठक पर आपत्ति जताई है और इसे अधूरी भागीदारी वाला बताया है। अलग-अलग संगठनों का कहना है कि पात्रता परीक्षा से प्रभावित पक्षों को पूरी तरह शामिल किए बिना लिए गए निर्णय स्वीकार्य नहीं होंगे, जिससे विवाद और बढ़ने की संभावना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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