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पूर्व सेना प्रमुखM. M. Naravane ने 2020 के भारत-चीन गतिरोध को लेकर कहा कि उस समय सरकार ने सेना को पूरी तरह समर्थन दिया था और उन्हें हालात के अनुसार कार्रवाई करने की पूरी छूट थी। उन्होंने इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि सशस्त्र बलों को “फ्री हैंड” दिया गया था, ताकि वे जमीनी स्थिति के अनुसार निर्णय ले सकें और स्थिति को नियंत्रण में रख सकें।
यह बयानRahul Gandhi के उन आरोपों के बाद आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सरकार ने सेना को अकेला छोड़ दिया था। राहुल ने संसद में नरवणे की कथित किताबफोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनीका हवाला देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री ने सेना प्रमुख से “जो उचित समझो, करो” कहा था। इस मुद्दे पर संसद में हंगामा भी हुआ और किताब के अस्तित्व को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
नरवणे ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी को राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि यह सरकार के सेना पर भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी किताब को लेकर सरकार को कुछ आपत्तियां हैं, तो वह स्वीकार्य है। भारत-चीन सीमा विवाद और नीतिगत फैसलों पर उन्होंने दोहराया कि सेना का काम निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करना होता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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