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Dattatreya Hosabale ने अमेरिका के वॉशिंगटन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर विदेशों में कई गलत धारणाएं फैली हुई हैं। उन्होंने साफ कहा कि संघ न तो अल्पसंख्यक विरोधी है और न ही महिला विरोधी। उनके अनुसार यह धारणा लंबे समय से चले आ रहे “दुष्प्रचार” का परिणाम है, जिसने पश्चिमी देशों में संगठन की एक गलत छवि बना दी है।
होसबोले ने कहा कि संघ का उद्देश्य भारत और हिंदू संस्कृति के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करना है। उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ का विशेष फोकस वैश्विक स्तर पर संवाद बढ़ाने पर है, ताकि लोगों को संगठन के वास्तविक मूल्यों और कार्यशैली के बारे में सही जानकारी मिल सके। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि “हमारा काम ही हमारा संदेश है” की नीति के साथ-साथ सीधे संवाद भी किया जाए।
विदेशों में बसे भारतीयों को संदेश देते हुए होसबोले ने कहा कि उन्हें जिस देश में वे रह रहे हैं, उसके प्रति पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी भारतीयों को यह साबित करना चाहिए कि हिंदू समाज हर क्षेत्र—चाहे शिक्षा हो, नेतृत्व हो या सामाजिक सेवा—में सकारात्मक योगदान देने में सक्षम है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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