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Bhopal में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि संभावित हमले के खतरे के कारण अंतिम संस्कार को फिलहाल टाल दिया गया है। उन्होंने बताया किMashhad में अंतिम संस्कार होने पर करोड़ों लोगों के जुटने की संभावना है, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है। इतनी बड़ी भीड़ पर हमला होने की आशंका को देखते हुए हालात सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है।
मौलाना इलाही ने इस पूरे घटनाक्रम कोDonald Trump औरBenjamin Netanyahu के बीच की निजी जंग बताया। उनका कहना है कि ईरान ने कभी युद्ध नहीं चाहा और हमेशा बातचीत का रास्ता अपनाने की कोशिश की, लेकिन दूसरी ओर से आक्रामक रुख अपनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संघर्ष से न अमेरिका को फायदा है और न ही इजराइल को।
मौलाना इलाही ने दावा किया कि इस युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हुआ है—एक लाख से अधिक घर तबाह हो गए, अस्पताल, विश्वविद्यालय और उद्योग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को भरोसा था कि वह कुछ ही दिनों में ईरान की सरकार गिरा देगा और देश को कई हिस्सों में बांट देगा। साथ ही यह भी कहा कि अब ईरान घायलों के इलाज के लिए भारत से दवाइयां मंगा रहा है और इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर देखने को मिल सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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