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हीट एक्शन प्लान ज्यादातर शहरों में अधूरा, अहमदाबाद बना मॉडल
Heat Action Plans, Incomplete ,Most Cities; Ahmedabad Emerges, Model

देश के कई बड़े शहरों में गर्मी से बचाव के लिए तैयार किया गया हीट एक्शन प्लान अब भी अधूरा है। 2016 में दिल्ली, भोपाल, इंदौर, जयपुर और चेन्नई समेत 20 शहरों में यह योजना शुरू की गई थी, लेकिनAhmedabad को छोड़कर अधिकांश शहरों में कूल रूफ, ग्रीन कवर बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों की पहचान जैसे स्थायी उपाय लागू नहीं हो सके। 2025 में हीट स्ट्रोक के 40 हजार से ज्यादा मामले और 110 मौतें दर्ज की गईं, जबकि 2026 में महाराष्ट्र में अब तक 236 केस और 6 मौतें सामने आ चुकी हैं।

Bhopal, Indore औरJaipur जैसे शहरों में हीट एक्शन प्लान ज्यादातर अस्पतालों में लू वार्ड, ORS कॉर्नर और एडवाइजरी तक सीमित रहा। कई जगह न तो कूलिंग सेंटर बने, न पर्याप्त पौधरोपण हुआ और न ही हीट वेव अलर्ट सिस्टम प्रभावी तरीके से लागू किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीन कवर तेजी से घटने और ठोस बजट की कमी के कारण शहरों में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है।

Ahmedabad ने 2010 की भीषण गर्मी के बाद बड़े स्तर पर पौधरोपण, कूल रूफिंग और क्लाइमेट एक्शन प्लान लागू किया। शहर में लाखों पेड़ लगाए गए, सरकारी इमारतों पर सफेद पेंट और इंसुलेशन का उपयोग किया गया, जिससे तापमान में 2 से 5 डिग्री तक कमी आई। वहीं बढ़ती गर्मी और अल नीनो के असर को देखते हुएIndia Meteorological Department अब लू घोषित करने के नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है, जिसमें तापमान के साथ उमस और हीट स्ट्रेस को भी शामिल किया जा सकता है।

 

Priyanshi Chaturvedi 17 May 2026

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