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CM मोहन यादव बोले- नदियां और बावड़ियां ही मध्यप्रदेश का असली श्रृंगार, जल संरक्षण का लें संकल्प
CM Mohan Yadav ,  rivers , stepwells , Madhya Pradesh,  conserve water

Ganga Dussehra के पावन अवसर पर Mohan Yadav ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी करते हुए जल संरक्षण को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को देवी स्वरूप माना गया है और जल का सम्मान हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में देश में जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप मिला है। ‘जल है तो कल है’ के संकल्प के साथ जल शक्ति मंत्रालय, नमामि गंगे और अमृत सरोवर जैसे अभियान देश की जल सुरक्षा को नई दिशा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि Madhya Pradesh में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के जरिए नदियों, तालाबों, कुओं और ऐतिहासिक बावड़ियों के संरक्षण और जीर्णोद्धार का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। वर्ष 2026 में यह अभियान 19 मार्च से 30 जून तक चलाया जा रहा है। सरकार इस परियोजना पर लगभग ₹2500 करोड़ खर्च कर रही है, जिसमें 10 हजार से अधिक चेकडैम और स्टॉपडैम का संधारण शामिल है। सीएम ने कहा कि प्रदेश की नदियां और बावड़ियां ही मध्यप्रदेश का वास्तविक श्रृंगार हैं और उनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है।

 

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और यहां की समृद्धि सीधे जल संसाधनों से जुड़ी है। ‘रिज-टू-वैली’ मॉडल और आधुनिक सिंचाई तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही ऐतिहासिक बावड़ियों और तालाबों का पुनर्जीवन पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण में भी मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने ‘पानी चौपाल’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और समाज के हर वर्ग से जल संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि हर बूंद बचाना भविष्य को सुरक्षित करना है।

Priyanshi Chaturvedi 25 May 2026

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