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Supreme Court of India ने National Testing Agency को NEET पेपर लीक मामले में कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस P. S. Narasimha और जस्टिस Alok Aradhe की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह बेहद दुखद है कि NTA ने 2024 के पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया। कोर्ट ने कहा कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी थीं और उन्हें स्वीकार भी किया गया था, फिर भी हालात नहीं बदले।
कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया है कि वह गुरुवार तक हलफनामा दाखिल कर बताए कि 2024 में कोर्ट के निर्देशों और मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कार्रवाई की गई। साथ ही केंद्र सरकार और Central Bureau of Investigation से भी जवाब मांगा गया है। यह सुनवाई Federation of All India Medical Association, United Doctors Front और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं पर हुई। याचिकाओं में मांग की गई है कि NEET-UG जैसी बड़ी परीक्षाओं के संचालन के लिए NTA की जगह एक मजबूत और स्वतंत्र परीक्षा संस्था बनाई जाए।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से 22 लाख से ज्यादा छात्रों के मौलिक अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने एक हाई-पावर मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की मांग की, जिसमें रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हों। गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। करीब 23 लाख छात्र इसमें शामिल हुए थे। 7 मई को गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर 21 मई को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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