दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मिजोरम और मणिपुर तक पहुंच गया है। इससे पहले यह केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा में सक्रिय हो चुका था। महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण क्षेत्र में मानसून की एंट्री के बाद सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में मानसून पूर्वोत्तर भारत के बाकी राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों तक भी पहुंच सकता है।
मानसून के असर से केरल, कर्नाटक, गोवा और तमिलनाडु के कई जिलों में जोरदार बारिश हो रही है। हालांकि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में गर्मी का प्रकोप बरकरार है और लगातार पांचवें दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। दूसरी ओर उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गर्मी और लू का दौर फिर तेज हो गया है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है।
देश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी देखने को मिली। भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि राजस्थान के बीकानेर में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी रह सकती है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में अभी कोई मजबूत मौसमी तंत्र सक्रिय नहीं है।