राज्यसभा में मजबूत होती NDA की स्थिति, लोकसभा में अभी भी दो-तिहाई बहुमत से दूर
संसद में संख्याबल को लेकर सियासी हलचल के बीच भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए की स्थिति राज्यसभा में लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। तृणमूल कांग्रेस में बगावत और राज्यसभा चुनावों के मौजूदा समीकरणों के चलते एनडीए की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि झारखंड और मिजोरम की सीटों समेत कुछ अन्य बदलावों के बाद राज्यसभा में एनडीए का आंकड़ा 154 तक पहुंच सकता है, जिससे वह दो-तिहाई बहुमत के काफी करीब आ जाएगा।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, यदि तृणमूल कांग्रेस के कुछ और सांसद इस्तीफा देते हैं और उपचुनावों में एनडीए को सफलता मिलती है, तो उच्च सदन में गठबंधन की संख्या 163 तक पहुंच सकती है। यह आंकड़ा संवैधानिक संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत के आसपास माना जा रहा है। इसी वजह से राज्यसभा में बदलते राजनीतिक समीकरणों पर सभी दलों की नजर बनी हुई है।
हालांकि लोकसभा में स्थिति अलग है। वहां एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत तो है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत के लिए जरूरी 363 सीटों के आंकड़े से वह अभी काफी दूर है। इसके अलावा नवंबर में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के कुछ सदस्यों के रिटायर होने के बाद समीकरण बदल सकते हैं। विधानसभा में मजबूत स्थिति के कारण समाजवादी पार्टी को कुछ नई सीटें मिलने की संभावना है, जिससे राज्यसभा में भी संख्या संतुलन पर असर पड़ सकता है।