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बैतूल में राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं- विकसित भारत की नींव अध्यात्म, समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर हो
Betul, President Murmu , developed India ,spirituality

Droupadi Murmu ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के Betul में आयोजित ‘आध्यात्मिक जागरण द्वारा जनजातीय समाज का सशक्तिकरण’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। Brahma Kumaris द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि आज की तेज रफ्तार और उपभोक्तावादी दुनिया में आध्यात्मिक शुद्धता और मानवीय मूल्यों का महत्व पहले से अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता के आधार पर ही समानता, संवेदनशीलता और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली विकसित की जा सकती है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समुदायों की जीवनशैली स्वाभाविक रूप से प्रकृति और आध्यात्मिक मूल्यों के करीब होती है। उनका प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव समाज को संतुलित और सामूहिक कल्याण की दिशा में प्रेरित करता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था के जनजातीय समाज के साथ किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी वर्ग का वास्तविक सशक्तिकरण केवल आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मसम्मान, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से होता है।

 

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि विकास और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाए रखना एक मजबूत और समृद्ध समाज की आधारशिला है। उन्होंने सभी नागरिकों से 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसा भारत बनाया जाए, जहां आध्यात्मिकता, सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण समावेशी विकास के प्रमुख स्तंभ हों।

Priyanshi Chaturvedi 18 June 2026

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