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छत्तीसगढ़ में सब्जियों के दाम में उछाल, टमाटर ने बिगाड़ा रसोई का बजट
Vegetable prices surge , Chhattisgarh; tomatoes disrupt kitchen budgets.

छत्तीसगढ़ में सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। तेज गर्मी और स्थानीय उत्पादन में कमी के कारण बाजार में सब्जियों की आवक घट गई है, जिसका सबसे ज्यादा असर टमाटर पर पड़ा है। स्थानीय फसल खत्म होने के बाद अब बाजार बेंगलुरु और नासिक से आने वाले टमाटरों पर निर्भर है। थोक मंडी में टमाटर 700 से 800 रुपये प्रति कैरेट बिक रहा है, जबकि फुटकर बाजार में इसकी कीमत 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

टमाटर के अलावा अन्य हरी सब्जियों के दाम भी ऊंचे बने हुए हैं। बाजार में फूलगोभी 60 रुपये, कुंदरू, मुनगा और गवार फली 80 रुपये, भिंडी और बैंगन 40 रुपये तथा लौकी 30 रुपये प्रति किलो बिक रही है। हरी धनिया 70 से 80 रुपये, हरी मिर्च 70 रुपये और अदरक 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। फलों में जामुन 150 से 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

सब्जी व्यापारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में स्थानीय उत्पादन कम होने और बाहरी राज्यों पर निर्भरता बढ़ने से कीमतों में तेजी आई है। यदि मौसम और आपूर्ति की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में टमाटर समेत कई सब्जियों के दाम और बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय फसल बाजार में आने तक महंगाई से राहत मिलने की संभावना कम है।

Priyanshi Chaturvedi 19 June 2026

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