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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के निवास पर देर रात तक चली मंत्रियों और संगठन की बैठक के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बैठक को लेकर मंत्रियों में बदलाव और संभावित कार्रवाई की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि यह कोई आपात बैठक नहीं थी, बल्कि सरकार के कामकाज और संगठन के साथ समन्वय को लेकर नियमित समीक्षा बैठक थी। इस दौरान मंत्रियों से उनके विभागों और प्रभार वाले जिलों में किए गए कार्यों का रिपोर्ट कार्ड भी मांगा गया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंत्रियों के प्रदर्शन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसंतुष्टि और राजनीतिक प्रभाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिन विभागों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर माना गया, उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और लंबित मामलों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। साथ ही, मंत्रियों को जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में नियमित दौरे करने, कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता देने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की सलाह दी गई। आगामी चुनावों को देखते हुए किसानों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर विशेष फोकस करने की रणनीति भी बनाई गई।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री Narendra Modi के लगातार 12 वर्ष के कार्यकाल के उपलक्ष्य में चल रहे "12 साल बेमिसाल, विश्वास के विकास के" कार्यक्रम की समीक्षा की गई। वहीं, विपक्ष ने इस बैठक को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। Deepak Baij ने दावा किया कि भाजपा सरकार और संगठन के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है तथा मंत्रियों के कामकाज को लेकर असंतोष है। इस बीच, जुलाई में नवा रायपुर स्थित Indian Institute of Management Raipur में मंत्रियों के लिए दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किए जाने की भी चर्चा है, जिसमें सुशासन, प्रशासनिक प्रबंधन और नीति निर्माण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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