Since: 23-09-2009

  Latest News :
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए कल विजयादशमी से लागू, भारतीय निर्यात पर जीरो ड्यूटी, 20 अरब डॉलर निवेश का रास्ता साफ.   घर बैठे मिलेगी खाद-बीज और योजनाओं की जानकारी, किसानों के लिए शुरू हुआ \'एग्री वेलफेयर पोर्टल\'.   विजयादशमी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देशवासियों को दी बधाई.   आईडीबीआई में सरकार की हिस्सेदारी से संबंधित विधायी घटनाक्रमों पर स्पष्टीकरण.   पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सेशेल्स से रवाना, समुद्री सहयोग को और प्रगाढ़ किया.   MY भारत- विकसित भारत के निर्माण के लिए रचनात्मक युवा शक्ति तैयार करने का बड़ा प्लेटफॉर्म है- शिवराज .   एमपी के स्कूलों से 8.66 लाख बच्चे गायब, 6.1 प्रतिशत गिरा नामांकन, कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब.   दो गैंग के 16 बदमाश पकड़े, 87 लाख की ज्वेलरी और नकदी बरामद.   सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सिंहस्थ-2028 की समीक्षा, बोले- श्रद्धालुओं को न हो परेशानी.   विजयादशमी पर प्रदेश में मनाया जाएगा \'गृह प्रवेश दिवस\', 10 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ.   ग्वालियर हादसे में परिजनों को खोने वाले परिवारों को मुख्यमंत्री ने बंधाया ढांढस, दोषियों होगा सख्त एक्शन.   50 से अधिक घी के ब्रांड असुरक्षित, दुकानों से हटेगा स्टॉक, बड़े ब्रांड शामिल.   जशपुर में 5.45 करोड़ से बन रहा महादेवमुड़ा एनीकट, 150 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा से किसानों को राहत.   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महतारी वंदन योजना को बताया नारी सशक्तिकरण की मिसाल.   पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देकर महिला उद्यमिता को नई दिशा देने की पहल.   ग्रामीणों के बीच बैठे डिप्टी सीएम, तीन गांवों में 1.55 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात.   उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम लोहझरी में ग्रामीणों के बीच बैठकर किया सीधा संवाद.   प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान.  
कम बारिश की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ सरकार की किसानों को सलाह, वैकल्पिक फसलों पर जोर
scanty rainfall, Chhattisgarh government , farmers,  alternative crops.

छत्तीसगढ़ में संभावित कमजोर मानसून और अल नीनो के प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को फसल चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी है। कृषि विभाग के अनुसार कम वर्षा की स्थिति में विशेष रूप से अपलैंड और कम जलधारण क्षमता वाली भूमि में धान की बजाय दलहन और तिलहन फसलों की खेती अधिक लाभकारी साबित हो सकती है। राज्य सरकार किसानों को मौसम आधारित कृषि रणनीति अपनाने और फसल विविधीकरण पर जोर देने के लिए प्रेरित कर रही है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, मूंगफली, तिल, रामतिल, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों को अपनाने की सलाह दी है। ये फसलें कम पानी में भी अच्छी पैदावार देने में सक्षम हैं और सूखे जैसी परिस्थितियों में जोखिम को कम करती हैं। सरकार ने धान के स्थान पर दलहन और तिलहन की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तक प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की है। इसके अलावा इन फसलों की खरीद Pradhan Mantri Annadata Aay Sanrakshan Abhiyan (PM-AASHA) के तहत समर्थन मूल्य पर किए जाने की व्यवस्था है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि दलहन और तिलहन फसलें केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी लाभकारी हैं। दलहनी फसलें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर उसकी उर्वरता बनाए रखने में मदद करती हैं। वहीं मध्यम भूमि वाले क्षेत्रों के किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है, ताकि वर्षा में कमी की स्थिति में भी उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव कम से कम पड़े। राज्य सरकार ने किसानों से कृषि विभाग की वैज्ञानिक सलाह और प्रोत्साहन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया है।

Priyanshi Chaturvedi 24 June 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.