छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी खरीदने के लिए सीधे मिलेगी राशि
छत्तीसगढ़ सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए यूनिफॉर्म साड़ी वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा केंद्रीकृत स्तर पर साड़ी खरीदने की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर साड़ी खरीदने के लिए निर्धारित राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और कार्यकर्ताओं को अपनी पसंद के अनुसार साड़ी चुनने की सुविधा मिलेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री Laxmi Rajwade ने बताया कि साड़ी खरीदी को लेकर प्राप्त शिकायतों और सुझावों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत विभाग साड़ी का निर्धारित रंग और डिजाइन तय करेगा, जिसकी जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। हालांकि कपड़े की गुणवत्ता और प्रकार का चयन कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपनी आवश्यकता और सुविधा के अनुसार कर सकेंगी।
भारत सरकार की बाल विकास सेवा योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष दो यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके लिए प्रति यूनिफॉर्म अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। सरकार का कहना है कि डीबीटी प्रणाली से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, भुगतान प्रक्रिया सरल होगी और लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगा। इसे प्रशासनिक सुधार और कर्मचारी हितों को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।