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मानसून से पहले अधूरे विकास कार्य बने चिंता का कारण, भोपाल में जलभराव और जाम का खतरा बढ़ा
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मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही बड़े शहरों में अधूरे विकास कार्य नई चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं। राजधानी Bhopal में मेट्रो परियोजना और सड़क चौड़ीकरण के चलते कई प्रमुख मार्ग प्रभावित हैं। सुभाषनगर से करोंद तक निर्माणाधीन मेट्रो कॉरिडोर के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे ट्रैफिक दबाव बढ़ रहा है। बारिश के दौरान इन इलाकों में जलभराव, जाम और दुर्घटनाओं की आशंका अधिक है, खासकर भोपाल स्टेशन, सिंधी कॉलोनी, आरिफ नगर और पुराने शहर के आसपास।

शहर में प्रस्तावित ब्लू लाइन मेट्रो कॉरिडोर और अयोध्या बायपास के दस लेन विस्तार कार्य ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। न्यू मार्केट, भदभदा, रायसेन रोड और अयोध्या बायपास से जुड़े मार्गों पर रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिल रहा है। निर्माण कार्यों के कारण कई स्थानों पर वैकल्पिक मार्ग बनाए गए हैं, जबकि रात के समय पर्याप्त रोशनी न होने से वाहन चालकों को अतिरिक्त जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। मानसून शुरू होने पर ये समस्याएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।

 

वहीं Ujjain में आगामी सिंहस्थ मेले की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्य भी बारिश के मौसम में चुनौती बन सकते हैं। सड़क निर्माण, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के अधूरे रहने से जल निकासी प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन को मानसून के दौरान संभावित जलभराव और यातायात अव्यवस्था से निपटने के लिए विशेष प्रबंधन योजना लागू करनी होगी, ताकि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।

Priyanshi Chaturvedi 24 June 2026

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