राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा: SIT की रडार पर चंपत राय समेत 17 आरोपी
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट ने पूरे देश को चौंका दिया है। जांच टीम ने इस महाघोटाले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव सहित कुल 17 लोगों को मुख्य दोषी माना है। इस गंभीर रिपोर्ट के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश शासन स्तर पर खलबली मच गई है और माना जा रहा है कि इन सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ बहुत जल्द एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
SIT की इस सघन जांच में सबसे सनसनीखेज मोड़ तब आया जब चंपत राय के बेहद करीबी और ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के कब्जे से मंदिर के गुप्त दानपात्रों की चाबियां बरामद हुईं। केवल चाबियां ही नहीं, बल्कि टिन्नू के ठिकाने से भारी मात्रा में अवैध सोना और भारी नकदी भी जब्त की गई है। शुरुआती छानबीन में अब तक करीब 2 करोड़ रुपये कैश बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन विभागीय सूत्रों और जांच अधिकारियों का अनुमान है कि यह पूरा घोटाला 200 करोड़ रुपये से भी अधिक का हो सकता है, जिसकी गहराई से कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस गोपनीय रिपोर्ट को अग्रिम फैसले के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेज दिया है। SIT ने अपनी सिफारिशों में स्पष्ट किया है कि मंदिर के वित्तीय और प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए वर्तमान ट्रस्ट का पुनर्गठन बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, मंदिर के दैनिक प्रबंधन की कमान किसी वरिष्ठ नौकरशाह (CEO) को सौंपने और पिछले पांच वर्षों के वित्तीय लेन-देन का कड़ा फोरेंसिक ऑडिट कराने की पुरजोर वकालत की गई है ताकि आस्था के इस केंद्र की शुचिता बनी रहे।