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NCERT की कक्षा 9 की किताब में पहली बार इमरजेंसी का अलग अध्याय, चुनाव आयोग की भूमिका पर भी जो
Emergency , NCERT

NCERT ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक ‘Understanding Society: India and Beyond’ में पहली बार 1975-77 की Indian Emergency पर एक अलग सेक्शन शामिल किया है। पुस्तक में इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है। इसमें उल्लेख है कि उस दौर में महंगाई, बेरोजगारी और सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष के बीच जून 1975 में राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया गया था। किताब के अनुसार, इस दौरान कई मौलिक अधिकार निलंबित किए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और विपक्षी नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

पुस्तक में Jayaprakash Narayan के नेतृत्व में चले जन आंदोलनों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि बिहार और गुजरात में छात्रों तथा आम नागरिकों के आंदोलनों ने लोकतांत्रिक बहस को नई दिशा दी। किताब के अनुसार, 1977 में इमरजेंसी समाप्त होने के बाद हुए आम चुनावों में जनता ने मतदान के माध्यम से अपना फैसला सुनाया, जिसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का उदाहरण बताया गया है। साथ ही लोकतंत्र के सामने फेक न्यूज, सामाजिक भेदभाव, क्षेत्रवाद, गरीबी और लैंगिक असमानता जैसी समकालीन चुनौतियों को भी शामिल किया गया है।

 

नई पुस्तक में चुनाव प्रक्रिया और Election Commission of India की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया है। 'इलेक्शंस' अध्याय में कहा गया है कि भारत जैसे विशाल देश में निष्पक्ष चुनाव कराना दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक है। पुस्तक में बताया गया है कि 2024 में देश में 96.8 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता थे और चुनाव आयोग EVM, VVPAT, आदर्श आचार संहिता तथा मतदाता जागरूकता अभियानों के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने का प्रयास करता है। साथ ही छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, राजनीतिक दलों की भूमिका और 1977 से 2024 तक के लोकसभा चुनाव परिणामों का अध्ययन करने के लिए भी प्रेरित किया गया है।

Priyanshi Chaturvedi 25 June 2026

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