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दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय अब केवल परीक्षा आयोजित करने और परिणाम घोषित करने तक सीमित नहीं रहेगा। स्थापना के करीब 11 वर्ष बाद विश्वविद्यालय में पहली बार यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) की शुरुआत होने जा रही है। नए शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय परिसर में सीधे स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर की पढ़ाई शुरू होगी। शुरुआती चरण में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथेमेटिक्स, बॉटनी और जूलॉजी विषयों में प्रवेश दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जुलाई से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है, जिससे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ आधुनिक और रोजगारोन्मुखी कोर्स भी शुरू करने की योजना बनाई है। कुलपति प्रो. संजय तिवारी के अनुसार, एआईसीटीई से एमबीए, एमसीए और फिनटेक समेत आठ नए प्रोफेशनल कोर्सों को मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ब्लॉकचेन मैनेजमेंट और ट्रैवल एंड टूरिज्म जैसे पाठ्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। साथ ही स्पेशल बीएड कार्यक्रम और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेशल एजुकेशन स्थापित करने की दिशा में भी तैयारी चल रही है, जिससे विशेष शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित शिक्षकों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
यूटीडी की शुरुआत के साथ विश्वविद्यालय में शोध और अकादमिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि नई विश्वविद्यालय भवन का औपचारिक लोकार्पण अभी नहीं हुआ है, इसलिए शुरुआती दौर में प्रयोगात्मक कक्षाओं के लिए शासकीय वीवाईटी साइंस कॉलेज सहित सहयोगी संस्थानों की प्रयोगशालाओं का उपयोग किया जाएगा। विश्वविद्यालय का कहना है कि भविष्य में शिक्षकों की भर्ती, शोध कार्यों को बढ़ावा, प्री-पीएचडी गतिविधियों का विस्तार और मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित करने जैसी योजनाओं पर भी तेजी से काम किया जाएगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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