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बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति से कई मंत्रियों की दूरी, कैबिनेट विस्तार को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
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मध्य प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति घोषित होने के बाद राजनीतिक हलकों में कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी ने 106 सदस्यीय कार्यसमिति और 40 स्थायी आमंत्रित सदस्यों की सूची जारी की है, लेकिन इसमें चार कैबिनेट मंत्रियों—राकेश शुक्ला, प्रद्युम्न सिंह तोमर, करण सिंह वर्मा और नागर सिंह चौहान—को जगह नहीं मिली। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत 18 मंत्रियों को कार्यसमिति में शामिल किया गया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित बदलावों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

जिन मंत्रियों को कार्यसमिति में स्थान नहीं मिला, वे अलग-अलग राजनीतिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि से जुड़े माने जाते हैं। इनमें संघ से जुड़े राकेश शुक्ला, सिंधिया समर्थक प्रद्युम्न सिंह तोमर, वरिष्ठ नेता करण सिंह वर्मा और आदिवासी नेता नागर सिंह चौहान शामिल हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कार्यसमिति का गठन क्षेत्रीय, सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस निर्णय को लेकर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।

हालांकि भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है कि कार्यसमिति से बाहर रहने वाले मंत्रियों के भविष्य पर इसका कोई असर पड़ेगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि कार्यसमिति में शामिल न होना मंत्रिमंडल से बाहर होने का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। फिलहाल नई कार्यसमिति के गठन के बाद प्रदेश की राजनीति में कैबिनेट विस्तार और संगठनात्मक बदलावों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

Priyanshi Chaturvedi 29 June 2026

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