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केंद्र सरकार ने बुधवार से विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 (VB-G RAM G) लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। साथ ही मजदूरी दर में भी बढ़ोतरी की गई है। औसत दैनिक मजदूरी ₹298.80 से बढ़ाकर ₹327.40 कर दी गई है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹95,692.31 करोड़ की राशि जारी की गई है।
नई योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव में किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने बताया कि जिन लाभार्थियों के जॉब कार्ड का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, वे नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड मिलने तक पुराने जॉब कार्ड से ही काम कर सकेंगे। ग्राम पंचायतें पहले की तरह कार्यों का चयन और निगरानी करेंगी तथा जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण आधारभूत संरचना और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
योजना के वित्तीय प्रावधानों के अनुसार सामान्य राज्यों में खर्च का 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। नए कानून में खेती के व्यस्त मौसम के दौरान राज्यों को अधिकतम 60 दिनों तक योजना के तहत कार्य सीमित करने का प्रावधान भी रखा गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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