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उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे भूमि अधिग्रहण पर हाईकोर्ट की रोक, 27 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
High Court , land acquisition , Ujjain-Jaora Greenfield Highway

सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर प्रस्तावित उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। मंगरोला, सोडंग और झिरनिया उन्हेल गांवों के किसानों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक घोषित मुआवजा नहीं मिला है और अधिग्रहण प्रक्रिया में कानूनी नियमों का पालन नहीं किया गया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने अदालत में दलील दी कि भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं की गई। किसानों द्वारा वैकल्पिक मार्ग, सरकारी भूमि के उपयोग और इंटरचेंज डिजाइन में बदलाव संबंधी आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, लेकिन उन पर विधिसम्मत विचार नहीं किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि आपत्तियों की सुनवाई सक्षम प्राधिकारी के बजाय अन्य अधिकारी ने की, जो निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत है। प्रारंभिक सुनवाई में अदालत ने पाया कि किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, जिसके बाद अंतरिम राहत प्रदान की गई।

हाईकोर्ट के इस आदेश को प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि जिन किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है या जो भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से असंतुष्ट हैं, वे भी न्यायालय का रुख कर सकते हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा चार गुना मुआवजे की घोषणा के बावजूद कई लोगों को अपेक्षित मुआवजा नहीं मिला, जबकि प्रशासन द्वारा अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

Priyanshi Chaturvedi 3 July 2026

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