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मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने बाजार से 3,600 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। यह राशि भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी प्रतिभूतियों और बॉन्ड की नीलामी के जरिए जुटाई गई है। नई उधारी दो चरणों में ली गई है, जिसमें 1,600 करोड़ रुपये का ऋण 18 वर्ष और 2,000 करोड़ रुपये का ऋण 30 वर्ष की अवधि में चुकाया जाएगा। इस नई उधारी के बाद राज्य सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर लगभग 5 लाख 5 हजार 600 करोड़ रुपये हो गया है।
वित्त विभाग के अनुसार, इस ऋण का उपयोग राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के निर्माण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा। सरकार का कहना है कि विकास कार्यों की गति बनाए रखने और योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कर्ज लिया गया है।
नई उधारी के बाद राज्य के प्रत्येक नागरिक पर औसतन करीब 55 हजार रुपये का कर्ज माना जा रहा है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों द्वारा पूंजीगत निवेश और विकास परियोजनाओं के लिए बाजार से कर्ज लेना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इसके साथ ऋण प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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