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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के बेटे देवांश के कथावाचन को लेकर हो रही सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया दी। तिरुपति बालाजी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह डॉक्टर, किसान, अभिनेता या नेता का बेटा अपने पिता का पेशा अपनाता है, उसी तरह कथावाचक का बेटा भी कथावाचक बने तो इसमें आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी की कथा पसंद न हो तो उसे न सुनें, लेकिन संतों और कथावाचकों का सार्वजनिक उपहास उचित नहीं है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदू समाज को आपसी मतभेद और खींचतान छोड़कर एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने ही संतों, मंदिरों और परंपराओं पर लगातार सवाल उठाने से सनातन समाज कमजोर होता है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए कहा, "जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई", और सभी से सनातन परंपरा तथा समाज के सम्मान के लिए एकजुट रहने की अपील की।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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