छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, सरकार को कई मुद्दों पर घेर रही कांग्रेस
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में प्रस्ताव पेश किया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं। राज्य गठन के बाद यह किसी सरकार के खिलाफ लाया गया 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले नौ बार ऐसे प्रस्ताव आए, लेकिन कोई भी सरकार बहुमत खोने के कारण नहीं गिरी। विधानसभा के इतिहास में सबसे लंबी बहस वर्ष 2015 में तत्कालीन रमन सिंह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हुई थी, जो 24 घंटे 25 मिनट तक चली थी।
कांग्रेस इस बहस के दौरान नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रही है। वहीं भाजपा सरकार अपनी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों का बचाव कर रही है। विधानसभा में भाजपा के 54, कांग्रेस के 35 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक विधायक होने के कारण संख्या बल सरकार के पक्ष में है, ऐसे में प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है, हालांकि इसका राजनीतिक महत्व बना हुआ है।